आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल डिग्री होना ही काफी नहीं है, बल्कि व्यावहारिक अनुभव (Practical Experience) होना भी अनिवार्य है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने Mukhyamantri Apprenticeship Yojana की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को विभिन्न उद्योगों और संस्थानों में ट्रेनिंग दिलाना है ताकि वे भविष्य के लिए पूरी तरह से कुशल (Skilled) बन सकें।
Mukhyamantri Apprenticeship Yojana के तहत, युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सरकारी और निजी क्षेत्रों में काम सीखने का अवसर मिलता है। सबसे अच्छी बात यह है कि ट्रेनिंग के दौरान सरकार और संबंधित संस्थान मिलकर छात्र को एक आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं, जिसे ‘स्टाइपेंड’ कहा जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है और इसके लिए आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है।
मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना (Mukhyamantri Apprenticeship Yojana) का मुख्य उद्देश्य
इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार के कई दूरदर्शी उद्देश्य हैं। Mukhyamantri Apprenticeship Yojana के माध्यम से सरकार निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहती है:
- कौशल विकास (Skill Development): युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना।
- रोजगार के अवसर: ट्रेनिंग पूरी होने के बाद युवाओं के लिए रोजगार पाने की संभावनाओं को बढ़ाना।
- आर्थिक सहायता: बेरोजगारी के दौर में युवाओं को स्टाइपेंड के जरिए आर्थिक संबल प्रदान करना।
- इंडस्ट्री-रेडी युवा: ऐसी वर्कफोर्स तैयार करना जो सीधे कंपनियों में काम करने के लिए तैयार हो।
स्टाइपेंड विवरण: आपको हर महीने कितने पैसे मिलेंगे?
Mukhyamantri Apprenticeship Yojana के तहत मिलने वाली राशि आपकी शैक्षणिक योग्यता पर निर्भर करती है। आमतौर पर इसे केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं। स्टाइपेंड का विवरण इस प्रकार है:
- ग्रेजुएट/डिप्लोमा होल्डर्स: ₹8,000 से ₹9,000 प्रति माह।
- ITI उत्तीर्ण छात्र: ₹7,000 से ₹8,000 प्रति माह।
- 12वीं/इंटरमीडिएट छात्र: ₹5,000 से ₹7,000 प्रति माह।
इसमें से 75% हिस्सा संबंधित संस्थान देता है और 25% हिस्सा सरकार द्वारा सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजा जाता है। Mukhyamantri Apprenticeship Yojana की यह राशि छात्रों को उनके दैनिक खर्चों को पूरा करने में मदद करती है।
पात्रता मानदंड: कौन कर सकता है आवेदन?
यदि आप Mukhyamantri Apprenticeship Yojana का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:

- निवास: आवेदक संबंधित राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: आवेदक कम से कम 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएट, डिप्लोमा या आईटीआई पास होना चाहिए।
- बेरोजगारी की शर्त: आवेदक वर्तमान में किसी भी सरकारी या निजी संस्थान में पक्की नौकरी पर नहीं होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
Mukhyamantri Apprenticeship Yojana में आवेदन करने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होना अनिवार्य है:
- आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
- शैक्षणिक योग्यता के अंकपत्र (Marksheets of 10th/12th/Graduate/ITI)
- बैंक पासबुक (जिसमें स्टाइपेंड आएगा)
- पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर
- पैन कार्ड (Pan Card)
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
Mukhyamantri Apprenticeship Yojana के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बहुत ही सरल और डिजिटल है:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने राज्य के आधिकारिक अप्रेंटिसशिप पोर्टल या सेवायोजन वेबसाइट पर जाएं।
- पंजीकरण (Registration): ‘Candidate Registration’ पर क्लिक करें और अपनी बुनियादी जानकारी भरें।
- लॉगिन करें: यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करने के बाद लॉगिन करें।
- प्रोफाइल पूरा करें: अपनी फोटो, हस्ताक्षर और शैक्षणिक दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
- प्रतिष्ठान चुनें: अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार उस संस्थान या फैक्ट्री का चयन करें जहाँ आप ट्रेनिंग लेना चाहते हैं।
- आवेदन सबमिट करें: फॉर्म की जांच करें और अंत में सबमिट करें।
Mukhyamantri Apprenticeship Yojana के मुख्य लाभ
इस योजना से जुड़ने के कई फायदे हैं जो आपके करियर को नई दिशा दे सकते हैं:
- अनुभव प्रमाण पत्र: ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आपको सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र मिलता है, जो भविष्य में नौकरी दिलाने में बहुत मददगार होता है।
- अनुशासन: आप कॉरपोरेट या इंडस्ट्रियल कल्चर में काम करना सीखते हैं।
- सीधे भर्ती का मौका: कई बार ट्रेनिंग के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने पर वही कंपनी आपको स्थायी (Permanent) नौकरी भी दे देती है।
- नेटवर्किंग: आपको उद्योगों के विशेषज्ञों के साथ काम करने और सीखने का मौका मिलता है।
आत्मनिर्भर युवा, विकसित प्रदेश
निष्कर्ष के तौर पर, Mukhyamantri Apprenticeship Yojana राज्य सरकार की एक बहुत ही सराहनीय पहल है। यह योजना उन युवाओं के लिए एक पुल का काम करती है जो पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं। ₹9,000 तक का स्टाइपेंड और अमूल्य कार्य अनुभव आपको आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि आप अपनी स्किल्स को निखारना चाहते हैं और इंडस्ट्री की जरूरतों को समझना चाहते हैं, तो Mukhyamantri Apprenticeship Yojana में आज ही अपना पंजीकरण कराएं।
Mukhyamantri Apprenticeship Yojana FAQ :
क्या ट्रेनिंग के दौरान हॉस्टल की सुविधा मिलती है?
आमतौर पर Mukhyamantri Apprenticeship Yojana में केवल स्टाइपेंड दिया जाता है। रहने और खाने की व्यवस्था छात्र को स्वयं करनी होती है, हालांकि कुछ बड़े औद्योगिक संस्थान यह सुविधा प्रदान कर सकते हैं।
ट्रेनिंग की अवधि कितनी होती है?
ट्रेनिंग की अवधि आमतौर पर 6 महीने से लेकर 1 वर्ष तक होती है, जो आपके द्वारा चुने गए ट्रेड या विषय पर निर्भर करती है।
क्या प्राइवेट कंपनियों में भी ट्रेनिंग ली जा सकती है?
जी हाँ, Mukhyamantri Apprenticeship Yojana के तहत सरकार ने कई निजी क्षेत्र की कंपनियों और फैक्ट्रियों के साथ अनुबंध किया है, जहाँ आप ट्रेनिंग ले सकते हैं।

अंकिता गौतम एक अभिनेत्री, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। Tez Khabri पर वे मनोरंजन जगत (Entertainment), बॉलीवुड और लाइफस्टाइल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट साझा करती हैं। अपनी रचनात्मक शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ के कारण, वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
