नोएडा और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बीच गरमाया ‘ट्विशा शर्मा मामला’ (Twisha Sharma Case) इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की मीडिया तक सुर्खियों में बना हुआ है। हाई-प्रोफाइल बैकग्राउंड, गंभीर आरोप और रोज होते नए खुलासों ने इस मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है। बहुचर्चित बहु ट्विशा शर्मा ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, जबरन गर्भपात (Abortion) कराने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के कई गंभीर आरोप लगाए थे।
ट्विशा के इन आरोपों के बाद पुलिस और कोर्ट की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन इस बीच, अब तक इस मामले पर खामोश रहे ससुराल पक्ष ने पहली बार खुलकर अपनी बात सामने रखी है। Twisha Sharma Case Updates के तहत ट्विशा की सास ने एक विस्तृत इंटरव्यू में बहू द्वारा लगाए गए ‘अमेजन पार्सल’ विवाद, ‘8 लाख रुपये के UPI ट्रांसफर’ और ‘अबॉर्शन’ जैसे सभी गंभीर आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। ससुराल पक्ष के इन प्रति-आरोपों (Counter-claims) ने इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रामे को एक नया मोड़ दे दिया है।
‘अमेजन पार्सल’ और 8 लाख रुपये के UPI का क्या है सच?
ट्विशा शर्मा ने आरोप लगाया था कि उनकी ससुराल वाले उन पर मायके से पैसे और कीमती सामान मंगाने का दबाव बनाते थे। उन्होंने सबूत के तौर पर कुछ अमेजन पार्सल (Amazon Parcels) के स्क्रीनशॉट और बैंक से हुए लगभग 8 लाख रुपये के यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन का जिक्र किया था।

सास का पलटवार: इस आरोप पर जवाब देते हुए ट्विशा की सास ने साफ इंकार किया है। उनका कहना है कि:
- पार्सल का सच: जो भी अमेजन पार्सल घर पर आते थे, वे ट्विशा अपनी मर्जी से अपने निजी इस्तेमाल की चीजें (जैसे कॉस्मेटिक्स या कपड़े) मंगाती थीं। परिवार के किसी भी सदस्य ने कभी उनसे कोई सामान मंगाने की मांग नहीं की।
- 8 लाख रुपये का गणित: यूपीआई के जरिए हुए ट्रांसफर को लेकर सास ने दावा किया कि ये पैसे किसी दहेज या जबरन वसूली के नहीं थे। उन्होंने कहा, “ट्विशा को अपने किसी व्यक्तिगत काम या निवेश के लिए पैसों की जरूरत थी, जिसके लिए उसने अपने परिवार से मदद ली थी। हमारे खाते में उस राशि का एक भी रुपया ट्रांसफर नहीं हुआ है। बैंक स्टेटमेंट की जांच से यह पूरी तरह साफ हो जाएगा।”
अबॉर्शन (गर्भपात) के संगीन आरोप पर सफाई
इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील और गंभीर पहलू जबरन गर्भपात कराने का आरोप था। ट्विशा ने दावा किया था कि ससुराल वालों ने उनकी मर्जी के खिलाफ जाकर उनका अबॉर्शन करवा दिया था।
इस पर भावुक और आक्रोशित होते हुए सास ने कहा:
“कोई भी मां या परिवार अपने घर आने वाले चिराग को क्यों मिटाना चाहेगा? ट्विशा द्वारा लगाए गए अबॉर्शन के आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं। मेडिकल इमरजेंसी और खुद ट्विशा की सेहत से जुड़े कारणों की वजह से डॉक्टरों की सलाह पर यह कदम उठाना पड़ा था, जिसमें उसकी और उसके परिवार की पूरी सहमति शामिल थी। हमारे पास इसके सभी मेडिकल दस्तावेज और डॉक्टरों की रिपोर्ट्स मौजूद हैं, जिन्हें हम पुलिस और अदालत के सामने पेश कर रहे हैं।”
ससुराल पक्ष का आरोप: “हमें फंसाने की रची गई साजिश”
इंटरव्यू के दौरान ससुराल पक्ष ने उल्टा ट्विशा शर्मा और उनके परिवार पर प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं।
Twisha Sharma Case Updates में ससुराल पक्ष के मुख्य दावे निम्नलिखित हैं:

- लाइफस्टाइल का टकराव: सास का कहना है कि ट्विशा की आधुनिक लाइफस्टाइल और उनके परिवार के पारंपरिक तौर-तरीकों के बीच तालमेल नहीं बैठ पा रहा था। छोटी-छोटी बातों पर विवाद खड़ा करना ट्विशा की आदत बन चुकी थी।
- नोएडा शिफ्ट होने का दबाव: पति पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि वह भोपाल का अपना सेटल बिजनेस और माता-पिता को छोड़कर हमेशा के लिए नोएडा शिफ्ट हो जाए।
- सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल: ससुराल पक्ष का आरोप है कि ट्विशा इस मामले को कानूनी रूप से लड़ने के बजाय सोशल मीडिया पर ‘सिम्पैथी कार्ड’ (Sympathy Card) खेलने के लिए इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा है।
एक नजर में: आरोप बनाम प्रति-आरोप (Allegations vs Counter-Claims)
| ट्विशा शर्मा के आरोप (Twisha’s Claims) | ससुराल पक्ष का जवाब (In-Laws Verdict) |
|---|---|
| दहेज और अमेजन पार्सल | पार्सल ट्विशा के निजी सामान के थे, परिवार का कोई लेना-देना नहीं। |
| 8 लाख रुपये का UPI ट्रांसफर | पैसे ट्विशा ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए मंगाए थे, ससुराल के खातों में नहीं आए। |
| जबरन अबॉर्शन (Abortion) | पूरी तरह गलत। मेडिकल कारणों से डॉक्टरों की लिखित सलाह और आपसी सहमति से हुआ। |
| मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना | आरोप झूठे हैं; उल्टा परिवार को प्रताड़ित और ब्लैकमेल किया जा रहा है। |
पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया की ताजा स्थिति
भोपाल और नोएडा दोनों जगहों की पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
- दस्तावेजों की जांच: पुलिस ने ट्विशा के बैंक स्टेटमेंट्स, मेडिकल रिपोर्ट्स और दोनों पक्षों के फोन चैट्स को अपने कब्जे में ले लिया है।
- ससुराल पक्ष का सहयोग: सास ने मीडिया को बताया कि उनका परिवार कानून का सम्मान करता है और वे जांच में पुलिस का पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने अदालत पर पूरा भरोसा जताया है कि सच जल्द ही सबके सामने आएगा।
अदालत के फैसले का इंतजार
वैवाहिक विवादों के मामलों में अक्सर दोनों पक्षों की अपनी-अपनी कहानियां होती हैं। जहां ट्विशा शर्मा के आरोपों ने शुरुआत में जनता की सहानुभूति उनकी ओर खींची थी, वहीं अब ससुराल पक्ष द्वारा पेश किए गए तर्कों और दावों ने इस मामले को और अधिक उलझा दिया है।
Twisha Sharma Case Updates यह साफ दर्शाते हैं कि यह मामला अब केवल पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि एक कड़ा कानूनी युद्ध बन चुका है। बिना पुख्ता सबूतों और पुलिस की अंतिम चार्जशीट के किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष मान लेना जल्दबाजी होगी। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में पुलिस की फॉरेंसिक और डाक्यूमेंट्री जांच में क्या सच निकलकर सामने आता है और अदालत इस पर क्या अंतिम फैसला सुनाती है।

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
