आज 28 अप्रैल 2026 को भारतीय राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सह-संस्थापकों में से एक और अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले Raghav Chadha अब आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बन गए हैं। राघव चड्ढा अकेले नहीं गए हैं, बल्कि उन्होंने राज्यसभा के 7 सांसदों के साथ बीजेपी में विलय (Merge) का ऐलान किया है। इस घटनाक्रम ने न केवल AAP को बड़ा झटका दिया है, बल्कि राज्यसभा में एनडीए (NDA) की ताकत को भी 140 के पार पहुँचा दिया है।
लेकिन इस राजनीतिक घटनाक्रम में जो सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है, वह है मनोरंजन और राजनीति का ‘क्रॉस-कनेक्शन’। नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने एक पॉडकास्ट में दावा किया है कि राघव चड्ढा के बीजेपी में सुरक्षित प्रवेश के पीछे उनकी साली और ग्लोबल आइकन Priyanka Chopra का हाथ है। उन्होंने दावा किया कि प्रियंका ने प्रधानमंत्री मोदी से हस्तक्षेप की पैरवी की थी, ताकि राघव चड्ढा को पार्टी के भीतर किसी भी कानूनी या राजनीतिक संकट से बचाया जा सके। आइए विस्तार से जानते हैं इस पूरी कहानी के पीछे के अनसुने पहलू।
ऑपरेशन लोटस का सफल मिशन: 7 सांसदों के साथ राघव का विद्रोह
राघव चड्ढा ने पिछले शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP छोड़ने का ऐलान किया था।

- सामूहिक इस्तीफा: राघव के साथ संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और अशोक मित्तल ने भी पार्टी छोड़ी है।
- आरोप: चड्ढा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है।
- राज्यसभा का गणित: राज्यसभा सचिवालय ने इस विलय को मंजूरी दे दी है, जिससे अब ये सभी सांसद बीजेपी के सदस्य के रूप में गिने जाएंगे।
प्रियंका चोपड़ा का नाम क्यों आया सामने? नवजोत कौर सिद्धू का दावा
नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के बयानों ने इस मामले में ‘बॉलीवुड’ का एंगल जोड़ दिया है।
- प्रियंका की मध्यस्थता: नवजोत कौर ने दावा किया कि राघव चड्ढा के खिलाफ ईडी (ED) और अन्य जांचों के डर के बीच प्रियंका चोपड़ा ने दिल्ली के गलियारों में उनकी मदद की।
- परिणीति और प्रियंका: चूंकि परिणीति चोपड़ा राघव चड्ढा की पत्नी हैं, इसलिए प्रियंका चोपड़ा ने अपनी बहन के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह कदम उठाया।
- बीजेपी में एंट्री: दावे के अनुसार, प्रियंका चोपड़ा के रसूख की वजह से ही राघव चड्ढा को बीजेपी में सम्मानजनक स्थान और सुरक्षा मिल सकी है।
‘घायल हूँ इसलिए घातक हूँ’: राघव चड्ढा की नई पारी
राघव चड्ढा ने कुछ दिनों पहले ही सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट लिखी थी, जिसमें उन्होंने खुद को ‘घातक’ बताया था।
- केजरीवाल से दूरी: राघव चड्ढा ने पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि “मैंने 15 साल जिस पार्टी को खून-पसीने से सींचा, वह अब स्वार्थ की भेंट चढ़ गई है।”
- भविष्य की भूमिका: अटकलें लगाई जा रही हैं कि बीजेपी राघव चड्ढा को केंद्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी या पंजाब की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा बना सकती है।
आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रतिक्रिया: “लोकतंत्र की हत्या”
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने इस कदम को ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा करार दिया है।

- संजय सिंह का बयान: सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति से इन 7 सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग की है। उन्होंने इसे मतदाताओं के साथ धोखा बताया है।
- पार्टी में फूट: चड्ढा के जाने से AAP के भीतर लंबे समय से चल रही गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है। अब पार्टी के पास राज्यसभा में केवल 3 सांसद बचे हैं।
2026 की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना
निष्कर्ष के तौर पर, Raghav Chadha का बीजेपी में शामिल होना भारतीय राजनीति के बदलते समीकरणों का प्रमाण है। प्रियंका चोपड़ा के कथित हस्तक्षेप की कहानी ने इस मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया है। क्या यह वास्तव में परिवार के प्रति प्रेम था या कोई सोची-समझी राजनीतिक चाल, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन एक बात साफ है कि राघव चड्ढा के इस कदम ने पंजाब से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है जिसे भरना AAP के लिए आसान नहीं होगा।
Raghav Chadha FAQs:
क्या राघव चड्ढा (Raghav Chadha) आधिकारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हो गए हैं?
हाँ, 24 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा ने बीजेपी जॉइन की और 27 अप्रैल को राज्यसभा सचिवालय ने उनके विलय को मंजूरी दे दी।
प्रियंका चोपड़ा का इस मामले में क्या लेना-देना है?
नवजोत कौर सिद्धू ने दावा किया है कि प्रियंका चोपड़ा ने राघव चड्ढा की बीजेपी में एंट्री और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शीर्ष नेतृत्व से बातचीत की थी। हालांकि, प्रियंका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
राघव चड्ढा के साथ कितने अन्य सांसदों ने बीजेपी जॉइन की है?
3. राघव चड्ढा के साथ आम आदमी पार्टी के 6 अन्य राज्यसभा सांसदों (कुल 7) ने बीजेपी में विलय किया है।

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
