भारत में मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए पोषण एक प्राथमिक आवश्यकता है। गुजरात सरकार ने इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए Kasturba Poshan Sahay Yojana (KPSY) की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाली गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान पौष्टिक आहार और आराम सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
अक्सर देखा जाता है कि आर्थिक अभाव के कारण गर्भवती महिलाएं अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पातीं, जिसका सीधा असर बच्चे के विकास पर पड़ता है। Kasturba Poshan Sahay Yojana के माध्यम से सरकार ₹6,000 की कुल राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजती है। आइए समझते हैं कि यह योजना कैसे काम करती है और कौन सी महिलाएं इसका लाभ उठा सकती हैं।
कस्तूरबा पोषण सहायता योजना (Kasturba Poshan Sahay Yojana) का उद्देश्य
इस योजना को लागू करने के पीछे गुजरात सरकार के कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं। Kasturba Poshan Sahay Yojana के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- पोषण की कमी को दूर करना: गर्भवती महिलाओं को उच्च गुणवत्ता वाला और पौष्टिक भोजन खरीदने में सक्षम बनाना।
- सुरक्षित प्रसव: महिलाओं को सरकारी अस्पतालों और संस्थानों में प्रसव (Institutional Delivery) के लिए प्रोत्साहित करना।
- आर्थिक सहायता: प्रसव के दौरान मजदूरी के नुकसान की भरपाई करना ताकि महिलाएं पर्याप्त आराम कर सकें।
- शिशु स्वास्थ्य: नवजात बच्चों में कुपोषण की समस्या को जन्म से ही खत्म करना।

योजना के तहत मिलने वाली राशि का विवरण (Installments)
Kasturba Poshan Sahay Yojana के तहत ₹6,000 की कुल सहायता राशि तीन चरणों (किस्तों) में प्रदान की जाती है। यह प्रणाली इसलिए बनाई गई है ताकि गर्भावस्था के शुरू से लेकर प्रसव के बाद तक महिला की जरूरतों का ध्यान रखा जा सके:
- पहली किस्त (₹2,000): यह राशि गर्भावस्था के पंजीकरण (Registration) और ममता कार्ड प्राप्त करने के बाद, गर्भावस्था के पहले तीन महीनों के भीतर दी जाती है।
- दूसरी किस्त (₹2,000): यह राशि सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में सफल प्रसव (Delivery) होने के बाद प्रदान की जाती है।
- तीसरी किस्त (₹2,000): यह राशि बच्चे के जन्म के 9 महीने बाद, जब बच्चे का टीकाकरण (Immunization) पूरा हो जाता है, तब दी जाती है।
पात्रता मानदंड: कौन उठा सकता है लाभ?
Kasturba Poshan Sahay Yojana का लाभ लेने के लिए आवेदिका को कुछ विशिष्ट पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है:
- निवास: आवेदिका गुजरात राज्य की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- श्रेणी: यह योजना मुख्य रूप से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों की महिलाओं के लिए है।
- पंजीकरण: महिला का सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण होना और ममता कार्ड (Mamta Card) होना अनिवार्य है।
- संतान सीमा: यह सहायता केवल पहले तीन बच्चों के जन्म तक ही सीमित है।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
योजना के लिए आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड: पहचान और पते के प्रमाण के लिए।
- बीपीएल कार्ड (BPL Card): आर्थिक स्थिति की पुष्टि करने के लिए।
- ममता कार्ड (Mamta Card): गर्भावस्था के पंजीकरण का प्रमाण।
- बैंक पासबुक: DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में पैसे प्राप्त करने के लिए।
- निवास प्रमाण पत्र: गुजरात का स्थायी निवासी होने का प्रमाण।
- जन्म प्रमाण पत्र: (दूसरी और तीसरी किस्त के समय आवश्यक)।
आवेदन प्रक्रिया: कस्तूरबा पोषण सहायता योजना के लिए कैसे अप्लाई करें?
Kasturba Poshan Sahay Yojana का लाभ उठाना बहुत सरल है। इसके लिए आपको किसी लंबी कतार में लगने की जरूरत नहीं है:
- पंजीकरण: जैसे ही आपको अपनी गर्भावस्था का पता चले, निकटतम सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या आंगनवाड़ी केंद्र पर अपना पंजीकरण कराएं।
- ममता कार्ड प्राप्त करें: पंजीकरण के बाद आपको ‘ममता कार्ड’ दिया जाएगा। सुनिश्चित करें कि आपके सभी विवरण इसमें सही भरे गए हैं।
- विवरण जमा करें: अपनी आशा वर्कर (ASHA Worker) या एएनएम (ANM) को अपना आधार कार्ड, बैंक विवरण और बीपीएल कार्ड की फोटोकॉपी सौंपें।
- सत्यापन: स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और आपका नाम योजना के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर दिया जाएगा।
- सीधा लाभ: सत्यापन सफल होने के बाद, किस्त की राशि सीधे आपके आधार से लिंक बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।
इस योजना का सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभाव
जब से गुजरात में Kasturba Poshan Sahay Yojana लागू हुई है, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की गरीब महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
- संस्थागत प्रसव में वृद्धि: नकद सहायता के लालच में अधिक से अधिक महिलाएं अस्पतालों में प्रसव करा रही हैं, जिससे घर पर होने वाले असुरक्षित प्रसव की संख्या कम हुई है।
- बेहतर टीकाकरण: तीसरी किस्त को टीकाकरण से जोड़ने के कारण बच्चों को समय पर टीके लग रहे हैं, जिससे बाल मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है।
- जागरूकता: यह योजना महिलाओं को उनकी सेहत और स्वच्छता के प्रति अधिक जागरूक बना रही है।
मां और बच्चे की सुरक्षा ही सरकार का संकल्प
निष्कर्ष के तौर पर, Kasturba Poshan Sahay Yojana गुजरात सरकार की एक अत्यंत संवेदनशील और सफल योजना है। यह न केवल एक वित्तीय मदद है, बल्कि राज्य की माताओं और आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। ₹6,000 की यह राशि भले ही छोटी लगे, लेकिन एक गरीब परिवार के लिए यह गर्भावस्था के कठिन समय में बहुत बड़ी राहत साबित होती है। यदि आप या आपके परिचित में कोई इस योजना के लिए पात्र है, तो तुरंत पंजीकरण कराएं और सरकार की इस जनकल्याणकारी मुहिम का हिस्सा बनें।
Kasturba Poshan Sahay Yojana (FAQ):
क्या शहरी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
हाँ, गुजरात के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की बीपीएल (BPL) श्रेणी की महिलाएं Kasturba Poshan Sahay Yojana के लिए पात्र हैं, बशर्ते वे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पंजीकृत हों।
अगर प्रसव निजी अस्पताल में होता है, तो क्या सहायता मिलेगी?
सामान्य तौर पर, Kasturba Poshan Sahay Yojana का लाभ सरकारी अस्पतालों या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रस्ट अस्पतालों में प्रसव होने पर ही मिलता है। आपातकालीन स्थितियों के लिए विशिष्ट नियम हो सकते हैं।
क्या योजना का लाभ लेने के लिए कोई आयु सीमा है?
आवेदिका की आयु कम से कम 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। इसके अलावा, अन्य सभी पात्रता शर्तें (जैसे बीपीएल श्रेणी) पूरी होनी अनिवार्य हैं।

अंकिता गौतम एक अभिनेत्री, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। Tez Khabri पर वे मनोरंजन जगत (Entertainment), बॉलीवुड और लाइफस्टाइल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट साझा करती हैं। अपनी रचनात्मक शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ के कारण, वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
