गुजरात हमेशा से ही दुग्ध उत्पादन (Dairy Production) और श्वेत क्रांति (White Revolution) का एक प्रमुख केंद्र रहा है। अमूल (Amul) जैसी विश्वस्तरीय सहकारी संस्थाओं ने गुजरात के डेयरी सेक्टर को एक वैश्विक पहचान दिलाई है। राज्य के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के आर्थिक विकास को और अधिक मजबूत करने के लिए सरकार समय-समय पर नई योजनाएं चलाती है।
इन्हीं कल्याणकारी योजनाओं में से एक सबसे महत्वपूर्ण पहल है— Integrated Dairy Development Scheme Gujarat। यह योजना मुख्य रूप से राज्य के आदिवासी इलाकों में रहने वाली गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाली महिलाओं के लिए डिज़ाइन की गई है। इसका लक्ष्य पशुपालन के जरिए उनके लिए रोजगार पैदा करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
इस विस्तृत ब्लॉग पोस्ट में हम आपको इस योजना के लाभ, सब्सिडी संरचना (Subsidy Breakdown), पात्रता मानदंड और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे।

Integrated Dairy Development Scheme Gujarat क्या है?
Integrated Dairy Development Scheme Gujarat (एकीकृत डेयरी विकास योजना) गुजरात के ‘आदिवासी विकास विभाग’ (Tribal Development Department) द्वारा ‘डेवलपमेंट सपोर्ट एजेंसी ऑफ गुजरात’ (D-SAG) के माध्यम से चलाई जा रही एक महत्वाकांक्षी योजना है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की महिलाओं को दुधारू पशु (Milch cattle) और आधुनिक डेयरी उपकरण प्रदान करके उनकी आजीविका को सुरक्षित करना है। इसके तहत प्रत्येक यूनिट (पशु और उपकरण) के लिए सरकार द्वारा ₹90,000 की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
यह योजना न केवल ग्रामीण स्तर पर दूध का उत्पादन बढ़ाती है, बल्कि आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम भी करती है।
योजना के मुख्य लाभ और सब्सिडी ब्रेकडाउन (Benefits & Subsidy)
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका सब्सिडी मॉडल है, जो गरीब परिवारों पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ने देता है। Integrated Dairy Development Scheme Gujarat के तहत मिलने वाले ₹90,000 प्रति यूनिट का वितरण कुछ इस प्रकार किया जाता है:
- भारत सरकार की सब्सिडी (GOI Subsidy): ₹29,000
- राज्य सरकार की सहायता (State Govt Assistance): ₹29,000
- GTDC लोन (Gujarat Tribal Development Corporation Loan): ₹29,000
- लाभार्थी का योगदान (Beneficiary Contribution): मात्र ₹3,000
अन्य डेयरी योजनाएं (iKhedut Portal के माध्यम से): योजनाओं का विस्तार करते हुए, गुजरात सरकार सामान्य और अन्य वर्गों के पशुपालकों के लिए ‘आई-खेड़ूत’ (iKhedut) पोर्टल पर ’50 Milch Animals Dairy Unit’ जैसी योजनाएं भी चलाती है। इनमें पशुओं के लिए शेड निर्माण पर 50% सब्सिडी (₹5,00,000 तक), पशु बीमा (Animal Insurance) पर 75% सब्सिडी और फॉगर सिस्टम व मिल्किंग मशीन पर भी भारी छूट दी जाती है।

योजना का लाभ उठाने के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)
Integrated Dairy Development Scheme Gujarat का लाभ सही और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, इसके लिए सरकार ने कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड तय किए हैं:
- निवास: आवेदक गुजरात राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- जाति वर्ग: यह योजना विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe – ST) की महिलाओं के लिए ही आरक्षित है।
- आर्थिक स्थिति: आवेदक का परिवार गरीबी रेखा से नीचे (Below Poverty Line – BPL) की श्रेणी में आना अनिवार्य है।
- भौगोलिक क्षेत्र: राज्य के आदिवासी (Tribal) और वन क्षेत्रों (Forest areas) में रहने वाले किसान और पशुपालक ही इसके पात्र हैं।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:
- आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- बीपीएल राशन कार्ड (BPL Ration Card)
- अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र (ST Caste Certificate)
- बैंक पासबुक की कॉपी (Bank Account Details for DBT)
- मोबाइल नंबर (जो आधार कार्ड से लिंक हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- निवास प्रमाण पत्र / जमीन के कागजात (यदि लागू हो)
Integrated Dairy Development Scheme Gujarat में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)
गुजरात सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को D-SAG पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह से डिजिटल कर दिया है। आप नीचे दिए गए चरणों का पालन करके आवेदन कर सकते हैं:
Step 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं सबसे पहले D-SAG Sahay Portal की आधिकारिक वेबसाइट (dsagsahay.gujarat.gov.in) पर जाएं।
Step 2: नया पंजीकरण (Beneficiary Registration) होमपेज पर ‘Beneficiary Registration’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना राशन कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें। ‘GET OTP’ पर क्लिक करें और प्राप्त हुए वन-टाइम पासवर्ड को दर्ज करके अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
Step 3: आवेदक का प्रकार चुनें (Applicant Type) रजिस्ट्रेशन के बाद, आपको अपनी प्रोफाइल चुननी होगी। उपलब्ध विकल्पों (जैसे- Livestock Keeper, Farmer and Livestock Keeper) में से अपने लिए उपयुक्त विकल्प चुनें और ‘Save’ पर क्लिक करें।
Step 4: व्यक्तिगत और बैंक विवरण भरें अब आपके सामने मुख्य फॉर्म खुलेगा। इसमें अपनी सामान्य जानकारी (General Details), व्यक्तिगत जानकारी (Personal Details) और बैंक डिटेल्स सही-सही भरें और ‘Proceed’ पर क्लिक करें।
Step 5: दस्तावेज अपलोड करें (Document Upload) फॉर्म के अगले चरण में, मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों को ‘Choose File’ पर क्लिक करके अपलोड करें। दस्तावेजों को अपलोड करने के बाद ‘View’ बटन पर क्लिक करके यह सुनिश्चित कर लें कि सही फाइल अपलोड हुई है या नहीं।
Step 6: फाइनल सबमिशन एक बार सभी जानकारी और दस्तावेज वेरिफाई हो जाने के बाद ‘Proceed’ और ‘OK’ पर क्लिक करें। आपकी प्रोफाइल बन जाएगी और आपका आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट हो जाएगा। आपको एक एप्लीकेशन नंबर मिलेगा, जिससे आप भविष्य में अपने फॉर्म का स्टेटस (Application Status) ट्रैक कर सकेंगे।
गुजरात का ग्रामीण अर्थतंत्र काफी हद तक पशुपालन और कृषि पर निर्भर है। Integrated Dairy Development Scheme Gujarat एक बहुत ही क्रांतिकारी कदम है, जो राज्य की आदिवासी महिलाओं को न केवल स्वरोजगार दे रहा है, बल्कि उन्हें एक सफल उद्यमी बनने का अवसर भी प्रदान कर रहा है।
मात्र ₹3,000 के व्यक्तिगत निवेश (Beneficiary contribution) के साथ ₹90,000 मूल्य का डेयरी सेटअप प्राप्त करना गरीब परिवारों के लिए एक वरदान है। इसके अलावा, जो पशुपालक एसटी वर्ग में नहीं आते, वे भी iKhedut पोर्टल 2026 के माध्यम से अन्य डेयरी विकास सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। यदि आप या आपके परिचित इस योजना के लिए पात्र हैं, तो आज ही ऑनलाइन आवेदन करें और अपने लिए एक सुरक्षित भविष्य का निर्माण करें।

अंकिता गौतम एक अभिनेत्री, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। Tez Khabri पर वे मनोरंजन जगत (Entertainment), बॉलीवुड और लाइफस्टाइल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट साझा करती हैं। अपनी रचनात्मक शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ के कारण, वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
