भारत की शिक्षा प्रणाली में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत साल 2026 से कक्षा 10वीं के लिए ‘दोहरी बोर्ड परीक्षा’ प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के तनाव को कम करना और उन्हें अपने प्रदर्शन में सुधार करने का एक उचित अवसर प्रदान करना है। अब छात्र केवल एक परीक्षा के भरोसे नहीं रहेंगे, बल्कि उनके पास अपनी प्रतिभा साबित करने का दूसरा मौका भी होगा।
CBSE Class 10th Second Board Exam के लिए बोर्ड ने हाल ही में लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) गाइडलाइंस और शुल्क विवरण साझा किए हैं। यदि आप या आपके बच्चे 2026 की बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले हैं, तो यह जानकारी आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम दूसरी बोर्ड परीक्षा से जुड़े हर तकनीकी पहलू, आवेदन करने के तरीके और बोर्ड द्वारा निर्धारित फीस संरचना पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
सीबीएसई दूसरी बोर्ड परीक्षा (CBSE Class 10th Second Board Exam) क्या है?
शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, सीबीएसई अब साल में दो बार मुख्य परीक्षाएं आयोजित करेगा। पहली परीक्षा आमतौर पर फरवरी-मार्च में होगी, जबकि दूसरी परीक्षा जून-जुलाई के दौरान आयोजित की जाएगी। CBSE Class 10th Second Board Exam का सबसे बड़ा लाभ यह है कि छात्र जिस परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करेंगे, उसी स्कोर को उनके फाइनल रिजल्ट के लिए माना जाएगा।

यह प्रणाली विशेष रूप से उन छात्रों के लिए जीवनदान साबित होगी जो किसी बीमारी, व्यक्तिगत कारण या तैयारी की कमी की वजह से पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते। यह कदम ‘कोचिंग कल्चर’ के बढ़ते दबाव को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा प्रयास है।
LOC गाइडलाइंस: स्कूलों और छात्रों के लिए नए नियम
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि दूसरी परीक्षा में बैठने के लिए स्कूलों को फिर से ‘लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स’ (LOC) जमा करनी होगी। CBSE Class 10th Second Board Exam के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
- पात्रता: केवल वे छात्र दूसरी परीक्षा में बैठ सकते हैं जो पहली मुख्य परीक्षा में उपस्थित हुए थे।
- विषयों का चुनाव: छात्र उन सभी विषयों की परीक्षा दे सकते हैं जिनमें वे अपने अंक सुधारना चाहते हैं, या केवल विशिष्ट विषयों को चुन सकते हैं।
- स्कूल की भूमिका: छात्रों को अपने संबंधित स्कूलों के माध्यम से ही आवेदन करना होगा। व्यक्तिगत (Private) उम्मीदवारों के लिए अलग से पोर्टल खोला जाएगा।
परीक्षा शुल्क और आवेदन प्रक्रिया (Fee Details)
CBSE Class 10th Second Board Exam के लिए बोर्ड ने एक पारदर्शी शुल्क संरचना तैयार की है। छात्रों को प्रति विषय के आधार पर परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा:
- नियमित शुल्क: प्रति विषय निर्धारित शुल्क (आमतौर पर ₹300 से ₹500 के बीच) देना होगा।
- विलंब शुल्क (Late Fee): यदि निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन किया जाता है, तो ₹2000 का अतिरिक्त विलंब शुल्क देना होगा।
- प्रैक्टिकल फीस: यदि छात्र प्रैक्टिकल विषयों के अंकों में भी सुधार करना चाहते हैं, तो उन्हें अलग से प्रयोगशाला शुल्क देना होगा।
छात्रों को अपने स्कूल के पास जाकर उन विषयों की सूची देनी होगी जिनकी परीक्षा वे दोबारा देना चाहते हैं। स्कूल बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल ‘परीक्षा संगम’ पर यह डेटा अपलोड करेंगे।

महत्वपूर्ण तिथियां: परीक्षा कैलेंडर 2026
शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, CBSE Class 10th Second Board Exam की संभावित समय सीमा इस प्रकार है:
- पहली बोर्ड परीक्षा: फरवरी – मार्च 2026
- पहली परीक्षा का परिणाम: मई 2026 का पहला सप्ताह
- दूसरी परीक्षा के लिए LOC आवेदन: मई 2026 के अंतिम सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक
- दूसरी बोर्ड परीक्षा का आयोजन: जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में
- अंतिम संयुक्त परिणाम: अगस्त 2026 के मध्य तक
क्या यह ‘सप्लीमेंट्री परीक्षा’ से अलग है?
अक्सर छात्र CBSE Class 10th Second Board Exam को पुरानी कंपार्टमेंट या सप्लीमेंट्री परीक्षा समझ लेते हैं। लेकिन यह उससे बहुत अलग है। सप्लीमेंट्री परीक्षा केवल उन छात्रों के लिए होती थी जो फेल हो जाते थे। इसके विपरीत, दूसरी बोर्ड परीक्षा उन छात्रों के लिए भी है जो पास हैं लेकिन अपने प्रतिशत (Percentage) में सुधार करना चाहते हैं।
यह छात्रों को यह विकल्प देता है कि वे बिना किसी ‘फेल’ टैग के अपनी शैक्षणिक योग्यता को निखार सकें। इससे उच्च शिक्षा और भविष्य के प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए उनके पास एक बेहतर स्कोरकार्ड होगा।
छात्रों और शिक्षकों पर कार्यभार का प्रबंधन
दो बार परीक्षा होने से शिक्षकों पर मूल्यांकन (Evaluation) का भार बढ़ेगा, लेकिन बोर्ड ने इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को मजबूत करने का वादा किया है। CBSE Class 10th Second Board Exam के दौरान छात्रों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें दूसरी परीक्षा के लिए केवल 1 से 2 महीने का समय मिलेगा, इसलिए तैयारी में निरंतरता बनाए रखना जरूरी है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि छात्र पहली परीक्षा के तुरंत बाद अपनी कमजोरियों का विश्लेषण करें और केवल उन विषयों पर ध्यान केंद्रित करें जहाँ सुधार की सबसे अधिक गुंजाइश है।
शिक्षा क्षेत्र में एक प्रगतिशील कदम
निष्कर्ष के तौर पर, CBSE Class 10th Second Board Exam 2026 की घोषणा भारतीय शिक्षा के इतिहास में एक मील का पत्थर है। यह छात्रों को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाकर उन्हें सीखने की प्रक्रिया का आनंद लेने का मौका देती है। बोर्ड की यह पहल दर्शाती है कि भविष्य में शिक्षा केवल अंकों की होड़ नहीं, बल्कि सुधार और सीखने का एक निरंतर अवसर होगी। सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट देखते रहें और इस सुनहरे अवसर का पूरा लाभ उठाएं।
CBSE Class 10th Second Board Exam 2026 FAQ:
क्या दूसरी बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य है?
नहीं, यह पूरी तरह से छात्र की इच्छा पर निर्भर है। यदि आप अपनी पहली परीक्षा के अंकों से संतुष्ट हैं, तो आपको CBSE Class 10th Second Board Exam देने की कोई आवश्यकता नहीं है।
अगर मैं दूसरी परीक्षा में पहली से कम अंक लाता हूँ, तो क्या होगा?
सीबीएसई की ‘बेस्ट ऑफ टू’ (Best of Two) नीति के तहत, दोनों परीक्षाओं में से जिस भी विषय में आपके अधिक अंक होंगे, केवल उन्हें ही आपकी अंतिम मार्कशीट में शामिल किया जाएगा। आपको नुकसान होने का कोई खतरा नहीं है।
क्या दूसरी बोर्ड परीक्षा के बाद मार्कशीट पर ‘Improvement’ लिखा होगा?
वर्तमान गाइडलाइंस के अनुसार, बोर्ड एक समेकित (Consolidated) मार्कशीट जारी करने की योजना बना रहा है जिसमें केवल सर्वश्रेष्ठ अंक ही दिखेंगे, जिससे छात्रों के करियर प्रोफाइल पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

अंकिता गौतम एक अभिनेत्री, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। Tez Khabri पर वे मनोरंजन जगत (Entertainment), बॉलीवुड और लाइफस्टाइल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट साझा करती हैं। अपनी रचनात्मक शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ के कारण, वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
