भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बंगाल में अपना सबसे बड़ा और अहम चुनावी दांव चल दिया है।
अप्रैल 2026 में बीजेपी ने पहले चरण (Schedule-1) के चुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारकों की पूरी लिस्ट मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को सौंप दी है।
समाचार एजेंसी ANI के आधिकारिक एक्स (X) हैंडल के मुताबिक, इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पार्टी के कई बड़े कद्दावर नेताओं के नाम शामिल हैं।
आखिर इस बार बीजेपी ने किन नए चेहरों पर दांव लगाया है? और क्या ये दिग्गज नेता ममता बनर्जी (TMC) का किला भेद पाएंगे? आइए इस राजनीतिक हलचल का पूरा सच जानते हैं।

दीदी के गढ़ में बीजेपी के 40 महारथी
चुनाव आयोग के सख्त नियमों के मुताबिक, किसी भी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टी को अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट चुनाव से ठीक पहले सौंपनी होती है।
बीजेपी ने बिना कोई देरी किए CEC ज्ञानेश कुमार को अपने 40 सबसे कद्दावर नेताओं की सूची दे दी है।
इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा का नाम सबसे ऊपर रखा गया है।
इनके अलावा, कई फायरब्रांड मुख्यमंत्रियों और स्थानीय नेताओं को भी बंगाल के रण में उतारने की पूरी तैयारी है।
क्या है शेड्यूल-1 का पूरा चुनावी गणित?
पश्चिम बंगाल का चुनाव हमेशा से ही बेहद कांटे की टक्कर और तनाव वाला होता है।
शेड्यूल-1 यानी पहले चरण की वोटिंग उन संवेदनशील इलाकों में है जहां बीजेपी अपनी पकड़ बहुत मजबूत मानती है।
इसलिए पार्टी ने शुरुआत से ही अपनी पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है ताकि विरोधियों को कोई मौका न मिले।
| चुनाव आयोग और स्टार प्रचारक के नियम | ज़रूरी जानकारी (Details) |
|---|---|
| कुल स्टार प्रचारक की संख्या | मान्यता प्राप्त पार्टी के लिए अधिकतम 40 नेता |
| वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) | ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) |
| प्रचार खर्च का नियम | स्टार प्रचारक का खर्च सीधे पार्टी के खाते में जुड़ता है |
| चुनाव का नाम | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 |

चुनाव आयोग का बेहद सख्त रवैया
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में कोलकाता का दौरा करके साफ कर दिया है कि इस बार बंगाल चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण होंगे।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या नफरत फैलाने वाले भाषण से दूर रहें।
बीजेपी की इस लिस्ट को सौंपने के बाद अब टीएमसी (TMC) और अन्य पार्टियों पर भी अपने चुनावी पत्ते खोलने का भारी दबाव आ गया है।
एक्सपर्ट की राय: बंगाल में अब ‘आर-पार’ की लड़ाई
राजनीतिक जानकारों का स्पष्ट मानना है कि बीजेपी की यह 40 नेताओं की फौज सिर्फ एक सामान्य सूची बिल्कुल नहीं है।
यह ममता बनर्जी की सत्ता के खिलाफ एक बहुत बड़ी मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की अचूक रणनीति है।
इन बड़े स्टार प्रचारकों की रैलियों से बीजेपी अपने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नया जोश भरना चाहती है। अगर ये दिग्गज नेता ज़मीनी मुद्दों और बंगाली अस्मिता को सही से भुना पाए, तो इस बार पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजे पूरे देश की राजनीति को पलट कर रख देंगे।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 और स्टार प्रचारकों से जुड़े 3 अहम सवाल (FAQs)
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 (शेड्यूल-1) के लिए अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट किसे सौंपी है?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी 40 स्टार प्रचारकों की आधिकारिक लिस्ट भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को सौंप दी है।
चुनाव में स्टार प्रचारक (Star Campaigner) कौन होता है और इसका क्या फायदा होता है?
स्टार प्रचारक किसी भी पार्टी के सबसे लोकप्रिय और बड़े नेता होते हैं। चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक, इनके दौरे और बड़ी रैलियों का खर्च संबंधित उम्मीदवार के निजी चुनाव खर्च में नहीं, बल्कि सीधे पार्टी के खाते में जोड़ा जाता है।
पश्चिम बंगाल में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने चुनाव को लेकर क्या बड़े निर्देश दिए हैं?
CEC ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल में पूरी तरह से शांतिपूर्ण और बिना किसी डर-दबाव (Violence-free) के चुनाव कराने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को मुस्तैद रहने और पार्टियों को नफरती भाषणों से बचने की कड़ी चेतावनी दी है।

अंकिता गौतम एक अभिनेत्री, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। Tez Khabri पर वे मनोरंजन जगत (Entertainment), बॉलीवुड और लाइफस्टाइल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट साझा करती हैं। अपनी रचनात्मक शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ के कारण, वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
