नई दिल्ली (New Delhi): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और उनकी रोजमर्रा की यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। दिल्ली की परिवहन व्यवस्था में एक नए युग की शुरुआत करते हुए 2 मार्च 2026 को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा Pink Saheli Smart Card (पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है।
अब तक दिल्ली की महिलाएं डीटीसी (DTC) और क्लस्टर बसों में यात्रा करने के लिए ‘गुलाबी पर्ची’ यानी पेपर टिकट (Paper Ticket) का इस्तेमाल करती आ रही थीं। लेकिन रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली नई दिल्ली सरकार ने इस पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से हाई-टेक और डिजिटल करते हुए ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना’ (Pink Saheli Smart Card Yojana) की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य न केवल मुफ्त बस यात्रा को पारदर्शी बनाना है, बल्कि ‘वन नेशन, वन कार्ड’ (One Nation, One Card) की तर्ज पर महिलाओं को एक ऐसा नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) सौंपना है, जिससे उनका सफर पूरी तरह से कैशलेस और स्मार्ट हो जाए।
यदि आप दिल्ली की निवासी हैं और इस शानदार योजना का लाभ उठाना चाहती हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद आवश्यक है कि पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया क्या है और दिल्ली की महिलाओं के लिए जरूरी दस्तावेज कौन-कौन से हैं। यह विस्तृत न्यूज़-ब्लॉग आपको इस योजना की हर छोटी-बड़ी जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, 50 वितरण केंद्रों की सूची और कार्ड के फायदों के बारे में गहराई से बताएगा।
What is Pink Saheli Smart Card? (पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड क्या है?)
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग (Delhi Transport Department) और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की एक महत्वाकांक्षी पहल है। यह एक डिजिटल, क्यूआर-कोड (QR-based) आधारित स्मार्ट मोबिलिटी कार्ड है, जिसे विशेष रूप से दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर (Transgender) समुदाय के लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस कार्ड के माध्यम से योग्य लाभार्थी दिल्ली की सभी डीटीसी (AC और Non-AC) तथा क्लस्टर (ऑरेंज और ब्लू) बसों में असीमित (Unlimited) और पूरी तरह से मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। यह कार्ड पुराने पिंक पेपर टिकट को हमेशा के लिए रिप्लेस कर देगा। सबसे बड़ी बात यह है कि यह सिर्फ एक बस पास नहीं है, बल्कि यह नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के मानकों पर आधारित है। इसका मतलब है कि इसे रिचार्ज (Top-up) करके आप दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS / Namo Bharat) में भी यात्रा कर सकती हैं। हालांकि, मेट्रो और नमो भारत में सफर करने पर सामान्य किराया लगेगा, लेकिन बस का सफर पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।

Three Types of Smart Cards (तीन प्रकार के मोबिलिटी कार्ड)
परिवहन विभाग ने पूरी दिल्ली के लिए तीन अलग-अलग रंगों के कार्ड पेश किए हैं:
- Pink Card (पिंक कार्ड): यह कार्ड विशेष रूप से दिल्ली की निवासी महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए है, जिससे उन्हें मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी।
- Blue Card (ब्लू कार्ड): यह कार्ड आम यात्रियों (पुरुषों और गैर-निवासियों) के लिए है, जिन्हें बस का किराया देना होता है।
- Orange Card (ऑरेंज कार्ड): यह कार्ड उन दैनिक यात्रियों के लिए भविष्य में लॉन्च किया जाएगा जो मंथली पास (Monthly Pass) का इस्तेमाल करते हैं।
वर्तमान में पहले चरण के तहत पिंक और ब्लू कार्ड्स का वितरण शुरू कर दिया गया है।
Eligibility Criteria for Pink Saheli Card (कौन बनवा सकता है यह स्मार्ट कार्ड?)
इस कार्ड को बनवाने के लिए दिल्ली सरकार ने कुछ बहुत ही स्पष्ट और सरल नियम तय किए हैं। हर महिला को यह कार्ड नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए कुछ खास शर्तों को पूरा करना होगा:
- दिल्ली की स्थायी निवासी (Delhi Resident): इस योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा जो मूल रूप से दिल्ली की स्थायी निवासी हैं। यदि आप नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम या फरीदाबाद (NCR के अन्य हिस्से) में रहती हैं और बस से सफर करती हैं, तो आप इस फ्री कार्ड के लिए पात्र नहीं होंगी।
- केवल महिलाएं और ट्रांसजेंडर (Women & Transgender Only): यह कार्ड समाज में लैंगिक समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए है। इसलिए महिलाओं के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को भी इस योजना में पूरी तरह से शामिल किया गया है।
- उम्र सीमा (Age Limit): कार्ड बनवाने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 5 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। (कुछ रिपोर्ट्स में इसे 12 वर्ष भी बताया गया है, लेकिन नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार 5 वर्ष से अधिक उम्र की बालिकाओं का भी कार्ड बनवाया जा सकता है ताकि वे स्कूल और ट्यूशन के लिए मुफ्त सफर कर सकें)।
- आय सीमा (No Income Bar): इस योजना का सबसे अच्छा पहलू यह है कि इसमें कोई ‘इनकम स्लैब’ या आय सीमा नहीं रखी गई है। चाहे महिला कामकाजी हो, गृहिणी हो या छात्रा, दिल्ली की प्रत्येक महिला इस कार्ड के लिए योग्य है।
Focus Section: दिल्ली की महिलाओं के लिए जरूरी दस्तावेज (Essential Documents Required)
अगर आप वितरण केंद्र (Distribution Center) पर अपना पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने जा रही हैं, तो घर से निकलने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास सभी दिल्ली की महिलाओं के लिए जरूरी दस्तावेज मौजूद हों। चूंकि यह प्रणाली पूरी तरह से आधार-आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) पर निर्भर करती है, इसलिए दस्तावेजों की सटीकता बहुत महत्वपूर्ण है।
1. वैध आधार कार्ड (Valid Aadhaar Card with Delhi Address)
यह इस पूरी प्रक्रिया का सबसे मुख्य और अनिवार्य दस्तावेज है। आपका आधार कार्ड न केवल आपकी पहचान साबित करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि आप दिल्ली की निवासी हैं या नहीं।
- दिल्ली का पता: आपके आधार कार्ड पर दर्ज पता दिल्ली का ही होना चाहिए। यदि आपके आधार कार्ड पर आपके पैतृक गांव या किसी अन्य राज्य का पता है, तो आपका पिंक कार्ड नहीं बन पाएगा।
- ओरिजिनल कॉपी: आपको केंद्र पर आधार कार्ड की ओरिजिनल (Original) प्रति साथ लेकर जानी होगी।
2. आधार से लिंक मोबाइल नंबर (Aadhaar Linked Active Mobile Number)
कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है।
- आपके पास वह मोबाइल फोन और सिम कार्ड मौजूद होना चाहिए जो आपके आधार कार्ड के साथ लिंक है।
- केंद्र पर बैठे अधिकारी जब आपका आधार नंबर सिस्टम में डालेंगे, तो आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा। उस OTP को बताने के बाद ही आपका वेरिफिकेशन पूरा होगा। यदि आपका नंबर लिंक नहीं है, तो पहले किसी आधार केंद्र पर जाकर नंबर अपडेट कराएं।
3. निवास का अन्य प्रमाण पत्र (Alternative Residence Proof – If Applicable)
वैसे तो आधार कार्ड पर्याप्त है, लेकिन किसी तकनीकी समस्या या बैकअप के तौर पर आपके पास दिल्ली का वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card of Delhi) होना भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
4. पासपोर्ट साइज फोटो (Passport Size Photograph)
डिजिटल सिस्टम होने के कारण आपकी फोटो सीधे आधार के डेटाबेस से फैच (Fetch) कर ली जाती है। फिर भी, एहतियात के तौर पर 2 नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो अपने पास जरूर रखें।
Note on Duplication: इस योजना के तहत “एक महिला, एक कार्ड” (One Card Per Woman) का नियम सख्ती से लागू किया गया है। चूंकि सारा डेटा आपके आधार कार्ड से लिंक होगा, इसलिए कोई भी महिला एक से ज्यादा कार्ड नहीं बनवा सकती। यदि कार्ड गुम हो जाता है, तो उसे ब्लॉक कराकर ही नया कार्ड इश्यू किया जाएगा।
Offline Application Process: पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड कैसे बनवाएं?
वर्तमान में, कार्ड का वितरण पूरी तरह से ऑफलाइन (Offline) माध्यम से किया जा रहा है। सरकार ने दिल्ली के कोने-कोने में 50 से अधिक विशेष केंद्र स्थापित किए हैं। यह प्रक्रिया बेहद तेज और “ऑन-द-स्पॉट” (On-the-spot) है।
स्टेप-बाय-स्टेप आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Guide):
- नजदीकी केंद्र पर जाएं: अपने घर के सबसे करीब स्थित डीसी ऑफिस (DC Office), एसडीएम कार्यालय (SDM Office) या डीटीसी डिपो (DTC Depot) पर जाएं। ये केंद्र सातों दिन (7 Days a week) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहते हैं।
- दस्तावेज प्रस्तुत करें: काउंटर पर मौजूद अधिकारी को अपना ओरिजिनल आधार कार्ड दें।
- ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया: अधिकारी आपके आधार का नंबर सिस्टम में दर्ज करेगा। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक सुरक्षित OTP आएगा।
- वेरिफिकेशन पूरा करें: OTP शेयर करने के बाद, सिस्टम तुरंत आपका नाम, उम्र, लिंग और दिल्ली का पता वेरिफाई कर लेगा।
- तुरंत पाएं अपना कार्ड: वेरिफिकेशन के तुरंत बाद, उसी समय मशीन से प्रिंट होकर आपका ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ आपके हाथ में सौंप दिया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया में मुश्किल से 5 से 10 मिनट का समय लगता है। पहले दिन (3 मार्च) को इसी त्वरित प्रक्रिया के कारण 3,600 से अधिक महिलाओं को तुरंत कार्ड जारी किए गए। इसके अलावा, एयरटेल पेमेंट्स बैंक (Airtel Payments Bank) और हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड (MufinPay) को भी इन कार्डों को जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।

List of Distribution Centers: कार्ड बनवाने के प्रमुख केंद्र
महिलाओं की सुविधा के लिए पूरी दिल्ली में करीब 50 सेंटर्स सक्रिय कर दिए गए हैं। इनमें से 20 केंद्र सीधे डीटीसी द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। कुछ प्रमुख वितरण केंद्रों की सूची इस प्रकार है, जहां आप पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवा सकती हैं:
उपायुक्त (DC) और एसडीएम (SDM) कार्यालय:
- उपायुक्त कार्यालय, मध्य जिला (Central District)
- उपायुक्त कार्यालय, पूर्वी जिला (East District)
- एसडीएम कार्यालय, आदर्श नगर
- एसडीएम कार्यालय, यमुना विहार
- एसडीएम कार्यालय, किराड़ी और नांगलोई जाट
- एसडीएम कार्यालय, बवाना
डीटीसी डिपो और पास सेक्शन (DTC Depots & Pass Sections):
- डीटीसी कश्मीरी गेट पास सेक्शन (Kashmere Gate)
- डीटीसी उत्तम नगर पास सेक्शन (Uttam Nagar)
- डीटीसी नेहरू प्लेस पास सेक्शन (Nehru Place)
- डीटीसी शादीपुर पास सेक्शन (Shadipur)
- डीटीसी पीरागढ़ी पास सेक्शन (Peera Garhi)
- डीटीसी द्वारका सेक्टर-2 पास सेक्शन (Dwarka Sec-2)
- डीटीसी सरोजिनी नगर पास सेक्शन (Sarojini Nagar)
- डीटीसी रोहिणी सेक्टर-22 पास सेक्शन (Rohini Sec-22)
- डीटीसी शाहदरा पास सेक्शन (Shahdara)
- डीटीसी नॉर्थ कैंपस (DU) और जेएनयू (JNU) पास सेक्शन
आप अपने निवास स्थान के अनुसार किसी भी सुविधाजनक केंद्र का चुनाव कर सकती हैं।
How to Use the Pink Saheli Smart Card? (बस में कार्ड का उपयोग कैसे करें?)
कार्ड बनवाने के बाद इसका इस्तेमाल करना बेहद आसान और हाई-टेक है।
- बस में चढ़ें: डीटीसी या क्लस्टर बस में अपनी सुविधा अनुसार चढ़ें।
- टिकट मशीन पर टैप करें (Tap-to-Travel): बस में मौजूद कंडक्टर के पास अब टिकट का बंडल नहीं, बल्कि एक इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (Electronic Ticketing Machine – ETM) होगी। आपको बस अपना पिंक कार्ड उस मशीन के सेंसर पर ‘टैप’ (Tap) करना है।
- सफर दर्ज: जैसे ही आप टैप करेंगी, बीप की आवाज के साथ मशीन आपके सफर का डिजिटल रिकॉर्ड बना लेगी और कंडक्टर की स्क्रीन पर आपका वेरिफिकेशन कन्फर्म हो जाएगा। इसमें कोई भी पैसा नहीं कटेगा।
- सीट ग्रहण करें: आपको कोई कागज का टिकट नहीं मिलेगा, आप बेफिक्र होकर अपनी सीट पर बैठ सकती हैं।
यदि कोई चेकिंग स्टाफ (Ticket Checker) बस में आता है, तो आपको बस अपना स्मार्ट कार्ड उन्हें दिखाना होगा। वे अपनी मशीन से इसे स्कैन करके चेक कर लेंगे कि आपने कार्ड टैप किया है या नहीं।
मेट्रो के लिए उपयोग (For Delhi Metro): अगर आप इसी कार्ड से दिल्ली मेट्रो में जाना चाहती हैं, तो आपको किसी भी मेट्रो स्टेशन के कस्टमर केयर सेंटर पर जाकर इस कार्ड में पैसे (Cash Top-up) डलवाने होंगे। फिर आप इसे सामान्य मेट्रो कार्ड की तरह AFC गेट्स पर टैप करके इस्तेमाल कर सकती हैं।
Top Benefits of the Scheme: पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के अचूक फायदे
दिल्ली सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम केवल एक पास नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी छलांग है। आइए जानते हैं कि इस योजना से दिल्ली की महिलाओं और समूचे सिस्टम को क्या बड़े फायदे होने वाले हैं:
1. भारी मासिक बचत (Massive Financial Savings)
एक अनुमान के मुताबिक, जो महिलाएं काम करने, कॉलेज जाने या घरेलू काम से रोजाना बस से सफर करती हैं, उनका महीने का 1,200 रुपये से लेकर 2,400 रुपये तक खर्च होता है। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड इस पूरे खर्च को शून्य (Zero) कर देगा। यह पैसा वे अपनी पढ़ाई, बच्चों या घर के अन्य जरूरी खर्चों में लगा सकती हैं।
2. सुरक्षित और स्वतंत्र यात्रा (Safe and Independent Commute)
परिवहन विभाग का मानना है कि मुफ्त और आसान यात्रा की सुविधा से सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी। बसों में जितनी अधिक महिलाएं होंगी, वे उतना ही सुरक्षित महसूस करेंगी। अब उन्हें खुले पैसे (Change) की चिंता करने या कंडक्टर से बार-बार बहस करने की कोई जरूरत नहीं है।
3. ट्रांसजेंडर समुदाय का समावेश (Inclusivity for Transgenders)
समाज में अक्सर हाशिए पर रहने वाले ट्रांसजेंडर समुदाय को इस योजना में महिलाओं के बराबर अधिकार देकर मुख्यधारा से जोड़ने का एक अभूतपूर्व प्रयास किया गया है। यह समानता और न्याय का एक बेहतरीन उदाहरण है।
4. भ्रष्टाचार और दुरुपयोग पर लगाम (Curbing Corruption)
पुरानी ‘पेपर पिंक टिकट’ योजना में कई तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे। अक्सर यह देखा जाता था कि कंडक्टर बिना यात्री के चढ़े भी फर्जी टिकट फाड़कर सरकार से सब्सिडी वसूल लेते थे। स्मार्ट कार्ड के आने से यह फर्जीवाड़ा पूरी तरह बंद हो जाएगा। ईटीएम (ETM) मशीन पर टैप किए बिना कोई एंट्री दर्ज नहीं होगी, जिससे सरकार के करोड़ों रुपये बचेंगे और राजस्व का सटीक हिसाब (Revenue Accounting) रखा जा सकेगा।
5. पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly Approach)
हर दिन लाखों पेपर टिकट प्रिंट करने में टनों कागज और स्याही बर्बाद होती थी। कार्ड के डिजिटल होने से पेपर वेस्ट (Paper Waste) खत्म होगा। साथ ही, जब बस में यात्रा करना इतना सुगम और मुफ्त होगा, तो कई महिलाएं अपने निजी दोपहिया वाहनों (Two-wheelers) का इस्तेमाल कम करेंगी, जिससे दिल्ली में ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण (Air Pollution) में कमी आएगी।
6. सटीक डाटा और रूट प्लानिंग (Data-Driven Route Planning)
हर बार जब कोई महिला कार्ड टैप करेगी, तो दिल्ली परिवहन विभाग के सर्वर में डेटा स्टोर होगा। इससे सरकार को यह पता चलेगा कि किस रूट पर सबसे ज्यादा महिलाएं सफर करती हैं और किस समय बसों में भीड़ अधिक होती है। इस सटीक डेटा के आधार पर सरकार व्यस्त रूट्स पर और अधिक बसें (Optimizing Bus Deployment) तैनात कर सकेगी।
Why the Transition from Paper to Digital? (पेपर टिकट से स्मार्ट कार्ड तक का सफर)
दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने की थी। उस समय ‘गुलाबी टिकट’ योजना ने बहुत लोकप्रियता हासिल की थी। हालांकि, समय के साथ इस सिस्टम में खामियां सामने आने लगीं।
हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद, रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली नई सरकार (BJP Government) ने परिवहन सेवाओं के डिजिटलीकरण पर जोर दिया है। नई सरकार का तर्क है कि पुरानी योजना अच्छी थी, लेकिन उसका कार्यान्वयन (Implementation) पुराना और त्रुटिपूर्ण था। ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना’ उसी फ्री बस यात्रा के वादे को एक सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल रूप में आगे बढ़ा रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा इस कार्ड का उद्घाटन किया जाना इस बात का प्रमाण है कि केंद्र और राज्य दोनों ही ‘डिजिटल इंडिया’ (Digital India) और ‘महिला सशक्तिकरण’ के विजन पर एक साथ काम कर रहे हैं। पहले दिन (3 मार्च) को 3,622 महिलाओं ने इस कार्ड को प्राप्त करके इस नई प्रणाली में अपना भारी विश्वास जताया है।
Some Important Rules to Remember (ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण नियम)
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाते और उपयोग करते समय आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा ताकि आपको आगे चलकर किसी परेशानी का सामना न करना पड़े:
- कार्ड अहस्तांतरणीय है (Non-Transferable): यह कार्ड केवल उसी महिला के लिए है जिसके नाम पर इसे जारी किया गया है। आप अपना कार्ड अपनी बहन, मां या किसी सहेली को इस्तेमाल के लिए नहीं दे सकतीं। यदि कोई अन्य व्यक्ति आपके कार्ड का उपयोग करते हुए पकड़ा गया, तो कार्ड को हमेशा के लिए ब्लॉक (Block) कर दिया जाएगा और भारी जुर्माना भी लग सकता है।
- पहला कार्ड बिल्कुल मुफ्त (First Card is Free): जब आप पहली बार कार्ड बनवाने जाएंगी, तो आपको कोई फीस या चार्ज नहीं देना होगा। यह कार्ड दिल्ली सरकार द्वारा पूरी तरह से निःशुल्क (Free of cost) जारी किया जा रहा है।
- कार्ड खो जाने पर (In Case of Loss): यदि आपका कार्ड चोरी हो जाता है या खो जाता है, तो आपको तुरंत डीटीसी के पोर्टल या कस्टमर केयर पर कॉल करके इसे ब्लॉक करवाना होगा। नया कार्ड बनवाने के लिए मामूली शुल्क (Replacement Fee) लिया जा सकता है।
- हमेशा साथ रखें: बस में यात्रा करते समय कार्ड हमेशा अपने पास हैंडी (Handy) रखें ताकि कंडक्टर के आने पर तुरंत टैप किया जा सके
आत्मनिर्भर दिल्ली की सशक्त महिलाएं
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड केवल प्लास्टिक का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता, सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक है। शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय जाने वाली छात्राएं हों, दफ्तर जाने वाली कामकाजी महिलाएं हों, या घर का सामान खरीदने बाजार जाने वाली माताएं-बहनें हों—यह कार्ड हर किसी के सफर को आसान और चिंतामुक्त बनाने वाला है।
यदि आप एक पात्र दिल्ली निवासी हैं, तो आपको इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा जरूर बनना चाहिए। अपने सभी दिल्ली की महिलाओं के लिए जरूरी दस्तावेज (विशेष रूप से आधार कार्ड और लिंक किया हुआ मोबाइल फोन) तैयार करें और आज ही अपने नजदीकी एसडीएम कार्यालय या डीटीसी सेंटर पर जाकर अपना कार्ड बनवाएं।
