गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई (Kanubhai Desai) ने आज गुजरात विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का ऐतिहासिक बजट पेश किया। ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने के उद्देश्य से तैयार किए गए इस बजट का कुल परिव्यय (Outlay) पिछले वर्ष के ₹3.70 लाख करोड़ के रिकॉर्ड आंकड़े को पार करने की संभावना है (विस्तृत आंकड़े भाषण के दौरान स्पष्ट हुए)।
इस बजट की सबसे बड़ी राहत आम आदमी के लिए यह रही कि सरकार ने किसी भी नए टैक्स (New Tax) का प्रस्ताव नहीं रखा है, जिससे मध्यम वर्ग और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।

1. बजट 2026-27 के मुख्य आकर्षण (Key Highlights)
वित्त मंत्री ने अपने लगातार पांचवें बजट भाषण में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए ‘5 स्तंभों’ (Pillars) पर जोर दिया:
- ऐतिहासिक आकार: बजट का कुल आकार पिछले वर्ष के ₹3,70,250 करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है, जो गुजरात की बढ़ती अर्थव्यवस्था का प्रतीक है।
- टैक्स में राहत: लगातार दूसरे वर्ष कोई नया कर नहीं लगाया गया है।
- पूंजीગત व्यय (Capex): बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए पूंजीगत परिव्यय में भारी वृद्धि की गई है ताकि राज्य में निवेश और रोजगार बढ़े।
- सामाजिक सुरक्षा: वृद्धावस्था पेंशन, विधवा सहायता और अन्य कल्याणકારી योजनाओं के लिए विशेष आवंटन किया गया है।

2. विभागवार प्रमुख घोषणाएं (Sector-wise Allocations)
(A) शिक्षा और स्वास्थ्य: भविष्य की नींव
- शिक्षा विभाग: गुजरात में शिक्षा के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटित किया गया है। ‘मिशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस’ के तहत सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को डिजिटल बनाया जाएगा।
- स्वास्थ्य: राज्य में नई मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और सिविल अस्पतालों के आधुनिकीकरण के लिए भारी राशि आवंटित की गई है।
(B) बुनियादी ढांचा और परिवहन (Infrastructure & Logistics)
- एक्सप्रेस-वे: राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है।
- मेट्रो रेल: अहमदाबाद और सूरत मेट्रो के अगले फेज के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है।
- ग्रामीण सड़कें: ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ और राज्य की अपनी योजनाओं के तहत सुदूर गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा।
(C) कृषि और ग्रामीण विकास
- किसान कल्याण: प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को बढ़ावा देने के लिए नई सब्सिडी योजनाओं की घोषणा की गई है।
- सिंचाई: सौनी योजना (SAUNI Yojana) और सुजलाम सुफलाम योजना के अगले चरणों के लिए पर्याप्त फंड दिया गया है।

3. ‘ग्रीન ગ્રોથ’ (Green Growth) पर विशेष ध्यान
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए बजट में ‘हरित विकास’ को प्राथमिकता दी गई है:
- रिन्यूएबल एनर्जी: सौर ऊर्जा (Solar Energy) और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन।
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV): ईवी चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क के विस्तार और बैटरी निर्माण इकाइयों के लिए रियायतें।
4. सूरत और दक्षिण गुजरात के लिए खास
बजट में सूरत को एक ‘ग्रोथ हब’ के रूप में विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाया गया है:
- डायमंड और टेक्सटाइल: इन उद्योगों के लिए ग्लोबल लॉजिस्टिक्स पार्क और निर्यात सुविधाओं में निवेश।
- तापी रिवरफ्रंट: सूरत तापी रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त फंड का प्रावधान।
5. समावेशी विकास का बजट
कनुभाई देसाई द्वारा पेश किया गया यह बजट दर्शाता है कि गुजरात सरकार वित्तीय अनुशासन (Fiscal Discipline) और विकास के बीच संतुलन बनाने में सफल रही है। बिना कोई नया टैक्स लगाए ₹3.70 लाख करोड़ से अधिक का खर्च करना राज्य की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
यह बजट युवाओं के लिए रोजगार, किसानों के लिए सुरक्षा और मध्यम वर्ग के लिए स्थिरता का वादा करता है।

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
