भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। 4 जनवरी 2026 की ताजा स्थिति के अनुसार, भारत अब FAME-II से आगे बढ़कर ‘PM E-DRIVE’ योजना के निर्णायक मोड़ पर है।
यहाँ नई सब्सिडी नीति और ऑटो सेक्टर पर इसके प्रभाव की विस्तृत जानकारी दी गई है:
1. PM E-DRIVE योजना: वर्तमान स्थिति
सरकार ने ₹10,900 करोड़ के परिव्यय के साथ ‘PM E-DRIVE’ (Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement) योजना लागू की है।

- 3-व्हीलर (L5 श्रेणी) के लिए अपडेट: इस सेगमेंट के लिए निर्धारित लक्ष्य समय से पहले (दिसंबर 2025 के अंत में) पूरे हो गए हैं, इसलिए केंद्र ने अब इस श्रेणी के लिए सब्सिडी बंद कर दी है।
- 2-व्हीलर (स्कूटर/बाइक): इनके लिए सब्सिडी अभी जारी है, लेकिन इसकी दर घटाकर ₹2,500 प्रति kWh (अधिकतम ₹5,000 प्रति वाहन) कर दी गई है। यह सुविधा 31 मार्च 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
2. दिल्ली की नई ‘EV पॉलिसी 2.0’ (जनवरी 2026)
दिल्ली सरकार ने इसी हफ्ते अपनी बहुप्रतीक्षित EV पॉलिसी 2.0 लॉन्च की है, जो पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकती है:
- भारी छूट: अगर आप अपना पुराना पेट्रोल 2-व्हीलर एक्सचेंज करते हैं, तो ₹35,000 से ₹40,000 तक की सब्सिडी का प्रस्ताव है।
- रेट्रोफिटिंग: पुरानी कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने (Retrofitting) के लिए भी पहली बार प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
- कमर्शियल वाहन: ई-रिक्शा और मालवाहक वाहनों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की छूट जारी रखी गई है।
3. भारी वाहनों के लिए अच्छी खबर
जबकि छोटे वाहनों पर सब्सिडी कम हो रही है, सरकार ने भारी और आपातकालीन इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए समयसीमा को 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दिया है:
- ई-बसें: 14,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों के लिए ₹4,391 करोड़ आवंटित हैं।
- ई-एम्बुलेंस: पहली बार सरकार ने ई-एम्बुलेंस के लिए ₹500 करोड़ का विशेष प्रावधान किया है।
- ई-ट्रक: पुराने ट्रकों को स्क्रैप करने पर ई-ट्रक खरीदने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
4. सब्सिडी का नया ‘E-Voucher’ सिस्टम
अब सब्सिडी प्राप्त करना पहले से अधिक पारदर्शी हो गया है:

- आधार ऑथेंटिकेशन: वाहन खरीदते समय ग्राहक के आधार से लिंक मोबाइल पर एक E-Voucher जेनरेट होता है।
- इंस्टेंट डिस्काउंट: डीलर उसी समय बिल में सब्सिडी की राशि घटा देता है।
- पोर्टल ट्रैकिंग: ग्राहक PM E-DRIVE पोर्टल पर अपनी सब्सिडी की स्थिति देख सकते हैं।
5. ऑटो सेक्टर के सामने चुनौतियां
जनवरी 2026 की शुरुआत में ऑटो कंपनियों के सामने एक बड़ी चुनौती GST कटौती की है।
- पेट्रोल-डीजल पर राहत: अक्टूबर 2025 में सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर GST कम करने से उनकी कीमतें घट गई हैं।
- असर: इसके कारण EV और ICE (पेट्रोल/डीजल) गाड़ियों के बीच कीमत का अंतर फिर से बढ़ गया है, जिससे कई ग्राहक वापस पेट्रोल गाड़ियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
| वाहन श्रेणी | सब्सिडी की वर्तमान स्थिति (Jan 2026) | अंतिम तिथि |
| इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर | ₹2,500/kWh (कैप: ₹5,000) | 31 मार्च 2026 |
| इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर (L5) | बंद (लक्ष्य पूरा) | – |
| ई-बसें और ट्रक | ज़ारी (बजट आधारित) | 31 मार्च 2028 |
| ई-एम्बुलेंस | नई पहल (ज़ारी) | 31 मार्च 2028 |
निष्कर्ष: 2026 का यह साल भारतीय EV बाजार के लिए ‘सेल्फ-सस्टेनेबल’ बनने का साल है। सरकार धीरे-धीरे सीधी सब्सिडी कम कर रही है और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (9,000+ नए स्टेशन) और स्वदेशी बैटरी निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
