तकनीकी दुनिया में इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का ही बोलबाला है। जब से OpenAI ने ChatGPT लॉन्च किया है, तब से इंसानी जीवन और सॉफ्टवेयर की दुनिया में एक बड़ी क्रांति आ गई है। लेकिन अब OpenAI सिर्फ सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहना चाहता। हालिया रिपोर्ट्स और लीक्स के अनुसार, कंपनी अब हार्डवेयर मार्केट में उतरने की पूरी तैयारी कर चुकी है। सबसे बड़ी खबर यह है कि OpenAI’s AI-first smartphone पर तेजी से काम चल रहा है, जो भविष्य में Apple और Samsung जैसी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, इस बहुप्रतीक्षित OpenAI’s AI-first smartphone में ‘MediaTek’ प्रोसेसर का इस्तेमाल किया जा सकता है और इसका बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन साल 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। आइए इस क्रांतिकारी प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानते हैं कि यह फोन कैसा होगा, इसके पीछे कौन लोग हैं और यह मौजूदा स्मार्टफोन्स से कितना अलग होगा।
OpenAI’s AI-first smartphone के लिए MediaTek प्रोसेसर का चुनाव क्यों?
हार्डवेयर की दुनिया में प्रोसेसर किसी भी डिवाइस का दिल होता है। खासकर जब बात एक ऐसे स्मार्टफोन की हो जो पूरी तरह से AI पर आधारित हो, तो एक बेहद शक्तिशाली और सक्षम चिपसेट की जरूरत होती है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि OpenAI’s AI-first smartphone के लिए ताइवान की मशहूर चिप निर्माता कंपनी MediaTek के साथ बातचीत चल रही है।

MediaTek को चुनने के पीछे कई ठोस कारण हैं:
- On-Device AI क्षमता: MediaTek के हालिया Dimensity प्रोसेसर (जैसे Dimensity 9300 और आगामी चिप्स) ऑन-डिवाइस जनरेटिव एआई (Generative AI) को प्रोसेस करने में बेहद सक्षम हैं। इनमें शानदार NPU (Neural Processing Unit) दिए गए हैं।
- लागत और कस्टमाइजेशन: Qualcomm या Apple के अपने चिप्स की तुलना में MediaTek कंपनियों को कस्टमाइजेशन (Customization) की ज्यादा छूट देता है। OpenAI को एक ऐसा चिप चाहिए जो पूरी तरह से उनके AI मॉडल्स (LLMs) के अनुकूल हो।
- SoftBank का समर्थन: इस पूरे प्रोजेक्ट में जापानी निवेश कंपनी SoftBank के प्रमुख मासायोशी सोन (Masayoshi Son) की अहम भूमिका है। SoftBank का आर्म (Arm) होल्डिंग्स पर मालिकाना हक है, और MediaTek आर्म आर्किटेक्चर का प्रमुख उपयोग करता है। यह त्रिकोणीय साझेदारी इस प्रोजेक्ट को एक मजबूत आधार देती है।
Jony Ive और Sam Altman का ड्रीम प्रोजेक्ट
इस OpenAI’s AI-first smartphone को जो बात सबसे खास बनाती है, वह है इसके पीछे की टीम। इस फोन का डिजाइन कोई और नहीं बल्कि Apple के पूर्व चीफ डिजाइन ऑफिसर Jony Ive (जोनी इव) तैयार कर रहे हैं। Jony Ive वही शख्स हैं जिन्होंने iPhone, iPad, Mac और Apple Watch का आइकॉनिक डिजाइन तैयार किया था।
अब Jony Ive अपनी नई डिजाइन फर्म ‘LoveFrom’ के जरिए OpenAI के सीईओ Sam Altman (सैम ऑल्टमैन) के साथ मिलकर इस डिवाइस पर काम कर रहे हैं। इन दोनों दिग्गजों का विजन एक ऐसा डिवाइस बनाना है जो पारंपरिक ‘ग्लास स्लैब’ (Glass Slab) यानी आयताकार स्क्रीन वाले स्मार्टफोन्स से बिल्कुल अलग हो। यह एक ऐसा हार्डवेयर होगा जो इंसान और AI के बीच की दूरी को खत्म कर देगा।
2027 में क्यों शुरू होगा प्रोडक्शन? (Production Timeline)
कई लोगों के मन में यह सवाल है कि अगर AI का दौर अभी चल रहा है, तो OpenAI’s AI-first smartphone के प्रोडक्शन के लिए 2027 तक का इंतजार क्यों?
दरअसल, सॉफ्टवेयर बनाना और एक बेहतरीन हार्डवेयर तैयार करना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। हार्डवेयर इंडस्ट्री में सप्लाई चेन (Supply Chain), डिजाइन की टेस्टिंग, प्रोटोटाइपिंग और मैन्युफैक्चरिंग में सालों लग जाते हैं।
- कस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम: इस फोन को एंड्रॉइड (Android) या iOS पर नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से नए AI-सेंट्रिक ऑपरेटिंग सिस्टम पर बनाए जाने की संभावना है। इसे विकसित करने में समय लगेगा।
- चिप डिजाइनिंग: MediaTek के साथ मिलकर एक कस्टम AI चिप बनाने और उसका बड़े पैमाने पर उत्पादन करने के लिए लंबी टेस्टिंग की जरूरत होती है।
- इसलिए 2027 का लक्ष्य एकदम यथार्थवादी (Realistic) है ताकि जब यह डिवाइस बाजार में आए, तो यह बिना किसी तकनीकी खामी के काम करे।
यह पारंपरिक स्मार्टफोन से कैसे अलग होगा? (What makes it AI-first?)
आजकल हम जो स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, वे ‘ऐप-सेंट्रिक’ (App-centric) होते हैं। यानी आपको मैसेज करने के लिए WhatsApp खोलना पड़ता है, कैब बुक करने के लिए Uber खोलना पड़ता है।

लेकिन OpenAI’s AI-first smartphone में एप्स का ग्रिड नहीं होगा। यह एक ‘इंटेंट-बेस्ड’ (Intent-based) डिवाइस होगा।
- वॉइस और कॉन्टेक्स्ट अवेयरनेस: आप बस फोन से बात करेंगे या उसे निर्देश देंगे। उदाहरण के लिए, “मेरे लिए कल सुबह की फ्लाइट बुक कर दो और होटल का इंतजाम कर दो।” फोन का इन-बिल्ट AI खुद-ब-खुद इंटरनेट खंगालेगा, आपकी पसंद का ध्यान रखेगा और सारे काम बैकग्राउंड में कर देगा।
- कैमरा बनेगा AI की आंखें: फोन का कैमरा सिर्फ फोटो खींचने के लिए नहीं होगा, बल्कि यह AI की आंखों की तरह काम करेगा। यह आपके आस-पास की दुनिया को देखेगा और आपको रियल-टाइम जानकारी देगा।
- कम स्क्रीन टाइम: Jony Ive का मुख्य लक्ष्य एक ऐसा डिवाइस बनाना है जो स्क्रीन की लत (Screen Addiction) को कम करे। यह फोन आपको तब जानकारी देगा जब आपको जरूरत होगी, बजाय इसके कि आप घंटों स्क्रीन स्क्रॉल करते रहें।
Apple और Samsung के लिए कितनी बड़ी चुनौती?
वर्तमान में स्मार्टफोन मार्केट पर Apple और Samsung का एकतरफा राज है। हालांकि दोनों कंपनियों ने अपने फोन्स में ‘Apple Intelligence’ और ‘Galaxy AI’ जैसे फीचर्स जोड़े हैं, लेकिन ये अभी भी पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम पर ऊपर से जोड़े गए AI फीचर्स मात्र हैं।
इसके विपरीत, OpenAI’s AI-first smartphone को शुरुआत से ही (Ground up) AI के लिए डिजाइन किया जा रहा है। अगर Jony Ive का डिजाइन और Sam Altman का AI दिमाग सफल हो जाता है, तो यह 2007 में लॉन्च हुए पहले iPhone जैसा एक बड़ा “iPhone Moment” साबित हो सकता है। यह एप्पल और गूगल के एकाधिकार को तोड़कर स्मार्टफोन इंडस्ट्री की पूरी दिशा बदल सकता है।
आने वाले कुछ साल तकनीकी जगत के लिए बेहद रोमांचक होने वाले हैं। हालांकि OpenAI’s AI-first smartphone के बारे में अभी भी कई जानकारियां गुप्त रखी गई हैं, लेकिन MediaTek के साथ साझेदारी और 2027 तक प्रोडक्शन शुरू होने की खबरों ने टेक प्रेमियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अगर यह प्रोजेक्ट अपनी योजना के अनुसार सफल होता है, तो यह सिर्फ एक नया फोन नहीं होगा, बल्कि तकनीक के साथ हमारे बातचीत करने के तरीके में एक नई सदी की शुरुआत होगी। हमें 2027 का बेसब्री से इंतजार रहेगा, जब एआई की असली ताकत हमारी हथेलियों में हार्डवेयर के रूप में मौजूद होगी।

अंकिता गौतम एक अभिनेत्री, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। Tez Khabri पर वे मनोरंजन जगत (Entertainment), बॉलीवुड और लाइफस्टाइल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट साझा करती हैं। अपनी रचनात्मक शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ के कारण, वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
