गुजरात एक औद्योगिक राज्य है जहाँ लाखों की संख्या में श्रमिक भाई-बहन काम करते हैं। महिला श्रमिकों के स्वास्थ्य और मातृत्व को सुरक्षित करने के लिए गुजरात सरकार और गुजरात श्रम कल्याण बोर्ड ने Maternity Assistance Scheme (प्रसूति सहायता योजना) की शुरुआत की है। अक्सर देखा जाता है कि आर्थिक तंगी के कारण महिला श्रमिक गर्भावस्था के अंतिम दिनों तक काम करती हैं, जिससे उनके और बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
इसी समस्या को दूर करने के लिए Maternity Assistance Scheme के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है ताकि महिला श्रमिक प्रसव के दौरान आराम कर सकें और पौष्टिक आहार ले सकें। इस लेख में हम विस्तार से चर्चा करेंगे कि गुजरात के किन संस्थानों में काम करने वाली महिलाएं इस योजना की पात्र हैं और उन्हें कितनी राशि सहायता के रूप में दी जाती है।
प्रसूति सहायता योजना (Maternity Assistance Scheme) का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य महिला श्रमिकों को प्रसव के समय आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। Maternity Assistance Scheme के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि:
- महिला श्रमिकों को प्रसव के दौरान काम से छुट्टी लेने पर आर्थिक नुकसान न हो।
- मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी आए।
- श्रमिक महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और पोषण मिल सके।

योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि
गुजरात श्रम कल्याण बोर्ड की इस Maternity Assistance Scheme के तहत पात्र महिला श्रमिकों को दी जाने वाली सहायता राशि समय-समय पर अपडेट की जाती है। वर्तमान नियमों के अनुसार:
- महिला श्रमिक को प्रसव सहायता के रूप में एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) ट्रांसफर की जाती है।
- यदि महिला श्रमिक का वेतन एक निश्चित सीमा से कम है, तो वह इस योजना के तहत ₹27,500 से ₹37,500 (विभिन्न श्रेणियों के आधार पर) तक की सहायता प्राप्त कर सकती है।
पात्रता मापदंड: कौन कर सकता है आवेदन?
Maternity Assistance Scheme का लाभ लेने के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
- पंजीकरण: महिला श्रमिक का गुजरात श्रम कल्याण बोर्ड (GLWB) में कम से कम एक वर्ष से पंजीकरण होना चाहिए।
- संस्थान: वह किसी ऐसे कारखाने या संस्थान में कार्यरत होनी चाहिए जो ‘गुजरात श्रम कल्याण निधि अधिनियम’ के तहत कवर होता है।
- योगदान: महिला श्रमिक के वेतन से श्रम कल्याण निधि (Labour Welfare Fund) का नियमित योगदान कटना चाहिए।
- संतान सीमा: आमतौर पर यह योजना पहले दो जीवित बच्चों के जन्म तक ही सीमित है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
Maternity Assistance Scheme का लाभ उठाने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- श्रमिक पहचान पत्र (Labour ID Card) या ई-श्रम कार्ड।
- आधार कार्ड की फोटोकॉपी।
- बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी (जहाँ सहायता राशि जमा होगी)।
- प्रसव प्रमाण पत्र या अस्पताल का डिस्चार्ज कार्ड।
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र।
- संस्थान/कारखाने के प्रबंधक द्वारा दिया गया उपस्थिति प्रमाण पत्र।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)
गुजरात सरकार ने अब Maternity Assistance Scheme के लिए आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया है। आप ‘श्रम शक्ति’ पोर्टल या GLWB की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:
- वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले glwb.gujarat.gov.in पोर्टल पर जाएं।
- पंजीकरण/लॉगिन: अपनी श्रमिक आईडी और पासवर्ड के साथ लॉगिन करें।
- योजना का चुनाव: ‘Schemes’ सेक्शन में जाकर ‘Maternity Assistance’ पर क्लिक करें।
- फॉर्म भरें: पूछी गई सभी व्यक्तिगत और कार्य संबंधी जानकारी सही-सही भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें: ऊपर बताए गए सभी दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
- सबमिट करें: फॉर्म की जांच करें और सबमिट करें। आवेदन संख्या (Application Number) को भविष्य के संदर्भ के लिए संभाल कर रखें।
Maternity Assistance Scheme के लाभ और सामाजिक प्रभाव
यह योजना केवल एक आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। Maternity Assistance Scheme की वजह से गुजरात की हजारों महिला श्रमिकों को निजी अस्पतालों में बेहतर इलाज कराने का मौका मिला है। इसके अलावा, यह योजना महिला श्रमिकों को कार्यस्थल पर अपनी गरिमा बनाए रखने में मदद करती है, क्योंकि उन्हें गर्भावस्था के दौरान अपनी आजीविका खोने का डर नहीं रहता।
श्रमिक महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव
निष्कर्ष के तौर पर, गुजरात श्रम कल्याण बोर्ड की Maternity Assistance Scheme राज्य की उन कर्मठ महिलाओं के लिए एक सुरक्षा कवच है जो अपनी मेहनत से देश की अर्थव्यवस्था को गति देती हैं। यदि आप या आपके परिवार में कोई महिला श्रमिक इस योजना के लिए पात्र है, तो बिना देरी किए इसके लिए आवेदन करें। सरकार की इन कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य ही यह है कि कोई भी माँ और बच्चा पैसों की कमी के कारण कुपोषण या बीमारी का शिकार न हो।
Maternity Assistance Scheme FAQ:
क्या निजी कंपनियों में काम करने वाली महिलाएं भी इस योजना की पात्र हैं?
हाँ, यदि आपकी कंपनी गुजरात श्रम कल्याण बोर्ड (GLWB) में पंजीकृत है और आपके वेतन से लेबर वेलफेयर फंड कटता है, तो आप Maternity Assistance Scheme का लाभ ले सकती हैं।
प्रसव के कितने समय बाद तक आवेदन किया जा सकता है?
आमतौर पर बच्चे के जन्म के 3 से 6 महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होता है। सटीक समय सीमा के लिए अपने संस्थान के एचआर विभाग या लेबर ऑफिस से संपर्क करें।
क्या ई-श्रम कार्ड धारक महिलाएं भी इसमें शामिल हैं?
ई-श्रम कार्ड एक पहचान पत्र है, लेकिन Maternity Assistance Scheme का लाभ लेने के लिए आपका नाम गुजरात लेबर वेलफेयर बोर्ड के रिकॉर्ड में होना जरूरी है।

अंकिता गौतम एक अभिनेत्री, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। Tez Khabri पर वे मनोरंजन जगत (Entertainment), बॉलीवुड और लाइफस्टाइल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट साझा करती हैं। अपनी रचनात्मक शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ के कारण, वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
