Manisha Gurunath Mandhare

भारत की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर पेपर लीक के भयंकर विवादों में घिर गई है। लाखों छात्रों के सपनों पर उस वक्त पानी फिर गया जब यह खुलासा हुआ कि पेपर की सुरक्षा करने वालों ने ही उसे चंद रुपयों के लालच में बेच दिया।

हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में एक बहुत बड़ा एक्शन लेते हुए पुणे की एक सीनियर बायोलॉजी टीचर Manisha Gurunath Mandhare को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी ने पूरे शिक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि Manisha Gurunath Mandhare कोई आम टीचर नहीं, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नियुक्त की गई ‘सब्जेक्ट एक्सपर्ट’ थीं। आइए जानते हैं कि कौन है यह महिला और कैसे इसने इस पूरे पेपर लीक कांड को अंजाम दिया।

कौन हैं Manisha Gurunath Mandhare?

सीबीआई की जांच और रिपोर्ट्स के अनुसार, 58 वर्षीय Manisha Gurunath Mandhare पुणे के शिवाजीनगर स्थित ‘मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स’ में बॉटनी (Botany) और बायोलॉजी की एक बहुत ही सीनियर टीचर हैं।

Manisha Gurunath Mandhare
  • वह साल 2002 से इस कॉलेज में 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को बायोलॉजी पढ़ा रही थीं।
  • हैरानी की बात यह है कि वह अपनी नौकरी से रिटायर होने वाली थीं। उनके रिटायरमेंट में सिर्फ 7 महीने का वक्त बचा था, लेकिन उससे पहले ही वह इस बड़े घोटाले में पकड़ी गईं।
  • कॉलेज प्रिंसिपल के अनुसार, वह पिछले कई सालों से NTA के साथ एक ‘विषय विशेषज्ञ’ (Subject Expert) के रूप में जुड़ी हुई थीं और पेपर-सेटिंग प्रक्रिया का एक गोपनीय हिस्सा थीं।

कैसे रची गई पेपर लीक की साजिश?

CBI की थ्योरी के मुताबिक, NTA एक्सपर्ट होने के नाते Manisha Gurunath Mandhare के पास बॉटनी और जूलॉजी (Biology) के फाइनल क्वेश्चन पेपर का पूरा एक्सेस था। इस पावर का फायदा उठाकर उन्होंने एक शातिर योजना बनाई।

जांच में खुलासा हुआ है कि:

  • अप्रैल 2026 के दौरान, उन्होंने पुणे की ही एक अन्य महिला (जो पेशे से ब्यूटी पार्लर चलाती है) मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर एक नेटवर्क बनाया। मनीषा वाघमारे को इस केस में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • इन दोनों ने मिलकर उन छात्रों से संपर्क किया जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करने के लिए मोटी रकम चुकाने को तैयार थे।
  • पैसे की डील तय होने के बाद, Manisha Gurunath Mandhare ने पुणे स्थित अपने घर में इन छात्रों के लिए ‘स्पेशल कोचिंग क्लासेज’ का आयोजन किया।
  • इन सीक्रेट क्लासेज में, उन्होंने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के वे असली सवाल लिखवाए (Dictate किए) जो 3 मई 2026 को होने वाले वास्तविक एग्जाम में आने वाले थे। छात्रों को इन सवालों को अपनी नोटबुक में लिखने और टेक्स्टबुक में मार्क करने के लिए कहा गया था।
  • जब 3 मई को पेपर सामने आया, तो अधिकांश सवाल हूबहू वही थे जो इन कोचिंग क्लासेज में बताए गए थे।

गिरफ्तारी और सीबीआई की कार्रवाई

इस हाई-प्रोफाइल मामले में शिक्षा मंत्रालय (Department of Higher Education) से लिखित शिकायत मिलने के बाद सीबीआई (CBI) ने 12 मई 2026 को आधिकारिक रूप से केस दर्ज किया था।

Manisha Gurunath Mandhare

  • जांच एजेंसी ने Manisha Gurunath Mandhare को दिल्ली में पकड़ कर गिरफ्तार किया।
  • उनकी गिरफ्तारी के साथ-साथ पुणे की ‘गंगा ओसियन पार्क’ सोसाइटी स्थित उनके फ्लैट पर भी सघन तलाशी ली गई।
  • सीबीआई ने देशभर में कई लोकेशंस पर छापे मारकर भारी मात्रा में लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट्स, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
  • हाल ही में उन्हें दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां जांच एजेंसी ने गहराई से पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी (रिमांड) की मांग की।

सिस्टम की नाकामी और छात्रों का गुस्सा

Manisha Gurunath Mandhare का यह मामला इस बात का जीता-जागता सबूत है कि सिस्टम के भीतर ही कितनी बड़ी सेंधमारी मौजूद है। यह केवल एक शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि NTA की पूरी कार्यप्रणाली और उसकी सुरक्षा पर एक बहुत बड़ा धब्बा है।

जिस संस्था पर 24 लाख से ज्यादा बच्चों के भविष्य का दारोमदार हो, वहां से अगर ‘सब्जेक्ट एक्सपर्ट’ ही पेपर बेच रहे हों, तो कड़ी मेहनत करने वाले ईमानदार छात्रों का व्यवस्था से विश्वास उठना लाजमी है। इस पूरे प्रकरण में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक और पुणे से कुल 9 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें केमिस्ट्री के एक अन्य प्रोफेसर (P.V. Kulkarni) भी शामिल हैं।

सीबीआई की इस जांच से उम्मीद है कि NEET UG 2026 के पेपर लीक में शामिल सभी बड़े नाम और बिचौलिए जल्द ही बेनकाब होंगे। Manisha Gurunath Mandhare जैसी शिक्षाविदों का इस तरह के गंभीर अपराध में लिप्त होना पूरे शिक्षक समाज के लिए एक बड़ा कलंक है। अब देखना यह है कि अदालत इस मामले में आगे क्या सख्त कदम उठाती है और भविष्य में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन क्या पुख्ता इंतजाम करता है।

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