Sunetra Deputy CM

महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे भावुक और नाटकीय मोड़

महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) ने पिछले कुछ सालों में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन जनवरी 2026 का यह आखिरी सप्ताह इतिहास के पन्नों में एक दुखद और निर्णायक अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। बुधवार, 28 जनवरी 2026 को बारामती के पास हुए एक विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के आकस्मिक निधन ने न केवल राज्य को स्तब्ध कर दिया, बल्कि सत्ता के गलियारों में एक बड़ा शून्य भी पैदा कर दिया।

इस त्रासदी के बीच, अब सवाल उत्तराधिकार का है। खबर आ रही है कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद Sunetra Pawar को महाराष्ट्र की अगली उपमुख्यमंत्री (Maharashtra Deputy CM) बनाया जा सकता है। वह राज्य के इतिहास में इस पद को संभालने वाली पहली महिला होंगी।

लेकिन इस भावुक माहौल में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख Sharad Pawar ने इस पूरे घटनाक्रम से खुद को अलग कर लिया। जब उनसे सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ कह दिया—“मुझे जानकारी नहीं है (I don’t know)”। इसके साथ ही, दोनों एनसीपी गुटों के विलय (NCP Merger) की खबरों पर भी उन्होंने बड़ा बयान दिया है।

भाग 1: अजित पवार का जाना और उत्तराधिकार की जंग (Succession Plan)

अजित पवार सिर्फ एक नेता नहीं थे, वे एनसीपी की रीढ़ थे। उनके जाने के बाद पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल था—”अब कौन?”

सुनेत्रा पवार का नाम क्यों? एनसीपी (अजित गुट) के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं, जैसे छगन भुजबल और प्रफुल्ल पटेल, ने एकमत से Sunetra Pawar का नाम आगे बढ़ाया है। इसके पीछे कई कारण हैं:

  1. सहानुभूति लहर (Sympathy Wave): अजित पवार के निधन के बाद बारामती और पूरे महाराष्ट्र में उनके परिवार के प्रति सहानुभूति की लहर है। सुनेत्रा पवार को आगे लाकर पार्टी इसे वोटों में तब्दील करना चाहती है।
  2. परिवार की विरासत: पवार परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सुनेत्रा सबसे स्वाभाविक विकल्प हैं। वे पहले से ही राज्यसभा सांसद हैं और बारामती में सक्रिय रही हैं।
  3. पार्टी में एकजुटता: अजित दादा के जाने के बाद पार्टी बिखर न जाए, इसलिए ‘पवार’ सरनेम ही वह गोंद है जो विधायकों को जोड़े रख सकता है।

खबरों के मुताबिक, आज (31 जनवरी) सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी इस निर्णय को समर्थन दिया है।

Sunetra Deputy CM

भाग 2: शरद पवार का बयान – “मुझे जानकारी नहीं” (Sharad Pawar Statement)

इस पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा नजरें शरद पवार पर थीं। क्या वे अपने भतीजे की पत्नी को आशीर्वाद देंगे? क्या वे शपथ ग्रहण में शामिल होंगे?

शनिवार को बारामती में पत्रकारों से बात करते हुए, NCP Patriarch Sharad Pawar ने जो कहा, उसने सबको चौंका दिया।

  • बयान: “मुझे सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने की कोई जानकारी नहीं है। मुझे भी यह समाचार पत्रों से पता चला। यह उनकी पार्टी (अजित गुट) का अंदरूनी मामला है और उन्होंने ही यह फैसला लिया होगा। मुझसे इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है।”

इस बयान के मायने (Decoding the Statement): राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शरद पवार का यह बयान बहुत नपा-तुला है।

  1. दूरी बनाए रखना: वे यह संदेश देना चाहते हैं कि अजित गुट के फैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
  2. सहानुभूति बनाम राजनीति: भले ही पारिवारिक रूप से वे दुख में साथ हैं (वे अंतिम संस्कार में भी मौजूद थे), लेकिन राजनीतिक रूप से वे अभी भी अलग हैं। वे नहीं चाहते कि वोटर कन्फ्यूज हों।

भाग 3: क्या NCP का विलय होगा? (NCP Merger Speculation)

अजित पवार की मौत के बाद सबसे बड़ी चर्चा यह है कि क्या अब एनसीपी के दोनों धड़े (अजित गुट और शरद पवार गुट) फिर से एक हो जाएंगे?

अजित दादा की अंतिम इच्छा? अजित पवार के करीबी सहयोगी किरण गुजर (Kiran Gujar) और एकनाथ खडसे (Eknath Khadse) ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है।

  • उनका दावा है कि अजित पवार अपनी मौत से कुछ दिन पहले ही NCP Merger के लिए बहुत उत्सुक थे।
  • Kiran Gujar ने कहा, “दादा ने मुझे 5 दिन पहले बताया था कि विलय की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में इसकी घोषणा होने वाली थी। वे परिवार और पार्टी को एक करना चाहते थे।”
  • पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी कहा कि अजित दादा की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए दोनों गुटों को एक हो जाना चाहिए।

शरद पवार का इनकार: हालांकि, शरद पवार ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, “विलय की बातें सिर्फ मीडिया में चल रही हैं। यहां ऐसा कुछ नहीं है।” उनका यह रुख बताता है कि वे अभी भी बीजेपी के साथ गठबंधन (Mahayuti) में शामिल अपने भतीजे की पार्टी को वापस लेने में हिचकिचा रहे हैं। वे अपनी विचारधारा (Ideology) से समझौता करने के मूड में नहीं लगते।

भाग 4: सुनेत्रा पवार – गृहिणी से डिप्टी सीएम तक (Rise of Sunetra Pawar)

Sunetra Pawar का सफर काफी दिलचस्प रहा है। दशकों तक वे अजित पवार की छाया बनकर रहीं, लेकिन अब वे फ्रंटफुट पर हैं।

  • राजनीतिक शुरुआत: 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बारामती से अपनी ननद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि वे हार गई थीं। बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया।
  • अनुभव: भले ही उनके पास प्रशासनिक अनुभव कम हो, लेकिन वे बारामती में सामाजिक कार्यों और टेक्सटाइल पार्क के प्रबंधन में सक्रिय रही हैं।
  • चुनौती: महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनना गर्व की बात है, लेकिन अजित दादा की आक्रामक कार्यशैली (Working Style) की जगह लेना उनके लिए आसान नहीं होगा।

भाग 5: महायुति सरकार पर असर (Impact on Mahayuti Govt)

अजित पवार के जाने से महाराष्ट्र की Mahayuti Government (BJP + Shinde Shiv Sena + Ajit NCP) को बड़ा झटका लगा है।

  • पावर बैलेंस: अजित पवार सरकार में एक मजबूत स्तंभ थे। उनके बिना, बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट के लिए एनसीपी विधायकों को साथ रखना मुश्किल हो सकता है।
  • सहानुभूति कार्ड: बीजेपी अब सुनेत्रा पवार को आगे रखकर आगामी चुनावों में सहानुभूति वोट बटोरने की कोशिश करेगी।
  • कैबिनेट फेरबदल: सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने के बाद कैबिनेट में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
Sunetra Deputy CM

भाग 6: शरद पवार बनाम सुनेत्रा पवार – भविष्य की लड़ाई?

अगर एनसीपी का विलय नहीं होता है, तो भविष्य में हमें Sharad Pawar vs Sunetra Pawar की लड़ाई देखने को मिल सकती है।

  • बारामती विधानसभा सीट (जो अजित पवार के निधन से खाली हुई है) पर उपचुनाव होगा। क्या शरद पवार वहां अपना उम्मीदवार उतारेंगे या सुनेत्रा को निर्विरोध जाने देंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।
  • सुप्रिया सुले, जो अंतिम संस्कार में फूट-फूट कर रोती दिखी थीं, अब अपनी भाभी के खिलाफ राजनीतिक मैदान में कैसे खड़ी होंगी?

भाग 7: क्या कहते हैं आंकड़े और समीकरण?

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।

  • मराठा वोट बैंक: अजित पवार मराठा समुदाय के कद्दावर नेता थे। उनके जाने से यह वोट बैंक बिखर सकता है। जरांगे पाटिल फैक्टर भी यहां महत्वपूर्ण होगा।
  • ओबीसी और धनगर: छगन भुजबल जैसे नेता अब पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेंगे, जिससे आंतरिक कलह बढ़ सकती है।

महाराष्ट्र की राजनीति का नया अध्याय

अंत में, Sunetra Deputy CM बनना लगभग तय है, लेकिन उनके सामने कांटों भरा ताज है। अजित पवार की कमी को भरना असंभव है। शरद पवार का “मुझे जानकारी नहीं” वाला बयान यह स्पष्ट करता है कि राजनीति में भावनाओं से ज्यादा समीकरण मायने रखते हैं।

क्या अजित पवार की मौत एनसीपी को एक करेगी या इसे हमेशा के लिए दो टुकड़ों में बांट देगी? इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा। लेकिन एक बात तय है—महाराष्ट्र की राजनीति अब पहले जैसी नहीं रहेगी।

आपकी इस पर क्या राय है? क्या एनसीपी का विलय होना चाहिए? क्या सुनेत्रा पवार एक सक्षम डिप्टी सीएम साबित होंगी? कमेंट बॉक्स में अपने विचार जरूर लिखें।

FAQs:

Q1: क्या सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम बनेंगी?

Answer: जी हाँ, खबरों के मुताबिक एनसीपी (अजित गुट) ने उनका नाम तय कर लिया है और वे 31 जनवरी 2026 को शपथ ले सकती हैं। वे महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी।

Q2: शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण पर क्या कहा?

Answer: शरद पवार ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही उनसे कोई चर्चा की गई है। उन्होंने इसे अजित गुट का आंतरिक फैसला बताया।

Q3: क्या अजित पवार की मौत के बाद एनसीपी का विलय होगा?

Answer: अजित पवार के सहयोगियों का दावा है कि वे विलय चाहते थे, लेकिन शरद पवार ने फिलहाल इन खबरों का खंडन किया है। हालांकि, राजनीति में संभावनाएं हमेशा खुली रहती हैं।

Q4: अजित पवार का निधन कब और कैसे हुआ?

Answer: अजित पवार का निधन बुधवार, 28 जनवरी 2026 को बारामती के पास एक विमान दुर्घटना (Chartered Plane Crash) में हुआ।

Q5: महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री कौन हैं?

Answer: 2026 के इस परिदृश्य में, देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं

By Vivan Verma

विवान तेज खबरी (Tez Khabri) के समाचार रिपोर्टर हैं, जो ब्रेकिंग न्यूज़ और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करते हैं। विवान तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और तेज अपडेट के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मामलों पर नियमित लेखन करते हैं।

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