Cluster Development Scheme

गुजरात सरकार के उद्योग और खान विभाग ने राज्य के छोटे कारीगरों के लिए क्लस्टर विकास योजना (CDS) लागू कर रखी है।

अक्सर छोटे कारीगर पैसों और नई डिजाइन की कमी के कारण बाजार की दौड़ में पीछे रह जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सरकारी योजना आपके छोटे से काम को एक बड़े ब्रांड में कैसे बदल सकती है? आइए इस योजना का सीधा और पूरा हिसाब जानते हैं।

Cluster Development Scheme

आखिर क्या है यह क्लस्टर विकास योजना (CDS)?

साल 2003-04 में शुरू हुई इस योजना का सीधा मकसद गांव और कस्बों के कारीगरों को बहुत बड़ा बाजार देना है।

सरकार कारीगरों की मदद के लिए उनका एक समूह यानी ‘क्लस्टर’ (Cluster) बनाती है।

इस क्लस्टर को मशीनें खरीदने से लेकर देश-विदेश में अपना सामान बेचने तक की पूरी मदद सरकार खुद करती है।

कौन ले सकता है इस योजना का फायदा? (Eligibility)

सरकार ने इस योजना के लिए कुछ बेहद साफ नियम बनाए हैं।

आवेदन करने वाले व्यक्ति को मूल रूप से गुजरात राज्य में हथकरघा या हस्तशिल्प का काम करना चाहिए।

सबसे बड़ी शर्त यह है कि आपके पास कम से कम 25 कारीगरों का एक समूह (Cluster) होना चाहिए।

यह सभी 25 लोग एक ही जगह पर मिलकर काम करने वाले होने चाहिए। इसके साथ ही, आपका बिजनेस माइक्रो या स्मॉल एंटरप्राइज (Micro or Small Enterprise) की श्रेणी में आना पूरी तरह जरूरी है।

Cluster Development Scheme

ज़रूरी टिप: कैसे मिलेगा NID और NIFT का सीधा साथ?

व्यापार जगत के जानकारों की सीधी सलाह है कि आप इस योजना का फायदा उठाने के लिए तुरंत कॉटेज कमिश्नरेट (Cottage Commissionerate) के तहत काम करने वाले बोर्ड से संपर्क करें।

इस योजना की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें आपको राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) और निफ्ट (NIFT) जैसी दुनिया की सबसे बड़ी संस्थाओं के डिजाइनर सीधा काम सिखाते हैं।

अगर आप 25 लोगों की टीम बना लेते हैं, तो यह योजना आपके छोटे से काम को सीधा एक्सपोर्ट कंपनी में बदल सकती है। आवेदन करने के लिए आप सरकार के आधिकारिक myscheme.gov.in पोर्टल का आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्लस्टर विकास योजना (CDS) से जुड़े 3 आम सवाल (FAQs)

क्लस्टर विकास योजना का फायदा लेने के लिए समूह में कम से कम कितने लोग होने चाहिए?

इस सरकारी योजना का सीधा लाभ लेने के लिए आपके ‘क्लस्टर’ में कम से कम 25 कारीगरों का होना पूरी तरह अनिवार्य है, जो एक ही जगह पर मिलकर काम करते हों।

यह योजना मुख्य रूप से गुजरात के किन कारीगरों के लिए बनाई गई है?

यह खास योजना केवल उन कारीगरों के लिए है जो हथकरघा (Handloom) और हस्तशिल्प (Handicraft) के क्षेत्र में अपना काम करते हैं और अपने उत्पाद खुद बनाते हैं।

कारीगरों को नई और आधुनिक डिजाइन बनाने में कौन सी संस्थाएं मदद करती हैं?

गुजरात सरकार की इस योजना के तहत कारीगरों को भारत की सबसे बड़ी और मशहूर डिजाइन संस्थाओं जैसे NID (National Institute of Design) और NIFT का सीधा सहयोग और ट्रेनिंग मिलती है।

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