अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA (नासा) ने आज एक नया इतिहास रच दिया है। फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से Artemis-II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया है।
चार अंतरिक्ष यात्रियों का दल Orion (ओरियन) स्पेसक्राफ्ट में बैठकर चांद की कक्षा की ओर निकल चुका है।
आखिर इस मिशन में ऐसा क्या है जिसने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं? इंसान 1972 के बाद पहली बार डीप स्पेस में कैसे सफर करेगा? आइए बिना किसी घुमाव के सीधा सच जानते हैं।

कौन हैं वो 4 लोग जो जा रहे हैं चांद के सफर पर?
इस बार का क्रू (Crew) अपने आप में बहुत अनोखा है। इसमें पहली बार एक महिला और एक अश्वेत (Black) अंतरिक्ष यात्री चांद की ओर उड़ान भर रहे हैं।
मिशन कमांडर की ज़िम्मेदारी रीड वाइसमैन संभाल रहे हैं। वहीं विक्टर ग्लोवर इस मिशन के पायलट हैं।
इनके साथ क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट) और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन भी इस ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बने हैं।
10 दिनों का रोमांच: कैसे पूरा होगा यह मिशन?
यह मिशन कुल 10 दिनों तक चलेगा। अंतरिक्ष यात्री Space Launch System (SLS) नाम के दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट से अंतरिक्ष में गए हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि ये लोग चांद की सतह पर नहीं उतरेंगे।
वे चांद की कक्षा (Orbit) का चक्कर लगाएंगे और वहां से सुरक्षित धरती पर वापस लौटेंगे। इसका मकसद भविष्य के बड़े मिशन के लिए रास्ते बनाना है।
यहाँ देखें Artemis-II मिशन से जुड़े सबसे अहम आंकड़े:
| मिशन का विवरण | ज़रूरी जानकारी |
|---|---|
| रॉकेट का नाम | Space Launch System (SLS) |
| अंतरिक्ष यान | Orion (ओरियन) |
| मिशन की अवधि | लगभग 10 दिन |
| लॉन्च की जगह | कैनेडी स्पेस सेंटर (Launch Pad 39B) |
| अंतरिक्ष यात्रियों की संख्या | 4 (3 अमेरिकी, 1 कनाडाई) |
| धरती पर वापसी | प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में |

एक्सपर्ट की राय: मंगल ग्रह तक जाने की पहली सीढ़ी
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मिशन सिर्फ चांद तक सीमित नहीं है।
यह आने वाले समय में इंसानों को Mars (मंगल ग्रह) पर भेजने का एक बड़ा टेस्ट है।
अगर यह 10 दिनों का सफर बिना किसी रुकावट के सफल रहता है, तो नासा अपने अगले मिशन (Artemis-III) में इंसानों को सीधे चांद की ज़मीन पर उतारेगा। यह ब्रह्मांड की खोज में एक बहुत बड़ा कदम है।
FAQs (For Voice Search & FAQ):
Artemis II मिशन में क्या अंतरिक्ष यात्री चांद पर उतरेंगे?
जी नहीं। इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री सीधे चांद की ज़मीन पर नहीं उतरेंगे। वे केवल Orion स्पेसक्राफ्ट में बैठकर चांद की कक्षा का चक्कर लगाएंगे और धरती पर वापस लौट आएंगे।
इस मिशन के लिए नासा ने किस रॉकेट का इस्तेमाल किया है?
नासा ने इस ऐतिहासिक मिशन को अंतरिक्ष में भेजने के लिए अपने अब तक के सबसे शक्तिशाली रॉकेट Space Launch System (SLS) का इस्तेमाल किया है।
आर्टेमिस-2 मिशन कब वापस धरती पर लौटेगा?
यह पूरा अंतरिक्ष मिशन लगभग 10 दिनों का है। अंतरिक्ष यात्री चांद का चक्कर लगाकर अपनी यात्रा पूरी करने के बाद सुरक्षित रूप से प्रशांत महासागर में स्पलैशडाउन (Splashdown) करेंगे।

अंकिता गौतम एक अभिनेत्री, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। Tez Khabri पर वे मनोरंजन जगत (Entertainment), बॉलीवुड और लाइफस्टाइल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट साझा करती हैं। अपनी रचनात्मक शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ के कारण, वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
