India advisory Israel Iran tension

नई दिल्ली/तेल अवीव, 28 फरवरी 2026: मध्य पूर्व (Middle East) में एक बार फिर युद्ध के बादल गहरे होते जा रहे हैं। इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और संभावित हमलों की आशंकाओं को देखते हुए भारत सरकार ने एक बड़ा और एहतियाती कदम उठाया है। इज़राइल-ईरान तनाव के बीच भारत ने इज़राइल में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी न केवल वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि भू-राजनीतिक (Geopolitical) हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) और इज़राइल स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Israel) लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। यह न्यूज़ ब्लॉग आपको इस एडवाइजरी की विस्तृत जानकारी, इज़राइल-ईरान संघर्ष की पृष्ठभूमि, वहां फंसे भारतीयों की स्थिति, और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके संभावित प्रभावों के बारे में गहराई से बताएगा। अगर आप अंतरराष्ट्रीय संबंधों को समझना चाहते हैं या आपके परिजन इज़राइल में हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

दूतावास का अलर्ट: इज़राइल-ईरान तनाव के बीच भारत ने इज़राइल में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी

जैसे-जैसे इज़राइल और ईरान (और उसके समर्थित गुटों) के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं, तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक आपातकालीन और विस्तृत दिशा-निर्देश (Advisory) जारी किया है। जब इज़राइल-ईरान तनाव के बीच भारत ने इज़राइल में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी, तो इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना से पहले अपने नागरिकों को सुरक्षित करना था।

एडवाइजरी के मुख्य बिंदु (Key Guidelines for Indians in Israel)

भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और वेबसाइट के माध्यम से निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:

  1. अनावश्यक यात्रा से बचें: दूतावास ने सख्त हिदायत दी है कि भारतीय नागरिक देश के भीतर, विशेषकर उत्तरी इज़राइल (लेबनान सीमा के पास) और दक्षिणी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा करने से पूरी तरह बचें।
  2. सुरक्षित स्थानों (Shelters) के पास रहें: इज़राइल में हर रिहायशी इलाके में ‘बम शेल्टर’ (Bomb Shelters) होते हैं। नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने घर या कार्यस्थल के शेल्टर की पहचान कर लें और सायरन बजने पर तुरंत वहां पहुंचें।
  3. दूतावास के साथ पंजीकरण (Registration): जो भी भारतीय नागरिक इज़राइल में हैं और उन्होंने अभी तक दूतावास में अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तुरंत एक ऑनलाइन फॉर्म के जरिए अपनी जानकारी अपडेट करने को कहा गया है। इससे आपातकालीन निकासी (Evacuation) के समय दूतावास को आसानी होती है।
  4. स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन: इज़राइल की होम फ्रंट कमांड (Home Front Command) द्वारा जारी किए जाने वाले हर सुरक्षा अलर्ट और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।
  5. आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर: भारतीय दूतावास ने 24×7 चालू रहने वाले कुछ विशेष हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी किए हैं, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में नागरिक सीधे संपर्क कर सकें।
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यह स्पष्ट है कि इज़राइल-ईरान तनाव के बीच भारत ने इज़राइल में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी एक रूटीन प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह खुफिया इनपुट्स और जमीनी हकीकत के आधार पर उठाया गया एक जरूरी कदम है।

क्यों गहरा रहा है इज़राइल-ईरान तनाव? (The Root of the Conflict)

इस ताज़ा एडवाइजरी को समझने के लिए हमें इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे दशकों पुराने ‘शैडो वॉर’ (Shadow War) को समझना होगा, जो अब एक खुले संघर्ष में बदलता हुआ दिखाई दे रहा है।

1. प्रॉक्सी वॉर (Proxy War) और ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’

ईरान सीधे तौर पर इज़राइल से सीमा साझा नहीं करता है, लेकिन उसने इज़राइल के चारों ओर अपने समर्थित गुटों का एक मजबूत नेटवर्क खड़ा किया है, जिसे वह ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ (Axis of Resistance) कहता है। इसमें लेबनान का हिजबुल्लाह (Hezbollah), गाजा का हमास (Hamas), यमन के हूती विद्रोही (Houthis), और सीरिया-इराक के कई मिलिशिया गुट शामिल हैं। इज़राइल इन गुटों पर लगातार हवाई हमले करता रहा है, जिसके जवाब में ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की धमकियां मिलती रही हैं।

2. सीधे हमलों का नया दौर

पिछले कुछ समय में हमने देखा है कि इज़राइल और ईरान के बीच की यह लड़ाई प्रॉक्सी से हटकर सीधे हमलों में बदल गई है। सीरिया में ईरानी दूतावास या सैन्य ठिकानों पर इज़राइली हमलों और उसके जवाब में ईरान द्वारा इज़राइल की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों ने इस क्षेत्र को एक व्यापक युद्ध (All-out War) के मुहाने पर ला खड़ा किया है।

3. परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) का विवाद

इज़राइल का मानना है कि ईरान गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित कर रहा है, जो इज़राइल के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इज़राइल ने कई बार संकेत दिए हैं कि वह ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इसी बढ़ते अविश्वास और सैन्य जमावड़े के कारण इज़राइल-ईरान तनाव के बीच भारत ने इज़राइल में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी को तुरंत लागू किया है।

इज़राइल में कितने भारतीय हैं और वे क्या करते हैं?

भारत सरकार की चिंता का सबसे बड़ा कारण इज़राइल में मौजूद भारतीय प्रवासियों (Indian Diaspora) की बड़ी संख्या है। एक अनुमान के मुताबिक, इज़राइल में लगभग 18,000 से 20,000 भारतीय नागरिक निवास करते हैं।

  • केयरगिवर्स (Caregivers): इनमें सबसे बड़ी संख्या उन भारतीयों की है जो बुजुर्गों और बीमारों की देखभाल (Caregiving) के पेशे से जुड़े हैं। इज़राइली समाज में भारतीय केयरगिवर्स को उनके समर्पण और सेवा भाव के लिए बहुत सम्मान दिया जाता है।
  • छात्र और शोधकर्ता (Students and Researchers): इज़राइल के शीर्ष विश्वविद्यालयों (जैसे तेल अवीव यूनिवर्सिटी, टेक्नियन, हिब्रू यूनिवर्सिटी) में सैकड़ों भारतीय छात्र कृषि, उच्च तकनीक (High-Tech), इंजीनियरिंग और चिकित्सा विज्ञान में शोध कर रहे हैं।
  • आईटी और डायमंड इंडस्ट्री: इज़राइल के डायमंड एक्सचेंज और आईटी सेक्टर में भी कई भारतीय पेशेवर कार्यरत हैं।
  • निर्माण श्रमिक (Construction Workers): हाल ही में, इज़राइल में श्रमिकों की कमी को पूरा करने के लिए भारत से कई निर्माण श्रमिकों को रोजगार के लिए वहां भेजा गया था।

इन सभी नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसीलिए, बिना किसी देरी के, इज़राइल-ईरान तनाव के बीच भारत ने इज़राइल में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी ने यह सुनिश्चित किया है कि हर भारतीय तक सुरक्षा की जानकारी समय पर पहुंच जाए।

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भारत की रणनीतिक दुविधा: इज़राइल और ईरान के बीच संतुलन

भारत के लिए यह स्थिति केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बहुत बड़ी कूटनीतिक (Diplomatic) चुनौती भी है। मध्य पूर्व में भारत के हित दोनों ही देशों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं।

इज़राइल के साथ भारत के संबंध

भारत और इज़राइल ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनर’ (Strategic Partners) हैं। रक्षा तकनीक, कृषि, जल प्रबंधन और साइबर सुरक्षा में इज़राइल भारत का एक प्रमुख सहयोगी है। भारत अपने कई महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण इज़राइल से आयात करता है। ऐसे में भारत इज़राइल की सुरक्षा चिंताओं को समझता है।

ईरान के साथ भारत के संबंध

दूसरी ओर, ईरान भी भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया (Central Asia) तक पहुंचने का प्रवेश द्वार है, जो पाकिस्तान को बाईपास करता है। इसके अलावा, ऊर्जा सुरक्षा और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संबंधों के कारण भारत ईरान को भी नजरअंदाज नहीं कर सकता।

यही कारण है कि भारत हमेशा मध्य पूर्व में ‘डी-एस्केलेशन’ (De-escalation) यानी तनाव कम करने और कूटनीति तथा बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की वकालत करता है। जब इज़राइल-ईरान तनाव के बीच भारत ने इज़राइल में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी, तो इसके साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की भी अपील की।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत पर इस तनाव का प्रभाव

अगर इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ता है, तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया, विशेषकर भारत की अर्थव्यवस्था को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

1. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल

मध्य पूर्व दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है। यदि ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष बढ़ता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाले तेल व्यापार में बाधा आ सकती है। दुनिया का 20% से अधिक कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। भारत अपनी तेल जरूरतों का 80% से अधिक आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में कोई भी वृद्धि भारत में महंगाई (Inflation) बढ़ा सकती है।

2. लाल सागर (Red Sea) में व्यापारिक संकट

ईरान समर्थित हूती विद्रोही पहले से ही लाल सागर में मालवाहक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। तनाव बढ़ने से स्वेज नहर (Suez Canal) के जरिए होने वाला व्यापार और भी प्रभावित होगा। इसका सीधा असर भारतीय निर्यातकों (Exporters) पर पड़ेगा, क्योंकि उनके शिपिंग कंटेनर्स का खर्च और डिलीवरी का समय दोनों बढ़ जाएंगे।

3. शेयर बाजार (Stock Market) में अस्थिरता

युद्ध की आशंकाएं वैश्विक शेयर बाजारों को डराती हैं। अनिश्चितता के माहौल में विदेशी निवेशक (FIIs) उभरते बाजारों से अपना पैसा निकाल सकते हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार (Sensex/Nifty) में भी भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।

‘ऑपरेशन अजय’ (Operation Ajay) की याद और भविष्य की तैयारियां

जब भी विदेश में भारतीय नागरिक संकट में फंसते हैं, भारत सरकार उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रतिबद्ध रहती है। 2023 में जब इज़राइल पर हमास का आतंकी हमला हुआ था, तब भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन अजय’ लॉन्च किया था। इसके तहत विशेष चार्टर्ड उड़ानों के जरिए हजारों भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया था।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए, भले ही अभी किसी आधिकारिक निकासी अभियान (Evacuation Operation) की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन भारतीय दूतावास और रक्षा मंत्रालय किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इज़राइल-ईरान तनाव के बीच भारत ने इज़राइल में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी इसी ‘प्रोटोकॉल’ का पहला चरण है। यदि स्थिति बेकाबू होती है, तो वायुसेना (IAF) और एयर इंडिया को ‘स्टैंडबाय’ पर रखा जा सकता है।

नागरिकों के लिए सुरक्षा सुझाव (Safety Tips)

यदि आप या आपका कोई जानने वाला इस समय इज़राइल या मध्य पूर्व के किसी भी तनावग्रस्त क्षेत्र में है, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:

  • पैनिक न करें: शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। केवल आधिकारिक स्रोतों (दूतावास के सोशल मीडिया पेज, न्यूज़ वेबसाइट्स) से ही जानकारी लें।
  • इमरजेंसी किट तैयार रखें: एक छोटा बैग तैयार रखें जिसमें आपके मूल दस्तावेज (पासपोर्ट, वीज़ा), कुछ नकद राशि, जरूरी दवाइयां, पावर बैंक, पानी और सूखा राशन हो।
  • संपर्क में रहें: अपने परिवार और दूतावास को अपनी लोकेशन के बारे में लगातार अपडेट देते रहें।
  • सायरन बजने पर तुरंत एक्शन लें: इज़राइल का ‘आयरन डोम’ (Iron Dome) सिस्टम बेहद प्रभावी है, लेकिन नागरिक सुरक्षा के लिए सायरन बजते ही 90 सेकंड के भीतर शेल्टर में जाना अनिवार्य है।

मध्य पूर्व की राजनीति हमेशा से जटिल रही है, लेकिन वर्तमान हालात एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ खड़े हुए हैं। इज़राइल-ईरान तनाव के बीच भारत ने इज़राइल में नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी इस बात का प्रमाण है कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरतना चाहती।

एक तरफ जहां भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति और संयम की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह जमीनी स्तर पर हर बुरी स्थिति (Worst-case scenario) के लिए खुद को तैयार कर रहा है। आने वाले कुछ दिन और हफ्ते इस क्षेत्र के भविष्य और वैश्विक शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

By Vivan Verma

विवान तेज खबरी (Tez Khabri) के समाचार रिपोर्टर हैं, जो ब्रेकिंग न्यूज़ और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करते हैं। विवान तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और तेज अपडेट के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मामलों पर नियमित लेखन करते हैं।

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