Gujarat Temperature Rise

गुजरात में इस बार शियालो (शुरुआत) की विदाई उम्मीद से कहीं ज्यादा जल्दी होती दिख रही है। अभी फरवरी का आधा महीना ही बीता है और सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं। राज्य के अधिकांश शहरों में पारा 30°C से 35°C के बीच झूल रहा है, जिससे दोपहर के समय कड़क धूप और उमस का अनुभव होने लगा है।

हवामान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुजरात के कई जिलों में तापमान सामान्य से 3°C से 5°C अधिक दर्ज किया जा रहा है। अहमदाबाद से लेकर राजकोट तक, लोग अब पंखे और एसी (AC) का सहारा लेने लगे हैं।

इस विस्तृत ब्लॉग में हम जानेंगे कि गुजरात में अचानक गर्मी बढ़ने का कारण क्या है, आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा और इस ‘डबल सीजन’ (दोहरी ऋतु) में अपनी सेहत काख्याल कैसे रखें।

1. गुजरात के शहरों का तापमान: कहाँ कितनी गर्मी?

पिछले 48 घंटों में गुजरात के मुख्य शहरों में अधिकतम तापमान में काफी उछाल देखा गया है। 16-17 फरवरी 2026 के आंकड़ों पर एक नजर:

शहरअधिकतम तापमान (°C)सामान्य से अंतर
राजकोट (Rajkot)35.3°C+4.0°C
डीसा (Deesa)35.8°C+5.0°C
सूरत (Surat)34.0°C+1.8°C
अहमदाबाद (Ahmedabad)34.0°C+3.0°C
वडोदरा (Vadodara)34.8°C+3.0°C
भुज (Bhuj)34.9°C+4.0°C

कच्छ के नलिया जैसे ठंडे इलाके में भी न्यूनतम तापमान अब 11°C से ऊपर पहुंच गया है, जो इस बात का संकेत है कि अब कड़ाके की ठंड वापस लौटने की संभावना बहुत कम है।

2. क्यों बढ़ रहा है तापमान? (मुख्य कारण)

फरवरी के महीने में ही मार्च जैसी गर्मी महसूस होने के पीछे मौसम वैज्ञानिकों ने तीन मुख्य कारण बताए हैं:

  • एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन: अरब सागर के ऊपर बने विपरीत चक्रवाती परिसंचरण के कारण शुष्क और गर्म हवाएं गुजरात की ओर आ रही हैं।
  • वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ): हालांकि उत्तर भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, लेकिन इसका असर गुजरात में ठंड लाने के बजाय बादलों की आवाजाही और उमस बढ़ाने में ज्यादा हो रहा है।
  • साफ आसमान: बादलों की कमी के कारण सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं, जिससे जमीन जल्दी गर्म हो रही है।
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3. हवामान विभाग (IMD) की भविष्यवाणी: 22 फरवरी तक का अलर्ट

हवामान विभाग के अनुसार, अभी राहत मिलने के संकेत नहीं हैं।

  • तापमान में और बढ़ोतरी: 19 से 22 फरवरी के बीच अधिकतम तापमान में 2°C से 3°C की और वृद्धि हो सकती है।
  • हीटवेव जैसी स्थिति: फरवरी के अंत तक कुछ इलाकों में पारा 36°C-37°C को पार कर सकता है।
  • मावठा (बेमौसम बारिश) की आशंका: मौसम विशेषज्ञ अंबालाल पटेल ने चेतावनी दी है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में कुछ हिस्सों में बादलों की गरज के साथ हल्की बूंदाबांदी (Mawtha) हो सकती है, जिससे उमस और बढ़ेगी।

4. ‘डबल सीजन’ का खतरा: सेहत पर भारी

गुजरात में इस समय ‘डबल सीजन’ चल रहा है। सुबह और रात को हल्की ठंड होती है, जबकि दोपहर में पसीने छुड़ाने वाली गर्मी। यह मौसम बीमारियों के लिए सबसे अनुकूल होता है।

प्रमुख समस्याएं:

  • वायरल फीवर और इन्फ्लुएंजा: तापमान में अचानक बदलाव से शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होती है।
  • डिहाइड्रेशन: दोपहर में पसीना आने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
  • शिशुओं और बुजुर्गों के लिए खतरा: अचानक बढ़ती गर्मी उनके लिए हानिकारक हो सकती है।

5. बचाव के उपाय: कैसे रहें सुरक्षित?

बढ़ते पारे और बदलती ऋतु के बीच ये सावधानियां आपके लिए जरूरी हैं:

  1. पानी का खूब सेवन: भले ही प्यास न लगे, लेकिन दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। नींबू पानी या छाछ (Chhas) बेहतरीन विकल्प हैं।
  2. सही कपड़ों का चुनाव: अब ऊनी कपड़ों को अलविदा कहने और सूती (Cotton) कपड़ों को अपनाने का समय आ गया है।
  3. धूप से बचाव: दोपहर 12 से 4 के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। अगर निकलना जरूरी हो, तो टोपी या छाते का इस्तेमाल करें।
  4. ठंडा-गर्म एक साथ न लें: धूप से आकर तुरंत फ्रिज का ठंडा पानी पीना या एसी में बैठना गले के संक्रमण का कारण बन सकता है।
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6. किसानों के लिए सलाह: रबी फसलों का ध्यान रखें

तापमान में यह अचानक वृद्धि रबी फसलों, विशेषकर गेहूं (Wheat) और जीरा (Cumin) के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

  • गरम हवाओं के कारण दाने समय से पहले पक सकते हैं या सूख सकते हैं।
  • किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करें।

उनालो की जल्दी एंट्री

गुजरात में गर्मी की दस्तक ने साफ कर दिया है कि इस साल उनालो (Summer) लंबा और कड़ा होने वाला है। फरवरी में 35°C का आंकड़ा पार होना जलवायु परिवर्तन की एक गंभीर चेतावनी भी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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