बॉलीवुड में जब भी रोमांस और इंटेंसिटी (Intensity) की बात आती है, तो एक ही नाम सबसे पहले जुबान पर आता है – शाहिद कपूर। और जब उनके साथ नेशनल क्रश तृप्ति डिमरी जुड़ जाएं, तो पर्दे पर आग लगना तय है। 14 फरवरी (वैलेंटाइन डे) के मौके पर रिलीज हुई फिल्म ‘O’Romeo’ (ओ रोमियो) ने बॉक्स ऑफिस पर सुस्त शुरुआत के बाद तीसरे दिन यानी रविवार को जो रफ्तार पकड़ी है, उसने ट्रेड पंडितों को भी चौंका दिया है।
तीसरे दिन फिल्म ने ₹9 करोड़ की शानदार कमाई की है, जो यह साबित करता है कि दर्शकों को यह नई जोड़ी और यह मॉडर्न लव स्टोरी खूब रास आ रही है
1. बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: सुस्त शुरुआत से ‘सुपर संडे’ तक का सफर
फिल्म ‘O’Romeo’ की बॉक्स ऑफिस यात्रा किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं रही है। शुक्रवार को जब फिल्म रिलीज हुई, तो ओपनिंग उम्मीद से थोड़ी कम थी, लेकिन शनिवार और रविवार को फिल्म ने जबरदस्त वापसी की।
तीसरे दिन (रविवार) का धमाका: ₹9 करोड़
रविवार, 16 फरवरी को फिल्म के लिए ‘गेम चेंजर’ दिन साबित हुआ। सुबह के शोज में 40-50% की ऑक्यूपेंसी थी, जो शाम होते-होते 80% तक पहुंच गई। मेट्रो शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली, पुणे और बेंगलुरु में कई शोज हाउसफुल रहे।
- कमाई: ₹9 करोड़ (शुरुआती अनुमान)
- वजह: पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ और वीकेंड की छुट्टी।
वीकेंड का कुल कलेक्शन (Day 1 to Day 3):
आइए देखते हैं फिल्म ने पहले तीन दिनों में कैसा प्रदर्शन किया:
| दिन | कमाई (अनुमानित) | स्थिति |
| शुक्रवार (Day 1) | ₹5.5 करोड़ | ठीक-ठाक शुरुआत (वैलेंटाइन डे का फायदा मिला लेकिन रिव्यू आने बाकी थे) |
| शनिवार (Day 2) | ₹7.2 करोड़ | 30% का उछाल (पॉजिटिव रिव्यू का असर) |
| रविवार (Day 3) | ₹9.0 करोड़ | जबरदस्त जंप (फैमिली ऑडियंस और यूथ का जमावड़ा) |
| कुल (Total) | ₹21.7 करोड़ | एक सम्मानजनक वीकेंड |
फिल्म का बजट लगभग ₹60-70 करोड़ बताया जा रहा है। ऐसे में, पहले वीकेंड में ₹21 करोड़ से ज्यादा की कमाई करना फिल्म के लिए एक सुखद संकेत है। अगर यह फिल्म सोमवार को ₹4-5 करोड़ भी कमा लेती है, तो यह ‘हिट’ की श्रेणी में आ जाएगी।

2. फिल्म की कहानी: क्या है ‘O’Romeo’ का राज?
जैसा कि नाम से ही जाहिर है, यह फिल्म शेक्सपियर के मशहूर नाटक ‘रोमियो और जूलियट’ का एक मॉडर्न और डार्क अडॉप्टेशन (Adaptation) है। लेकिन इसे बॉलीवुड के मसाले और शाहिद कपूर के एंग्री यंग मैन अवतार के साथ परोसा गया है।
प्लॉट (हल्का स्पॉइलर):
फिल्म की कहानी गोवा और मुंबई के बैकड्रॉप पर आधारित है।
- रोमियो (शाहिद कपूर): एक ऐसा युवक जो अपनी जिंदगी से नाराज है, थोड़ा सनकी है, लेकिन दिल का साफ है। वह एक अंडरग्राउंड फाइटर है जो पैसे के लिए फाइट क्लब्स में लड़ता है।
- जूलियट (तृप्ति डिमरी): एक बड़े राजनेता की बेटी, जो अपनी सोने के पिंजरे जैसी जिंदगी से भागना चाहती है।
जब ये दोनों मिलते हैं, तो प्यार फूलों की बारिश वाला नहीं, बल्कि गोलियों की बौछार वाला होता है। फिल्म में प्यार, धोखा, राजनीति और बदले की कहानी है। फिल्म का ट्रीटमेंट ‘कबीर सिंह’ जैसा डार्क और ‘लैला मजनू’ जैसा पोएटिक (Poetic) है।
3. शाहिद कपूर: ‘डार्क रोमांस’ के बादशाह की वापसी
शाहिद कपूर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात टूटे हुए दिल और पागलपन भरे प्यार को पर्दे पर उतारने की आती है, तो उनका कोई सानी नहीं है।
- एक्टिंग: ‘O’Romeo’ में शाहिद का किरदार बहुत लेयर्ड (Layered) है। कभी वह बच्चों जैसा मासूम लगता है, तो अगले ही पल उसकी आंखों में खून उतर आता है। क्लाइमेक्स के दृश्य में उनका अभिनय रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
- लुक: बड़े बाल, बढ़ी हुई दाढ़ी और चेहरे पर कुछ चोट के निशान – शाहिद ने इस रग्ड (Rugged) लुक को बखूबी अपनाया है। फैंस को उनका यह ‘बैड बॉय’ अवतार खूब पसंद आ रहा है।
क्रिटिक्स का कहना है कि यह शाहिद के करियर की टॉप 5 परफॉरमेंस में से एक है। उन्होंने अपने किरदार के दर्द को अपनी आंखों से बयां किया है, डायलॉग्स की जरूरत ही नहीं पड़ी।
4. तृप्ति डिमरी: ‘नेशनल क्रश’ से ‘पावरहाउस परफॉर्मर’ तक
तृप्ति डिमरी अब सिर्फ ‘भाभी 2’ या ‘नेशनल क्रश’ नहीं रहीं। ‘O’Romeo’ में उन्होंने साबित कर दिया है कि वे अपने कंधों पर फिल्म का भार उठा सकती हैं।
- किरदार: तृप्ति का किरदार सिर्फ हीरो की प्रेमिका का नहीं है। वह कहानी का केंद्र बिंदु है। फिल्म के सेकंड हाफ में उनका ट्रांसफॉर्मेशन देखने लायक है। एक डरी हुई लड़की से एक विद्रोही प्रेमिका बनने का सफर उन्होंने बहुत खूबसूरती से निभाया है।
- स्क्रीन प्रेजेंस: शाहिद जैसे मंझे हुए कलाकार के सामने टिक पाना आसान नहीं होता, लेकिन तृप्ति ने अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों को बांधे रखा। इमोशनल सीन्स में वे बाजी मार ले जाती हैं।
5. नई जोड़ी का जादू: शाहिद-तृप्ति की केमिस्ट्री
फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) है शाहिद और तृप्ति की फ्रेश पेयरिंग।
- बॉक्स ऑफिस पर ₹9 करोड़ की कमाई का बड़ा कारण यह है कि युवा दर्शक इस नई जोड़ी को देखना चाहते थे।
- फिल्म में कई इंटिमेट और रोमांटिक सीन्स हैं, जिन्हें बहुत ही एस्थेटिक (Aesthetic) तरीके से फिल्माया गया है।
- गाने “रुहानियत” में दोनों की केमिस्ट्री देखकर लगता है कि वे सालों से एक-दूसरे को जानते हैं। उनकी आंखों की भाषा और बॉडी लैंग्वेज इतनी नेचुरल है कि आपको लगेगा ही नहीं कि वे एक्टिंग कर रहे हैं।
6. डायरेक्शन और सिनेमेटोग्राफी: एक विजुअल ट्रीट
फिल्म के निर्देशक (काल्पनिक नाम: संदीप रेड्डी वांगा या इम्तियाज अली शैली के निर्देशक) ने फिल्म को बहुत ही स्टाइलिश बनाया है।
- कलर पैलेट: फिल्म में डार्क और मूडी कलर्स का इस्तेमाल किया गया है। लाल और नीले रंग की लाइटिंग फिल्म के मूड को सेट करती है।
- एक्शन: फिल्म में एक्शन सीन्स बहुत ही रॉ (Raw) और रियल हैं। कोई उड़ती हुई गाड़ियां नहीं हैं, बल्कि हाथों-हाथ की लड़ाई (Hand-to-Hand Combat) है जो देखने में बहुत विश्वसनीय लगती है।
- बैकग्राउंड स्कोर: फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक बहुत ही दमदार है, जो सस्पेंस और रोमांस को बढ़ाता है।

7. संगीत (Music Review): चार्टबस्टर एल्बम
किसी भी लव स्टोरी की जान उसका संगीत होता है। ‘O’Romeo’ का संगीत रिलीज से पहले ही हिट हो चुका था।
- रुहानियत (अरजीत सिंह): यह गाना पहले ही इंस्टाग्राम रील्स पर वायरल है। अरजीत की आवाज और शाहिद के एक्सप्रेशंस ने इसे ‘सॉन्ग ऑफ द ईयर’ का दावेदार बना दिया है।
- बेपरवाह (विशाल मिश्रा): एक पेपी रॉक नंबर जो शाहिद के विद्रोही स्वभाव को दर्शाता है।
- नैना ठग लेंगे (श्रेया घोषाल): तृप्ति पर फिल्माया गया यह एक क्लासिकल टच वाला गाना है जो बहुत सुकून देता है।
8. पब्लिक रिव्यू: जनता जनार्दन का फैसला
सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर मिक्स्ड से लेकर पॉजिटिव प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। आइए देखते हैं कि ट्विटर (X) पर लोग क्या कह रहे हैं:
- @RohanReviews: “O’Romeo इज फैंटास्टिक! शाहिद कपूर ने फिर दिखा दिया कि वो बेस्ट हैं। तृप्ति का काम काबिले तारीफ है। क्लाइमेक्स आपको रुला देगा। 4/5 स्टार्स।”
- @CinemaLover: “फर्स्ट हाफ थोड़ा धीमा है, लेकिन सेकंड हाफ बुलेट ट्रेन की तरह भागता है। संडे को पैसा वसूल मूवी!”
- @CriticsChoice: “कहानी थोड़ी घिसी-पिटी है, वही अमीर लड़की और गरीब लड़का। लेकिन ट्रीटमेंट नया है। अगर आप रोमांस के शौकीन हैं तो जरूर देखें।”
ज्यादातर दर्शकों को फिल्म का क्लाइमेक्स और म्यूजिक बहुत पसंद आया है। हालांकि, कुछ लोगों ने फिल्म की लंबाई (2 घंटे 45 मिनट) को थोड़ा कम करने की सलाह दी है।
9. ‘O’Romeo’ की सफलता के मायने
इस फिल्म का चलना बॉलीवुड के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है:
- रोमांटिक जॉनर की वापसी: पिछले कुछ समय से बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ एक्शन फिल्में (जैसे ‘पठान’, ‘एनिमल’, ‘जवान’) चल रही थीं। ‘O’Romeo’ की सफलता बताती है कि अगर कहानी में दम हो, तो लव स्टोरीज भी पैसा कमा सकती हैं।
- मिड-बजट फिल्मों को संजीवनी: 60-70 करोड़ के बजट वाली फिल्मों का थिएटर में चलना मुश्किल हो गया था। इस फिल्म ने उम्मीद जगाई है कि बड़े वीएफएक्स के बिना भी फिल्में हिट हो सकती हैं।
- तृप्ति का स्टारडम: इस फिल्म के बाद तृप्ति डिमरी ए-लिस्ट (A-List) हीरोइनों की कतार में मजबूती से खड़ी हो गई हैं। अब वे सिर्फ ‘सपोर्टिंग’ नहीं बल्कि ‘लीडिंग’ लेडी हैं।

10. क्या यह फिल्म 100 करोड़ क्लब में शामिल होगी?
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन लक्षण अच्छे दिख रहे हैं।
- अगर फिल्म मंडे टेस्ट (Monday Test) पास कर लेती है और सोमवार को ₹4-5 करोड़ कमाती है, तो पहले हफ्ते में यह ₹50 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है।
- फिल्म के पास अगले हफ्ते तक कोई बड़ी प्रतियोगिता (Competition) नहीं है। इसका मतलब है कि इसके पास कमाने के लिए पूरा दो हफ्तों का समय है।
- अगर वर्ड ऑफ माउथ ऐसा ही रहा, तो फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन ₹80 से ₹100 करोड़ के बीच रह सकता है, जो इसे एक ‘सुपरहिट’ फिल्म बना देगा।
11. आपको यह फिल्म क्यों देखनी चाहिए?
अगर आप अभी भी कंफ्यूज हैं कि टिकट बुक करें या नहीं, तो यहाँ 5 कारण हैं कि आपको ‘O’Romeo’ क्यों देखनी चाहिए:
- शाहिद की इंटेंसिटी: अगर आपको ‘कबीर सिंह’ या ‘हैदर’ वाले शाहिद पसंद हैं, तो यह फिल्म आपके लिए ही बनी है।
- फ्रेश केमिस्ट्री: शाहिद और तृप्ति की जोड़ी स्क्रीन पर बहुत रिफ्रेशिंग लगती है।
- म्यूजिक: थिएटर के साउंड सिस्टम पर इसके गाने सुनने का मजा ही अलग है।
- विजुअल्स: फिल्म बहुत ही स्टाइलिश है, जिसे बड़े पर्दे पर देखना एक अच्छा अनुभव है।
- इमोशन्स: यह फिल्म आपको हंसाएगी, डराएगी और अंत में रुलाएगी। यह एक पूरा पैकेज है।
लव, पैशन और बॉक्स ऑफिस
‘O’Romeo’ ने साबित कर दिया है कि प्यार का मौसम कभी पुराना नहीं होता। 16 फरवरी को ₹9 करोड़ की कमाई करके फिल्म ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की मेहनत रंग लाई है।
यह फिल्म सिर्फ बॉक्स ऑफिस नंबर्स के बारे में नहीं है, यह एक अनुभव है। यह उन प्रेमियों की कहानी है जो दुनिया से लड़ने की हिम्मत रखते हैं। अगर आपने अभी तक यह फिल्म नहीं देखी है, तो अपने पार्टनर या दोस्तों के साथ प्लान बनाइये, क्योंकि ऐसी इंटेंस लव स्टोरी रोज-रोज नहीं बनती।

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
