ICC vs Pakistan

जब क्रिकेट के मैदान से बड़ी जंग बोर्डरूम में लड़ी गई

नमस्कार क्रिकेट प्रेमियों! आज तारीख 11 फरवरी 2026 है। क्रिकेट के इतिहास में पिछला एक साल (2025-26) शायद खेल से ज्यादा विवादों, धमकियों और कूटनीतिक दांव-पेचों के लिए याद किया जाएगा। हम सब जानते हैं कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का आयोजन पाकिस्तान में होना था, लेकिन India vs Pakistan Match को लेकर जो सस्पेंस बना, उसने पूरी दुनिया की सांसें थाम दी थीं।

अंततः टूर्नामेंट हुआ, हाइब्रिड मॉडल (Hybrid Model) या किसी अन्य व्यवस्था के तहत मैच खेले गए, और दुनिया आगे बढ़ गई। लेकिन आज, इस पूरे घटनाक्रम पर एक बड़ा धमाका हुआ है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के एक पूर्व अध्यक्ष (पूर्व चेयरमैन) ने एक सनसनीखेज दावा किया है जिसने क्रिकेट बिरादरी में हलचल मचा दी है।

आम धारणा यह थी कि पाकिस्तान ने भारत की जिद के आगे घुटने टेक दिए और हाइब्रिड मॉडल स्वीकार कर लिया। लेकिन पूर्व पीसीबी प्रमुख का दावा इसके ठीक उलट है। उनका कहना है कि ICC vs Pakistan की उस जंग में असल में पीछे हटने वाला पाकिस्तान नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) था। उन्होंने इसे आईसीसी का U-Turn करार दिया है।

भाग 1: विवाद की जड़ – चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और भारत का इनकार

इस कहानी को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा। 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान के पास थी। यह दशकों बाद पाकिस्तान में होने वाला पहला बड़ा आईसीसी इवेंट था।

BCCI का कड़ा रुख:

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने से साफ इनकार कर दिया था। India vs Pakistan Match किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट की जान होता है, और भारत के बिना टूर्नामेंट की कल्पना करना आईसीसी के लिए एक वित्तीय दुःस्वप्न था।

PCB की जवाबी धमकी:

उस समय के पीसीबी चेयरमैन (मोहसिन नकवी या तत्कालीन प्रमुख) ने स्पष्ट कर दिया था कि अगर भारत नहीं आता, तो पाकिस्तान भी टूर्नामेंट से हट जाएगा या Hybrid Model (भारत के मैच दुबई में) स्वीकार नहीं करेगा। यह ICC vs Pakistan का सबसे बड़ा गतिरोध था।

मीडिया में यह प्रचारित किया गया कि पाकिस्तान अंततः झुक गया। लेकिन आज के दावे ने इस नैरेटिव को पलट दिया है।

भाग 2: पूर्व PCB प्रमुख का दावा – “हमने नहीं, ICC ने हाथ जोड़े”

आज एक निजी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में पूर्व पीसीबी चेयरमैन ने दावा किया कि उस समय जो कुछ भी दिखाया गया, वह केवल “फेस-सेविंग” (साख बचाने) की कवायद थी, लेकिन असल में ICC U-Turn लेने पर मजबूर हुआ था।

दावे के मुख्य बिंदु:

  1. वित्तीय ब्लैकमेल का उल्टा असर: आईसीसी को लगा था कि पाकिस्तान पैसों के लिए मान जाएगा। लेकिन पीसीबी ने “माइनस पाकिस्तान” (Minus Pakistan) फॉर्मूले का डर दिखा दिया।
  2. ब्रॉडकास्टर्स का दबाव: India vs Pakistan Match के बिना ब्रॉडकास्टर्स ने डील रद्द करने की धमकी दी थी। पूर्व प्रमुख का दावा है कि आईसीसी के पास पाकिस्तान की शर्तें मानने के अलावा कोई चारा नहीं था।
  3. गुप्त समझौता (Secret Deal): उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने हाइब्रिड मॉडल तभी स्वीकार किया जब आईसीसी ने एक ‘लिखित समझौते’ पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 2029 और 2031 के टूर्नामेंट्स के लिए पाकिस्तान को विशेष रियायतें और Extra Funding दी गई।

भाग 3: ICC vs Pakistan: पर्दे के पीछे की कहानी

जब ICC vs Pakistan का यह ड्रामा चल रहा था, तब दुबई स्थित आईसीसी मुख्यालय में क्या हो रहा था? पूर्व प्रमुख के अनुसार, आईसीसी अधिकारी घबराए हुए थे।

माइनस पाकिस्तान = टूर्नामेंट फ्लॉप:

हम अक्सर सुनते हैं कि भारत के बिना क्रिकेट नहीं चल सकता क्योंकि 80% राजस्व भारत से आता है। लेकिन Champions Trophy 2025 ने साबित किया कि पाकिस्तान के बिना भी आईसीसी इवेंट अधूरा है।

  • यदि पाकिस्तान टूर्नामेंट का बहिष्कार करता, तो मेजबान देश ही गायब हो जाता।
  • टूर्नामेंट को दक्षिण अफ्रीका या श्रीलंका शिफ्ट करने का समय नहीं था।
  • PCB Stance इतना सख्त था कि उन्होंने साफ कह दिया था कि “अगर भारत नहीं आता, तो हम 2026 टी20 वर्ल्ड कप (जो भारत में होना था) का बहिष्कार करेंगे।”

इस धमकी ने आईसीसी को बैकफुट पर धकेल दिया। पूर्व प्रमुख का कहना है कि इसी डर के कारण आईसीसी ने अपने रुख में U-Turn लिया और पाकिस्तान को मनाने के लिए झुकना पड़ा।

भाग 4: भारत का मैच – सोने का अंडा देने वाली मुर्गी

हर आईसीसी इवेंट का केंद्र बिंदु India vs Pakistan Match होता है। 2025 में भी यही स्थिति थी।

राजस्व का गणित:

आईसीसी के कुल राजस्व का एक बड़ा हिस्सा केवल इस एक मैच से आता है।

  • विज्ञापन दरें 10 गुना बढ़ जाती हैं।
  • स्टेडियम की टिकटें सेकंडों में बिक जाती हैं।
  • ग्लोबल व्यूअरशिप (Viewership) रिकॉर्ड तोड़ती है।

पूर्व पीसीबी प्रमुख का तर्क है कि जब पाकिस्तान ने धमकी दी कि वे भारत के साथ खेलने से ही मना कर देंगे, तो आईसीसी के हाथ-पांव फूल गए। आईसीसी जानता था कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है, तो वे ब्रॉडकास्टर्स को Penalty (जुर्माना) भरने में ही कंगाल हो जाएंगे। इसलिए, दुनिया को दिखाने के लिए भले ही हाइब्रिड मॉडल लागू हुआ हो, लेकिन शर्तों को पाकिस्तान ने डिक्टेट (Dictate) किया था।

भाग 5: हाइब्रिड मॉडल – जीत या समझौता?

मीडिया ने इसे पाकिस्तान की हार के रूप में पेश किया कि भारत पाकिस्तान नहीं आया और मैच दुबई/लाहौर में बंटे। लेकिन पूर्व प्रमुख का नजरिया अलग है।

क्या मिला पाकिस्तान को?

दावे के अनुसार, Hybrid Model स्वीकार करने के बदले पाकिस्तान को निम्नलिखित लाभ मिले, जिसे ICC U-Turn का सबूत माना जा रहा है:

  1. चैंपियंस ट्रॉफी की पूरी होस्टिंग फीस: भले ही कुछ मैच बाहर हुए, लेकिन पूरी होस्टिंग फीस और गेट मनी (Gate Money) का हिस्सा पाकिस्तान को मिला।
  2. भવિષ્ય की गारंटी: आईसीसी ने कथित तौर पर वादा किया है कि यदि भविष्य में भारत किसी आईसीसी इवेंट के लिए पाकिस्तान नहीं आता, तो पाकिस्तान को भी भारत में होने वाले इवेंट्स (जैसे 2026 टी20 वर्ल्ड कप, 2029 चैंपियंस ट्रॉफी) में भारत न जाने का अधिकार होगा और उसके मैच न्यूट्रल वेन्यू पर होंगे। इसे Reciprocal Hybrid Model कहा गया।
  3. वित्तीय मुआवजा: लॉजिस्टिक्स के अतिरिक्त खर्च का पूरा बोझ आईसीसी ने उठाया।

अगर यह दावा सच है, तो निश्चित रूप से यह पाकिस्तान की कूटनीतिक जीत थी, जिसे उस समय दबा दिया गया था।

भाग 6: जय शाह और BCCI की भूमिका – मौन कूटनीति

2025 में Jay Shah आईसीसी के चेयरमैन बन चुके थे। उनके कार्यकाल में यह पहला बड़ा संकट था।

  • भारतीय पक्ष का तर्क था कि BCCI Stance सुरक्षा पर आधारित था और सरकार की अनुमति के बिना वे यात्रा नहीं कर सकते थे।
  • आलोचकों का कहना है कि जय शाह ने स्थिति को ऐसे संभाला कि भारत को पाकिस्तान न जाना पड़े, और टूर्नामेंट भी रद्द न हो।

लेकिन पूर्व पीसीबी प्रमुख का कहना है कि जय शाह को भी अंततः यह स्वीकार करना पड़ा कि पाकिस्तान को टूर्नामेंट से बाहर करना संभव नहीं है। इसलिए, आईसीसी ने Pakistan Cricket Board को खुश रखने के लिए पर्दे के पीछे कई समझौते किए। यह भारत की जीत (न जाने की) तो थी, लेकिन आईसीसी संस्थागत रूप से पाकिस्तान के दबाव में झुकी।

भाग 7: 2026 का परिदृश्य – अब क्या बदल गया है?

आज 11 फरवरी 2026 को हम 2026 टी20 वर्ल्ड कप की दहलीज पर खड़े हैं, जिसकी सह-मेजबानी भारत और श्रीलंका कर रहे हैं।

  • India vs Pakistan Match का मुद्दा फिर गरम है।
  • क्या पाकिस्तान की टीम भारत आएगी?
  • पूर्व पीसीबी प्रमुख के दावे के अनुसार, 2025 में हुए समझौते के तहत पाकिस्तान के पास अब यह अधिकार है कि वह सुरक्षा कारणों का हवाला देकर भारत आने से मना कर दे और अपने मैच श्रीलंका में खेलने की मांग करे।

यदि ऐसा होता है, तो यह साबित हो जाएगा कि 2025 में ICC vs Pakistan की लड़ाई में वाकई पाकिस्तान ने एक दीर्घकालिक रणनीतिक बढ़त हासिल की थी।

भाग 8: वैश्विक मीडिया और आईसीसी की साख

इस पूरे प्रकरण ने आईसीसी की साख (Credibility) पर सवाल उठाए हैं।

  • क्या आईसीसी केवल “बिग थ्री” (भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड) का कठपुतली है?
  • या फिर पाकिस्तान ने साबित कर दिया है कि क्रिकेट की दुनिया में उसका कद इतना बड़ा है कि उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?

Champions Trophy 2025 के दौरान पश्चिमी मीडिया (इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया) ने भी दबी जुबान में स्वीकार किया था कि पाकिस्तान के बिना वर्ल्ड क्रिकेट का इकोसिस्टम (Ecosystem) ढह जाएगा। पूर्व पीसीबी प्रमुख का दावा इसी वैश्विक भावना को रेखांकित करता है।

भाग 9: हाइब्रिड मॉडल का भविष्य – क्या यह नया नॉर्मल है?

पूर्व पीसीबी चेयरमैन ने अपने बयान में यह भी कहा कि आईसीसी ने अनजाने में Hybrid Model को एक आधिकारिक पॉलिसी बना दिया है।

  • अब जब भी दो देशों के बीच राजनीतिक तनाव होगा, तो हाइब्रिड मॉडल की मांग उठेगी।
  • यह आईसीसी के लिए भविष्य में सिरदर्द बन सकता है, लेकिन पाकिस्तान के लिए यह एक सुरक्षा कवच है।

उन्होंने कहा, “हमने दुनिया को दिखा दिया कि हम झुकने वाले नहीं हैं। आईसीसी ने यू-टर्न लिया क्योंकि उन्हें पता था कि पाकिस्तान के बिना क्रिकेट का शो नहीं चल सकता।”

भाग 10: आर्थिक पक्ष – किसने कितना कमाया?

अंततः, सब कुछ पैसों पर आकर रुकता है।

  • ICC Revenue: पाकिस्तान के टूर्नामेंट में बने रहने से आईसीसी ने अपनी प्रसारण डील बचा ली।
  • PCB Revenue: दावे के मुताबिक, पाकिस्तान को हाइब्रिड मॉडल के लिए अतिरिक्त मुआवजा मिला, जिससे पीसीबी की तिजोरी भर गई।
  • BCCI: भारत को अपने रुख पर कायम रहने का मौका मिला और आर्थिक रूप से कोई नुकसान नहीं हुआ।

इस “win-win” स्थिति में, हार केवल Cricket Diplomacy की हुई, जहाँ खेल पर राजनीति हावी रही। लेकिन पूर्व प्रमुख का दावा यह स्थापित करने की कोशिश है कि पाकिस्तान “याचक” नहीं बल्कि “डिक्टेटर” की भूमिका में था।

भाग 11: प्रशंसकों की प्रतिक्रिया – भ्रम और वास्तविकता

सोशल मीडिया पर इस दावे के बाद बहस छिड़ गई है।

  • पाकिस्तानी फैंस: इसे अपनी जीत मान रहे हैं और कह रहे हैं कि पीसीबी ने भारत के अहंकार को तोड़ दिया।
  • भारतीय फैंस: इसे पीसीबी का “फेस-सेविंग प्रोपेगेंडा” बता रहे हैं और कह रहे हैं कि अंततः मैच तो पाकिस्तान के बाहर ही हुए, जो भारत चाहता था।

सच्चाई शायद इन दोनों के बीच में है। ICC vs Pakistan के इस ड्रामा में किसी की पूर्ण जीत या हार नहीं हुई, लेकिन आईसीसी की कमजोरी जरूर उजागर हो गई।

क्रिकेट के मैदान पर राजनीति का स्कोरकार्ड

अंत में, 11 फरवरी 2026 के इस खुलासे ने पुराने जख्मों को फिर हरा कर दिया है। पूर्व पीसीबी प्रमुख का यह दावा कि “ICC U-Turn” ने पाकिस्तान को बचाया, एक नई बहस को जन्म देता है।

क्या आईसीसी वाकई इतना कमजोर है कि वह एक बोर्ड के दबाव में अपनी नीतियां बदल देता है? या फिर यह क्रिकेट की आर्थिक मजबूरी है? India vs Pakistan Match का महत्व इतना अधिक है कि इसके लिए नियम, सिद्धांत और प्रोटोकॉल सब ताक पर रख दिए जाते हैं।

भવિષ્ય में 2026 टी20 वर्ल्ड कप और 2029 चैंपियंस ट्रॉफी (भारत में) के दौरान यह “गुप्त समझौता” कितना प्रभावी होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, स्कोरबोर्ड पर भले ही मैच का नतीजा कुछ भी हो, बोर्डरूम की राजनीति में पाकिस्तान ने खुद को ‘नॉट आउट’ घोषित कर दिया है।

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By Vivan Verma

विवान तेज खबरी (Tez Khabri) के समाचार रिपोर्टर हैं, जो ब्रेकिंग न्यूज़ और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करते हैं। विवान तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और तेज अपडेट के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मामलों पर नियमित लेखन करते हैं।

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