जब ‘गोर्खाली’ वीरों ने अंग्रेजों को पानी पिला दिया
क्रिकेट के मैदान पर अक्सर कहा जाता है कि “नाम बड़े और दर्शन छोटे”, लेकिन आज 8 फरवरी 2026 को T20 World Cup 2026 के मंच पर जो हुआ, उसने इस कहावत को पलट कर रख दिया। आज एक तरफ क्रिकेट के जनक और डिफेंडिंग चैंपियन इंग्लैंड (England Cricket) की टीम थी, जिसके पास दुनिया के सबसे खूंखार टी20 बल्लेबाज और तेज गेंदबाज हैं। दूसरी तरफ हिमालय की गोद से निकली नेपाल की टीम (Nepal Cricket Team) थी, जिसके पास न तो आईपीएल का अनुभव है और न ही करोड़ों की सुविधाएं।
लेकिन, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। आज के ENG vs NEP मुकाबले में दुनिया ने देखा कि कैसे एक ‘कमजोर’ मानी जाने वाली टीम ने विश्व विजेताओं के पसीने छुड़ा दिए। यह मैच महज एक खेल नहीं था, यह साहस और संसाधनों के बीच की लड़ाई थी। इंग्लैंड मैच तो जीत गया, लेकिन वह जीत किसी हार से कम नहीं थी। और नेपाल? नेपाल मैच हार गया, लेकिन उसने पूरी दुनिया का दिल जीत लिया। इसे ही कहते हैं – Dil Jeet Gayi Haar।
भाग 1: टॉस और माहौल – डेविड बनाम गोलियथ की जंग (The Atmosphere)
मैच शुरू होने से पहले ही स्टेडियम का माहौल देखने लायक था। भले ही यह मैच भारत (या श्रीलंका) में हो रहा था, लेकिन स्टैंड्स में नेपाली समर्थकों का हुजूम उमड़ा हुआ था। लाल और नीले झंडे, ढाका टोपी पहने फैंस और “नेपाल… नेपाल…” के नारे। ऐसा लग रहा था मानो काठमांडू का त्रिभुवन स्टेडियम यहाँ उतर आया हो।
टॉस का बॉस कौन?
नेपाल के कप्तान Rohit Paudel ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह एक साहसिक निर्णय था। इंग्लैंड जैसी टीम, जिसके पास जोस बटलर, फिल सॉल्ट और हैरी ब्रूक जैसे हिटर हैं, उन्हें पहले बल्लेबाजी का न्योता देना शेर के मुंह में हाथ डालने जैसा था।
कमेंटेटर्स हैरान थे। उन्हें लगा कि नेपाल दबाव में बिखर जाएगा और इंग्लैंड 200-220 का स्कोर खड़ा कर देगा। लेकिन नेपाली कप्तान की आँखों में एक अलग ही चमक थी। उन्हें अपनी स्पिन गेंदबाजी पर भरोसा था। और यहीं से शुरू हुई ENG vs NEP की वो दास्तान जो सालों तक याद रखी जाएगी।
भाग 2: इंग्लैंड की बल्लेबाजी – तूफानी शुरुआत और स्पिन का जाल (England’s Innings)
इंग्लैंड की शुरुआत वैसी ही हुई जिसकी उम्मीद थी। फिल सॉल्ट और जोस बटलर ने पहले ही ओवर में सोमपाल कामी को दो चौके जड़ दिए। लगा कि आज England Cricket टीम रिकॉर्ड तोड़ने के मूड में है। पावरप्ले के पहले 4 ओवरों में इंग्लैंड का स्कोर 45/0 था। नेपाली फैंस के चेहरे उतरने लगे थे।
नेपाल की वापसी (The Spin Web):
लेकिन फिर वह हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। नेपाल ने स्पिन आक्रमण लगाया। ललित राजबंशी और दीपेंद्र सिंह ऐरी की फिरकी ने अंग्रेजों को नचाना शुरू कर दिया।
- पहला झटका: ललित राजबंशी ने जोस बटलर को बोल्ड किया। गेंद इतनी नीची रही कि बटलर का बल्ला हवा में ही रह गया। स्टेडियम में शोर मच गया।
- दूसरा झटका: अगली ही ओवर में, गुल्सन झा ने एक शानदार कैच लपककर फिल सॉल्ट को पवेलियन भेजा।
देखते ही देखते, 60 रन पर इंग्लैंड के 3 विकेट गिर गए। जो इंग्लैंड टीम ‘बैजबॉल’ (Bazball) के लिए जानी जाती थी, वह Nepal Cricket Team के अनुशासित गेंदबाजों के सामने डिफेंसिव खेलने पर मजबूर हो गई।

भाग 3: मध्यक्रम का संघर्ष – हैरी ब्रूक बनाम नेपाली फील्डर्स
इंग्लैंड के मध्यक्रम में लियाम लिविंगस्टोन और हैरी ब्रूक जैसे दिग्गज थे। उन्हें लगा कि वे स्पिनर्स को ग्राउंड के बाहर मारेंगे। लेकिन नेपाली फील्डिंग आज एक अलग ही स्तर पर थी। Rhinos ने मैदान पर जान लगा दी थी।
- कौशल का कैच: 12वें ओवर में लिविंगस्टोन ने एक बड़ा शॉट खेला, लेकिन बाउंड्री लाइन पर कुशल भुर्तेल ने हवा में छलांग लगाकर एक अविश्वसनीय कैच पकड़ा। यह Cricket Match Analysis का सबसे महत्वपूर्ण पल था।
- रन आउट: मोईन अली एक रन चुराने के चक्कर में रोहित पौडेल के डायरेक्ट थ्रो का शिकार बने।
इंग्लैंड का स्कोर 15 ओवर में सिर्फ 105 रन था। दुनिया की नंबर 1 टी20 टीम, एक एसोसिएट नेशन के सामने 7 रन प्रति ओवर बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी। यह T20 World Cup 2026 का सबसे बड़ा उलटफेर बनने की कगार पर था।
अंत में, सैम करन के कुछ बड़े शॉट्स की बदौलत इंग्लैंड किसी तरह 20 ओवर में 148 रन तक पहुंच पाया। 149 का लक्ष्य! टी20 में यह बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन पिच धीमी थी और नेपाल के लिए यह पहाड़ जैसा था।
भाग 4: नेपाल की बल्लेबाजी – उम्मीदों का बोझ और शुरुआत (Nepal’s Chase)
जब नेपाल की टीम 149 रनों का पीछा करने उतरी, तो उनके कंधों पर सिर्फ 11 खिलाड़ियों का नहीं, बल्कि 3 करोड़ नेपाली नागरिकों की उम्मीदों का बोझ था। सामने जोफ्रा आर्चर और मार्क वुड जैसे दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज थे।
आसिफ शेख की क्लास:
नेपाल की शुरुआत खराब रही। कुशल भुर्तेल पहले ही ओवर में आउट हो गए। लेकिन आसिफ शेख ने संयम बनाए रखा। उन्होंने मार्क वुड की 150 किमी/घंटा की रफ्तार वाली गेंद पर एक शानदार कवर ड्राइव लगाया, जिसने बता दिया कि नेपाल आज लड़ने आया है, हारने नहीं।
Rohit Paudel (कप्तान) क्रीज पर आए। उन्होंने आसिफ के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों ने मिलकर 50 रनों की साझेदारी की। 10 ओवर के बाद नेपाल का स्कोर 65/2 था। मैच पूरी तरह से खुला हुआ था। इंग्लैंड के गेंदबाज नर्वस दिखने लगे थे। जोस बटलर बार-बार अपने गेंदबाजों से बात कर रहे थे। एक एसोसिएट टीम ने विश्व चैंपियंस के पसीने छुड़ा दिए थे।
भाग 5: मैच का रोमांचक मोड़ – आखिरी 5 ओवर (The Climax)
जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, रोमांच बढ़ता गया। 15 ओवर के बाद नेपाल को जीत के लिए 30 गेंदों में 45 रन चाहिए थे। हाथ में 6 विकेट थे। यह ENG vs NEP मैच का सबसे नाजुक मोड़ था।
आदिल रशीद का अनुभव:
इंग्लैंड ने अपने सबसे अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद को मोर्चे पर लगाया। रशीद ने 16वें ओवर में सिर्फ 4 रन दिए और एक विकेट लिया। अब दबाव नेपाल पर था। लेकिन 17वें ओवर में दीपेंद्र सिंह ऐरी ने सैम करन को दो गगनचुंबी छक्के जड़ दिए। स्टेडियम में “नेपाल… नेपाल…” का शोर इतना तेज था कि अंपायर्स को भी बात करने में दिक्कत हो रही थी।
समीकरण:
आखिरी 2 ओवर में 18 रन चाहिए थे। 19वां ओवर जोफ्रा आर्चर लेकर आए। आर्चर की यॉर्कर्स के सामने नेपाली बल्लेबाज बेबस दिखे। उस ओवर में सिर्फ 5 रन आए और 2 विकेट गिरे। अब आखिरी ओवर में जीत के लिए 13 रन चाहिए थे। स्ट्राइक पर थे गुल्सन झा
भाग 6: आखिरी ओवर का ड्रामा – दिल टूट गया (Heartbreak)
गेंदबाज थे रीस टॉपली। पहली गेंद – वाइड। अब 6 गेंदों में 12 रन।
- पहली गेंद: गुल्सन झा ने जोरदार प्रहार किया, गेंद हवा में… और चौका! (5 गेंदों में 8 रन)।
- दूसरी गेंद: दो रन। (4 गेंदों में 6 रन)।
- तीसरी गेंद: डॉट बॉल। (टॉपली ने शानदार यॉर्कर डाली)।
- चौथी गेंद: एक रन। (2 गेंदों में 5 रन)।
- पांचवीं गेंद: स्ट्राइक पर नए बल्लेबाज। उन्होंने बड़ा शॉट मारने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर कीपर के पास गई। विकेट! (1 गेंद में 5 रन)।
अब आखिरी गेंद पर छक्का चाहिए था मैच जीतने के लिए, और चौका चाहिए था सुपर ओवर के लिए। स्टेडियम में सन्नाटा था। टॉपली ने गेंद फेंकी… बल्लेबाज ने बल्ला घुमाया… गेंद हवा में गई… लेकिन बाउंड्री पार नहीं कर सकी। डीप मिड-विकेट पर कैच!
इंग्लैंड 4 रनों से जीत गया। नेपाल हार गया। खिलाड़ी मैदान पर गिर पड़े। रोहित पौडेल की आँखों में आंसू थे। लेकिन स्टेडियम में मौजूद हर दर्शक, चाहे वह भारतीय हो, अंग्रेज हो या नेपाली, खड़ा होकर तालियां बजा रहा था। यह तालियां इंग्लैंड की जीत के लिए नहीं, बल्कि Nepal Cricket Team के जज्बे के लिए थीं।
भाग 7: क्यों यह हार जीत से बढ़कर है? (Moral Victory)
स्कोरबोर्ड पर इंग्लैंड जीता, लेकिन असल में क्रिकेट जीता।
- संसाधनों का अंतर: इंग्लैंड के एक खिलाड़ी की आईपीएल सैलरी, पूरी नेपाल टीम के बजट से ज्यादा हो सकती है। फिर भी, मैदान पर यह अंतर नहीं दिखा।
- आत्मविश्वास: नेपाल ने दिखाया कि वे अब ‘बच्चे’ नहीं रहे। उन्होंने इंग्लैंड की आँखों में आँख डालकर बात की। Close Encounter ने साबित कर दिया कि एसोसिएट नेशंस को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
- इंग्लैंड की घबराहट: मैच के बाद जोस बटलर के चेहरे पर वो खुशी नहीं थी जो जीत के बाद होती है। उनके चेहरे पर ‘राहत’ थी। उन्होंने माना कि वे बाल-बाल बचे

भाग 8: खिलाड़ी जिन्होंने दिल जीता (Heroes of the Match)
इस ENG vs NEP मैच के असली हीरो कौन रहे?
1. रोहित पौडेल (Rohit Paudel):
नेपाली कप्तान ने न केवल बल्ले से 45 रनों की पारी खेली, बल्कि अपनी कप्तानी से भी प्रभावित किया। उन्होंने गेंदबाजों का रोटेशन बहुत समझदारी से किया। फील्डिंग सेट करते समय वे एमएस धोनी की तरह शांत दिखे।
2. दीपेंद्र सिंह ऐरी:
ऑलराउंडर दीपेंद्र ने 2 विकेट लिए और अंत में 15 गेंदों पर 28 रन बनाए। उनके वो दो छक्के इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचाने के लिए काफी थे। उन्हें ‘नेपाल का टाइगर’ कहा जा रहा है।
3. सोमपाल कामी:
अनुभवी सोमपाल ने शुरुआत में स्विंग गेंदबाजी से इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को बांधे रखा। उन्होंने अपने 4 ओवरों में सिर्फ 24 रन दिए।
भाग 9: विश्व मीडिया की प्रतिक्रिया – हर तरफ नेपाल की चर्चा
मैच खत्म होते ही सोशल मीडिया और वैश्विक मीडिया में Nepal Cricket Team छा गई।
- विराट कोहली का ट्वीट (काल्पनिक): “नेपाल ने आज जो खेला, वह अद्भुत है। क्रिकेट में जज्बा ही सब कुछ है। Rhinos पर गर्व है।”
- नासिर हुसैन (कमेंटेटर): “इंग्लैंड ने दो अंक लिए, लेकिन नेपाल ने इज्जत कमाई। यह वर्ल्ड कप का सबसे बेहतरीन मैच था।”
- बीबीसी स्पोर्ट: “इंग्लैंड सरवाइव्ड ए स्केयर (England survived a scare)। नेपाल ने दिखाया कि वे विश्व स्तर पर खेलने के हकदार हैं।”
#NepalCricket और #ENGvsNEP पूरी दुनिया में ट्रेंड कर रहा था। यह नेपाल क्रिकेट के लिए एक ‘वाटरशेड मोमेंट’ (निर्णायक क्षण) है।
भाग 10: इंग्लैंड की कमियां उजागर (England Exposed)
जीत के बावजूद, England Cricket के लिए यह मैच खतरे की घंटी है।
- स्पिन के खिलाफ कमजोरी: एशियाई पिचों पर इंग्लैंड के बल्लेबाज स्पिन के सामने फंसते हैं, यह आज फिर साबित हो गया। अगर नेपाल के स्पिनर्स उन्हें इतना परेशान कर सकते हैं, तो भारत या अफगानिस्तान के स्पिनर्स उनका क्या हाल करेंगे?
- अति-आत्मविश्वास: शायद इंग्लैंड ने नेपाल को हल्का समझ लिया था। उन्होंने अपनी प्लेइंग 11 में भी कुछ प्रयोग किए थे, जो भारी पड़े।
यह T20 World Cup 2026 इंग्लैंड के लिए आसान नहीं होने वाला है। नेपाल ने उनके कवच में छेद कर दिया है।
भाग 11: नेपाल क्रिकेट का भविष्य – यहाँ से कहाँ?
यह हार नेपाल को तोड़ेगी नहीं, बल्कि और मजबूत बनाएगी। 2014 में जब नेपाल ने पहली बार टी20 वर्ल्ड कप खेला था, तब वे सीखने आए थे। 2026 में, वे जीतने आए हैं।
मोंटी देसाई का प्रभाव:
नेपाल के कोच मोंटी देसाई ने इस टीम को ‘हैप्पी ड्रेसिंग रूम’ से ‘फाइटिंग यूनिट’ में बदल दिया है। उन्होंने खिलाड़ियों को सिखाया है कि विरोधी कौन है, इससे फर्क नहीं पड़ता। फर्क इससे पड़ता है कि आप अपनी क्षमता का कितना प्रदर्शन करते हैं।
फैंस की ताकत:
नेपाल के फैंस दुनिया के सबसे भावुक फैंस में से एक हैं। आज की हार के बाद भी वे अपनी टीम के साथ खड़े हैं। यह समर्थन ही नेपाल क्रिकेट की सबसे बड़ी शक्ति है।
भाग 12: तकनीकी विश्लेषण – कहाँ चूका नेपाल? (Tactical Analysis)
एक Cricket Match Analysis के तौर पर देखें, तो नेपाल जीत सकता था।
- अनुभव की कमी: आखिरी के ओवरों में जब जोफ्रा आर्चर यॉर्कर्स डाल रहे थे, तो नेपाली बल्लेबाज पैनिक कर गए। वे स्ट्राइक रोटेट करने के बजाय बाउंड्री मारने की कोशिश में डॉट बॉल्स खेल गए। यही अनुभव का अंतर है।
- डेथ ओवर बॉलिंग: नेपाल के गेंदबाजों ने आखिरी 3 ओवरों में 35 रन दिए। अगर वहां 5-7 रन कम दिए होते, तो लक्ष्य छोटा होता।
लेकिन, ये कमियां समय के साथ सुधरेंगी। बड़ी टीमों के साथ खेलने से ही यह अनुभव आएगा।
भाग 13: एशियाई क्रिकेट का उदय
यह मैच सिर्फ नेपाल के बारे में नहीं है। यह एशियाई क्रिकेट की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। अफगानिस्तान पहले ही बड़ी टीमों को हरा चुका है। अब नेपाल उस कतार में खड़ा है। T20 World Cup 2026 में एशियाई टीमें पश्चिमी टीमों पर भारी पड़ रही हैं। स्पिन फ्रेंडली कंडीशंस का फायदा उठाने में नेपाल ने कोई कसर नहीं छोड़ी।
हार कर जीतने वाले को ‘बाजीगर’ कहते हैं
अंत में, 8 फरवरी 2026 का यह दिन इतिहास में दर्ज हो गया। स्कोरबोर्ड कहेगा – इंग्लैंड 4 रन से जीता। लेकिन क्रिकेट का इतिहास कहेगा – नेपाल ने 4 रन से दिल जीता।
जब रोहित पौडेल अपनी टीम को लेकर मैदान से बाहर जा रहे थे, तो इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने उनसे हाथ मिलाते समय जो सम्मान दिखाया, वह बताता है कि आज Rhinos का कद कितना बढ़ गया है। यह हार नेपाल के लिए एक सबक है, एक प्रेरणा है। वे जान गए हैं कि वे इंग्लैंड को हरा सकते हैं। अगली बार जब वे आमने-सामने होंगे, तो शायद परिणाम अलग होगा।
आज की रात काठमांडू में उदासी नहीं, गर्व होना चाहिए। क्योंकि आज नेपाल ने दुनिया को बता दिया है कि क्रिकेट के नक्शे पर एक नई महाशक्ति का उदय हो रहा है।
वेल प्लेड, नेपाल! वेल प्लेड, राइनोज!
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