लाहौर में फैसला, दुनिया की नजरें
नमस्कार, क्रिकेट प्रेमियों! आज की तारीख, ०८ फरवरी २०२६, क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखी जाएगी या फिर काले अक्षरों में, इसका फैसला अगले कुछ घंटों में हो जाएगा। दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट फैंस की धड़कनें इस वक्त थमी हुई हैं। न तो कोई मैच चल रहा है, न ही कोई चौका-छक्का लग रहा है, फिर भी रोमांच अपने चरम पर है। वजह है – पाकिस्तान के ऐतिहासिक शहर Lahore में चल रही वह हाई-प्रोफाइल बैठक, जो T20 World Cup 2026 का भविष्य तय करेगी।
आज सुबह से ही गद्दाफी स्टेडियम के बाहर गहमागहमी है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन Mohsin Naqvi और अन्य अधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक कर रहा है। मुद्दा साफ है और बेहद गंभीर है – क्या पाकिस्तान की टीम T20 World Cup 2026 खेलने के लिए भारत जाएगी? या फिर हम क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा Boycott देखने वाले हैं?
जैसा कि हम जानते हैं, भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से २०२६ के टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहे हैं। लेकिन, २०२५ की Champions Trophy के दौरान भारत द्वारा पाकिस्तान न जाने के फैसले के बाद से ही पीसीबी ने बागी तेवर अपना रखे हैं। पाकिस्तान का कहना है कि अगर भारत उनकी धरती पर नहीं आ सकता, तो वे भी भारत नहीं जाएंगे। इस गतिरोध को तोड़ने के लिए ही ICC Delegation आज लाहौर पहुंचा है।

भाग 1: LIVE अपडेट्स – बैठक के अंदर से छनकर आती खबरें (Inside the Meeting)
समय: दोपहर 2:30 बजे (IST) ताजा जानकारी के अनुसार, बैठक पिछले तीन घंटों से जारी है। सूत्रों का कहना है कि माहौल काफी तनावपूर्ण है। आईसीसी चेयरमैन (जो कि अब जय शाह हैं) ने अपने विशेष दूतों को भेजा है ताकि पीसीबी को मनाया जा सके।
- पीसीबी का कड़ा रुख: पीसीबी चेयरमैन Mohsin Naqvi ने बैठक की शुरुआत में ही साफ कर दिया है कि पाकिस्तान अब और झुकने को तैयार नहीं है। उन्होंने २०२५ की Champions Trophy का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने उस समय ‘हाइब्रिड मॉडल’ स्वीकार करके खेल भावना दिखाई थी, लेकिन भारत ने उसका सम्मान नहीं किया। अब पाकिस्तान को Reciprocity (पारस्परिकता) चाहिए।
- आईसीसी का प्रस्ताव: सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी ने पीसीबी के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है। इसमें पाकिस्तान के लीग मैच भारत के बजाय श्रीलंका में करवाने की बात हो सकती है, लेकिन नॉकआउट मैच (अगर पाकिस्तान पहुंचता है) भारत में ही खेलने होंगे। क्या पीसीबी इस पर राजी होगा? यह देखना बाकी है।
- सुरक्षा का मुद्दा: पीसीबी ने भारत में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत डोजियर (Dossier) आईसीसी अधिकारियों को सौंपा है। इसमें हालिया राजनीतिक बयानों और धमकियों का हवाला दिया गया है।
भाग 2: विवाद की पृष्ठभूमि – क्यों नौबत आई बैठक की? (Background of the Conflict)
इस Pakistan-ICC Meeting की नींव आज नहीं, बल्कि एक साल पहले २०२५ में ही पड़ गई थी। आइए फ्लैशबैक में चलते हैं।
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का घाव:
पाकिस्तान के पास २०२५ की चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी थी। यह दशकों बाद पाकिस्तान में होने वाला पहला बड़ा आईसीसी इवेंट था। पीसीबी ने करोड़ों रुपये खर्च करके स्टेडियम चमकाए थे। लेकिन, टूर्नामेंट से ठीक पहले बीसीसीआई (BCCI) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पाकिस्तान जाने से साफ मना कर दिया। अंत में, आईसीसी ने बीच का रास्ता निकालते हुए Hybrid Model लागू किया। भारत ने अपने मैच दुबई में खेले, जबकि बाकी टूर्नामेंट पाकिस्तान में हुआ। फाइनल भी दुबई में शिफ्ट करना पड़ा क्योंकि भारत फाइनल में पहुंचा था। पाकिस्तान को उस वक्त भारी आर्थिक नुकसान और शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी। उसी दिन पीसीबी ने कसम खाई थी कि २०२६ के T20 World Cup में वह इसका बदला लेगा।
T20 वर्ल्ड कप 2026:
अब मेजबानी भारत (और श्रीलंका) के पास है। पीसीबी का तर्क है: “नियम सबके लिए एक होने चाहिए। अगर सुरक्षा का बहाना बनाकर भारत पाकिस्तान नहीं आता, तो हम भी भारत में सुरक्षित महसूस नहीं करते।” इसी गतिरोध (Deadlock) ने आज की इस Lahore Meeting को अनिवार्य बना दिया है। आईसीसी जानता है कि पाकिस्तान के बिना वर्ल्ड कप तो हो सकता है, लेकिन वह ‘वर्ल्ड कप’ जैसा नहीं लगेगा।
भाग 3: क्या है ‘हाइब्रिड मॉडल’ जिस पर हो रही है चर्चा? (Decoding Hybrid Model)
बैठक के एजेंडे में सबसे ऊपर जो शब्द है, वह है – Hybrid Model। लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में यह कितना व्यावहारिक है?
प्रस्तावित मॉडल:
आईसीसी का प्रस्ताव यह हो सकता है कि पाकिस्तान अपने ग्रुप स्टेज के मैच सह-मेजबान श्रीलंका (Sri Lanka) में खेले।
- फायदा: इससे पाकिस्तान को भारत नहीं जाना पड़ेगा और भारत को भी पाकिस्तान की मेजबानी करने की ‘मजबूरी’ से मुक्ति मिल जाएगी।
- नुकसान: लॉजिस्टिक्स का भारी संकट। अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचता है जो मुंबई या कोलकाता में होना है, तो क्या होगा? क्या सेमीफाइनल भी शिफ्ट किया जाएगा?
बीसीसीआई (BCCI) पहले ही साफ कर चुका है कि वह वर्ल्ड कप में Hybrid Model का समर्थन नहीं करेगा। भारत सरकार की नीति स्पष्ट है – टूर्नामेंट भारत में है, जिसे खेलना है आए, जिसे नहीं खेलना वह न आए। ऐसे में, आईसीसी के अधिकारी Mohsin Naqvi को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि बायकॉट से पाकिस्तान का ही नुकसान है।
भाग 4: आईसीसी की मजबूरी – IND vs PAK के बिना सब सूना
आप सोच रहे होंगे कि आईसीसी पाकिस्तान को मनाने के लिए Lahore तक क्यों दौड़ा चला आया? वह सीधा पाकिस्तान को बाहर क्यों नहीं कर देता? इसका जवाब है – पैसा और टीआरपी।
अर्थशास्त्र (Economics of Cricket):
- ब्रॉडकास्टर्स का दबाव: डिज्नी-स्टार, स्काई स्पोर्ट्स और अन्य बड़े ब्रॉडकास्टर्स ने आईसीसी के अधिकारों के लिए अरबों डॉलर दिए हैं। यह पैसा मुख्य रूप से India vs Pakistan मैच की वजह से दिया जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट की कुल कमाई का 40% हिस्सा सिर्फ भारत-पाक मैच से आता है।
- विज्ञापन: अगर पाकिस्तान नहीं खेलता, तो IND vs PAK मैच नहीं होगा। इसका मतलब है विज्ञापनदाताओं का भारी नुकसान। वे आईसीसी पर जुर्माना ठोक सकते हैं या डील रद्द कर सकते हैं।
- फैंस की रुचि: पाकिस्तान के बिना वर्ल्ड कप एकतरफा हो सकता है। विश्व क्रिकेट में भारत को टक्कर देने वाली कुछ ही टीमें हैं, और पाकिस्तान उनमें से एक है।
इसलिए, आईसीसी के सीईओ और चेयरमैन के लिए यह Pakistan-ICC Meeting ‘करो या मरो’ की स्थिति है। उन्हें हर हाल में पाकिस्तान की ‘हां’ चाहिए।
भाग 5: पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी का दांव (Naqvi’s Gambit)
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मौजूदा चेयरमैन Mohsin Naqvi एक सख्त प्रशासक माने जाते हैं। वह पूर्व में कार्यवाहक मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। उनका रुख रमीज राजा या नजम सेठी से अलग है।
सरकार का समर्थन:
नकवी को पाकिस्तान सरकार और सेना का पूरा समर्थन हासिल है। पाकिस्तान सरकार ने साफ कहा है कि क्रिकेट अब कूटनीति (Diplomacy) का हिस्सा है। अगर भारत सरकार क्रिकेट को राजनीति से जोड़ती है, तो पाकिस्तान भी पीछे नहीं रहेगा। आज की बैठक में नकवी के पास तीन विकल्प हैं:
- पूर्ण बहिष्कार (Complete Boycott): टीम को भारत न भेजना। यह सबसे कड़ा कदम होगा।
- शर्तों के साथ भागीदारी: लिखित आश्वासन मांगना कि भविष्य में (जैसे 2029 चैंपियंस ट्रॉफी) भारत पाकिस्तान आएगा।
- हाइब्रिड मॉडल: अपने मैच श्रीलंका या बांग्लादेश में खेलने की जिद।
सूत्रों का कहना है कि नकवी Written Guarantee (लिखित गारंटी) की मांग पर अड़े हुए हैं। वह चाहते हैं कि आईसीसी और बीसीसीआई लिखकर दें कि भविष्य में वे पाकिस्तान का दौरा करेंगे। लेकिन बीसीसीआई ऐसा कभी नहीं करेगा। यही पेंच फंसा हुआ है।
भाग 6: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) का रुख
जबकि Lahore में बैठक चल रही है, मुंबई में बीसीसीआई मुख्यालय में भी हलचल है। हालांकि बीसीसीआई अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन सूत्रों के हवाले से उनका रुख स्पष्ट है।
“नो कॉम्प्रोमाइज”:
बीसीसीआई का कहना है कि आईसीसी टूर्नामेंट्स के लिए एक ‘होस्ट एग्रीमेंट’ (Host Agreement) होता है जिस पर सभी सदस्यों ने साइन किए हैं। इसके तहत सभी टीमों को मेजबान देश में खेलने के लिए बाध्य होना पड़ता है। अगर पाकिस्तान सुरक्षा का बहाना बनाता है, तो यह निराधार है क्योंकि हाल ही में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमें भारत में सुरक्षित खेलकर गई हैं।
बीसीसीआई सचिव (और अब आईसीसी में भी प्रभावशाली) का मानना है कि पाकिस्तान ब्लैकमेलिंग की रणनीति अपना रहा है। अगर पाकिस्तान नहीं आता, तो उसकी जगह क्वालीफायर राउंड की अगली सर्वश्रेष्ठ टीम (जैसे स्कॉटलैंड या नीदरलैंड्स) को शामिल कर लिया जाएगा। भारत झुकने को तैयार नहीं है।
भाग 7: अगर पाकिस्तान नहीं आया तो क्या होगा? (Consequences of Boycott)
यह T20 World Cup LIVE ब्लॉग लिखते समय सबसे बड़ा सवाल यही है। अगर आज की बैठक बेनतीजा रहती है और पाकिस्तान बायकॉट का ऐलान कर देता है, तो इसके क्या परिणाम होंगे?
पाकिस्तान के लिए:
- प्रतिबंध (Sanctions): आईसीसी के नियमों के अनुसार, बिना किसी ठोस कारण (जैसे युद्ध) के वर्ल्ड कप का बहिष्कार करने पर टीम को सस्पेंड किया जा सकता है।
- फंडिंग रुकेगी: पीसीबी की 50% से ज्यादा कमाई आईसीसी के रेवेन्यू शेयर से होती है। अगर आईसीसी ने नल बंद कर दिया, तो पाकिस्तान क्रिकेट दिवालिया हो सकता है। पीएसएल (PSL) से इतनी कमाई नहीं होती कि बोर्ड चल सके।
- खिलाड़ियों का नुकसान: बाबर आजम, शाहीन अफरीदी जैसे सितारे एक वर्ल्ड कप मिस करना बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। इससे टीम का मनोबल टूट जाएगा।
क्रिकेट जगत के लिए:
विश्व क्रिकेट दो धड़ों में बंट सकता है। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। एशिया कप का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा।
भाग 8: बैठक में बांग्लादेश का कोण (Bangladesh Angle)
जैसा कि हमने पिछले ब्लॉग में चर्चा की थी, इस बैठक में बांग्लादेश का नाम भी उछल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पीसीबी ने एक वैकल्पिक प्रस्ताव रखा है कि अगर श्रीलंका में बारिश का मौसम है या वहां व्यवस्था नहीं हो पाती, तो पाकिस्तान अपने मैच Bangladesh में खेलने को तैयार है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भी परोक्ष रूप से इसके लिए हामी भरी है। लेकिन आईसीसी के लिए तीन देशों (भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश) में टूर्नामेंट आयोजित करना लॉजिस्टिक्स का दुःस्वप्न होगा। फिर भी, Lahore की बैठक में इस विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। इसे ‘प्लान सी’ के तौर पर रखा गया है।
भाग 9: सुरक्षा आकलन – क्या भारत सुरक्षित नहीं है? (Security Assessment)
पीसीबी का मुख्य तर्क ‘सुरक्षा’ है। उनका कहना है कि भारत में शिवसेना या अन्य दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा धमकी दी जा सकती है। आईसीसी के सुरक्षा सलाहकारों ने बैठक में एक रिपोर्ट पेश की है।
- रिपोर्ट का सार: रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में पाकिस्तानी टीम के लिए ‘प्रेसिडेंशियल लेवल’ (राष्ट्रपति स्तर) की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
- उदाहरण: 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की टीम भारत आई थी (हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, कोलकाता, बेंगलुरु)। वहां उन्हें न केवल सुरक्षा मिली, बल्कि भारतीय फैंस का प्यार भी मिला। बाबर आजम ने खुद इसकी तारीफ की थी।
आईसीसी अधिकारी इसी रिपोर्ट के आधार पर Mohsin Naqvi को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका सुरक्षा का तर्क कमजोर है।
भाग 10: फैंस की प्रतिक्रियाएं – लाहौर से दिल्ली तक (Fan Reactions)
सोशल मीडिया पर #PakVsICC और #T20WorldCup2026 टॉप ट्रेंड कर रहा है।
- पाकिस्तानी फैंस: लाहौर के बाहर खड़े फैंस बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन पर लिखा है – “No India Visit Without Respect” (बिना सम्मान के भारत नहीं जाएंगे)। वे चाहते हैं कि पीसीबी सख्त फैसला ले।
- भारतीय फैंस: भारतीय फैंस का रवैया बेपरवाह है। वे लिख रहे हैं, “आना है तो आओ, वरना जाओ।” कई फैंस तो यह भी कह रहे हैं कि पाकिस्तान के न आने से भारत के जीतने के चांस और बढ़ जाएंगे।
- तटस्थ फैंस: इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के फैंस चाहते हैं कि यह ड्रामा खत्म हो और वे India vs Pakistan का मैच देख सकें
भाग 11: क्या आईसीसी पाकिस्तान को मुआवजा देगा? (Compensation Deal)
एक अंदरूनी खबर यह भी आ रही है कि बीच का रास्ता निकालने के लिए ‘आर्थिक पैकेज’ पर बात हो रही है। अगर पाकिस्तान अपनी जिद छोड़कर भारत आने को तैयार हो जाता है, तो बदले में आईसीसी उसे:
- अतिरिक्त मैच फीस: दे सकता है।
- चैंपियंस ट्रॉफी का मुआवजा: 2025 में हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक बड़ा फंड दे सकता है।
- द्विपक्षीय सीरीज: भविष्य में न्यूट्रल वेन्यू पर भारत-पाक सीरीज कराने का वादा कर सकता है (हालांकि यह बीसीसीआई की मंजूरी के बिना संभव नहीं)।
क्या PCB पैसे के लिए अपने ‘सिद्धांतों’ से समझौता करेगा? इतिहास बताता है कि अक्सर ऐसे विवादों का अंत ‘आर्थिक समझौते’ पर ही होता है।
भाग 12: बैठक का निष्कर्ष – अभी तक की स्थिति (Current Status)
समय: दोपहर 3:45 बजे (IST) ताजा अपडेट के मुताबिक, बैठक में एक ‘टी-ब्रेक’ (Tea Break) हुआ है। आईसीसी के अधिकारी अपने मुख्यालय (दुबई) और बीसीसीआई सचिव से फोन पर बात कर रहे हैं। वहीं, Mohsin Naqvi पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से सलाह-मशविरा कर रहे हैं।
माहौल में थोड़ी नरमी के संकेत मिल रहे हैं। ऐसा लगता है कि पीसीबी ‘पूर्ण बहिष्कार’ के विकल्प से पीछे हट रहा है, लेकिन वह अभी भी अपनी शर्तों पर अड़ा है।
संभावित परिणाम जो अगले कुछ घंटों में आ सकते हैं:
- समझौता: पाकिस्तान भारत आने को तैयार, लेकिन उसके मैच कोलकाता और चेन्नई जैसे सुरक्षित वेन्यू पर ही होंगे (अहमदाबाद या मुंबई में नहीं)।
- स्थगित फैसला: पीसीबी अंतिम फैसला लेने के लिए 1 हफ्ते का समय मांग सकता है।
- प्रेस कॉन्फ्रेंस: शाम 5 बजे एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हो सकती है।
क्रिकेट को राजनीति से अलग रखने की चुनौती
जैसे-जैसे सूरज ढल रहा है, Lahore के गद्दाफी स्टेडियम की रोशनी और तेज होती जा रही है। यह रोशनी सिर्फ स्टेडियम की नहीं, बल्कि उम्मीद की भी है।
क्रिकेट का खेल सीमाओं को जोड़ने के लिए बना था, न कि दीवारें खड़ी करने के लिए। T20 World Cup 2026 सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं है, यह दक्षिण एशिया में शांति और सद्भाव का एक अवसर है।
अगर आज की Pakistan-ICC Meeting सफल होती है, तो जीत किसी बोर्ड की नहीं, बल्कि क्रिकेट की होगी। विराट कोहली और नसीम शाह का मुकाबला देखने के लिए, जसप्रीत बुमराह और बाबर आजम की टक्कर देखने के लिए दुनिया बेताब है।
हम (वडोदरा स्पोर्ट्स डेस्क) इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही बैठक खत्म होगी और कोई आधिकारिक बयान आएगा, हम आपको सबसे पहले सूचित करेंगे। तब तक के लिए, दुआ कीजिए कि विवेक की जीत हो और क्रिकेट का बल्ला राजनीति की तलवार पर भारी पड़े।
आईसीसी चेयरमैन जय शाह की भूमिका
(यह भाग पाठकों को पर्दे के पीछे की राजनीति समझने में मदद करेगा)
चूंकि अब (2026 में) Jay Shah आईसीसी के चेयरमैन हैं, इसलिए पाकिस्तान की स्थिति और भी जटिल हो गई है। पीसीबी के लिए यह स्वीकार करना मुश्किल है कि जिस व्यक्ति ने बीसीसीआई सचिव रहते हुए पाकिस्तान आने से मना किया था, अब वही आईसीसी प्रमुख के रूप में उन्हें भारत बुला रहा है।
लेकिन जय शाह के लिए भी यह लिटमस टेस्ट है। एक वैश्विक संस्था के प्रमुख के रूप में उन्हें निष्पक्ष दिखना होगा। अगर उनके कार्यकाल में वर्ल्ड कप से पाकिस्तान हटता है, तो यह उनकी लीडरशिप पर सवाल उठाएगा। इसलिए, माना जा रहा है कि जय शाह ने पीसीबी को मनाने के लिए ‘गाजर और छड़ी’ (Carrot and Stick) की नीति अपनाई है – यानी आर्थिक फायदे का लालच और प्रतिबंधों का डर।
आज की बैठक का परिणाम चाहे जो भी हो, यह तय है कि भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंध अब एक नए और निर्णायक मोड़ पर आ खड़े हुए हैं।
