क्रिकेट के महाकुंभ में ‘बायकॉट’ का बम?
क्रिकेट की दुनिया में अगर कोई मुकाबला है जो पूरी दुनिया को थामने की ताकत रखता है, तो वह है India vs Pakistan। 2026 का टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup 2026) दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। इस बार मेजबानी भारत और श्रीलंका (Co-hosts India & Sri Lanka) संयुक्त रूप से कर रहे हैं। शेड्यूल के मुताबिक, क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा मुकाबला यानी भारत बनाम पाकिस्तान मैच भारत की धरती पर खेला जाना प्रस्तावित है।
लेकिन, हमेशा की तरह, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और वहां की सरकार की तरफ से बगावती सुर उठ रहे हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के ‘हाइब्रिड मॉडल’ विवाद के बाद, अब 2026 में भी पाकिस्तान धमकी दे रहा है कि अगर सुरक्षा कारणों या राजनीतिक तनाव के चलते उन्हें भारत आने में दिक्कत हुई, तो वे India vs Pakistan मैच का बहिष्कार (Boycott) कर सकते हैं या टूर्नामेंट से ही नाम वापस ले सकते हैं।
सुनने में यह ‘राष्ट्रवाद’ का मुद्दा लग सकता है, लेकिन हकीकत में यह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए ‘आत्महत्या’ (Suicide) जैसा कदम होगा। अगर पाकिस्तान, भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरता, तो उसे न केवल 2 अंक गवाने पड़ेंगे, बल्कि उसे इतना बड़ा आर्थिक झटका लगेगा कि PCB अगले 10 साल तक उससे उबर नहीं पाएगा।
क्या ICC पाकिस्तान की धमकी से डर जाएगा? या फिर पाकिस्तान को घुटने टेकने पड़ेंगे? और सबसे बड़ा सवाल—इस एक मैच को छोड़ने की कीमत पाकिस्तान को कितने करोड़ डॉलर में चुकानी पड़ेगी?
भाग 1: T20 World Cup 2026 का फॉर्मेट और भारत-पाक मैच का महत्व
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि 2026 का वर्ल्ड कप क्यों खास है। यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका में हो रहा है। आईसीसी (ICC) के लिए यह टूर्नामेंट ‘सोने की चिड़िया’ है, और उस चिड़िया का दिल है—भारत बनाम पाकिस्तान मैच।
ब्रॉडकास्टर्स की कमाई का आधार: टीवी राइट्स खरीदने वाले चैनल (जैसे Star Sports या Disney+ Hotstar) आईसीसी को अरबों रुपये देते हैं। वे यह पैसा क्यों देते हैं? जिम्बाब्वे बनाम आयरलैंड मैच के लिए? बिल्कुल नहीं। वे पैसा लगाते हैं सिर्फ और सिर्फ भारत के मैचों के लिए, और उसमें भी ‘प्रीमियम मैच’ होता है पाकिस्तान के खिलाफ।
- एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे वर्ल्ड कप से होने वाली कुल कमाई का लगभग 30% से 40% हिस्सा अकेले भारत-पाक मैच से आता है।
- 10 सेकंड के विज्ञापन (Ad Slot) की कीमत इस मैच में 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुँच जाती है।
अगर पाकिस्तान इस मैच से हटता है, तो यह पूरा इकोसिस्टम ढह जाएगा। और इसका बिल किसके नाम फटेगा? जाहिर है, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के नाम।

भाग 2: PCB को होने वाला सीधा आर्थिक नुकसान (Direct Financial Loss)
अगर पाकिस्तान टीम भारत के खिलाफ मैच खेलने मोहाली, अहमदाबाद या किसी भी भारतीय वेन्यू पर नहीं आती है, तो उसे कई मोर्चों पर नुकसान झेलना पड़ेगा। आइए एक-एक करके समझते हैं।
1. मैच फीस और पार्टिसिपेशन फी (Participation Fee)
आईसीसी हर टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए एक निश्चित राशि देती है। इसके अलावा, हर मैच खेलने और जीतने के लिए अलग पैसा मिलता है।
- नियम: अगर कोई टीम बिना किसी ठोस कारण (जैसे युद्ध या प्राकृतिक आपदा) के मैच खेलने से मना करती है, तो आईसीसी न केवल उस मैच की फीस काट लेगा, बल्कि पूरी ‘पार्टिसिपेशन फी’ भी रोक सकता है। यह रकम $2 मिलियन से $5 मिलियन (लगभग 15-40 करोड़ रुपये) तक हो सकती है।
2. आईसीसी रेवेन्यू शेयर में कटौती (ICC Revenue Share Cut)
यह पीसीबी के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।
- वर्तमान मॉडल के अनुसार, आईसीसी अपनी कुल कमाई का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 38.5%) बीसीसीआई को देता है, जबकि पीसीबी को लगभग 5.75% मिलता है।
- पीसीबी का सालाना बजट लगभग 80-90% इसी आईसीसी फंडिंग पर निर्भर करता है।
- पेनल्टी क्लॉज: अगर पीसीबी टूर्नामेंट के मुख्य मैच (जिससे आईसीसी को सबसे ज्यादा कमाई होती है) का बहिष्कार करता है, तो आईसीसी इसे ‘कमर्शियल लॉस’ मानेगा। आईसीसी अपने नुकसान की भरपाई पीसीबी के शेयर से करेगा।
- अनुमानित नुकसान: यह कटौती $20 मिलियन से $30 मिलियन (लगभग 150-250 करोड़ रुपये) तक जा सकती है। पीसीबी, जो पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, इसे बर्दाश्त नहीं कर पाएगा।
3. ब्रॉडकास्टर्स का लीगल नोटिस (Broadcasters’ Lawsuit)
ब्रॉडकास्टर्स ने आईसीसी के साथ जो डील साइन की है, उसमें ‘भारत-पाक मैच’ की गारंटी छिपी होती है।
- अगर मैच नहीं होता, तो ब्रॉडकास्टर्स आईसीसी पर जुर्माना लगाएंगे।
- आईसीसी यह जुर्माना पीसीबी पर पास-ऑन (Pass on) कर देगा। पीसीबी को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में मुकदमों का सामना करना पड़ सकता है।
भाग 3: स्पॉन्सरशिप और ब्रांड वैल्यू का गिरना (Sponsorship Disaster)
क्रिकेट अब सिर्फ खेल नहीं, एक ब्रांड गेम है। पाकिस्तान क्रिकेट की जर्सी पर दिखने वाले लोग (Sponsors) पैसा तभी देते हैं जब उनकी टीम भारत के खिलाफ खेले।
1. ग्लोबल विजिबिलिटी: दुनिया भर के करोड़ों लोग सिर्फ भारत-पाक मैच देखते हैं। पेप्सी (Pepsi) या अन्य ब्रांड्स जो पाकिस्तान टीम को स्पॉन्सर करते हैं, वे इसी एक दिन के ‘एक्सपोज़र’ के लिए करोड़ों देते हैं।
- अगर मैच नहीं हुआ, तो स्पॉन्सर कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर देंगे।
- पीसीबी को भविष्य में स्पॉन्सर मिलना मुश्किल हो जाएगा। कोई भी कंपनी ऐसी टीम पर पैसा नहीं लगाएगी जो सबसे बड़े मंच से भाग जाए।
2. PSL पर असर: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की ब्रांड वैल्यू पहले ही आईपीएल के सामने 10% भी नहीं है। अगर पीसीबी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग (Isolate) पड़ता है, तो विदेशी खिलाड़ी पीएसएल में आना बंद कर देंगे। इससे पीसीबी की रही-सही कमाई भी खत्म हो जाएगी।
भाग 4: क्रिकेटिंग नुकसान – वर्ल्ड कप से बाहर होने का खतरा? (Points Table Impact)
पैसे से भी बड़ा नुकसान ‘क्रिकेट’ का होगा।
1. वॉकओवर (Walkover): आईसीसी नियमों के अनुसार, अगर कोई टीम मैदान पर नहीं आती, तो विरोधी टीम (भारत) को विजेता घोषित कर दिया जाएगा और उन्हें पूरे 2 अंक मिल जाएंगे।
- भारत को बिना पसीना बहाए 2 अंक मिल जाएंगे।
- पाकिस्तान का Net Run Rate (NRR) बुरी तरह प्रभावित होगा।
2. टूर्नामेंट से निष्कासन (Disqualification): अगर पीसीबी अपनी जिद पर अड़ा रहा और उसने यह ड्रामा लंबा खींचा, तो आईसीसी कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को पूरे T20 World Cup 2026 से सस्पेंड कर सकता है।
- उसकी जगह किसी और टीम (जैसे जिम्बाब्वे या स्कॉटलैंड) को मौका दिया जा सकता है।
- एक वर्ल्ड कप मिस करने का मतलब है अगले वर्ल्ड कप के लिए ‘डायरेक्ट क्वालिफिकेशन’ खो देना। पाकिस्तान क्रिकेट 10 साल पीछे चला जाएगा।

भाग 5: खिलाड़ियों का नुकसान – बाबर और शाहीन का क्या होगा?
पाकिस्तानी खिलाड़ियों की कमाई भारत या ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों की तुलना में बहुत कम है। वे मैच फीस और विदेशी लीग्स पर निर्भर हैं।
- मैच फीस: वर्ल्ड कप का मैच न खेलने पर खिलाड़ियों को मैच फीस नहीं मिलेगी।
- ICC रैंकिंग: भारत के खिलाफ परफॉरमेंस से खिलाड़ियों की रातों-रात स्टार वैल्यू बनती है (जैसे फखर ज़मां की चैंपियंस ट्रॉफी सेंचुरी)। मैच न खेलने से खिलाड़ियों का करियर ग्राफ नीचे जाएगा।
- विद्रोह का डर: अगर बोर्ड की राजनीति के कारण खिलाड़ियों की कमाई और करियर पर असर पड़ा, तो पीसीबी के अंदर ही खिलाड़ियों का विद्रोह हो सकता है।
भाग 6: भू-राजनीतिक परिणाम – दुनिया में पाकिस्तान की छवि (Global Image)
ट्रंप की वापसी और बदलती दुनिया में, क्रिकेट डिप्लोमेसी बहुत मायने रखती है।
- आइसोलेशन (Isolation): अगर पाकिस्तान भारत में खेलने से मना करता है, तो दुनिया उसे एक ‘असुरक्षित’ और ‘असहयोगी’ देश के रूप में देखेगी।
- भविष्य की मेजबानी: पाकिस्तान 2025 चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी को लेकर पहले ही संघर्ष कर चुका है। अगर 2026 में उसने नखरे दिखाए, तो आईसीसी भविष्य में पाकिस्तान को किसी भी बड़े टूर्नामेंट (World Cup/Asia Cup) की मेजबानी नहीं देगा।
- BCCI का पावर: बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर और शक्तिशाली बोर्ड है। अगर पीसीबी ने पंगा लिया, तो बीसीसीआई अन्य देशों (ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड) को भी पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने से हतोत्साहित कर सकता है।
भाग 7: क्या ‘हाइब्रिड मॉडल’ 2026 में काम करेगा?
पीसीबी की मांग हो सकती है कि उनका मैच भारत की बजाय श्रीलंका या बांग्लादेश में कराया जाए (Hybrid Model)। लेकिन 2026 में यह संभव नहीं लगता।
क्यों?
- होस्ट भारत है: 2025 में होस्ट पाकिस्तान था, इसलिए भारत ने जाने से मना किया (सुरक्षा कारणों से)। 2026 में होस्ट भारत है। भारत में सुरक्षा का कोई मुद्दा नहीं है। दुनिया की हर टीम भारत में सुरक्षित खेलती है।
- लॉजिस्टिक्स: वर्ल्ड कप के बीच में सिर्फ एक मैच के लिए पूरी टीम, ब्रॉडकास्ट क्रू और कमेंटेटर्स को दूसरे देश भेजना असंभव है।
- BCCI का रुख: जय शाह और बीसीसीआई साफ कर चुके हैं कि “टूर्नामेंट के नियम होस्ट देश तय करता है, गेस्ट नहीं।”
भाग 8: पाकिस्तान के पास क्या विकल्प हैं? (PCB’s Options)
हकीकत में, पाकिस्तान के पास बहुत कम विकल्प हैं। यह “सांप छछूंदर” वाली स्थिति है।
- विकल्प A (बायकॉट): मैच न खेलें।
- परिणाम: आर्थिक बर्बादी, आईसीसी से प्रतिबंध, फैंस का गुस्सा।
- विकल्प B (चुपचाप खेलना): सरकार के विरोध के बावजूद टीम भेजें।
- परिणाम: घरेलू राजनीति में आलोचना, लेकिन पैसा और क्रिकेट बचेगा।
- विकल्प C (न्यूट्रल वेन्यू की भीख):
- परिणाम: आईसीसी द्वारा खारिज किए जाने की 99% संभावना।
इतिहास गवाह है (2016 वर्ल्ड कप, 2023 वर्ल्ड कप) कि तमाम धमकियों के बावजूद पाकिस्तान आखिर में भारत खेलने आया ही है। क्यों? क्योंकि “Money Talks”।
भाग 9: प्रशंसकों का नजरिया – दिल टूटेगा या रिकॉर्ड?
भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों के फैंस इस मैच का साल भर इंतजार करते हैं।
- भारतीय फैंस: वे इसे पाकिस्तान के डर के रूप में देखेंगे। सोशल मीडिया पर “भगोड़ा पाकिस्तान” जैसे ट्रेंड चलेंगे।
- पाकिस्तानी फैंस: वहां की जनता क्रिकेट को धर्म मानती है। अगर उनकी टीम सबसे बड़े दुश्मन के खिलाफ लड़े बिना हार मान लेती है, तो वे पीसीबी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे। फैंस अपनी टीम को हारते हुए देख सकते हैं, लेकिन मैदान छोड़कर भागते हुए नहीं।
पीसीबी के लिए ‘चेकमेट’ वाली स्थिति
अंत में, T20 World Cup 2026 में भारत के खिलाफ मैच से हटने की धमकी पीसीबी का एक ‘कोरा कागज’ वाला शेर है। वे जानते हैं कि वे ऐसा कर नहीं सकते।
बीसीसीआई और आईसीसी ने पाकिस्तान को ‘चेकमेट’ (Checkmate) कर दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट की अर्थव्यवस्था आईसीसी की ड्रिप पर चल रही है, और उस ड्रिप का रेगुलेटर भारत के पास है।
अगर पाकिस्तान भावना में बहकर मैच से हटता है, तो उसे लगभग 300-400 करोड़ रुपये (भारतीय मुद्रा में) का सीधा नुकसान होगा, और ब्रांड वैल्यू का नुकसान अलग। एक दिवालिया होने की कगार पर खड़े बोर्ड के लिए यह जोखिम उठाना नामुमकिन है।
इसलिए, 2026 में आप आश्वस्त रह सकते हैं—चाहे कितनी भी बयानबाजी हो, जब टॉस का सिक्का उछलेगा, तो बाबर आजम (या जो भी कप्तान हो) भारतीय कप्तान के साथ मैदान पर खड़े नजर आएंगे। क्योंकि क्रिकेट में रन से ज्यादा अब ‘रेवेन्यू’ बोलता है।
क्रिकेट अमर रहे!
