Mardaani 3

जब ‘ढाई किलो का हाथ’ और ‘शक्ति’ आपस में टकराए

भारतीय बॉक्स ऑफिस के इतिहास में कुछ तारीखें सुनहरे अक्षरों में लिखी जाती हैं। 1 फरवरी 2026 का वीकेंड (जो गणतंत्र दिवस के बाद का पहला बड़ा वीकेंड है) भी कुछ ऐसा ही साबित हुआ है। सिनेमाघरों में दो अलग-अलग दुनिया, दो अलग-अलग विचारधाराएं और दो सुपरस्टार्स आमने-सामने थे। एक तरफ सनी देओल (Sunny Deol) की देशभक्ति की हुंकार से सजी ‘Border 2’ थी, तो दूसरी तरफ रानी मुखर्जी (Rani Mukerji) की निडरता और साहस की कहानी कहती ‘Mardaani 3’

ट्रेड पंडितों ने भविष्यवाणी की थी कि ‘बॉर्डर 2’ की सुनामी में दूसरी फिल्में बह जाएंगी। और हुआ भी कुछ ऐसा ही—सनी पाजी की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर आग लगा दी है। लेकिन, इस शोर-शराबे और देशभक्ति के ज्वार के बीच, एक लेडी कॉप खामोशी से अपना काम कर गई।

रानी मुखर्जी की Mardaani 3 न केवल ‘बॉर्डर 2’ के तूफान के सामने मजबूती से खड़ी रही, बल्कि उसने रानी मुखर्जी के करियर की Best Solo Opening का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। यह क्लैश ‘डेविड बनाम गोलियत’ (David vs Goliath) की तरह देखा जा रहा था, लेकिन नतीजे बताते हैं कि भारतीय दर्शक अब अच्छे कंटेंट के लिए अपनी जेब ढीली करने को तैयार हैं, चाहे सामने कितनी भी बड़ी फिल्म क्यों न हो।

भाग 1: महा-क्लैश का माहौल – स्क्रीन्स का युद्ध (The Battle of Screens)

शुक्रवार की सुबह जब सिनेमाघरों के शटर खुले, तो नजारा देखने लायक था। सिंगल स्क्रीन्स के बाहर ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लग रहे थे, तो मल्टीप्लेक्स के बाहर युवतियों और परिवारों की कतारें ‘मर्दानी’ देखने के लिए खड़ी थीं।

स्क्रीन्स का गणित:

  • Border 2: सनी देओल की फिल्म को भारत भर में लगभग 4500+ स्क्रीन्स मिलीं। इसका टारगेट ऑडियंस मास सेंटर्स, छोटे शहर और सिंगल स्क्रीन थे।
  • Mardaani 3: रानी मुखर्जी की फिल्म को लगभग 2000-2200 स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया। इसका फोकस मेट्रो सिटीज और प्रीमियम मल्टीप्लेक्स पर था।

आमतौर पर, जब कोई इतनी बड़ी मास फिल्म (बॉर्डर 2) आती है, तो दूसरी फिल्मों को स्क्रीन्स मिलना मुश्किल हो जाता है। लेकिन यश राज फिल्म्स (YRF) की डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति और ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी की साख ने सुनिश्चित किया कि रानी को सम्मानजनक शोज मिलें।

 Mardaani 3

भाग 2: Border 2 का तूफान – सनी देओल की दहाड़ (Border 2 Collections)

सबसे पहले बात करते हैं उस फिल्म की जिसने बॉक्स ऑफिस को हिलाकर रख दिया है। 1997 की कल्ट क्लासिक ‘बॉर्डर’ का सीक्वल 29 साल बाद आया है, और सनी देओल का क्रेज ‘गदर 2’ के बाद सातवें आसमान पर है।

Day 1 Collection (अनुमानित): ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, Border 2 ने पहले दिन भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ₹55 – ₹60 करोड़ (नेट) की बंपर ओपनिंग ली है।

  • यह 2026 की अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग है।
  • सिंगल स्क्रीन्स में ऑक्यूपेंसी (Occupancy) 90% से 100% रही।
  • फिल्म में 1971 के युद्ध की आगे की कहानी और सनी देओल के किरदार (मेजर कुलदीप सिंह) की वापसी ने दर्शकों में नॉस्टेल्जिया भर दिया।

फिल्म में ‘सन्देशे आते हैं’ का नया वर्जन और भारी-भरकम युद्ध दृश्यों ने दर्शकों को सीट से उठने नहीं दिया। यह फिल्म नहीं, एक इमोशन बन गई है।

भाग 3: Mardaani 3 का पलटवार – रानी का रिकॉर्ड (Mardaani 3 Collections)

अब आते हैं असली खबर पर। ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्म के सामने किसी भी दूसरी फिल्म का टिकना मुश्किल माना जा रहा था। ट्रेड एनालिस्ट कह रहे थे कि ‘मर्दानी 3’ दब जाएगी। लेकिन शिवानी शिवाजी रॉय (रानी का किरदार) ने सबको गलत साबित कर दिया।

Day 1 Collection (अनुमानित): रानी मुखर्जी की Mardaani 3 ने पहले दिन ₹11.5 – ₹12.5 करोड़ की शानदार ओपनिंग लेकर सबको चौंका दिया है।

  • यह रानी मुखर्जी की किसी भी सोलो फिल्म (जहाँ वह अकेली लीड हैं) की अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग है।
  • इसने Mardaani 2 (₹3.80 करोड़) और Hichki (₹3.30 करोड़) के पहले दिन के कलेक्शन को मीलों पीछे छोड़ दिया है।
  • यहां तक कि यह Mrs. Chatterjee vs Norway के लाइफटाइम कलेक्शन के एक बड़े हिस्से के बराबर है।

यह बड़ी बात क्यों है? एक फीमेल-लेड फिल्म (Female-led Movie), वह भी एक नॉन-हॉलिडे रिलीज (क्योंकि सारी छुट्टियां बॉर्डर 2 ने घेर ली थीं) और इतनी बड़ी एक्शन फिल्म के सामने डबल डिजिट (10 करोड़+) की ओपनिंग लेना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

भाग 4: क्यों चली ‘मर्दानी 3’? – सफलता के 5 कारण (Why it Worked)

आखिर वो क्या वजह थी कि सनी देओल के हथौड़े के सामने रानी की लाठी नहीं टूटी? आइए विश्लेषण करते हैं।

1. फ्रेंचाइजी की ताकत (Brand Value):

‘मर्दानी’ अब एक भरोसा बन चुका है। दर्शकों को पता है कि अगर फिल्म का नाम ‘मर्दानी’ है, तो उसमें फालतू का ड्रामा नहीं होगा, बल्कि रोंगटे खड़े कर देने वाला क्राइम-थ्रिलर होगा। ‘मर्दानी 1’ में ह्यूमन ट्रैफिकिंग और ‘मर्दानी 2’ में रेप-मर्डर के मुद्दे को जिस संवेदनशीलता और क्रूरता से दिखाया गया था, उसने एक लॉयल फैनबेस तैयार किया है।

 Mardaani 3

2. काउंटर प्रोग्रामिंग (Counter Programming):

यह बॉक्स ऑफिस का एक नियम है। जब एक बहुत बड़ी मास एक्शन फिल्म (बॉर्डर 2) लगती है, तो एक वर्ग ऐसा होता है जो उस शोर-शराबे से दूर कुछ इंटेंस और रियलिस्टिक देखना चाहता है। ‘मर्दानी 3’ ने उस ‘स्मार्ट ऑडियंस’ को टारगेट किया। जो लोग युद्ध नहीं देखना चाहते थे, वे रानी की फिल्म देखने गए।

3. विलेन का खौफ (The Villain Factor):

मर्दानी फ्रेंचाइजी अपने विलेन के लिए जानी जाती है। इस बार मेकर्स ने जिस ‘साइको किलर’ को पेश किया है, उसकी चर्चा ट्रेलर के बाद से ही शुरू हो गई थी। युवा दर्शकों में यह जानने की उत्सुकता थी कि इस बार शिवानी शिवाजी रॉय का सामना किससे है।

4. रानी मुखर्जी का अभिनय (Powerhouse Performance):

रानी मुखर्जी शायद बॉलीवुड की एकमात्र ऐसी अभिनेत्री हैं जो अपनी आंखों से अभिनय करती हैं। एसपी शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में उनका नो- nonsense अवतार महिलाओं को बहुत पसंद आता है। 2026 में भी, उनका स्टारडम फीका नहीं पड़ा है।

5. वर्ड ऑफ माउथ (Word of Mouth):

सुबह के शोज के बाद ही सोशल मीडिया पर #Mardaani3 ट्रेंड करने लगा। क्रिटिक्स ने इसे “फ्रेंचाइजी की सबसे डार्क और ग्रिपिंग फिल्म” बताया। पॉजिटिव रिव्यूज़ ने शाम के शोज में भीड़ बढ़ा दी।

भाग 5: रानी मुखर्जी – बॉक्स ऑफिस की असली ‘मर्दानी’

रानी मुखर्जी के करियर ग्राफ को देखें, तो यह अविश्वसनीय है। एक दौर था जब लोग कहते थे कि शादी और बच्चे के बाद एक्ट्रेस का करियर खत्म हो जाता है। लेकिन रानी ने इस मिथक को तोड़ दिया है।

  • सोलो हिट मशीन: ‘हिचकी’, ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ और अब ‘मर्दानी 3’। रानी को हिट कराने के लिए किसी हीरो की जरूरत नहीं है।
  • Mardaani 3 vs Mardaani 2: ‘मर्दानी 2’ ने लाइफटाइम लगभग 47 करोड़ का बिजनेस किया था। जिस तरह से ‘मर्दानी 3’ ने ओपनिंग ली है, अनुमान है कि यह पहले हफ्ते में ही उस आंकड़े को पार कर जाएगी और 100 करोड़ क्लब (100 Crore Club) की तरफ बढ़ सकती है।
 Mardaani 3

इस ओपनिंग ने साबित कर दिया है कि रानी मुखर्जी अभी भी बॉक्स ऑफिस पर ‘क्राउड-पुलर’ हैं।

भाग 6: सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ – नॉस्टेल्जिया की जीत

दूसरी तरफ, सनी देओल ने साबित कर दिया है कि वह बॉक्स ऑफिस के ‘बाहुबली’ हैं। ‘गदर 2’ की सफलता तुक्का नहीं थी।

  • मास हिस्टीरिया: बिहार, यूपी, पंजाब और राजस्थान में ‘बॉर्डर 2’ के शोज हाउसफुल चल रहे हैं। कई जगहों पर एक्स्ट्रा कुर्सियां लगानी पड़ीं।
  • मल्टी-स्टारर: हालांकि यह सनी देओल की फिल्म है, लेकिन इसमें आयुष्मान खुराना और अहान शेट्टी जैसे युवा सितारों को जोड़ने का फैसला सही साबित हुआ, जिससे युवा वर्ग भी फिल्म से जुड़ा।

भाग 7: क्या दोनों फिल्में साथ चल सकती हैं? (Can they Co-exist?)

अक्सर देखा गया है कि क्लैश में एक फिल्म मर जाती है। जैसे ‘सालार’ के सामने ‘डंकी’ को संघर्ष करना पड़ा था या ‘एनिमल’ के सामने ‘सैम बहादुर’ को। लेकिन Border 2 vs Mardaani 3 का मामला अलग है।

  • अलग जॉनर: एक वॉर-ड्रामा है, दूसरी क्राइम-थ्रिलर।
  • अलग ऑडियंस: बॉर्डर 2 परिवारों और मास के लिए है; मर्दानी 3 युवाओं और महिलाओं के लिए है।
  • इतिहास गवाह है: याद कीजिए जब ‘गदर’ और ‘लगान’ एक साथ रिलीज हुई थीं। दोनों ब्लॉकबस्टर रहीं। ट्रेड पंडितों का मानना है कि ‘बॉर्डर 2’ और ‘मर्दानी 3’ 2026 की ‘गदर-लगान’ साबित हो सकती हैं।

भाग 8: यश राज फिल्म्स (YRF) की रणनीति

YRF ने बहुत बड़ा जुआ खेला था। अपनी ही फिल्म को सनी देओल की सुनामी के सामने उतारना जोखिम भरा था।

  • मार्केटिंग: YRF ने ‘मर्दानी 3’ का प्रमोशन बहुत नपा-तुला किया। उन्होंने ज्यादा शोर नहीं मचाया, बस ट्रेलर और कंटेंट पर भरोसा रखा।
  • बजट कंट्रोल: ‘मर्दानी 3’ का बजट ‘बॉर्डर 2’ के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए, 12 करोड़ की ओपनिंग के साथ यह फिल्म पहले दिन ही सेफ जोन में आ गई है। अब जो भी आएगा, वह मुनाफा है।

भाग 9: सोशल मीडिया रिएक्शन – फैंस बंटे दो खेमों में

ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर युद्ध छिड़ा हुआ है।

  • Team Sunny: “सनी पाजी की दहाड़ से बॉक्स ऑफिस हिल गया। बॉर्डर 2 ने इतिहास रच दिया!”
  • Team Rani: “भीड़ का हिस्सा बनना आसान है, लेकिन शेरनी अकेले आती है। मर्दानी 3 मास्टरपीस है!”

इंटरेस्टिंग बात यह है कि बहुत से लोग Double Bill (एक ही दिन में दोनों फिल्में) देख रहे हैं। सुबह ‘बॉर्डर 2’ और शाम को ‘मर्दानी 3’। यह सिनेमा प्रेमियों के लिए ईद और दिवाली एक साथ होने जैसा है।

भाग 10: क्रिटिक्स की राय (Critics Reviews)

आइए देखते हैं कि भारत के शीर्ष फिल्म समीक्षकों ने क्या कहा:

  • तरण आदर्श (काल्पनिक): “BLOCKBUSTER WEEKEND! #Border2 धरती हिला देने वाली है, लेकिन असली सरप्राइज #Mardaani3 है। रानी मुखर्जी अजेय हैं। उनकी परफॉरमेंस रोंगटे खड़े कर देती है। रेटिंग: ⭐️⭐️⭐️⭐️ (Mardaani 3)”
  • कोमल नाहटा: “रानी ने फिर कर दिखाया। क्लेश के बावजूद इतनी बड़ी ओपनिंग साबित करती है कि कंटेंट ही किंग (या क्वीन) है।”

भाग 11: बॉक्स ऑफिस भविष्यवाणी – लाइफटाइम कलेक्शन (Lifetime Prediction)

पहले दिन के रुझानों को देखते हुए, हम भविष्य का अनुमान लगा सकते हैं:

Border 2:

  • वीकेंड: ₹180 – ₹200 करोड़
  • लाइफटाइम: ₹500 – ₹600 करोड़
  • वर्डिक्ट: ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर

Mardaani 3:

  • वीकेंड: ₹40 – ₹50 करोड़
  • लाइफटाइम: ₹120 – ₹150 करोड़
  • वर्डिक्ट: सुपरहिट

अगर ‘मर्दानी 3’ 150 करोड़ का आंकड़ा छू लेती है, तो यह महिला प्रधान फिल्मों के लिए एक नया बेंचमार्क सेट करेगी।

भाग 12: बॉलीवुड के लिए राहत की सांस

2025 का साल बॉलीवुड के लिए मिला-जुला रहा था। लेकिन 2026 की शुरुआत में ही दो बड़ी हिट्स मिलना इंडस्ट्री के लिए संजीवनी बूटी है।

  • यह साबित करता है कि दर्शक सिनेमाघरों में वापस आ गए हैं।
  • यह भी साबित करता है कि Star Power अभी खत्म नहीं हुई है। चाहे वह 60 पार कर चुके सनी देओल हों या 40 पार कर चुकीं रानी मुखर्जी—पुराने चावल ही सबसे ज्यादा खुशबू दे रहे हैं।

रानी की जीत, सिनेमा की जीत

अंत में, Box Office Clash की हेडलाइन्स में अक्सर बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है। लेकिन ‘मर्दानी 3’ ने एक नई कहानी लिखी है। यह कहानी है अस्तित्व बचाने की, अपनी जगह बनाने की।

रानी मुखर्जी ने साबित कर दिया है कि अगर फिल्म में दम हो, तो उसे किसी त्योहार या खाली तारीख की जरूरत नहीं होती। ‘बॉर्डर 2’ की सफलता अपेक्षित थी, लेकिन ‘मर्दानी 3’ की सफलता प्रेरणादायक है।

शिवानी शिवाजी रॉय ने न केवल फिल्म में गुंडों को हराया है, बल्कि बॉक्स ऑफिस के डर को भी हरा दिया है।

सिनेमा जिंदाबाद!

By Vivan Verma

विवान तेज खबरी (Tez Khabri) के समाचार रिपोर्टर हैं, जो ब्रेकिंग न्यूज़ और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करते हैं। विवान तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और तेज अपडेट के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मामलों पर नियमित लेखन करते हैं।

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