विकसित भारत की नींव और रिकॉर्ड 9वां बजट
आज का दिन भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। 1 फरवरी 2026 को, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने संसद में अपना लगातार 9वां बजट पेश करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल का यह बजट न केवल अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा तय करेगा, बल्कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के सपने को साकार करने के लिए एक मजबूत रोडमैप भी तैयार करेगा।
इस Union Budget 2026 की सबसे खास बात यह रही कि इसमें सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ-साथ भविष्य की तकनीक, ग्रीन एनर्जी और मिडिल क्लास की जेब का खास ख्याल रखा है। जहां एक तरफ वैश्विक मंदी की आहट है, वहीं दूसरी तरफ भारत Fastest Growing Economy बनकर उभरा है।
क्या इनकम टैक्स में मिली राहत? क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ? किसानों और युवाओं के लिए क्या खास है? और शेयर बाजार (Stock Market) ने इस बजट को कैसे सलाम किया?
भाग 1: बजट 2026 की 10 बड़ी बातें (Key Highlights at a Glance)
अगर आपके पास पूरा ब्लॉग पढ़ने का समय नहीं है, तो यहाँ जानिए बजट की 10 सबसे बड़ी घोषणाएं:
- इनकम टैक्स: मध्यम वर्ग के लिए New Tax Regime के तहत टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई गई।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: पूंजीगत व्यय (Capex) में 12% की बढ़ोतरी, सड़कों और रेलवे का कायाकल्प।
- रेलवे: 400 नई Vande Bharat Trains और ‘वंदे मेट्रो’ का विस्तार।
- कृषि: किसानों के लिए MSP Guarantee को मजबूत करने और डिजिटल एग्री-स्टैक की घोषणा।
- महिला सम्मान: ‘लखपति दीदी’ योजना का लक्ष्य बढ़ाकर 4 करोड़ किया गया।
- युवा शक्ति: Skill India 3.0 के तहत AI और कोडिंग की ट्रेनिंग पर जोर।
- ग्रीन एनर्जी: सोलर रूफटॉप योजना के तहत 1.5 करोड़ घरों को मुफ्त बिजली।
- स्वास्थ्य: आयुष्मान भारत का दायरा बढ़ा, आशा वर्कर्स को भी कवर मिला।
- डिफेंस: रक्षा बजट में आधुनिकीकरण और Deep Tech के लिए बड़ा आवंटन।
- फिस्कल डेफिसिट: राजकोषीय घाटे को 4.5% से नीचे लाने का लक्ष्य।
भाग 2: इनकम टैक्स – मिडिल क्लास को मिली संजीवनी? (Income Tax Slabs 2026)
हर बजट में आम आदमी की निगाहें सिर्फ एक जगह टिकी होती हैं – ‘इनकम टैक्स’। और इस बार वित्त मंत्री ने निराश नहीं किया है।
New Tax Regime में बड़े बदलाव: सरकार का पूरा जोर अब नई टैक्स व्यवस्था पर है। इसे और अधिक आकर्षक (Attractive) बनाने के लिए बड़े एलान किए गए हैं।
- Basic Exemption Limit: पहले जो सीमा 3 लाख थी, उसे बढ़ाकर अब ₹4 Lakh (अनुमानित) कर दिया गया है।
- Standard Deduction: वेतनभोगी कर्मचारियों (Salaried Class) के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है।
- Rebate u/s 87A: अब 7.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा (रिबेट के बाद)। इसका मतलब है कि मध्यम वर्ग की जेब में अब ज्यादा पैसा (Disposable Income) बचेगा।
Old Tax Regime: पुरानी टैक्स व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह साफ संकेत है कि सरकार चाहती है कि करदाता धीरे-धीरे नई व्यवस्था की ओर शिफ्ट हो जाएं।

भाग 3: अर्थव्यवस्था को $7 ट्रिलियन बनाने का रोडमैप (Economy & Fiscal Deficit)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में साफ कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है।
- Fiscal Deficit Target: सरकार ने वित्तीय अनुशासन (Fiscal Discipline) बनाए रखा है। 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य GDP का 4.5% रखा गया है। यह विदेशी निवेशकों के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है।
- GDP Growth: भारत की विकास दर 7% से ऊपर बनी रहने का अनुमान है, जो दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है।
- Capex Push: सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च जारी रखने का फैसला किया है। इससे सीमेंट, स्टील और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
भाग 4: रेलवे बजट – 2026 की रफ़्तार (Railway Budget)
रेलवे अब भारत की लाइफलाइन ही नहीं, बल्कि आधुनिकता का प्रतीक बन रहा है।
1. वंदे भारत और अमृत भारत: यात्रियों की सुविधा के लिए Vande Bharat Express की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ, आम आदमी के लिए ‘अमृत भारत’ ट्रेनों का नेटवर्क भी फैलाया जाएगा।
2. रेलवे सुरक्षा (Kavach System): सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि अगले 2 वर्षों में 20,000 किलोमीटर के रेल नेटवर्क को Kavach System (एंटी-कोलिजन टेक्नोलॉजी) से लैस किया जाएगा।
3. इकोनॉमिक कॉरिडोर: माल ढुलाई को सस्ता और तेज बनाने के लिए तीन प्रमुख रेलवे कॉरिडोर (Railway Corridors) – ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर – का निर्माण तेजी से पूरा किया जाएगा।
भाग 5: अन्नदाता के लिए खजाना (Agriculture Sector)
“जय जवान, जय किसान” के नारे को आगे बढ़ाते हुए, बजट 2026 में खेती-किसानी पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- PM-KISAN: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जारी रहेगी। हालांकि राशि बढ़ाने की सीधी घोषणा नहीं हुई, लेकिन प्रक्रिया को आसान बनाने का वादा किया गया है।
- Digital Public Infrastructure: खेती में तकनीक लाने के लिए 6 करोड़ किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा।
- Nano DAP: पारंपरिक खाद की जगह अब Nano DAP (तरल खाद) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे खेती की लागत कम होगी।
- Oilseeds Mission: भारत को खाद्य तेलों में ‘आत्मनिर्भर’ (Atmanirbhar) बनाने के लिए सरसों और मूंगफली की खेती के लिए विशेष पैकेज दिया गया है।
भाग 6: युवा शक्ति और रोजगार (Youth & Employment)
भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, और बेरोजगारी एक चुनौती है। इसे हल करने के लिए बजट में कई कदम उठाए गए हैं।
Skill India 3.0: सरकार ने Skill India Mission का नया वर्जन लॉन्च किया है। अब युवाओं को पुराने कौशल के बजाय Artificial Intelligence (AI), रोबोटिक्स, कोडिंग, और ड्रोन टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी।
Start-up India: स्टार्टअप्स के लिए टैक्स हॉलिडे (Tax Holiday) की अवधि को 1 साल और बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, ‘फंड ऑफ फंड्स’ स्कीम के तहत नए उद्यमियों को आसान लोन मिलेगा।
भाग 7: नारी शक्ति – महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment)
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में महिलाओं के योगदान को सराहा।
- Lakhpati Didi: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के जरिए 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य था, जिसे अब बढ़ाकर 4 करोड़ कर दिया गया है।
- Mudra Loan: महिला उद्यमियों के लिए Mudra Loan की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है।
- Cervical Cancer: 9 से 14 साल की बच्चियों के लिए सर्वाइकल कैंसर का टीकाकरण अभियान मिशन मोड में चलाया जाएगा।

भाग 8: ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण (Sustainable Development)
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने के लिए भारत ने 2070 तक ‘नेट ज़ीरो’ का लक्ष्य रखा है।
- PM Surya Ghar Yojana: ‘मुफ्त बिजली योजना’ के तहत 1 करोड़ से ज्यादा घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे न केवल बिजली बिल जीरो होगा, बल्कि लोग अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर सकेंगे।
- EV Ecosystem: इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) के चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने और ई-बसों की संख्या बढ़ाने के लिए फेम (FAME) सब्सिडी के नए वर्जन पर काम होगा।
- Green Hydrogen: भारत को ग्रीन हाइड्रोजन का ग्लोबल हब बनाने के लिए नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को अतिरिक्त फंड दिया गया है।
भाग 9: स्वास्थ्य और शिक्षा (Healthcare & Education)
स्वस्थ और शिक्षित भारत ही विकसित भारत बन सकता है।
- New Medical Colleges: मौजूदा जिला अस्पतालों के इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करके नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे डॉक्टरों की कमी पूरी होगी।
- Ayushman Bharat: आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी अब Ayushman Bharat योजना के तहत 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
- Digital University: ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के लिए डिजिटल यूनिवर्सिटी और ई-कंटेंट पर जोर दिया जाएग
भाग 10: रक्षा बजट – सुरक्षा सर्वोपरि (Defence Budget)
पड़ोसी देशों की चुनौतियों को देखते हुए रक्षा बजट में कोई कटौती नहीं की गई है।
- Deep Tech: रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ लाने के लिए प्राइवेट कंपनियों और स्टार्टअप्स को Deep Tech (गहरी तकनीक) विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
- Modernization: सेना के आधुनिकीकरण और नए हथियार खरीदने के लिए पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी की गई है।
भाग 11: क्या सस्ता, क्या महंगा? (Cheaper vs Costlier)
बजट के बाद आम जनता का सबसे पसंदीदा सवाल: “सस्ता क्या हुआ?”
सस्ता हुआ (Cheaper):
- Mobile Phones: मोबाइल और चार्जर के पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी घटी।
- Solar Panels: सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उपकरणों पर छूट।
- Cancer Medicines: तीन और जीवनरक्षक कैंसर दवाओं पर टैक्स कम हुआ।
- Electric Vehicles: ईवी के कुछ पार्ट्स सस्ते हुए।
- Gold & Silver: कीमती धातुओं पर ड्यूटी में मामूली कटौती (सोने-चांदी के गहने सस्ते हो सकते हैं)।

महंगा हुआ (Costlier):
- Plastic Goods: प्लास्टिक के आयातित सामान पर टैक्स बढ़ा।
- Cigarettes: सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स में बढ़ोतरी।
- Imported Luxury Cars: विदेश से आने वाली महंगी गाड़ियाँ और महंगी होंगी।
भाग 12: शेयर बाजार का रिएक्शन (Stock Market Reaction)
बजट भाषण के दौरान शेयर बाजार (Stock Market) में काफी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिला।
- शुरुआत में Sensex और Nifty में थोड़ी गिरावट दिखी, लेकिन जैसे ही कैपिटल एक्सपेंडिचर और फिस्कल डेफिसिट के आंकड़े आए, बाजार ने रफ़्तार पकड़ ली।
- इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, पीएसयू बैंक और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई।
- बाजार ने इस बजट को ‘ग्रोथ ओरिएंटेड’ (Growth Oriented) और संतुलित बजट माना है।
भाग 13: विपक्ष और विशेषज्ञों की राय (Expert Analysis)
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। आर्थिक विशेषज्ञों ने जहाँ राजकोषीय अनुशासन की तारीफ की है, वहीं कुछ चुनौतियां भी गिनाई हैं।
सकारात्मक पक्ष:
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने से रोजगार बढ़ेगा।
- टैक्स में राहत से मिडिल क्लास की खरीद क्षमता बढ़ेगी।
आलोचना:
- विपक्ष का कहना है कि महंगाई (Inflation) को कम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
- बेरोजगारी के मुद्दे पर और अधिक आक्रामक होने की जरूरत थी।
- पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने पर कोई बात नहीं हुई।
2047 की ओर मजबूत कदम
अंत में, Budget 2026 Live विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकलुभावन वादों (Freebies) के बजाय देश की नींव मजबूत करने पर ध्यान दिया है। यह बजट चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि देश को आगे ले जाने के लिए बनाया गया लगता है।
मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत, गरीबों को आवास और राशन, और उद्योगों को इंफ्रास्ट्रक्चर – इस बजट में हर वर्ग के लिए संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। “विकसित भारत” का सपना अब दूर नहीं लगता, लेकिन इसका असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि इन घोषणाओं को जमीन पर कितनी तेजी से उतारा जाता है।
आपको यह बजट कैसा लगा? क्या Income Tax में मिली छूट से आप खुश हैं? या आपकी उम्मीदें कुछ और थीं? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें।
जय हिन्द, जय भारत!
FAQs:
Answer: जी हाँ, वित्त मंत्री ने New Tax Regime के तहत टैक्स स्लैब में बदलाव किया है। अब 3 लाख की जगह मुमकिन है कि 4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा और स्टैंडर्ड डिडक्शन भी बढ़ाया गया है।
नहीं, पुरानी टैक्स व्यवस्था अभी भी विकल्प के रूप में मौजूद है। लेकिन सरकार का पूरा फोकस नई व्यवस्था को बढ़ावा देने पर है, जो अब ‘डिफ़ॉल्ट’ मोड में रहेगी।
‘लखपति दीदी’ योजना का लक्ष्य 4 करोड़ किया गया है और मुद्रा लोन की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है। इसके अलावा सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन पर जोर दिया गया है।
हाँ, मोबाइल फोन और चार्जर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कुछ पुर्जों पर आयात शुल्क (Import Duty) कम किया गया है, जिससे मोबाइल सस्ते हो सकते हैं।
इस बजट का मुख्य फोकस Fiscal Discipline (वित्तीय अनुशासन), Infrastructure Development (बुनियादी ढांचा विकास), और Green Growth (हरित विकास)
