भारतीय टेलीविजन के इतिहास में कुकिंग और कॉमेडी का सबसे अनोखा संगम अगर किसी शो ने पेश किया है, तो वह है ‘लाफ्टर शेफ’। हफ्तों की कड़ी मेहनत, जले हुए पराठे, अधपकी सब्जियां और पेट दुखा देने वाले ठहाकों के बाद, आखिरकार ‘लाफ्टर शेफ 3’ का फिनाले संपन्न हो गया है। बीती रात टीवी की दुनिया में एक अलग ही रोमांच देखने को मिला जब हंसी के बादशाह और कुकिंग के अनाड़ी एक आखिरी बार आमने-सामने आए।
दर्शकों की धड़कनें बढ़ी हुई थीं, क्योंकि मुकाबला दो सबसे मजबूत दावेदारों के बीच था। एक तरफ थी कॉमेडी के किंग कृष्णा अभिषेक की टीम और दूसरी तरफ थी टीवी के हार्टथ्रोब करण कुंद्रा की टीम। लेकिन जैसे ही आखिरी डिश का स्वाद चखा गया और जजों ने फैसला सुनाया, पूरा सेट तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जी हाँ, इस बार बाजी मार ली है कॉमेडी के किंग ने। कृष्णा अभिषेक की टीम विनर बन गई है और उन्होंने एक बेहद कांटे की टक्कर में करण कुंद्रा की टीम को हरा दिया है।
आज के इस विशेष ब्लॉग में, हम आपको इस ग्रैंड फिनाले की पल-पल की खबर, आखिरी टास्क का रोमांच, भारती सिंह की मस्ती और जीत के उस पल के बारे में विस्तार से बताएंगे जिसने इस सीजन को यादगार बना दिया।
‘लाफ्टर शेफ 3’ का फिनाले: एक यादगार रात
कल रात का एपिसोड सिर्फ एक एपिसोड नहीं था, बल्कि एक उत्सव था। सेट को किसी राजमहल की तरह सजाया गया था। चमचमाती लाइट्स और बैकग्राउंड में बजता तेज संगीत बता रहा था कि आज रात कुछ बड़ा होने वाला है। ‘लाफ्टर शेफ 3’ का फिनाले अपने आप में खास था क्योंकि इस सीजन ने टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
शो की होस्ट, लफ्टर क्वीन भारती सिंह ने अपनी एंट्री से ही समा बांध दिया। उन्होंने जजों और फाइनलिस्ट्स की टांग खिंचाई करते हुए शो की शुरुआत की। लेकिन हंसी-मजाक के पीछे हर किसी के चेहरे पर फाइनल का तनाव साफ देखा जा सकता था। ट्रॉफी और भारी-भरकम इनामी राशि दांव पर थी।

दर्शक यह जानने के लिए बेताब थे कि आखिर Laughter Chefs Season 3 Winner कौन बनेगा? क्या कृष्णा की कॉमेडी और कुकिंग का फ्यूजन काम आएगा या करण कुंद्रा का एटीट्यूड और फोकस बाजी मारेगा?
कृष्णा अभिषेक बनाम करण कुंद्रा: महामुकाबला
पूरे सीजन में अगर कोई दो टीमें थीं जिन्होंने दर्शकों का सबसे ज्यादा मनोरंजन किया और साथ ही कुकिंग में भी हाथ आजमाया, तो वे कृष्णा और करण की टीमें थीं।
कृष्णा अभिषेक की टीम: हंसी और स्वाद का तड़का
कृष्णा अभिषेक और उनके जोड़ीदार (सुदेश लहरी/कश्मीरा – शो के फॉर्मेट के अनुसार) ने शुरुआत से ही शो में जान डाल रखी थी। उनकी कुकिंग से ज्यादा उनकी कॉमेडी चर्चा में रहती थी। कभी नमक ज्यादा हो जाता था तो कभी डिश जल जाती थी, लेकिन फिनाले तक आते-आते कृष्णा अभिषेक की टीम ने अपने खेल में जबरदस्त सुधार किया।
फिनाले में कृष्णा का आत्मविश्वास देखने लायक था। उन्होंने न केवल जजों को अपनी बातों से लुभाया बल्कि अपनी डिश में भी वो जादू पैदा किया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।
करण कुंद्रा की टीम: स्टाइल और स्ट्रैटेजी
दूसरी ओर, करण कुंद्रा की टीम पूरे सीजन में सबसे कंसिस्टेंट रही थी। करण कुंद्रा, जो अपने एग्रेसिव और कॉम्पिटिटिव नेचर के लिए जाने जाते हैं, कुकिंग को बहुत गंभीरता से ले रहे थे। उनकी प्लेटिंग और प्रेजेंटेशन हमेशा टॉप क्लास रही। फिनाले में भी उन्होंने एक बहुत ही जटिल डिश बनाने का फैसला किया था, लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
आखिरी टास्क: ‘शाही दावत’ की चुनौती
ग्रैंड फिनाले के लिए जजों ने एक बहुत ही मुश्किल टास्क रखा था। टास्क का नाम था – ‘शाही दावत’। दोनों फाइनलिस्ट टीमों को एक ऐसी थाली तैयार करनी थी जिसमें कम से कम 5 प्रकार के व्यंजन हों, और जिसमें स्टार्टर से लेकर डेजर्ट तक सब कुछ शामिल हो। समय सीमा बहुत कम थी और दबाव बहुत ज्यादा।
कृष्णा अभिषेक की टीम विनर बनने की राह पर यहीं से आगे बढ़ी। जहां करण कुंद्रा की टीम कॉम्प्लिकेटेड विदेशी डिशेज बनाने में उलझ गई, वहीं कृष्णा ने स्मार्ट गेम खेला। उन्होंने देसी स्वाद को चुना। उन्होंने ‘दम बिरयानी’, ‘शाही पनीर’ और ‘केसर फिरनी’ बनाने का फैसला किया।
टास्क के दौरान कई बार ऐसा लगा कि कृष्णा और उनकी टीम पिछड़ रही है। एक पल ऐसा भी आया जब उनकी बिरयानी का मसाला जलने वाला था, लेकिन कृष्णा ने अपनी सूझबूझ से न केवल उसे बचाया बल्कि उसमें एक ऐसा ट्विस्ट दिया कि जज भी हैरान रह गए।
वहीं, करण कुंद्रा की टीम ने एक फ्यूजन मेन्यू तैयार किया था। उनकी डिश दिखने में तो बहुत शानदार थी, लेकिन स्वाद के मामले में वे वो ‘देसी पंच’ मिस कर गए जिसकी जजों को तलाश थी।
भारती सिंह और सेलिब्रिटी गेस्ट्स का तड़का
फिनाले हो और मस्ती न हो, ऐसा कैसे हो सकता है? शो की जान भारती सिंह ने फिनाले में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने करण कुंद्रा को ‘किचन का कबीर सिंह’ कहकर बुलाया तो वहीं कृष्णा अभिषेक को ‘मसालों का मसीहा’ कहा।
इस खास मौके पर बॉलीवुड के कई बड़े सितारे भी अपनी फिल्मों को प्रमोट करने और फाइनलिस्ट का हौसला बढ़ाने पहुंचे थे। सितारों की मौजूदगी ने ‘लाफ्टर शेफ 3’ का फिनाले और भी भव्य बना दिया। उन्होंने कंटेस्टेंट्स के हाथ का बना खाना चखा और नंबर भी दिए।

एक मजेदार वाकया तब हुआ जब एक गेस्ट ने कृष्णा की बनाई हुई चटनी चखी। गेस्ट के चेहरे के हाव-भाव देखकर सबको लगा कि शायद चटनी खराब बनी है, लेकिन अगले ही पल उन्होंने कहा, “यह दुनिया की सबसे बेहतरीन चटनी है!” यह सुनकर कृष्णा खुशी से झूम उठे।
निर्णय की घड़ी: शेफ हरपाल और जजों का फैसला
कुकिंग खत्म हुई, हंसी-मजाक थमा, और अब वक्त था गंभीर फैसले का। शो के जज, सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी, ने दोनों टीमों की डिशेज को बहुत बारीकी से चखा।
सबसे पहले करण कुंद्रा की टीम की थाली पेश की गई। जजों ने उनकी प्रेजेंटेशन की बहुत तारीफ की। शेफ ने कहा, “करण, आपने जिस तरह से चीजों को प्रेजेंट किया है, वो एक फाइव स्टार होटल के शेफ जैसा है। लेकिन…” और इसी ‘लेकिन’ ने बाजी पलट दी। जजों को लगा कि करण की डिश में मसालों का संतुलन थोड़ा बिगड़ गया था। कुछ चीजें फीकी थीं जो भारतीय तालू (palate) को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाईं।
इसके बाद बारी आई कृष्णा की। जैसे ही जजों ने कृष्णा की बिरयानी और फिरनी चखी, उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई। शेफ हरपाल ने कहा, “कृष्णा, हमें तुमसे कॉमेडी की उम्मीद थी, लेकिन तुमने तो आज स्वाद का सिक्सर मार दिया। तुम्हारी बिरयानी में जो ‘दम’ है, वही तुम्हें आज का असली हीरो बनाता है।”
और विजेता हैं… कृष्णा अभिषेक!
माहौल एकदम शांत हो गया। भारती सिंह ने लिफाफा खोला। बैकग्राउंड म्यूजिक तेज हो गया। करण कुंद्रा और कृष्णा अभिषेक दोनों की धड़कनें तेज थीं। और फिर भारती ने चिल्लाकर नाम पुकारा – “और Laughter Chefs Season 3 Winner हैं… कृष्णा अभिषेक और उनकी टीम!”
पूरा सेट जश्न में डूब गया। कृष्णा अभिषेक की टीम विनर बनते ही खुशी से उछल पड़ी। कृष्णा भावुक हो गए और उन्होंने सबसे पहले अपनी टीम के साथियों और फिर जजों को गले लगाया। उन्होंने करण कुंद्रा को भी गले लगाया और कहा कि यह मुकाबला करण के बिना इतना मजेदार नहीं होता।
करण कुंद्रा की टीम भले ही हार गई, लेकिन उन्होंने खेल भावना का परिचय दिया। करण ने मुस्कुराते हुए अपनी हार स्वीकार की और कृष्णा को बधाई दी। उन्होंने कहा, “आज का दिन कृष्णा का था, उसने वाकई में बहुत अच्छा खाना बनाया।”
क्यों हारी करण कुंद्रा की टीम? (विश्लेषण)
अब जब परिणाम आ चुके हैं, तो सोशल मीडिया पर और शो के फैंस के बीच इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिर करण कुंद्रा की टीम से चूक कहां हुई?
- ओवर-एक्सपेरिमेंटेशन (Over-experimentation): फिनाले जैसे बड़े मंच पर अक्सर लोग कुछ अलग करने की कोशिश में बेसिक गलतियां कर बैठते हैं। करण की टीम ने बहुत ज्यादा कॉम्प्लेक्स डिशेज चुनीं, जिन्हें कम समय में परफेक्शन के साथ बनाना मुश्किल था।
- स्वाद बनाम दिखावा: लाफ्टर शेफ का मूल मंत्र हमेशा से ‘स्वाद’ रहा है। करण की टीम ने प्रेजेंटेशन (दिखावे) पर बहुत मेहनत की, लेकिन स्वाद में वो गहराई नहीं ला सके जो कृष्णा की देसी डिशेज में थी।
- तनाव (Pressure): करण कुंद्रा पूरे टास्क के दौरान काफी तनाव में दिखे। कुकिंग में जब आप तनाव लेते हैं, तो अक्सर नमक या मिर्च का अंदाजा गलत हो जाता है। वहीं कृष्णा मस्ती-मस्ती में खाना बना रहे थे, जिससे उनका खाना ‘दिल से’ बना हुआ लगा।
कृष्णा अभिषेक की जीत के मायने
यह जीत कृष्णा अभिषेक के लिए बहुत मायने रखती है। एक कॉमेडियन के तौर पर उन्होंने अपनी पहचान बनाई है, लेकिन एक कुकिंग शो जीतना यह साबित करता है कि वे मल्टी-टैलेंटेड हैं।
कृष्णा अभिषेक की टीम विनर बनने के बाद कृष्णा ने कहा, “मुझे लगा था कि मैं सिर्फ अंडे उबाल सकता हूं, लेकिन इस शो ने मुझे सिखाया कि अगर दिल में चाह हो तो आप बिरयानी भी बना सकते हैं। यह ट्रॉफी मेरे लिए ऑस्कर से कम नहीं है क्योंकि इसके लिए मैंने अपने हाथों को कई बार जलाया है।”
इस जीत के साथ कृष्णा को चमचमाती ट्रॉफी, एक बड़ी इनामी राशि और एक गिफ्ट हैंपर मिला। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने साबित कर दिया कि हंसी के साथ-साथ वे स्वाद के भी बादशाह हैं।
सोशल मीडिया पर फैंस का रिएक्शन
जैसे ही ‘लाफ्टर शेफ 3’ का फिनाले खत्म हुआ, सोशल मीडिया पर #KrushnaAbhishek और #LaughterChefs3 ट्रेंड करने लगा।
- कृष्णा के फैंस: “बधाई हो कृष्णा! तुमने साबित कर दिया कि कॉमेडी हो या कुकिंग, तुम ही बेस्ट हो।”
- करण के फैंस: “करण भाई, आपने दिल जीत लिया। हार-जीत चलती रहती है, लेकिन आपका एटीट्यूड विनर वाला था।”
- न्यूट्रल व्यूअर्स: “इस बार का फिनाले वाकई धमाकेदार था। उम्मीद नहीं थी कि कृष्णा जीतेंगे, लेकिन उनकी डिश सच में टेस्टी लग रही थी।”
मीम्स की भी बाढ़ आ गई है। करण कुंद्रा के उदास चेहरे और कृष्णा के जश्न मनाते हुए वीडियोज वायरल हो रहे हैं। यह शो की लोकप्रियता का ही सबूत है कि रात के 2 बजे तक लोग ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर विनर के बारे में चर्चा कर रहे थे।
सीजन 3 की कुछ यादगार झलकियां
Laughter Chefs Season 3 Winner के एलान के साथ ही यह सीजन खत्म हो गया, लेकिन यह अपने पीछे कई यादें छोड़ गया। आइए एक नजर डालते हैं सीजन की कुछ हाइलाइट्स पर:
- विक्की जैन और अंकिता लोखंडे की नोकझोंक: शो के दौरान रियल लाइफ कपल विक्की और अंकिता के बीच की खट्टी-मीठी लड़ाई ने खूब टीआरपी बटोरी।
- निया शर्मा का फैशन: निया शर्मा किचन में भी अपने फैशन सेंस को लेकर चर्चा में रहीं। उनकी कुकिंग से ज्यादा उनके आउटफिट्स ने ध्यान खींचा।
- राहुल वैद्य के गाने: कुकिंग करते-करते राहुल वैद्य का गाना और फिर डिश का जल जाना, दर्शकों को लोटपोट कर गया।
- भारती का मजाक: भारती सिंह ने जजों से लेकर कंटेस्टेंट्स तक, किसी को नहीं छोड़ा। उनकी कॉमेडी ने कुकिंग के बोरिंग पलों को भी एंटरटेनिंग बना दिया।
क्या होगा अगले सीजन में?
‘लाफ्टर शेफ 3’ का फिनाले खत्म होने के साथ ही फैंस अब अगले सीजन का इंतजार करने लगे हैं। मेकर्स ने भी इशारा कर दिया है कि सीजन 4 जल्द ही आएगा और वह इससे भी ज्यादा बड़ा और मजेदार होगा।
क्या अगले सीजन में हम नए सितारों को देखेंगे? क्या फॉर्मेट में कोई बदलाव होगा? यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन एक बात तय है कि दर्शकों को कुकिंग और कॉमेडी का यह कॉकटेल बहुत पसंद आ रहा है।
कुल मिलाकर, ‘लाफ्टर शेफ 3’ का फिनाले उम्मीदों पर खरा उतरा। ड्रामा, इमोशन, कॉमेडी और कुकिंग का परफेक्ट बैलेंस देखने को मिला। कृष्णा अभिषेक की टीम विनर बनकर उभरी और उन्होंने दिखा दिया कि अंडरडॉग भी चैंपियन बन सकता है। करण कुंद्रा की टीम ने भी कड़ी टक्कर दी और फिनाले को रोमांचक बनाया।
अगर आपने यह फिनाले मिस कर दिया है, तो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जाकर इसे जरूर देखें। कृष्णा की जीत का वो पल और करण का वो रिएक्शन, सब कुछ देखने लायक है। लाफ्टर शेफ की यह जर्नी भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन इसका स्वाद दर्शकों की जुबान पर लंबे समय तक रहेगा।
बधाई हो कृष्णा अभिषेक, और शानदार प्रयास के लिए शाबाशी करण कुंद्रा! मिलते हैं अगले सीजन में, नई डिशेज और नए ठहाकों के साथ।

मगन लुहार Tez Khabri के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। एक अनुभवी अभिनेता (Actor) होने के साथ-साथ, उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार विश्लेषण का गहरा ज्ञान है। मगन जी का लक्ष्य पाठकों तक सटीक और निष्पक्ष खबरें सबसे तेज गति से पहुँचाना है। वे मुख्य रूप से देश-दुनिया और सामाजिक मुद्दों पर अपनी पैनी नज़र रखते हैं।
