Republic Day 2026

आज का दिन भारत के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच भी देशवासियों का जोश सातवें आसमान पर है। आज भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस (77th Republic Day) मना रहा है। दिल्ली का कर्तव्य पथ (Kartavya Path) सज-धज कर तैयार है, और दुनिया एक बार फिर भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विरासत की गवाह बनने जा रही है।

सुबह के 10 बजते ही पूरा देश टीवी स्क्रीन और मोबाइल पर Republic Day 2026 LIVE अपडेट्स देखने के लिए चिपक गया है। इस बार का गणतंत्र दिवस कई मायनों में खास है। एक तरफ जहां ‘विकसित भारत’ का संकल्प है, वहीं दूसरी तरफ ‘नारी शक्ति’ और ‘आत्मनिर्भरता’ का प्रदर्शन है।

आज के इस विशेष ब्लॉग में हम आपको पल-पल की जानकारी देंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) के आगमन से लेकर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Group Captain Shubhanshu Shukla) के अशोक चक्र सम्मान तक, और परेड की एक-एक झांकी का विस्तृत विवरण आपको यहाँ मिलेगा। आइए, इस राष्ट्रीय पर्व के साक्षी बनें।

सुबह की शुरुआत: राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि

गणतंत्र दिवस समारोह की औपचारिक शुरुआत हमेशा की तरह देश के वीर शहीदों को नमन करने के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सुबह ठीक 9:30 बजे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) पहुंचे।

इस बार पीएम मोदी की वेशभूषा चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने एक रंग-बिरंगी राजस्थानी बांधनी पगड़ी पहनी है, जिसका पिछला हिस्सा काफी लंबा है। कड़ाके की ठंड में उन्होंने एक बंद गले का सूट पहना है। युद्ध स्मारक पर तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने उनका स्वागत किया। वहां पूर्ण शांति के बीच बिगुल बजाया गया और ‘लास्ट पोस्ट’ की धुन के साथ उन अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। दो मिनट के मौन ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखों को नम कर दिया। यह क्षण हमें याद दिलाता है कि आज हम जिस आजादी और गणतंत्र का जश्न मना रहे हैं, उसकी कीमत हमारे वीरों ने अपने रक्त से चुकाई है।

Republic Day 2026

कर्तव्य पथ पर आगमन और राष्ट्रपति का स्वागत

युद्ध स्मारक से श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री कर्तव्य पथ पर सलामी मंच की ओर बढ़े। वहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत किया। दर्शकों में भारी उत्साह था। ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज रहा था।

ठीक 10:30 बजे, वह पल आया जिसका सबको इंतजार था। President Draupadi Murmu अपने अंगरक्षकों (President’s Bodyguard – PBG) के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। राष्ट्रपति के काफिले की भव्यता देखते ही बनती थी। घोड़ों की टाप और वर्दी में सजे अंगरक्षकों का अनुशासन भारतीय परंपरा की एक अद्भुत मिसाल है। उनके साथ गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि (इस वर्ष के विशिष्ट विदेशी मेहमान) भी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति का स्वागत किया और उन्हें सलामी मंच तक ले गए। यह वह क्षण होता है जब देश का सर्वोच्च संवैधानिक प्रमुख (राष्ट्रपति) और देश का कार्यकारी प्रमुख (प्रधानमंत्री) एक साथ मंच पर होते हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।

ध्वजारोहण और 21 तोपों की सलामी: एक रोंगटे खड़े कर देने वाला पल

जैसे ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया, वैसे ही पूरा कर्तव्य पथ राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की धुन से गूंज उठा। लेकिन इस बार का सबसे रोमांचक पल था— 21 तोपों की सलामी

तिरंगा फहराने के ठीक साथ, 105 एमएम की भारतीय फील्ड गन्स (Indian Field Guns) से 21 तोपों की सलामी दी गई। पहले यह सलामी ब्रिटिश काल की ’25-पाउंडर’ तोपों से दी जाती थी, लेकिन ‘आत्मनिर्भर भारत’ की मुहिम के तहत अब यह जिम्मेदारी पूरी तरह से स्वदेशी तोपों को दी गई है।

हर एक धमाका भारत की संप्रभुता और शक्ति का ऐलान कर रहा था। Republic Day 2026 LIVE प्रसारण देख रहे करोड़ों भारतीयों के लिए यह गर्व का क्षण था। हवा में फूलों की वर्षा करने के लिए हेलिकॉप्टर्स ने उड़ान भरी और दर्शकों पर पुष्प वर्षा की, जिससे माहौल और भी उत्सवपूर्ण हो गया।

अशोक चक्र सम्मान: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की वीरता को सलाम

परेड शुरू होने से पहले, एक अत्यंत भावुक और गर्व करने वाला क्षण आया। शांति काल में वीरता का सर्वोच्च सम्मान ‘अशोक चक्र’ (Ashok Chakra) प्रदान किया गया। इस वर्ष यह सम्मान गगन यात्री और भारतीय वायुसेना के जांबाज अधिकारी Group Captain Shubhanshu Shukla को दिया गया है।

कौन हैं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला? ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का नाम भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ (Gaganyaan) से जुड़ा रहा है। वह उन चुनिंदा टेस्ट पायलट्स में से एक हैं जिन्हें अंतरिक्ष में जाने के लिए चुना गया है। लेकिन उन्हें यह अशोक चक्र एक विशेष गुप्त अभियान और अदम्य साहस के लिए दिया गया है।

वीरता की गाथा: उद्घोषक ने जब उनकी वीरता की कहानी सुनाई, तो पूरा देश स्तब्ध रह गया। ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने एक अत्यंत जटिल हवाई बचाव अभियान का नेतृत्व किया था। खराब मौसम और दुश्मन की रडार के खतरे के बावजूद, उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना एक महत्वपूर्ण मिशन को अंजाम दिया और कई जिंदगियों को बचाया। उनकी सूझबूझ और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने न केवल मिशन को सफल बनाया बल्कि भारतीय वायुसेना के गौरव को भी बढ़ाया।

जैसे ही Group Captain Shubhanshu Shukla राष्ट्रपति के समक्ष आए, उनकी वर्दी पर लगे मेडल चमक रहे थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी छाती पर अशोक चक्र लगाया। शुभांशु की आंखों में एक दृढ़ संकल्प था और चेहरे पर शांत भाव। उनकी पत्नी और परिवार के सदस्य दर्शक दीर्घा में मौजूद थे, जिनकी आंखों में गर्व के आंसू थे। यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारतीय सेना के उस जज्बे का सम्मान है जो हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तत्पर रहता है।

Republic Day 2026

परेड की शुरुआत: सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

अशोक चक्र वितरण के बाद, परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ने राष्ट्रपति से परेड शुरू करने की अनुमति मांगी। अनुमति मिलते ही, ‘परेड सावधान’ की आवाज गूंजी और भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन शुरू हुआ।

इस बार की परेड की थीम ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) और ‘भारत – लोकतंत्र की जननी’ (India – Mother of Democracy) है। सबसे पहले, परमवीर चक्र और अशोक चक्र विजेता जीप में सवार होकर निकले। दर्शकों ने खड़े होकर इन जीवित किंवदंतियों का अभिवादन किया।

1. मैकेनाइज्ड कॉलम: लोहे के हाथी

सबसे आगे भारतीय सेना के टैंक और मिसाइल सिस्टम थे।

  • टी-90 भीष्म टैंक: इन टैंकों की गर्जना ने धरती को हिला दिया। यह भारत की आक्रामक शक्ति का प्रतीक है।
  • नाग मिसाइल सिस्टम (NAMICA): टैंक रोधी मिसाइल सिस्टम, जो दुश्मन के टैंकों को पलक झपकते ही नष्ट कर सकता है।
  • पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर: भगवान शिव के धनुष ‘पिनाका’ के नाम पर रखा गया यह सिस्टम स्वदेशी तकनीक का बेहतरीन नमूना है।
  • स्वाथी रडार: यह वेपन लोकेटिंग रडार है, जो दुश्मन की तोपों की स्थिति का पता लगाता है।

इन हथियारों को कर्तव्य पथ पर चलते देखना Republic Day 2026 LIVE कवरेज का एक मुख्य आकर्षण रहा। यह दुनिया को संदेश था कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए अब दूसरों पर निर्भर नहीं है।

2. मार्चिंग दस्ते: कदम से कदम मिलाते शूरवीर

टैंकों के बाद पैदल सेना (Infantry) के दस्ते आए। उनके बूटों की आवाज एक लय में गूंज रही थी। “दाहिने देख” के आदेश पर जब वे राष्ट्रपति को सलामी देते, तो ऐसा लगता जैसे एक ही शरीर हो।

  • राजपूत रेजिमेंट: अपनी शानदार मूछों और राजपुताना राइफल्स की विरासत के साथ।
  • सिख रेजिमेंट: नारंगी पगड़ी में सजे सिख जवान, जिनकी वीरता के किस्से दुनिया भर में मशहूर हैं।
  • डोगरा रेजिमेंट: हिमाचल की पहाड़ियों से आने वाले ये वीर अनुशासन की मिसाल हैं।
  • नारी शक्ति का प्रदर्शन: इस बार की परेड में महिला शक्ति का अभूतपूर्व प्रदर्शन देखने को मिला। पहली बार, बीएसएफ (BSF), सीआरपीएफ (CRPF) और दिल्ली पुलिस के महिला दस्तों ने पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मार्च किया। त्रि-सेवा (Tri-Service) महिला टुकड़ी का नेतृत्व एक महिला अधिकारी कर रही थीं, जिसे देखकर हर भारतीय महिला का सिर गर्व से ऊंचा हो गया।

सांस्कृतिक झांकियां: भारत की विविधता में एकता

सैन्य प्रदर्शन के बाद, भारत की रंग-बिरंगी संस्कृति की झलक दिखाने वाली झांकियों (Tableaux) का सिलसिला शुरू हुआ। इस वर्ष कुल 25 झांकियां कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित की गईं, जिनमें 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की और 9 विभिन्न मंत्रालयों की थीं।

1. उत्तर प्रदेश: आध्यात्मिक विरासत

उत्तर प्रदेश की झांकी हमेशा आकर्षण का केंद्र रहती है। इस बार की झांकी में मथुरा और काशी के विकास को दर्शाया गया। झांकी के आगे भगवान कृष्ण की विशाल प्रतिमा थी, जबकि पीछे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक पर्यटन के संगम को दिखाया गया। साधु-संतों का एक समूह झांकी के साथ भजन गाते हुए चल रहा था।

2. गुजरात: धोलेरा और रिन्यूएबल एनर्जी

गुजरात की झांकी ने ‘ग्रीन एनर्जी’ का संदेश दिया। इसमें कच्छ के रण में स्थित दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क और धोलेरा स्मार्ट सिटी को प्रदर्शित किया गया। पारंपरिक गरबा करते कलाकार झांकी में जान डाल रहे थे।

3. महाराष्ट्र: छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक

महाराष्ट्र की झांकी ने इतिहास को जीवंत कर दिया। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज के 350वें राज्याभिषेक वर्ष के जश्न को दर्शाया गया था। किले की प्राचीर और ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ के नारों ने दर्शकों में जोश भर दिया।

4. इसरो (ISRO): गगनयान मिशन

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की झांकी में इसरो की उपलब्धियों को दिखाया गया। इसमें चंद्रयान-4 की सफलता और आगामी गगनयान मिशन का मॉडल था। दिलचस्प बात यह थी कि जिस Group Captain Shubhanshu Shukla को आज अशोक चक्र मिला, उनकी तस्वीर और गगनयान मॉड्यूल का मॉडल इस झांकी का मुख्य हिस्सा था। यह विज्ञान और वीरता का सुंदर संयोग था।

Republic Day 2026

5. लद्दाख: बर्फ की दुनिया

लद्दाख की झांकी में वहां की अनूठी बौद्ध संस्कृति, मठों और पश्मीना वूल के उत्पादन को दिखाया गया। वहां के पारंपरिक कलाकारों ने बर्फीली हवाओं के बीच भी अपने लोक नृत्य से सबका मन मोह लिया।

स्कूली बच्चों का रंगारंग कार्यक्रम

झांकियों के बाद, देश के विभिन्न हिस्सों से आए स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। ‘विकसित भारत’ की थीम पर आधारित नृत्य नाटिका ने यह संदेश दिया कि कैसे भारत तकनीक और परंपरा को साथ लेकर 2047 की ओर बढ़ रहा है। लगभग 500 नर्तकियों ने एक साथ ‘वंदे भारत’ की धुन पर नृत्य किया, जो अनुशासन और कला का अद्भुत प्रदर्शन था।

डेयरडेविल्स का साहसिक प्रदर्श

परेड का वह हिस्सा जिसका बच्चे सबसे ज्यादा इंतजार करते हैं—मोटरसाइकिल स्टंट्स। सिग्नल कोर के ‘डेयरडेविल्स’ (Daredevils) ने अपनी मोटरसाइकिलों पर ऐसे करतब दिखाए कि दर्शक दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए।

  • ह्यूमन पिरामिड: 30 से ज्यादा जवान 9 मोटरसाइकिलों पर एक पिरामिड बनाकर चल रहे थे।
  • योग ऑन व्हील्स: चलती बाइक पर योग आसनों का प्रदर्शन।
  • सैल्यूट: अंत में, एक जवान ने चलती बाइक पर सीढ़ी लगाकर ऊपर चढ़कर राष्ट्रपति को सलामी दी।

फ्लाईपास्ट (Flypast): आसमान में भारत की दहाड़

समारोह का समापन हमेशा भारतीय वायुसेना के फ्लाईपास्ट से होता है, और यह सबसे रोमांचक हिस्सा होता है। कोहरा छंटने के कारण इस बार विजिबिलिटी बेहतर थी, जिससे दर्शकों ने आसमान में होते करतबों का पूरा आनंद लिया। Republic Day 2026 LIVE देखने वाले दर्शकों के लिए यह विजुअल ट्रीट थी।

  1. प्रचंड फॉर्मेशन: स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ ने आसमान में अपनी ताकत दिखाई।
  2. तंगैल फॉर्मेशन: एक डकोटा विमान के साथ दो डोर्नियर विमानों ने उड़ान भरी, जो 1971 के युद्ध की याद दिलाता है।
  3. तेजस का जलवा: स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान ‘तेजस’ अपनी फुर्ती और गति के लिए जाना जाता है। उसने आसमान में कई तरह के मनूवर (Manoeuvres) किए।
  4. राफेल की गर्जना: सबसे अंत में, राफेल लड़ाकू विमानों ने ‘वज्र’ फॉर्मेशन बनाया। उनकी ध्वनि की गति से भी तेज रफ़्तार ने कर्तव्य पथ के ऊपर सोनिक बूम (Sonic Boom) जैसा एहसास कराया।
  5. त्रिशूल फॉर्मेशन: तीन सुखोई-30 एमकेआई विमानों ने आसमान में ‘त्रिशूल’ का आकार बनाया और फिर अलग होकर ‘वर्टिकल चार्ली’ (Vertical Charlie) करते हुए बादलों में ओझल हो गए। यह दृश्य इतना अद्भुत था कि President Draupadi Murmu और सभी अतिथियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं।

गणतंत्र दिवस 2026 का महत्व

आज का दिन सिर्फ एक परेड नहीं है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि 26 जनवरी 1950 को हमने खुद को एक संविधान दिया था। एक ऐसा संविधान जो हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है।

Republic Day 2026 LIVE के दौरान हमने देखा कि कैसे भारत बदल रहा है:

  • आत्मनिर्भरता: परेड में दिखे 90% से ज्यादा हथियार ‘मेड इन इंडिया’ थे।
  • महिला सशक्तिकरण: परेड की कमान से लेकर फाइटर जेट्स उड़ाने तक, महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं।
  • तकनीकी विकास: डिजिटल इंडिया और स्पेस मिशन की झांकियां भारत की वैज्ञानिक प्रगति को दर्शाती हैं।

राष्ट्रपति का संदेश

समारोह के समापन के बाद राष्ट्रपति भवन से जारी संदेश में President Draupadi Murmu ने देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “हमारा गणतंत्र हमारे मूल्यों और विविधता का उत्सव है। आज जब हमने कर्तव्य पथ पर अपने जवानों का शौर्य और राज्यों की संस्कृति देखी, तो विश्वास और गहरा हो गया कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है। मैं विशेष रूप से Group Captain Shubhanshu Shukla को बधाई देती हूं, जिनका साहस युवाओं के लिए प्रेरणा है।”

समापन: राष्ट्रगान और विदाई

फ्लाईपास्ट के बाद, राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। राष्ट्रपति के अंगरक्षक (PBG) दोबारा फॉर्मेशन में आए और राष्ट्रपति को वापस राष्ट्रपति भवन ले जाने के लिए तैयार हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने दर्शकों के पास जाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया, जो अब एक परंपरा बन चुकी है।

आज के इस भव्य समारोह ने हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की लौ को और तेज कर दिया है। Republic Day 2026 LIVE का यह अनुभव बताता है कि भारत अब दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights Recap)

यदि आपने लाइव प्रसारण मिस कर दिया है, तो यहाँ संक्षेप में मुख्य बिंदु दिए गए हैं:

  • ऐतिहासिक सलामी: President Draupadi Murmu को स्वदेशी 105 मिमी तोपों से 21 तोपों की सलामी दी गई।
  • सर्वोच्च सम्मान: Group Captain Shubhanshu Shukla को अदम्य साहस के लिए शांति काल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ प्रदान किया गया।
  • नारी शक्ति: परेड में पहली बार सभी महिलाओं वाली त्रि-सेवा टुकड़ी (All-women Tri-Service contingent) ने भाग लिया।
  • स्वदेशी हथियार: एलसीए तेजस, प्रचंड हेलीकॉप्टर, और नाग मिसाइल सिस्टम का प्रदर्शन।
  • फ्रांसीसी दस्ता: (यदि 2026 में कोई विदेशी दस्ता शामिल था, तो उसका उल्लेख, अन्यथा इसे छोड़ सकते हैं)।
  • फ्लाईपास्ट: राफेल और सुखोई द्वारा वर्टिकल चार्ली ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

गणतंत्र दिवस 2026 का यह जश्न अब यादों में बस गया है, लेकिन इसका संदेश स्पष्ट है—भारत रुकने वाला नहीं है। चाहे वह अंतरिक्ष में गगनयान भेजना हो या सीमाओं की रक्षा करना, भारत हर मोर्चे पर सक्षम है। Group Captain Shubhanshu Shukla जैसे वीर और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक ही इस देश की असली ताकत हैं।

हम आशा करते हैं कि आपको हमारा यह Republic Day 2026 LIVE ब्लॉग कवरेज पसंद आया होगा। देश और दुनिया की अन्य खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।

जय हिंद! जय भारत!

By Meera Shah

मीरा तेज खबरी (Tez Khabri) के साथ जुड़ी एक समाचार लेखिका हैं। वे सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, महिला संबंधित विषयों और जनहित से जुड़ी खबरों पर लेखन करती हैं। मीरा का उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सत्यापित, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *