Archana Puran Singh CRPS

टेलीविजन की दुनिया चकाचौंध से भरी होती है। हम स्क्रीन पर जो देखते हैं, वह अक्सर ग्लैमर, हंसी और खुशी का एक बेहतरीन पैकेज होता है। लेकिन उस हंसी के पीछे कितने आंसू छिपे हैं, उस ग्लैमर के पीछे कितना दर्द है, यह दर्शक शायद ही कभी जान पाते हैं। भारतीय टेलीविजन की ‘ लाफ्टर क्वीन ‘ कही जाने वाली Archana Puran Singh (अर्चना पूरन सिंह) ने हाल ही में एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने उनके लाखों चाहने वालों को स्तब्ध कर दिया है।

हंसी के पीछे छिपा था आंसुओं का सैलाब

कपिल शर्मा के शो में अपनी जोरदार हंसी और ठहाकों के लिए मशहूर अर्चना पूरन सिंह पिछले कुछ समय से एक बेहद दुर्लभ और दर्दनाक बीमारी से जूझ रही हैं, जिसका नाम CRPS (Complex Regional Pain Syndrome) है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस असहनीय दर्द के बावजूद, उन्होंने ‘ द ग्रेट इंडियन कपिल शो ‘ (The Great Indian Kapil Show) की शूटिंग जारी रखी। एक या दो दिन नहीं, बल्कि पूरे 30 दिनों तक वह उस कुर्सी पर बैठकर हंसती रहीं, तालियां बजाती रहीं, जबकि अंदर ही अंदर वह दर्द से कराह रही थीं।

1. वो हंसी जो दर्द को छिपा रही थी: अर्चना का कबूलनामा

अर्चना पूरन सिंह दशकों से इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। ‘कुछ कुछ होता है’ की मिस ब्रिगेंजा हो या कॉमेडी सर्कस की जज, उन्होंने हमेशा अपनी ऊर्जा से दर्शकों का दिल जीता है। लेकिन हाल ही में जब उन्होंने अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बात की, तो हर कोई हैरान रह गया।

दर्दनाक खुलासा: अर्चना ने बताया कि जब वह नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होने वाले शो की शूटिंग कर रही थीं, तब वह अपने जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रही थीं। उन्हें CRPS हो गया था। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें इंसान को लगातार और तीव्र जलन वाला दर्द महसूस होता है। उन्होंने बताया कि शो के दौरान वह अपनी कुर्सी पर बैठी रहती थीं, मुस्कुराती थीं, लेकिन उनके पैर और शरीर का एक हिस्सा आग की तरह जल रहा होता था।

दर्शकों को स्क्रीन पर सिर्फ उनके ठहाके सुनाई दिए, लेकिन उन ठहाकों के बीच जो सिसकियां थीं, वो किसी ने नहीं सुनीं। उन्होंने 30 दिनों तक शूटिंग पूरी की, क्योंकि वह अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध थीं। यह घटना साबित करती है कि ‘शो मस्ट गो ऑन’ (The Show Must Go On) केवल एक कहावत नहीं, बल्कि कलाकारों के जीवन का एक कठोर सत्य है।

Archana Puran Singh CRPS

2. क्या है CRPS बीमारी? (Understanding CRPS)

आम जनता के लिए CRPS एक नया शब्द हो सकता है, लेकिन चिकित्सा जगत में इसे सबसे दर्दनाक स्थितियों में से एक माना जाता है। इसे Complex Regional Pain Syndrome कहा जाता है।

बीमारी की गंभीरता: यह बीमारी कितनी खतरनाक है, इसका अंदाजा आप ‘मैकगिल पेन इंडेक्स’ (McGill Pain Index) से लगा सकते हैं। यह इंडेक्स दर्द की तीव्रता को मापता है।

  • इस इंडेक्स में CRPS को 50 में से 42 का स्कोर दिया गया है।
  • तुलना के लिए, कैंसर के दर्द को 24-28 और बच्चे को जन्म देने (Labor Pain) के दर्द को 35-37 माना जाता है।
  • यानी अर्चना पूरन सिंह जिस दर्द को सहन कर रही थीं, वह बच्चे को जन्म देने या उंगली कटने के दर्द से भी कहीं ज्यादा भयानक था। इसीलिए इसे अनौपचारिक रूप से ‘सुसाइड डिजीज’ भी कहा जाता है क्योंकि कई मरीज दर्द सहन न कर पाने के कारण हताश हो जाते हैं।

यह क्यों होता है? यह आमतौर पर किसी चोट, सर्जरी, स्ट्रोक या दिल के दौरे के बाद होता है। इसमें शरीर का नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) कन्फ्यूज हो जाता है और मस्तिष्क को लगातार दर्द के संकेत भेजता रहता है, भले ही चोट ठीक हो गई हो। अर्चना के मामले में, यह दर्द इतना तीव्र था कि उनका सामान्य जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था।

3. शूटिंग के वो 30 दिन: एक अग्निपरीक्षा

जरा कल्पना कीजिए कि आपके शरीर का कोई हिस्सा जल रहा हो, आपको ऐसा लग रहा हो जैसे कोई हड्डियों को कुचल रहा है, और आपके सामने कैमरा ऑन हो जाए। डायरेक्टर कहे “एक्शन” और आपको जोर से हंसना पड़े। अर्चना पूरन सिंह ने यही किया।

सेट पर संघर्ष: रिपोर्ट्स के मुताबिक, अर्चना सेट पर बेहद आरामदायक चप्पलें पहनकर आती थीं या कई बार शूटिंग के बीच में जब कैमरा उन पर नहीं होता था, तो वह दर्द से राहत पाने की कोशिश करती थीं।

  • मेकअप रूम से सेट तक जाने का सफर भी उनके लिए किसी पहाड़ चढ़ने जैसा था।
  • कपिल शर्मा और उनकी टीम के जोक्स पर हंसना उनकी नौकरी थी, लेकिन उस वक्त उनका दिमाग सिर्फ अपने दर्द पर केंद्रित था।
  • उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, “मैं नहीं चाहती थी कि मेरी वजह से शूटिंग रुके या किसी को परेशानी हो। मैंने पेनकिलर्स और अपनी इच्छाशक्ति के दम पर वो महीना निकाला।”

यह समर्पण दिखाता है कि Archana Puran Singh सिर्फ एक सेलिब्रिटी नहीं, बल्कि एक योद्धा हैं। नए कलाकारों के लिए यह एक बहुत बड़ी सीख है कि सफलता आसानी से नहीं मिलती, इसके लिए कई बार अपने शरीर और मन से युद्ध लड़ना पड़ता है।

Archana Puran Singh CRPS

4. ‘लाफ्टर क्वीन’ का विरोधाभास: जो सबको हंसाए, वो खुद रोए

अर्चना पूरन सिंह की छवि एक खुशमिजाज इंसान की है। सोशल मीडिया पर भी वह अपने पति परमीत सेठी और बेटों के साथ मजेदार वीडियो डालती रहती हैं। लेकिन इस बीमारी ने उनके जीवन के उस पहलू को उजागर किया है जो अक्सर कैमरों से छिपा रहता है।

मनोवैज्ञानिक रूप से यह स्थिति बहुत कठिन होती है। जब आप Chronic Pain (पुराने दर्द) से जूझ रहे होते हैं, तो अवसाद (Depression) और चिंता (Anxiety) होना आम बात है। लेकिन अर्चना को अपनी प्रोफेशनल छवि बनाए रखनी थी। दुनिया उन्हें दुखी नहीं देखना चाहती। यह एक कलाकार का सबसे बड़ा बोझ होता है—उन्हें हमेशा ‘परफेक्ट’ दिखना होता है।

अर्चना ने इस दर्द को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने इसे एक चुनौती की तरह स्वीकार किया। हालांकि, अब जब उन्होंने इसके बारे में बात की है, तो उन्होंने लाखों लोगों को यह संदेश दिया है कि अगर आप मुस्कुरा रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप दर्द में नहीं हैं।

5. CRPS के लक्षण और पहचान (Symptoms Awareness)

चूंकि Archana Puran Singh CRPS की खबर सुर्खियों में है, इसलिए स्वास्थ्य जागरूकता के लिहाज से इसके लक्षणों को जानना जरूरी है। बहुत से लोग इसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

मुख्य लक्षण:

  1. लगातार जलन वाला दर्द: प्रभावित हिस्से (हाथ, पैर) में तेज जलन या चुभन महसूस होना।
  2. स्पर्श के प्रति अतिसंवेदनशीलता: प्रभावित हिस्से पर हवा का झोंका या कपड़े का स्पर्श भी असहनीय दर्द दे सकता है। इसे ‘एलोडिनिया’ (Allodynia) कहते हैं।
  3. सूजन और रंग बदलना: त्वचा का रंग लाल या नीला पड़ सकता है और वहां सूजन आ सकती है।
  4. तापमान में बदलाव: प्रभावित अंग दूसरे अंग की तुलना में ज्यादा गर्म या ठंडा महसूस हो सकता है।
  5. नाखून और बालों में बदलाव: प्रभावित हिस्से के बाल और नाखून या तो बहुत तेजी से बढ़ते हैं या बिल्कुल नहीं बढ़ते।

अर्चना पूरन सिंह ने बताया कि उन्हें भी ऐसे ही लक्षण महसूस हो रहे थे। समय पर सही इलाज और थेरेपी ही इससे राहत दिला सकती है।

6. बॉलीवुड और दर्द की दास्तां: अर्चना अकेली नहीं

अर्चना पूरन सिंह की कहानी हमें बॉलीवुड के उन अन्य सितारों की याद दिलाती है जिन्होंने गंभीर बीमारियों के बावजूद काम जारी रखा।

  • ऋतिक रोशन: ब्रेन सर्जरी और स्लिप डिस्क के बावजूद वे एक्शन फिल्में करते हैं।
  • अमिताभ बच्चन: ‘कुली’ हादसे के बाद मायस्थेनिया ग्रेविस और लिवर की समस्याओं से जूझते हुए भी वे आज तक सक्रिय हैं।
  • सलमान खान: वे ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया (Trigeminal Neuralgia) नामक बीमारी से पीड़ित रहे हैं, जिसे भी ‘सुसाइड डिजीज’ कहा जाता है, फिर भी उन्होंने शूटिंग नहीं रोकी।

अर्चना पूरन सिंह अब इस लिस्ट में शामिल हो गई हैं। उनका यह कदम महिला कलाकारों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक है, जिन्हें अक्सर इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाए रखने के लिए दोहरी मेहनत करनी पड़ती है।

Archana Puran Singh CRPS

7. सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया: फैंस का उमड़ा प्यार

जैसे ही यह खबर बाहर आई, सोशल मीडिया पर अर्चना पूरन सिंह के लिए प्रार्थनाओं और समर्थन का दौर शुरू हो गया। जो लोग कल तक उन्हें सिर्फ “कुर्सी पर बैठकर हंसने के पैसे लेने वाली” कहकर ट्रोल करते थे, आज वही लोग उनके जज़्बे को सलाम कर रहे हैं।

ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #GetWellSoonArchana और #ArchanaPuranSingh ट्रेंड करने लगा।

  • एक यूजर ने लिखा: “हमें नहीं पता था कि आप इतने दर्द में थीं। आपकी हंसी ने हमें धोखा दिया। आप सच में बहादुर हैं।”
  • दूसरे यूजर ने लिखा: “मैकगिल इंडेक्स में 42 स्कोर वाला दर्द सहकर शूटिंग करना कोई मजाक नहीं है। रिस्पेक्ट मैम!”

यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि जनता अब कलाकारों के मानवीय पहलू को समझने लगी है। यह सहानुभूति अर्चना के लिए सबसे बड़ी दवा साबित हो सकती है।

8. इलाज और रिकवरी: आगे की राह

CRPS Treatment एक लंबी और थकाऊ प्रक्रिया है। इसका कोई एक जादुई इलाज नहीं है। अर्चना पूरन सिंह फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में हैं और विभिन्न प्रकार की थेरेपी ले रही हैं।

उपचार के तरीके:

  • फिजियोथेरेपी: प्रभावित अंग को सक्रिय रखने के लिए व्यायाम बहुत जरूरी है ताकि वह अकड़ न जाए।
  • दवाएं: दर्द कम करने के लिए नर्व पेन किलर, एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं और कभी-कभी स्टेरॉयड का उपयोग किया जाता है।
  • नर्व ब्लॉक: कुछ मामलों में, दर्द के संकेतों को रोकने के लिए नसों में इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
  • मनोवैज्ञानिक सहायता: पुराने दर्द से निपटने के लिए परामर्श (Counseling) भी महत्वपूर्ण है।

अर्चना ने संकेत दिया है कि वह धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं, लेकिन यह सफर आसान नहीं है। उन्हें अभी भी बहुत सावधानी बरतनी पड़ रही है।

9. ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ और टीम का समर्थन

कपिल शर्मा और उनकी टीम का अर्चना के साथ रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि जब टीम को अर्चना की हालत के बारे में पता चला, तो उन्होंने पूरा सहयोग किया।

  • शूटिंग के शेड्यूल को थोड़ा लचीला बनाया गया।
  • ब्रेक के दौरान उन्हें आराम देने की पूरी कोशिश की गई।

एक अच्छे कार्यस्थल (Workplace) का यही महत्व होता है। जब आपके सहकर्मी आपकी तकलीफ को समझते हैं, तो दर्द थोड़ा कम हो जाता है। कपिल शर्मा अक्सर शो में अर्चना का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन असल जिंदगी में वे उनका कितना सम्मान करते हैं, यह इस कठिन समय में स्पष्ट हो गया है।

10. समाज के लिए संदेश: ‘अदृश्य बीमारी’ को समझें

Archana Puran Singh की कहानी एक बहुत बड़े सामाजिक मुद्दे की ओर इशारा करती है—अदृश्य बीमारियां (Invisible Illnesses)। हमारे आसपास ऐसे कई लोग हैं जो बाहर से बिल्कुल स्वस्थ दिखते हैं, लेकिन अंदर से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे होते हैं। चाहे वह फाइब્રોमायल्जिया हो, आर्थराइटिस हो या CRPS।

  • अक्सर लोग ऐसे मरीजों को “नाटक करने वाला” या “आलसी” समझ लेते हैं।
  • अर्चना ने अपनी कहानी साझा करके ऐसे लाखों मरीजों को आवाज दी है।
  • उन्होंने सिखाया है कि हमें किसी के भी बारे में जल्दी राय नहीं बनानी चाहिए, क्योंकि हमें नहीं पता कि वह किस जंग से लड़ रहा है।

11. एक महिला, पत्नी और मां के रूप में संघर्ष

अर्चना सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं हैं, वह एक पत्नी और दो बेटों की मां भी हैं। घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ इस बीमारी को संभालना और फिर काम पर जाना—यह मल्टीटास्किंग का एक चरम उदाहरण है। उनके पति परमीत सेठी इस दौरान उनके सबसे बड़े संबल बने रहे। परिवार का सहयोग किसी भी बीमारी से लड़ने में सबसे बड़ा हथियार होता है। अर्चना ने साबित किया है कि भारतीय नारी का संयम और सहनशक्ति असीमित है।

12. करियर पर प्रभाव: क्या वह ब्रेक लेंगी?

फैंस के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस बीमारी के कारण अर्चना पूरन सिंह काम से ब्रेक लेंगी? फिलहाल, उनके जज़्बे को देखकर ऐसा नहीं लगता। वह एक फाइटर हैं। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी होगी, लेकिन जिस तरह उन्होंने दर्द के चरम पर भी 30 दिन शूटिंग की, उससे लगता है कि वह स्क्रीन से दूर नहीं रहने वालीं। वह शायद अपने काम की गति को थोड़ा धीमा करें, लेकिन रुकेंगी नहीं। उनकी उपस्थिति शो की जान है, और मेकर्स भी चाहेंगे कि वह किसी न किसी रूप में जुड़ी रहें।

13. असली हीरो रील नहीं, रियल लाइफ में होते हैं

अर्चना पूरन सिंह की CRPS Journey हमें सिखाती है कि असली वीरता फिल्मों के स्टंट में नहीं, बल्कि जीवन की मुश्किलों का सामना मुस्कुराते हुए करने में है। 30 दिन, असहनीय दर्द और चेहरे पर वही पुरानी हंसी—यह समीकरण बैठाना किसी साधारण इंसान के बस की बात नहीं थी। अर्चना ने यह करके दिखाया है।

आज जब हम The Great Indian Kapil Show का कोई एपिसोड देखेंगे और अर्चना पूरन सिंह को हंसते हुए देखेंगे, तो हमारे मन में उनके लिए सम्मान और बढ़ जाएगा। हम उस हंसी के पीछे छिपी उस तपस्या को देख पाएंगे जो एक कलाकार अपने दर्शकों के लिए करता है।

हम अर्चना पूरन सिंह के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उनकी यह कहानी आने वाले वर्षों तक लोगों को प्रेरित करती रहेगी कि हालात चाहे कितने भी विपरीत क्यों न हों, काम और कर्तव्य के प्रति निष्ठा कभी कम नहीं होनी चाहिए।

सलाम है आपके जज़्बे को, अर्चना जी!

By Isha Patel

Isha Patel Tez Khabri के साथ जुड़ी एक समाचार रिपोर्टर हैं। वे भारत और राज्यों से जुड़ी ताज़ा, ब्रेकिंग और जनहित से संबंधित खबरों को कवर करती हैं। Isha Patel शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर सत्यापित व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करती हैं।

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