“जय सोमनाथ!” के उद्घोष से आज पूरा अरब सागर का तट गूंज उठा। गुजरात की पावन धरा और प्रथम ज्योतिर्लिंग Somnath Temple (सोमनाथ मंदिर) ने आज इतिहास और आधुनिकता का एक ऐसा संगम देखा, जिसने न केवल वहां मौजूद लाखों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, बल्कि पूरी दुनिया को भारत की सांस्कृतिक भव्यता का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री Narendra Modi, जो श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं, आज गुजरात दौरे पर थे। उनका यह दौरा सामान्य नहीं था। आज सोमनाथ में ‘भक्ति और शक्ति’ का मिलन हुआ। पीएम मोदी ने न केवल महादेव का रुद्राभिषेक किया, बल्कि एक ऐतिहासिक ‘Shaurya Yatra’ (शौर्य यात्रा) का नेतृत्व भी किया। शाम होते-होते आसमान में Drone Show ने जो आकृतियां उकेरीं, उसने लोगों को पलक झपकाने का मौका भी नहीं दिया।
इस 3000 शब्दों के विस्तृत ब्लॉग में, हम आपको इस ऐतिहासिक दिन की पल-पल की जानकारी, PM Modi Somnath Visit के प्रमुख आकर्षण, ड्रोन शो की भव्यता और सोमनाथ के इस नए स्वरूप के बारे में गहराई से बताएंगे।
1. सोमनाथ की धरती पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत
सुबह करीब 10 बजे जब प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर सोमनाथ के हेलीपैड पर उतरा, तो पूरा वातावरण शंखनाद और डमरू की ध्वनि से गूंज रहा था। गुजरात के मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने उनका स्वागत किया। लेकिन असली स्वागत तो जनता ने किया। सड़क के दोनों ओर खड़े हजारों लोगों ने फूलों की वर्षा करके अपने प्रधान सेवक का अभिनंदन किया।
परंपरागत वेशभूषा: प्रधानमंत्री मोदी आज पूरी तरह से आध्यात्मिक रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने पारंपरिक धोती-कुर्ता और कंधे पर रुद्राक्ष की माला के साथ एक विशेष शॉल धारण की हुई थी, जो सौराष्ट्र की संस्कृति की झलक पेश कर रही थी।

2. गर्भगृह में रुद्राभिषेक और ‘राष्ट्र रक्षा’ संकल्प
सबसे पहले पीएम मोदी ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया। वहां उन्होंने Somnath Mahadev का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया।
- विशेष पूजा: पुजारियों के अनुसार, पीएम मोदी ने ‘राष्ट्र रक्षा’ और ‘विश्व शांति’ के संकल्प के साथ विशेष अनुष्ठાન किया।
- महामृत्युंजय मंत्र: करीब 45 मिनट तक चले इस पूजन में 11 वैदिक ब्राह्मणों ने महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया।
पीएम मोदी की शिव भक्ति जगजाहिर है। केदारनाथ हो या काशी विश्वनाथ, और अब सोमनाथ—हर जगह उन्होंने आस्था के केंद्रों को विकास से जोड़ा है। पूजा के बाद उन्होंने नंदी की प्रतिमा के कान में अपनी प्रार्थना कही, जो एक पुरानी परंपरा है।
3. ऐतिहासिक ‘शौर्य यात्रा’: भक्ति और शक्ति का प्रदर्शन
आज के दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण थी—Shaurya Yatra। यह केवल एक शोभायात्रा नहीं थी, बल्कि यह सोमनाथ के इतिहास को नमन करने का एक तरीका था। सोमनाथ मंदिर ने इतिहास में 17 बार आक्रमण झेले हैं, लेकिन हर बार यह अपनी राख से उठ खड़ा हुआ। यह यात्रा उसी अदम्य साहस का प्रतीक थी।
यात्रा की मुख्य झलकियाँ:
- पीएम मोदी का नेतृत्व: प्रधानमंत्री मोदी ने हाथ में ध्वज थामकर इस यात्रा की शुरुआत की। वे कुछ दूर तक पैदल चले, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए एक दुर्लभ दृश्य था।
- झांकियां: यात्रा में छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप, और सरदार वल्लभभाई पटेल (जिन्होंने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया) की झांकियां शामिल थीं।
- सांस्कृतिक प्रदर्शन: गुजरात के सिद्दी धमाल नृत्य, डांडिया रास, और तलवार बाजी (Talwar Raas) के करतब दिखाते कलाकारों ने समां बांध दिया।
- अશ્વદળ (Cavalry): काठियावाड़ी घोड़ों पर सवार पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवकों ने ‘शौर्य’ का प्रदर्शन किया।
इस Shaurya Yatra in Somnath ने यह संदेश दिया कि भारत अब अपनी विरासत पर गर्व करता है और अपनी सुरक्षा के लिए सक्षम है।
4. 1500 ड्रोन का जादुई शो: आसमान में उतरा ‘शिवलोक’
जैसे ही सूरज अरब सागर में डूबा और अंधेरा छाया, सोमनाथ मंदिर के पीछे का आकाश जगमगा उठा। यह तारों की रोशनी नहीं थी, यह था India’s Biggest Drone Show।
करीब 1500 स्वदेशी ड्रोन्स ने एक साथ उड़ान भरी और संगीत की धुन पर हवा में ऐसी आकृतियां बनाईं कि दर्शक ‘વાહ-વાહ’ कर उठे।

ड्रोन शो के प्रमुख आकर्षण:
- शिव तांडव: ड्रोन्स ने हवा में भगवान शिव की नटराज मुद्रा बनाई, जो धीरे-धीरे मूव कर रही थी। बैकग्राउंड में ‘शिव तांडव स्तोत्र’ बज रहा था।
- ત્રિશૂલ અને ડમરુ: हवा में 3D त्रिशूल और डमरू का निर्माण अद्भुत था।
- सरदार पटेल को नमन: ड्रोन्स ने सरदार वल्लभभाई पटेल का चेहरा बनाया और नीचे लिखा—“The Iron Man”। यह उस महापुरुष को श्रद्धांजलि थी जिन्होंने कसम खाई थी कि समुद्र का पानी हाथ में लेकर सोमनाथ का पुनर्निर्माण करेंगे।
- विकसित भारत 2047: अंत में ड्रोन्स ने भारत का नक्शा और ‘विकसित भारत’ का लोगो बनाया, जिसे देखकर पीएम मोदी भी तालियां बजाતે नजर आए।
यह Somnath Drone Show तकनीक और परंपरा का बेहतरीन उदाहरण था।
5. मंदिर की भव्य रोशनी (Illumination): सोने सा चमका सोमनाथ
ड्रोन शो के अलावा, मंदिर की सजावट (Decoration) भी देखने लायक थी।
- थीम लाइटिंग: पूरे मंदिर परिसर को अत्याधुनिक LED Lights से सजाया गया था। हर 5 मिनट में मंदिर का रंग बदल रहा था—कभी भगवा, कभी नीला, तो कभी तिरंगे के रंगों में।
- लेज़र शो: मंदिर के शिखर पर एक विशेष लेज़र शो आयोजित किया गया, जिसमें सोमनाथ के विध्वंस और पुनर्निर्माण की कहानी (Light and Sound Show) दिखाई गई।
- समुद्र में प्रतिबिंब: मंदिर की रोशनी जब अरब सागर की लहरों पर पड़ रही थी, तो ऐसा लग रहा था मानो समुद्र भी महादेव की आरती उतार रहा हो।
6. पीएम मोदी का संबोधन: ‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति’
शौर्य यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद, प्रधानमंत्री ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। उनके भाषण में Cultural Nationalism (સાંસ્કૃતિક રાષ્ટ્રવાદ) और विकास का મિશ્રણ હતું.
“सोमनाथ केवल ईंट-पत्थर का मंदिर नहीं है, यह मानवीय मूल्यों और भारत के स्वाभिमान का प्रतीक है। आक्रांताओं ने इसे तोड़ा, लूटा, लेकिन वे हमारी आस्था को नहीं मिटा सके। आज का यह ‘शौर्य’ दिवस हमें याद दिलाता है कि आतंक चाहे कितना भी शक्तिशाली हो, आस्था और सत्य के आगे उसे झुकना ही पड़ता है।”
उन्होंने आगे कहा:
“हमने ‘गुलामी की मानसिकता’ से मुक्ति का संकल्प लिया है। आज हमारे तीर्थस्थल केवल पूजा के केंद्र नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था और पर्यटन के इंजन बन रहे हैं।”
7. विकास कार्यों की सौगात: पार्वती मंदिर और वॉकवे
पीएम मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान सोमनाथ में चल रहे विकास कार्यों (Development Projects) का भी जायजा लिया।
- पार्वती मंदिर: सफेद पत्थर से बने नवनिर्मિત पार्वती मंदिर का उन्होंने લોકાર્પણ (inauguration) किया। इस मंदिर की नींव उन्होंने 2021 में रखी थी। यह मंदिर वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है।
- सोमनाथ प्रोमेनेड: समुद्र किनारे बने वॉकवे (Promenade) के विस्तार की योजना को भी हरी झंडी दिखाई गई। इसे ‘Spiritual Marine Drive’ की तर्ज पर વિકસિત किया जा रहा है।
- लिफ्ट सुविधा: बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए मंदिर में नई हाई-स्पीड लिफ्ट का उद्घाटन किया गया।
8. जनता का उत्साह: ‘मोदी-मोदी’ और ‘हर-हर महादेव’
भीड़ का उत्साह चरम पर था। न केवल गुजरात, बल्कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र से भी श्रद्धालु इस पल का ગવાહ बनने आए थे। एक श्रद्धालु, रमेशभाई पटेल ने कहा:
“मैं पिछले 20 साल से सोमनाथ आ रहा हूं, लेकिन ऐसा नजारा मैंने कभी नहीं देखा। आज लग रहा है कि देवलोक धरती पर उतर आया है। मोदीजी ने हमारे तीर्थों की કાયાપલટ कर दी है।”
युवाओं में Drone Show को लेकर खासा क्रेज था। सोशल मीडिया पर #SomnathWithModi और #ShauryaYatra ट्रेंड कर रहा है।
9. सुरक्षा व्यवस्था: अभेद्य किले में तब्दील प्रभास पाटन
इतने बड़े वीआईपी मूवमेंट और लाखों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा (Security Arrangements) के कड़े इंतजाम किए गए थे।
- SPG: मंदिर के आंतरिक घेरे की सुरक्षा SPG (Special Protection Group) के हाथ में थी।
- NSG और मરીન કમાન્ડો: समुद्र के रास्ते किसी भी खतरे को रोकने के लिए नौसेना और कोस्ट गार्ड के जहाज तैनात थे।
- CCTV और AI: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले कैमरों का इस्तेमाल किया गया।
10. सोमनाथ का इतिहास: विध्वंस से विकास तक
इस भव्यता के बीच हमें सोमनाथ के संघर्षपूर्ण इतिहास (History of Somnath) को नहीं भूलना चाहिए।
- इसे “द ઈટર્નલ શ્રાઈન” (The Eternal Shrine) कहा जाता है।
- महमूद गजनवी (1026 ई.) से लेकर औरंगजेब तक, इसे 17 बार नष्ट किया गया।
- आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने 13 नवंबर 1947 को समुद्र तट पर संकल्प लिया था कि इस मंदिर का पुनर्निर्माण होगा।
- 1951 में भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसकी प्राण-प्रतिष्ठा की थी।
आज 2026 में, यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भारत की Resilience (લવચીકતા/જીજીવિષા) का જીવંત ઉદાહરણ છે.
11. पर्यटन को बढ़ावा (Boost to Tourism)
पीएम मोदी के इस दौरे से Gujarat Tourism को भारी બૂસ્ટ मिलने की उम्मीद है।
- Spiritual Circuit: द्वारका, सोमनाथ, और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को जोड़ने वाले सर्किट में पर्यटकों की रुचि बढ़ेगी।
- Local Economy: होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय दुकानदारों को ऐसे आयोजनों से આર્થિક ફાયદો થાય છે. सोमनाथ ट्रस्ट ने घोषणा की है कि आने वाले दिनों में यहां ‘લેઝર શો’ (Laser Show) નિયમિત રૂપે યોજાશે.
11 जनवरी, 2026 का दिन सोमनाथ के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में લખાશે. PM Modi’s Visit ने साबित કરી દીધું કે આધુનિક ભારત પોતાની જડ (Roots) સાથે જોડાયેલો રહીને જ આકાશ (Technology/Drones) ને આંબી શકે છે.
Shaurya Yatra ने हमें हमारे વીરોની યાદ અપાવી, તો Drone Show ने ભવિષ્યની ઝલક દેખાડી. સોમનાથ મહાદેવના સાનિધ્યમાં આયોજિત આ કાર્યક્રમ માત્ર એક ઉત્સવ નહોતો, પણ એક ‘નવા ભારત’નો ઉદ્ઘોષ હતો.
જો તમે હજુ સુધી સોમનાથ નથી ગયા, તો તમારા ટ્રાવેલ પ્લાનમાં આ જગ્યાને ચોક્કસ સામેલ કરજો. અહીં તમને શાંતિ, શક્તિ અને સૌંદર્યનો ત્રિવેણી સંગમ જોવા મળશે.
जय सोमनाथ! जय हिंद!
