Ahmedabad Flower Show

साबरमती रिवरफ्रंट (Sabarmati Riverfront) इस समय किसी जादुई दुनिया जैसा नजर आ रहा है। 2026 का अहमदाबाद फ्लावर शो अपनी भव्यता और खूबसूरती के साथ वापस आ गया है। इस साल का आयोजन न केवल स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है।

इस बार अहमदाबाद फ्लावर शो में 30 लाख से अधिक फूलों का उपयोग किया गया है और सबसे खास बात यह है कि इस आयोजन ने 2 वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। आइए इस विस्तृत ब्लॉग में जानते हैं इस “फूलों के स्वर्ग” की पूरी जानकारी।

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) द्वारा आयोजित यह फ्लावर शो हर साल की तुलना में इस बार कहीं अधिक विशाल है। साबरमती रिवरफ्रंट के इवेंट सेंटर में रंगों और सुगंध का ऐसा संगम पहले कभी नहीं देखा गया।

30 लाख फूलों की अद्भुत सजावट

इस साल प्रदर्शनी में 30 लाख से अधिक देशी और विदेशी फूलों का उपयोग किया गया है। यहाँ फूलों की 450 से अधिक प्रजातियां देखने को मिल रही हैं। नीदरलैंड के ट्यूलिप से लेकर ऑर्किड, हाइड्रेंजिया और विदेशी लिली तक, यहाँ हर तरफ फूलों की चादर बिछी है।

Ahmedabad Flower Show

2 वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने रचा इतिहास

अहमदाबाद फ्लावर शो 2026 ने दो बड़े वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किए हैं:

  • दुनिया का सबसे लंबा फ्लावर स्ट्रक्चर (Longest Flower Structure): फूलों से बनी एक विशाल दीवार और कलाकृति को दुनिया के सबसे लंबे फूलों के ढांचे के रूप में मान्यता मिली है।
  • फूलों की प्रजातियों की सबसे बड़ी विविधता (Largest Variety of Flowers): एक ही स्थान पर सबसे अधिक प्रकार की फूलों की प्रजातियों के प्रदर्शन के लिए दूसरा वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

प्रमुख आकर्षण जो आपका दिल जीत लेंगे

यदि आप इस शो में जाने का प्लान कर रहे हैं, तो इन चीजों को देखना न भूलें:

  • ऐतिहासिक प्रतीकों की आकृतियाँ: फूलों की मदद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, नए संसद भवन और अयोध्या के राम मंदिर की विशाल और जीवंत आकृतियाँ बनाई गई हैं।
  • फ्लावर टनल: 100 फीट से लंबी एक फूलों की सुरंग बनाई गई है, जो इस बार का सबसे बड़ा ‘सेल्फी पॉइंट’ बनी हुई है।
  • विकसित भारत @ 2047 थीम: भारत की प्रगति और भविष्य की तकनीक को फूलों के माध्यम से बहुत ही खूबसूरती से दर्शाया गया है।
  • फ्लोटिंग गार्डन: साबरमती नदी के पानी पर तैरते हुए फूलों के छोटे-छोटे द्वीप (Floating Islands) आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

विजिटर्स गाइड: कैसे पहुँचें और क्या है टिकट की जानकारी?

यह शो आम जनता के लिए पूरी तरह से तैयार है। यहाँ जाने से पहले ये बातें जान लें:

  • समय: सुबह 9:00 बजे से रात 10:00 बजे तक।
  • स्थान: साबरमती रिवरफ्रंट (इवेंट सेंटर), अहमदाबाद।
  • टिकट: आप AMC की आधिकारिक वेबसाइट या ‘अहमदाबाद फ्लावर शो’ ऐप के जरिए ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। गेट पर भी टिकट काउंटर उपलब्ध हैं (भीड़ से बचने के लिए ऑनलाइन बेहतर है)।
  • सुविधाएं: बुजुर्गों के लिए गोल्फ कार्ट, पीने का पानी और विशाल फूड कोर्ट की व्यवस्था की गई है।
Ahmedabad Flower Show

पर्यावरण और बागवानी का ज्ञान

यह आयोजन सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं है। यहाँ बागवानी प्रेमियों के लिए विशेष वर्कशॉप आयोजित की जा रही हैं।

  • अर्बन फार्मिंग: शहर में रहने वाले लोग अपने घर की बालकनी या छत पर सब्जियां और फूल कैसे उगाएं, इसके लाइव डेमो दिए जा रहे हैं।
  • नर्सरी मार्केट: यहाँ से आप अपने पसंदीदा फूलों के पौधे और ऑर्गेनिक खाद भी खरीद सकते हैं।

अहमदाबाद फ्लावर शो 2026 की भव्यता को और करीब से समझने के लिए हम इस ब्लॉग में कुछ और रोमांचक और नई जानकारियां जोड़ रहे हैं। ये टॉपिक्स न केवल आपकी जानकारी बढ़ाएंगे बल्कि आपकी यात्रा को भी यादगार बना देंगे।

अहमदाबाद फ्लावर शो 2026: तकनीक, कला और प्रकृति का अनोखा संगम

रात का नजारा: ‘म्यूजिकल फाउंटेन और लेजर शो’

अहमदाबाद फ्लावर शो केवल दिन की खूबसूरती तक सीमित नहीं है। इस बार पहली बार नाइट फ्लावर शो का अनुभव पेश किया गया है।

  • लेजर प्रोजेक्शन: शाम ढलते ही फूलों की विशाल आकृतियों पर लेजर लाइट के जरिए विशेष कहानी (Storytelling) दिखाई जाती है।
  • म्यूजिकल फाउंटेन: फूलों की सुगंध के बीच साबरमती नदी के किनारे संगीत और पानी के फव्वारों का शो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। रात की रोशनी में खिले हुए 30 लाख फूल एक अलग ही आभा बिखेरते हैं।

तकनीक का जादू: ‘AR (ऑगमेंटेड रियलिटी) फ्लावर एक्सपीरियंस’

2026 के इस शो में आधुनिक तकनीक का जबरदस्त इस्तेमाल किया गया है।

  • स्मार्ट क्यूआर कोड: प्रत्येक दुर्लभ फूल के पास एक क्यूआर कोड लगाया गया है। इसे स्कैन करते ही आपके मोबाइल स्क्रीन पर उस फूल के बारे में जानकारी, उसकी उत्पत्ति का देश और उसे उगाने का तरीका एनिमेटेड रूप में दिखाई देता है।
  • डिजिटल गार्डन: जो बच्चे प्रकृति के बारे में सीखना चाहते हैं, उनके लिए वर्चुअल रियलिटी (VR) जोन बनाया गया है, जहां वे वर्चुअल रूप से फूलों के खिलने की प्रक्रिया देख सकते हैं।

फोटोग्राफी लवर्स के लिए ‘एक्सक्लूसिव जोन’

सोशल मीडिया के दौर में फोटो खिंचवाना एक जरूरी हिस्सा बन गया है। इस बार ‘इन्स्टाग्राम-फ्रेंडली’ डिजाइन पर खास ध्यान दिया गया है:

  • फ्लावर सोफा और चेयर्स: फूलों से बने असली दिखने वाले सोफे और कुर्सियां, जहां बैठकर आप महाराजा-महारानी जैसा अनुभव महसूस कर सकते हैं।
  • विशाल तितली और मोर: 20 फीट ऊंचे फूलों से बने मोर और रंग-बिरंगी तितलियाँ इस साल की सबसे ज्यादा फोटो खींची जाने वाली कलाकृतियाँ बनी हैं।

ममता और बच्चों के लिए खास सुविधाएं

भीड़भाड़ को देखते हुए प्रशासन ने इस बार परिवारों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं:

  • किड्स जोन: फूलों के बारे में बच्चों को सिखाने के लिए छोटे बगीचे और पेंटिंग कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया है।
  • क्रैच और नर्सिंग स्टेशन: छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं के लिए आरामदायक और सुरक्षित स्थानों की व्यवस्था की गई है।

शहरी बागवानी (Urban Gardening) की नई तकनीकें

अगर आप अहमदाबाद के व्यस्त जीवन में अपने घर को हरा-भरा रखना चाहते हैं, तो यहाँ कुछ खास है:

  • माइक्रो-ग्रीन्स वर्कशॉप: बहुत कम जगह में पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियां कैसे उगाएं, इसके लिए प्रतिदिन एक्सपर्ट्स ट्रेनिंग दे रहे हैं।
  • स्मार्ट सिंचाई: उन लोगों के लिए विशेष प्रदर्शनी है जो अक्सर यात्रा पर रहते हैं। यहाँ सेंसर-आधारित ऑटोमैटिक सिंचाई किट दिखाई गई हैं जो मिट्टी के सूखने पर खुद ही पौधों को पानी दे देती हैं।

लोकल इकोनॉमी और रोजगार को बढ़ावा

यह फ्लावर शो न केवल पर्यटन बढ़ा रहा है बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी मददगार है:

  • सखी मंडल स्टॉल: गुजरात के विभिन्न गांवों की महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए विशेष जगह दी गई है।
  • माली भाइयों का सम्मान: इस शो को सजाने वाले 500 से अधिक मालियों के योगदान को दर्शाने वाली एक विशेष वॉल बनाई गई है, जो इस आयोजन के पीछे की असली मेहनत को सलाम करती है।

आगंतुकों के लिए विशेष सुझाव

  • पीक आवर्स से बचें: शनिवार और रविवार को भीड़ बहुत अधिक होती है। यदि संभव हो, तो सोमवार से शुक्रवार के बीच सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक का समय सबसे शांत रहता है।
  • फुटवियर: रिवरफ्रंट पर काफी चलना पड़ता है, इसलिए आरामदायक जूते या सैंडल पहनकर आएं।
  • पर्यावरण का सम्मान: याद रखें, यह आपका शहर है। फूलों को न छुएं और कचरा केवल डस्टबिन में ही डालें।

By Meera Shah

मीरा तेज खबरी (Tez Khabri) के साथ जुड़ी एक समाचार लेखिका हैं। वे सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, महिला संबंधित विषयों और जनहित से जुड़ी खबरों पर लेखन करती हैं। मीरा का उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सत्यापित, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।

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