CIK की 10 जगहों पर छापेमारी

श्रीनगर में आज सुबह से ही सुरक्षा बलों और राज्य की काउंटर इंटेलिजेंस विंग (CIK) की बड़ी कार्रवाई जारी है। यह छापेमारी टेरर फंडिंग (Terror Funding) और साइबर धोखाधड़ी के गहरे नेक्सस को तोड़ने के लिए की जा रही है।

इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर आधारित एक विस्तृत और SEO फ्रेंडली ब्लॉग पोस्ट नीचे दी गई है:

श्रीनगर में CIK का बड़ा प्रहार: टेरर फंडिंग और साइबर फ्रॉड के खिलाफ 10 ठिकानों पर छापेमारी, हड़कंप!

CIK की 10 जगहों पर छापेमारी

Srinagar CIK Raids Today: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए सुरक्षा बल अब उनके आर्थिक स्रोतों (Economic Roots) पर प्रहार कर रहे हैं। आज, 7 जनवरी 2026 की सुबह जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग (CIK) ने श्रीनगर के अलग-अलग इलाकों में 10 से ज्यादा जगहों पर एक साथ छापेमारी की है।

यह छापेमारी विशेष रूप से उन संदिग्धों के खिलाफ है जो साइबर धोखाधड़ी के जरिए पैसा इकट्ठा कर उसे टेरर फंडिंग (आतंकवादी गतिविधियों) में इस्तेमाल कर रहे हैं।

1. छापेमारी का मुख्य उद्देश्य (Purpose of the Raid)

सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ गिरोह डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर आम लोगों के साथ साइबर फ्रॉड कर रहे हैं। इस अवैध तरीके से जुटाए गए धन का एक बड़ा हिस्सा कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने और आतंकी संगठनों की मदद के लिए भेजा जा रहा है।

CIK की 10 जगहों पर छापेमारी

इन क्षेत्रों में चल रही है कार्रवाई:

  • श्रीनगर का डाउनटाउन इलाका।
  • जबरवान और लाल बाजार के पास के आवासीय परिसर।
  • शहर के बाहरी इलाकों में स्थित कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठान।

2. साइबर फ्रॉड और आतंकवाद का नया ‘नेक्सस’

पिछले कुछ समय से जांच एजेंसियों ने एक नया पैटर्न देखा है, जिसे ‘Cyber-Terror Link’ कहा जा रहा है।

  • ऑनलाइन ठगी: अपराधी फेक इन्वेस्टमेंट ऐप्स और फिशिंग के जरिए पैसे लूटते हैं।
  • क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग: पकड़े जाने से बचने के लिए इस पैसे को अक्सर क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता है।
  • हवाला नेटवर्क: अंत में यह पैसा हवाला के जरिए सीमा पार बैठे आकाओं के निर्देश पर आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होता है।

3. अब तक क्या मिला? (Key Recoveries)

हालांकि CIK ने अभी तक आधिकारिक तौर पर पूरी लिस्ट साझा नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार छापेमारी में निम्नलिखित चीजें बरामद हुई हैं:

  1. डिजिटल उपकरण: कई स्मार्टफोन, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव जब्त किए गए हैं।
  2. बैंक दस्तावेज: संदिग्ध बैंक खातों की पासबुक और चेकबुक मिली हैं जिनमें भारी लेनदेन के प्रमाण हैं।
  3. सिम कार्ड: दर्जनों फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं जिनका उपयोग साइबर अपराध के लिए किया जा रहा था।

4. CIK की रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था

छापेमारी के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। आने-जाने वाले लोगों की पहचान की जांच की जा रही है। CIK के अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन शाम तक चल सकता है और कई गिरफ्तारियां भी संभव हैं।

5. आम जनता के लिए चेतावनी

इस कार्रवाई के बीच प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:

  • किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन स्कीम या कॉल पर भरोसा न करें।
  • अपनी बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें।
  • यदि आपके साथ कोई साइबर ठगी होती है, तो तुरंत 1930 पर रिपोर्ट करें, क्योंकि आपका पैसा अनजाने में देश के दुश्मनों के पास जा सकता है।

By Isha Patel

Isha Patel Tez Khabri के साथ जुड़ी एक समाचार रिपोर्टर हैं। वे भारत और राज्यों से जुड़ी ताज़ा, ब्रेकिंग और जनहित से संबंधित खबरों को कवर करती हैं। Isha Patel शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर सत्यापित व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करती हैं।

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