देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में इस समय दूषित पानी के कारण एक गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। जनवरी 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, शहर के भागीरथपुरा इलाके में डायरिया और हैजा (Cholera) का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
इंदौर जल संकट: दूषित पानी से हाहाकार, डायरिया के साथ हैजा की दस्तक
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जहरीले और दूषित पानी की आपूर्ति ने महामारी का रूप ले लिया है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं।

1. स्क्रीनिंग और नए मामले ( जनवरी 2026 अपडेट)
- 20 नए मामले: स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने रविवार को भागीरथपुरा के 2,354 घरों में करीब 9,416 लोगों की स्क्रीनिंग की, जिसमें डायरिया के 20 नए मरीज सामने आए हैं।
- अस्पताल में भर्ती: इस प्रकोप के शुरू होने से अब तक कुल 398 लोग अस्पताल पहुँच चुके हैं। वर्तमान में 142 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 11 मरीज आईसीयू (ICU) में जीवन और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
- हैजा की पुष्टि: चौंकाने वाली बात यह है कि चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती दो मासूम बच्चों (3 साल) में हैजा (Cholera) की पुष्टि हुई है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
2. मौतों के आंकड़ों पर विवाद
इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं:
- आधिकारिक आंकड़ा: प्रशासन ने अब तक 6 मौतों की पुष्टि की है।
- महापौर का बयान: इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 10 मौतों की जानकारी दी है।
- स्थानीय दावा: क्षेत्र के निवासियों और परिजनों का दावा है कि एक 6 महीने के बच्चे सहित अब तक 16 से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी (69 वर्ष) ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
3. आखिर ‘जहर’ कैसे बना पानी? (जांच रिपोर्ट)
प्रारंभिक जांच और लैब रिपोर्ट में बेहद डरावने खुलासे हुए हैं:
- सीवेज का मिलना: भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पेयजल पाइपलाइन के ठीक ऊपर एक शौचालय बनाया गया था जिसमें सेफ्टी टैंक नहीं था। सीवेज का गंदा पानी सीधे फटी हुई पाइपलाइन के जरिए पीने के पानी में मिल गया।
- बैक्टीरिया: पानी के सैंपल्स में खतरनाक बैक्टीरिया (ई-कोलाई आदि) पाए गए हैं, जो मानव उपभोग के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं।
4. प्रशासन और सरकार की कार्रवाई
- निलंबन: लापरवाही बरतने के आरोप में नगर निगम के सहायक इंजीनियर (AE) और जोनल अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
- विशेषज्ञ टीम: कोलकाता से ICMR (NIRBI) की एक विशेष डॉक्टरों की टीम इंदौर पहुँची है ताकि इस मेडिकल इमरजेंसी की गहराई से जांच की जा सके।
- आंदोलन की चेतावनी: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को “सिस्टम द्वारा की गई हत्या” बताते हुए 11 जनवरी से बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
5. प्रभावितों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
यदि आप इंदौर के प्रभावित क्षेत्रों में हैं या वहां से गुजर रहे हैं, तो कृपया इन बातों का ध्यान रखें:
- पानी उबालकर पिएं: नल के पानी का सीधा उपयोग न करें। इसे कम से कम 10-15 मिनट तक उबालने के बाद ही पिएं।
- क्लोरीन गोलियां: नगर निगम द्वारा बांटी जा रही क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करें।
- लक्षणों पर ध्यान दें: उल्टी, दस्त या पेट दर्द होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचें।
निष्कर्ष: इंदौर जैसी ‘स्वच्छ सिटी’ में इस तरह की बुनियादी ढांचे की विफलता एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। फिलहाल पूरा फोकस मरीजों की जान बचाने और दूषित लाइनों को पूरी तरह बदलने पर है।
