ड्रोन पुलिसिंग

गुजरात पुलिस द्वारा हाईवे पर निगरानी के लिए ‘ड्रोन पुलिसिंग’ (Drone Policing) की शुरुआत करना राज्य की सुरक्षा और यातायात प्रबंधन (Traffic Management) की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह तकनीक न केवल अपराध नियंत्रण में मदद करेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस पहल से जुड़ी मुख्य बातें और इसके फायदे नीचे विस्तार से दिए गए हैं:

1. निगरानी का नया तरीका: ‘आसमान से नज़र’

अब तक पुलिस केवल स्टेटिक सीसीटीवी (Fixed CCTV) कैमरों और पेट्रोलिंग गाड़ियों पर निर्भर थी। लेकिन अब अत्याधुनिक ड्रोन्स के जरिए हाईवे के उन हिस्सों पर भी नज़र रखी जा सकेगी जहाँ कैमरे नहीं लगे हैं।

ड्रोन पुलिसिंग
  • रेंज: ये ड्रोन एक बार में कई किलोमीटर तक के इलाके को कवर कर सकते हैं।
  • कमांड सेंटर: ड्रोन से मिलने वाला लाइव वीडियो फीड सीधे जिला पुलिस के ‘त्रिनेत्र’ (Trinetra) कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को भेजा जाता है।

2. ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और ई-चालान

ड्रोन पुलिसिंग का सबसे बड़ा फायदा हाईवे पर यातायात नियमों को लागू करने में होगा:

  • ओवरस्पीडिंग: ड्रोन हवा में रहकर गाड़ियों की रफ्तार को माप सकते हैं। अगर कोई गाड़ी तय सीमा से तेज़ चल रही है, तो उसका नंबर प्लेट स्कैन कर तुरंत ई-चालान जेनरेट किया जाएगा।
  • रॉन्ग साइड ड्राइविंग: हाईवे पर गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों की पहचान अब और भी आसान हो जाएगी।
  • लेन अनुशासन: भारी वाहनों द्वारा गलत लेन में चलने पर भी ड्रोन के जरिए नज़र रखी जाएगी।

3. अपराध नियंत्रण और सुरक्षा

हाईवे पर होने वाली लूटपाट या संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए ड्रोन एक प्रभावी हथियार साबित होंगे:

ड्रोन पुलिसिंग
  • रात में निगरानी: इन ड्रोन्स में नाइट विजन (Night Vision) और थर्मल सेंसर लगे होते हैं, जो घने अंधेरे में भी इंसानों और गाड़ियों की हरकत को देख सकते हैं।
  • अपराधियों का पीछा: यदि कोई संदिग्ध गाड़ी पुलिस नाकेबंदी तोड़कर भागती है, तो ड्रोन के जरिए उसका पीछा करना और उसकी सटीक लोकेशन ट्रैक करना आसान होगा।

4. दुर्घटना के समय ‘क्विक रिस्पॉन्स’

हाईवे पर एक्सीडेंट होने की स्थिति में अक्सर एम्बुलेंस या पुलिस को पहुँचने में देरी हो जाती है।

  • त्वरित सूचना: ड्रोन दुर्घटना स्थल पर मिनटों में पहुँचकर नुकसान का आकलन कर सकता है।
  • ट्रैफिक जाम: एक्सीडेंट के बाद लगने वाले लंबे जाम को क्लियर करने के लिए ड्रोन की मदद से वैकल्पिक रास्तों (Divert Routes) का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।

5. किन इलाकों पर है विशेष फोकस?

शुरुआती चरण में गुजरात पुलिस ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण रूटों पर ध्यान केंद्रित किया है:

  • अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे
  • अहमदाबाद-राजकोट हाईवे
  • सूरत-मुंबई नेशनल हाईवे
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (एकता नगर) की ओर जाने वाले रास्ते

निष्कर्ष:

गुजरात पुलिस की ‘ड्रोन पुलिसिंग’ तकनीक से नागरिकों की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगी। यह अपराधियों के मन में डर पैदा करेगा और आम जनता के लिए हाईवे पर नियमों का पालन करना अनिवार्य बना देगा।

By Isha Patel

Isha Patel Tez Khabri के साथ जुड़ी एक समाचार रिपोर्टर हैं। वे भारत और राज्यों से जुड़ी ताज़ा, ब्रेकिंग और जनहित से संबंधित खबरों को कवर करती हैं। Isha Patel शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर सत्यापित व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करती हैं।

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