नए साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी 2026 से भारत में कई प्रमुख कार कंपनियों ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। मुख्य रूप से बढ़ती इनपुट लागत (कच्चा माल), लॉजिस्टिक्स खर्च और विनिमय दर (currency fluctuation) में बदलाव को इसका कारण बताया गया है।
यहाँ उन 7 प्रमुख कार ब्रांड्स की सूची दी गई है जिन्होंने कीमतें बढ़ाई हैं:
1 जनवरी 2026 से महंगी होने वाली कारों की लिस्ट
| कार ब्रांड | अनुमानित बढ़ोतरी | मुख्य मॉडल जिन पर असर पड़ेगा |
| हुंडई (Hyundai) | 0.6% तक | क्रेटा, वेन्यू, वर्ना, आई-20, ऑरा |
| टाटा मोटर्स (Tata Motors) | मॉडल के अनुसार | नेक्सॉन, पंच, हैरियर, सफारी, टियागो |
| रेनॉल्ट (Renault) | 2% तक | क्विड, ट्राइबर, काइगर |
| निसान (Nissan) | 3% तक | मैग्नाइट (Magnite) |
| एमजी मोटर (MG Motor) | 2% तक | हेक्टर, एस्टर, विंडसर EV, कॉमेट EV |
| मर्सिडीज-बेंज (Mercedes-Benz) | 2% तक | GLS, E-Class और पूरी मॉडल रेंज |
| बीएमडब्ल्यू (BMW) | 3% तक | 3 सीरीज, X सीरीज और अन्य लग्जरी मॉडल्स |
अन्य कंपनियों की स्थिति
- होंडा (Honda): कंपनी ने कीमतों में बदलाव की पुष्टि की है, लेकिन सटीक आंकड़ों का खुलासा अभी होना बाकी है। इसका असर सिटी (City), अमेज (Amaze) और एलीवेट (Elevate) पर पड़ेगा।
- मारुति सुजुकी और महिंद्रा: इन कंपनियों ने फिलहाल (1 जनवरी तक) किसी बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वे जल्द ही इसका अनुसरण कर सकती हैं।
- BYD: इलेक्ट्रिक कार निर्माता ने भी अपनी SUV Sealion 7 की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है।

कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण
- कच्चे माल की लागत: स्टील, एल्युमीनियम और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों की कीमतों में इजाफा।
- लॉजिस्टिक्स: परिवहन और संचालन (Operational) खर्चों का बढ़ना।
- मुद्रा विनिमय दर: डॉलर और यूरो के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति में बदलाव, जिससे आयातित पुर्जे महंगे हो गए।
GST 2.0 का प्रभाव: क्या बढ़ी कीमतें फायदों को खत्म कर देंगी?
सितंबर 2025 में सरकार द्वारा लागू किए गए GST 2.0 के कारण कई कारों की कीमतों में भारी गिरावट आई थी।
- तुलना: हालांकि जनवरी 2026 में कंपनियों ने 2-3% की बढ़ोतरी की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कारें अभी भी 2025 की शुरुआत के मुकाबले सस्ती हैं।
- उदाहरण: मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी कारों की कीमतों में GST कटौती के बाद 5-10 लाख रुपये तक की कमी आई थी, जबकि जनवरी की बढ़ोतरी केवल 1-2 लाख रुपये की है। यानी खरीदारों के लिए अभी भी यह फायदे का सौदा है।
2026 की धमाकेदार लॉन्चिंग: नई कारों का इंतज़ार
कीमतें बढ़ने के बावजूद, जनवरी 2026 में कई बहुप्रतीक्षित कारें भारतीय सड़कों पर उतरने वाली हैं:
- Kia Seltos 2026: नए अवतार और अग्रेसिव लुक के साथ 2 जनवरी को लॉन्च होने की उम्मीद है।
- Maruti Suzuki e Vitara: मारुति की पहली पूर्ण इलेक्ट्रिक SUV, जिसकी रेंज 500km से अधिक होने का दावा है।
- Mahindra 7XO: लोकप्रिय XUV700 का फेसलिफ्ट वर्जन नए फीचर्स और दमदार इंजन के साथ जनवरी में आ रहा है।
- Renault Duster: सबकी पसंदीदा डस्टर एक नए हाइब्रिड इंजन और मॉडर्न डिजाइन के साथ वापसी कर रही है।

इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बढ़ता दबदबा
2026 को भारत में ‘EV अडॉप्शन का साल’ माना जा रहा है।
- मार्केट शेयर: अनुमान है कि 2026 तक भारत के कुल कार बाजार में EVs की हिस्सेदारी 7-10% तक पहुंच जाएगी।
- सब्सिडी: दिल्ली और तेलंगाना जैसे राज्यों ने अपनी नई EV पॉलिसी के तहत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में भारी छूट देना जारी रखा है, जिससे पेट्रोल कारों की बढ़ी हुई कीमतों के बीच EV एक किफायती विकल्प बनकर उभर रही हैं।
पुराने स्टॉक पर ‘न्यू ईयर डील्स’ का फायदा
अगर आप बढ़ी हुई कीमतों से बचना चाहते हैं, तो अभी भी एक मौका है।
- ईन्वेंटરી क्लियरेंस: कई डीलर अपने पास पड़े 2025 मॉडल के स्टॉक को निकालने के लिए भारी डिस्काउंट दे रहे हैं।
- बचत की ट्रिक: यदि आप 2025 मैन्युफैक्चरिंग वाली कार खरीदते हैं, તો आप न केवल पुरानी कीमतों पर कार पा सकते हैं, बल्कि 50,000 से 1,00,000 रुपये तक की नकद छूट और मुफ्त एक्सेसरीज भी हासिल कर सकते हैं।

एक नज़र में प्रमुख बदलाव (टेबल):
| टॉपिक | मुख्य बात |
| नया नियम | CAFE 3 उत्सर्जन मानक लागू होने से इंजन तकनीक पर खर्च बढ़ा। |
| लग्जरी सेगमेंट | मर्सिडीज और ऑडी ने लॉजिस्टिक्स और डॉलर की मजबूती के कारण दाम बढ़ाए। |
| ऑटोमैटिक कारें | मैनुअल के मुकाबले ऑटोमैटिक कारों की मांग 40% तक बढ़ी। |
