रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बार फिर ‘क्रेमलिन ड्रोन हमले’ की चर्चा तेज हो गई है। रूस ने हाल ही में एक नया वीडियो जारी कर सनसनीखेज दावा किया है कि उन्होंने उस विशिष्ट ड्रोन की पहचान कर ली है जिससे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक आवास पर हमला करने की कोशिश की गई थी।इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम को ब्लॉग के रूप में नीचे विस्तार से समझाया गया है:
रूस के रक्षा मंत्रालय और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने एक नया वीडियो फुटेज जारी किया है। इस वीडियो में एक आधुनिक और घातक ड्रोन को दिखाया गया है। रूस का दावा है कि यह वही ड्रोन है जिसे कुछ समय पहले क्रेमलिन (पुतिन के घर) के ऊपर मार गिराया गया था। इस खुलासे ने वैश्विक स्तर पर सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

ड्रोन हमले की सच्चाई: क्या दिखा वीडियो में?
रूस द्वारा जारी किए गए वीडियो में ड्रोन के अवशेषों और उसकी कार्यप्रणाली का तकनीकी विश्लेषण दिखाया गया है।
ड्रोन की तकनीकी खासियतें
वीडियो के आधार पर विशेषज्ञों ने निम्नलिखित बातें नोट की हैं:
- लंबी दूरी की क्षमता: यह ड्रोन कम विजिबिलिटी में लंबी दूरी तय करने में सक्षम है, जिससे यह रडार की नजर से बचकर मॉस्को तक पहुँच गया।
- विस्फोटक पेलोड: ड्रोन में उन्नत किस्म के विस्फोटक लगे होने का दावा किया गया है, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचाना था।
- जीपीएस नेविगेशन: रूसी अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन को पश्चिमी देशों की नेविगेशन तकनीक का उपयोग करके निर्देशित किया गया था।
क्रेमलिन और पुतिन की सुरक्षा पर सवाल
राष्ट्रपति पुतिन का घर यानी क्रेमलिन दुनिया के सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक माना जाता है। इस ड्रोन वीडियो के आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं:

रूस का यूक्रेन पर सीधा आरोप
रूस ने इस वीडियो को एक सबूत के तौर पर पेश करते हुए यूक्रेन को ‘आतंकवादी गतिविधियों’ का जिम्मेदार ठहराया है। रूस का कहना है कि यह हमला सीधे तौर पर राष्ट्रपति पुतिन की हत्या की साजिश थी।
सुरक्षा घेरे में सेंध?
मॉस्को के मध्य तक किसी विदेशी ड्रोन का पहुँच जाना रूसी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है। हालांकि, रूस का दावा है कि उनकी ‘इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर’ तकनीक ने समय रहते ड्रोन को निष्क्रिय कर दिया था।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और युद्ध पर असर
इस वीडियो के जारी होने के बाद युद्ध के और अधिक आक्रामक होने की आशंका बढ़ गई है।
यूक्रेन का इनकार
यूक्रेन ने पहले भी इस तरह के हमलों में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। यूक्रेन का कहना है कि यह रूस की एक चाल हो सकती है ताकि वह यूक्रेन पर और भी भीषण हमले करने का बहाना ढूंढ सके।

तनाव में बढ़ोत्तरी
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस इस वीडियो का उपयोग अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को पीड़ित दिखाने और अपनी जनता के बीच युद्ध के प्रति समर्थन जुटाने के लिए कर सकता है।
निष्कर्ष: क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की आहट है?
रूस द्वारा ड्रोन का वीडियो जारी करना केवल एक सैन्य अपडेट नहीं है, बल्कि एक गंभीर राजनीतिक चेतावनी है। अगर सीधे तौर पर किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को निशाना बनाया जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसके परिणाम बेहद भयानक हो सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या रूस इसके जवाब में अपनी सैन्य रणनीति में कोई बड़ा बदलाव करता है।
