भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी किसी ऐसे सुपरस्टार का नाम लिया जाता है जिसने कई पीढ़ियों के दर्शकों के दिलों पर राज किया हो, तो सबसे पहला नाम amitabh bachhan का आता है। साल 2026 आ चुका है और 83 वर्ष से अधिक की उम्र में भी इस महानायक की ऊर्जा, काम के प्रति उनका जुनून और उनका स्टारडम आज के युवा अभिनेताओं को भी कड़ी टक्कर दे रहा है।
चाहे बात सिल्वर स्क्रीन की हो, ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के मंच की हो, या फिर सोशल मीडिया पर उनके दिलचस्प ब्लॉक्स और ट्वीट्स की—amitabh bachhan हर जगह अपनी एक अमिट छाप छोड़ रहे हैं। इस विस्तृत ब्लॉग पोस्ट में हम बॉलीवुड के इस ‘एंग्री यंग मैन’ के शुरुआती संघर्ष, उनके शानदार कमबैक और 2026 में आने वाले उनके सबसे रोमांचक प्रोजेक्ट्स (जैसे Sarkar 4 और Section 84) के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
शुरुआती संघर्ष: “तुम कभी हीरो नहीं बन सकते”
इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन के घर जन्मे amitabh bachhan के लिए मायानगरी मुंबई का सफर कतई आसान नहीं था। आज जिस भारी और गंभीर आवाज को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है, उसी आवाज के कारण शुरुआत में ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (All India Radio) ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया था।
जब वे मुंबई आए, तो उनका लंबा कद (6 फीट 2 इंच) और सामान्य नैन-नक्श उस दौर के चॉकलेटी हीरोज (जैसे राजेश खन्ना या देव आनंद) के मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। एक किस्सा काफी मशहूर है कि एक फिल्म निर्माता ने उन्हें देखकर साफ कह दिया था, “तुम्हारा कद बहुत लंबा है, तुम कभी हीरो नहीं बन सकते।” लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ (1969) से अपनी शुरुआत करने के बाद, उन्होंने लगातार अपनी अभिनय क्षमता को निखारा और अपनी कमियों को ही अपनी सबसे बड़ी पहचान बना लिया।

‘एंग्री यंग मैन’ का युग और बॉक्स ऑफिस का बादशाह
लगातार कई फ्लॉप फिल्मों के बाद 1973 में आई फिल्म ‘ज़ंजीर’ (Zanjeer) ने बॉलीवुड का पूरा परिदृश्य ही बदल कर रख दिया। इसी फिल्म ने amitabh bachhan को ‘एंग्री यंग मैन’ का खिताब दिया। तत्कालीन सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच दर्शकों ने उनके विद्रोही और ईमानदार पुलिस वाले के किरदार में खुद को देखा।
इसके बाद ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘डॉन’, ‘त्रिशूल’, और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी ऐतिहासिक फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा का निर्विवाद ‘शहंशाह’ बना दिया। 1982 में फिल्म ‘कुली’ के सेट पर हुए जानलेवा हादसे के दौरान पूरे देश ने उनके लिए प्रार्थनाएं कीं, जो यह साबित करता है कि वे सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि पूरे देश की भावना बन चुके थे।
अंधकार का दौर और सदी का सबसे महान कमबैक
90 के दशक के अंत में amitabh bachhan के जीवन में एक ऐसा भी दौर आया जब वे लगभग दिवालिया (Bankrupt) हो गए थे। उनकी कंपनी ABCL भारी कर्ज में डूब गई थी और फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार औंधे मुंह गिर रही थीं। यह किसी भी आम इंसान को तोड़ देने के लिए काफी था, लेकिन एक सच्चे योद्धा की तरह उन्होंने जबरदस्त वापसी की।
साल 2000 में उन्होंने खुद चलकर यश चोपड़ा से काम मांगा और ‘मोहब्बतें’ फिल्म में नारायण शंकर के कड़क किरदार से पर्दे पर वापसी की। उसी साल उन्होंने छोटे पर्दे (टेलीविजन) का रुख किया और ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) को होस्ट करना शुरू किया। KBC ने भारतीय टेलीविजन के इतिहास के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और amitabh bachhan ने पूरी दुनिया को यह साबित कर दिया कि उम्र और असफलताएं केवल एक पड़ाव हैं, अंत नहीं।
2026 में amitabh bachhan: नई फिल्में और ताज़ा अपडेट्स
वर्तमान समय में, जब अधिकांश लोग 60 की उम्र के बाद रिटायरमेंट ले लेते हैं, amitabh bachhan 2026 में भी बैक-टू-बैक कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। इस साल उनके फैंस के लिए कई बड़ी खबरें और फिल्में कतार में हैं:
- Sarkar 4 का बहुप्रतीक्षित ऐलान: मार्च 2026 की सबसे बड़ी खबर यह है कि मशहूर निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने अपनी कल्ट-क्लासिक फ्रेंचाइजी ‘सरकार’ के चौथे भाग (Sarkar 4) की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इस पॉलिटिकल थ्रिलर की शूटिंग 2026 के मध्य में शुरू होने वाली है, जिसमें एक बार फिर amitabh bachhan और उनके बेटे अभिषेक बच्चन साथ नजर आएंगे।
- Section 84: रिभु दासगुप्ता द्वारा निर्देशित यह एक इंटेंस कोर्टरूम ड्रामा है, जिसमें बिग बी एक बहुत ही दमदार और रहस्यमयी वकील की भूमिका में नजर आने वाले हैं। 2026 में इस फिल्म की रिलीज़ का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
- Kalki 2898 AD (Part 2) और Brahmastra (Part 2 – Dev): इन दोनों मेगा-बजट और विजुअली शानदार पैन-इंडिया फिल्मों के सीक्वल पर भी 2026 में तेजी से काम चल रहा है, जिनमें उनके किरदार (जैसे अश्वत्थामा और गुरु) कहानी की अहम धुरी हैं।
- ‘सड़क सुरक्षा अभियान 2026’: सिनेमा से इतर, सामाजिक सरोकारों से जुड़ते हुए जनवरी 2026 में उन्होंने सड़क परिवहन मंत्रालय के साथ मिलकर भारत के सबसे बड़े रोड सेफ्टी कैंपेन को लॉन्च किया है। “परवाह से कर्तव्य तक” की थीम पर आधारित इस अभियान में वे नागरिकों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

काम के प्रति अटूट निष्ठा और फिटनेस का रहस्य
आज की युवा पीढ़ी के अभिनेताओं के लिए amitabh bachhan अनुशासन और फिटनेस का एक जीता-जागता स्कूल हैं। 83 साल की उम्र पार करने के बावजूद वे सेट पर तय समय से पहले पहुंचते हैं और घंटों बिना थके काम करते हैं।
उनकी इस अद्भुत ऊर्जा का राज उनका अनुशासित जीवन है। वे शराब और सिगरेट से कोसों दूर रहते हैं, शुद्ध और सादा शाकाहारी भोजन करते हैं, और नियमित रूप से योग व हल्का व्यायाम करते हैं। यहां तक कि जब शूटिंग के दौरान उन्हें कोई चोट भी लगती है, तो वे कुछ ही दिनों में रिकवर होकर वापस अपनी ‘कर्मभूमि’ यानी शूटिंग सेट पर लौट आते हैं।
amitabh bachhan का जीवन इस बात का सबसे बड़ा और जीवित प्रमाण है कि निरंतरता (Consistency), विनम्रता और कड़ी मेहनत से इंसान किसी भी उम्र में आसमान छू सकता है। उन्होंने हर दौर के सिनेमा को खुद में ढाला है—चाहे वह 70 के दशक का विद्रोही युवा हो, 2000 के दशक का सख्त पिता हो, या फिर 2026 की अत्याधुनिक साई-फाई फिल्मों का अमर योद्धा हो।
आज भी, जब ‘जलसा’ (उनके घर का नाम) के बाहर हर रविवार को हजारों प्रशंसकों की भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए इकट्ठा होती है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि भारतीय सिनेमा में कोई दूसरा amitabh bachhan न तो कभी हुआ है और न ही शायद कभी होगा। उनकी आगामी फिल्मों और उनके स्वस्थ जीवन के लिए हम सभी उन्हें ढेरों शुभकामनाएं देते हैं। उनकी गूंजती आवाज और बेजोड़ अभिनय कला आने वाले कई दशकों तक हमारे दिलों पर राज करती रहेगी।

अंकिता गौतम एक अभिनेत्री, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। Tez Khabri पर वे मनोरंजन जगत (Entertainment), बॉलीवुड और लाइफस्टाइल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट साझा करती हैं। अपनी रचनात्मक शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ के कारण, वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
