किसी भी परिवार के लिए स्वास्थ्य सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण अक्सर श्रमिक वर्ग गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं करा पाता। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए गुजरात सरकार और गुजरात श्रम कल्याण बोर्ड (GLWB) ने Mukhyamantri Amrutam Scheme को लागू किया है। यह योजना विशेष रूप से उन संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए है जो श्रम कल्याण बोर्ड के साथ पंजीकृत हैं। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसे की कमी के कारण किसी भी श्रमिक के परिवार का सदस्य इलाज से वंचित न रहे।
Mukhyamantri Amrutam Scheme के तहत लाभार्थी परिवार को हृदय रोग, किडनी, कैंसर और घुटने के प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों के लिए सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है। यह योजना न केवल इलाज का खर्च उठाती है, बल्कि सर्जरी और अस्पताल में भर्ती होने के बाद की दवाइयों का खर्च भी वहन करती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि गुजरात श्रम कल्याण बोर्ड के माध्यम से आप इस सुरक्षा कवच का हिस्सा कैसे बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री अमृतम योजना (Mukhyamantri Amrutam Scheme) के मुख्य लाभ
इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ किसी भी निजी बीमा पॉलिसी से कम नहीं हैं। Mukhyamantri Amrutam Scheme के मुख्य आकर्षण नीचे दिए गए हैं:
- कैशलेस इलाज: अस्पताल में भर्ती होने पर आपको एक भी पैसा नहीं देना पड़ता। बस अपना कार्ड दिखाएं और इलाज शुरू कराएं।
- गंभीर बीमारियों का कवरेज: इसमें कैंसर, न्यूरोसर्जरी, बर्न (जलना), और कार्डियोवस्कुलर जैसी जटिल सर्जरी शामिल हैं।
- परिवहन सहायता: मरीज को अस्पताल ले जाने और वापस लाने के लिए ₹300 प्रति विजिट तक का यात्रा भत्ता भी दिया जाता है।
- दवाइयों का खर्च: सर्जरी के बाद आवश्यक दवाओं और फॉलो-अप चेकअप का खर्च भी योजना के अंतर्गत आता है।
पात्रता मानदंड: कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
Mukhyamantri Amrutam Scheme (GLWB) का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
- पंजीकरण: आवेदक गुजरात श्रम कल्याण बोर्ड (GLWB) के तहत एक पंजीकृत श्रमिक होना चाहिए।
- आय सीमा: परिवार की कुल वार्षिक आय ₹4 लाख या उससे कम होनी चाहिए।
- निवास: आवेदक गुजरात राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- परिवार के सदस्य: कार्ड में पति, पत्नी, बच्चे और आश्रित माता-पिता के नाम शामिल किए जा सकते हैं (अधिकतम 5 सदस्य)।

आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
योजना का कार्ड बनवाने या Mukhyamantri Amrutam Scheme का लाभ लेने के लिए ये दस्तावेज जरूरी हैं:
- आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- राशन कार्ड (Ration Card)
- आय का प्रमाण पत्र (Income Certificate)
- गुजरात श्रम कल्याण बोर्ड का पहचान पत्र (GLWB ID Card)
- बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर
आवेदन प्रक्रिया: कार्ड कैसे बनवाएं?
Mukhyamantri Amrutam Scheme का लाभ लेने के लिए आपको ‘एमए कार्ड’ (MA Card) बनवाना पड़ता है:
- निकटतम केंद्र: अपने जिले के कलेक्ट्रेट, नागरिक सुविधा केंद्र या नामांकित सरकारी अस्पताल (Enrollment Centers) पर जाएं।
- बायोमेट्रिक सत्यापन: वहाँ लाभार्थी और परिवार के सदस्यों के फिंगरप्रिंट और फोटो लिए जाते हैं।
- दस्तावेज सत्यापन: अधिकारी आपके आय प्रमाण पत्र और श्रमिक कार्ड की जांच करेंगे।
- कार्ड जारी करना: सफल सत्यापन के बाद, आपको तुरंत या कुछ दिनों के भीतर एक स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा।
सूचीबद्ध अस्पताल (Empaneled Hospitals)
Mukhyamantri Amrutam Scheme का लाभ केवल उन्हीं अस्पतालों में लिया जा सकता है जो सरकार के साथ अनुबंधित हैं।
- सरकारी अस्पताल: सभी जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज।
- निजी अस्पताल: कई प्रतिष्ठित निजी ट्रस्ट अस्पताल भी इस योजना से जुड़े हैं। आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने शहर के अस्पतालों की सूची देख सकते हैं।
Mukhyamantri Amrutam Scheme की कार्यप्रणाली
योजना बहुत ही पारदर्शी तरीके से काम करती है। जब कोई मरीज अस्पताल पहुँचता है, तो अस्पताल में मौजूद ‘आरोग्य मित्र’ (Aarogya Mitra) मरीज की मदद करते हैं। वे कार्ड को स्कैन करते हैं और पूर्व-अनुमति (Pre-authorization) के लिए पोर्टल पर भेजते हैं। मंजूरी मिलते ही इलाज शुरू हो जाता है और पूरा भुगतान सरकार सीधे अस्पताल को करती है।
श्रमिक परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा
निष्कर्ष के तौर पर, Mukhyamantri Amrutam Scheme गुजरात के श्रमिक भाइयों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योजना न केवल जीवन बचाती है, बल्कि मध्यम और निम्न आय वाले परिवारों को कर्ज के बोझ से भी बचाती है। यदि आप गुजरात श्रम कल्याण बोर्ड के पंजीकृत सदस्य हैं, तो आज ही अपना और अपने परिवार का एमए कार्ड बनवाएं। याद रखें, आपका स्वास्थ्य ही आपकी असली पूंजी है।
Mukhyamantri Amrutam Scheme FAQs:
क्या Mukhyamantri Amrutam Scheme के लिए कोई पैसा देना पड़ता है?
नहीं, यह पूरी तरह से मुफ्त और कैशलेस योजना है। पंजीकरण से लेकर इलाज तक कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
अगर मेरा कार्ड खो जाए तो क्या करें?
कार्ड खोने की स्थिति में आप अपने नजदीकी नामांकन केंद्र पर जाकर अपनी पुरानी जानकारी देकर डुप्लीकेट कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या यह योजना पुराने रोगों को कवर करती है?
हाँ, इस योजना के तहत सूचीबद्ध बीमारियों का इलाज पहले दिन से ही शुरू कराया जा सकता है, इसमें कोई वेटिंग पीरियड नहीं होता।

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
