सीएम योगी

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के पावन अवसर पर प्रदेश की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक भव्य राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में ‘नारी शक्ति’ को न केवल सम्मानित किया, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का एक अभूतपूर्व कवच भी प्रदान किया।

इस ऐतिहासिक कदम के तहत, सीएम योगी की बड़ी सौगात के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब नई साड़ियाँ, यूनिफॉर्म, जीवन बीमा और सबसे महत्वपूर्ण—5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज वाला आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 38.49 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की।

1. सीएम योगी की बड़ी सौगात: क्या-क्या मिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को?

8 मार्च 2026 को लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण भारत की नींव हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की कमान संभालती हैं।

मुख्य घोषणाएं और वितरण:

  • आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card): मुख्यमंत्री ने स्वयं पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों (गुड़िया सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा अवस्थी, उमा सिंह और लालावती) को मंच पर आयुष्मान कार्ड सौंपे। प्रदेश में अब तक कुल 3 लाख 684 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इस योजना से जोड़ा जा चुका है। इसके तहत उन्हें प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।
  • साड़ी और यूनिफॉर्म: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए नई साड़ियों और ‘सेवा मित्र’ सहायिकाओं के लिए नई यूनिफॉर्म हेतु बजट आवंटित किया गया। मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से नेहा दुबे, मानसी साहू और पूनम तिवारी जैसी कार्यकर्ताओं को साड़ियाँ भेंट कीं।
  • बीमा कवर (Insurance Premium): उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बीमा प्रीमियम की राशि का भुगतान किया है, जिससे कार्य के दौरान किसी भी अनहोनी की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक संबल मिल सके।

मुख्यमंत्री द्वारा हस्तांतरित 38.49 करोड़ रुपये में से 29.59 करोड़ रुपये साड़ी और यूनिफॉर्म के लिए और 8.90 करोड़ रुपये बीमा प्रीमियम के लिए आवंटित किए गए हैं।

2. मानदेय में वृद्धि: आर्थिक सशक्तिकरण की ओर कदम

सीएम योगी की बड़ी सौगात केवल स्वास्थ्य और कपड़ों तक सीमित नहीं रही। सरकार ने हाल ही में विधानसभा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय (Honorarium) में भी वृद्धि की घोषणा की है।

वर्तमान स्थिति: उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 1,82,113 आंगनबाड़ी कार्यकत्री और 1,28,811 सहायिकाएं कार्यरत हैं। वर्तमान में कार्यकत्रियों को लगभग 8,000 रुपये और सहायिकाओं को 4,000 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी मेहनत और समर्पण को देखते हुए इस मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जा रही है, जिसका प्रस्ताव कैबिनेट द्वारा जल्द ही पारित किया जाएगा। यह कदम उन लाखों महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा जो पिछले कई वर्षों से वेतन वृद्धि की मांग कर रही थीं।

3. आयुष्मान कार्ड: 5 लाख तक मुफ्त इलाज की गारंटी

इस पूरे पैकेज में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat) के तहत मिलने वाला स्वास्थ्य कार्ड है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का काम काफी चुनौतीपूर्ण होता है और अक्सर वे अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं।

  • आत्मविश्वास में बढ़ोतरी: आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद लाभार्थी गुड़िया सिंह ने कहा, “अब हम निश्चिंत होकर काम कर सकते हैं। बीमारी के समय होने वाले भारी खर्च का डर अब खत्म हो गया है।” * पारिवारिक सुरक्षा: यह कार्ड केवल कार्यकर्ता के लिए नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए सुरक्षा कवच है। सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज अब उनकी पहुंच में है।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता (ASHA Worker) को इस योजना के तहत 100% कवर किया जाए।

4. तकनीकी सशक्तिकरण: रोज़गार संगम ऐप और नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर तकनीकी प्रगति को भी बढ़ावा दिया। उन्होंने ‘रोज़गार संगम पोर्टल’ का मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जो युवाओं को नौकरी के अवसरों से सीधे जोड़ेगा।

इसके साथ ही, सीएम योगी की बड़ी सौगात के तहत 10 नवनियुक्त ‘मुख्य सेविकाओं’ (Mukhya Sevikas) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त सेविकाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी से निकलकर ‘सर्वोत्तम प्रदेश’ बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 50 वर्षों के कार्य पर आधारित पुस्तक ‘आत्ममंथन’ और मुख्य सेविकाओं की क्षमता वृद्धि हेतु पुस्तिका ‘सारथी’ का भी विमोचन किया।

5. महिला सुरक्षा और स्वावलंबन: ‘मिशन शक्ति’ का प्रभाव

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बेटियां और व्यापारी असुरक्षित महसूस करते थे। लेकिन ‘मिशन शक्ति’ (Mission Shakti) के आने के बाद परिदृश्य बदल गया है।

  • लेबर फोर्स में भागीदारी: मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं की लेबर फोर्स भागीदारी (Labour Force Participation) जो पहले 13% थी, वह अब बढ़कर 36-37% हो गई है।
  • भयमुक्त वातावरण: पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में महिला कांस्टेबलों और अधिकारियों की भर्ती ने प्रदेश में एक सुरक्षित माहौल पैदा किया है। कार्यक्रम में उन पुलिस अधिकारियों (जैसे इंस्पेक्टर नीलम राणा और हेड कांस्टेबल वेदवती) को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने महिला सुरक्षा में उत्कृष्ट कार्य किया है।

सीएम योगी की बड़ी सौगात इसी विजन का हिस्सा है कि जब समाज की आधी आबादी सुरक्षित और स्वस्थ होगी, तभी राज्य का सर्वांगीण विकास संभव है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 पर दी गई यह सौगात उत्तर प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। साड़ी, यूनिफॉर्म, बीमा और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया है कि वे सरकारी तंत्र का एक अभिन्न हिस्सा हैं।

सीएम योगी की बड़ी सौगात ने न केवल इन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि उनके सामाजिक सम्मान को भी नई ऊंचाई दी है। मानदेय में वृद्धि और स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। अब ये ‘नारी शक्ति’ बिना किसी चिंता के प्रदेश के बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटी रहेंगी।

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