UPI से पैसा कट जाए पर सामने वाले को न मिले, तो कैसे वापस पाएं

आज के समय में चाय की दुकान से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, हम हर जगह UPI (Google Pay, PhonePe, Paytm) का इस्तेमाल करते हैं। यह जितना आसान है, कभी-कभी उतना ही तनावपूर्ण भी हो जाता है—खासकर तब, जब आपके खाते से पैसे कट जाएं लेकिन ट्रांजैक्शन ‘Failed’ या ‘Pending’ दिखाए।

ऐसी स्थिति में मन में सबसे पहला सवाल आता है: “क्या मेरे पैसे डूब गए?” जवाब है—बिल्कुल नहीं। बैंकिंग नियमों के अनुसार आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। आइए जानते हैं कि ऐसी स्थिति में आपको क्या कदम उठाने चाहिए।

1. सबसे पहले ‘UPI के नियम’ को समझें

UPI ट्रांजैक्शन फेल होने के मुख्य दो कारण होते हैं:

  1. टेक्निकल फेलियर: आपके बैंक या सामने वाले के बैंक का सर्वर डाउन होना।
  2. गलत जानकारी: गलत UPI ID या पिन डालना (इसमें पैसा आमतौर पर नहीं कटता)।

RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) के नियमानुसार, यदि तकनीकी खराबी के कारण पैसा कटा है, तो बैंक को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पैसा वापस करना अनिवार्य है।

UPI से पैसा कट जाए पर सामने वाले को न मिले, तो कैसे वापस पाएं

2. ‘गोल्डन रूल’: 24 से 48 घंटे का इंतजार

ज्यादातर मामलों में, बैंक का सिस्टम अपने आप यह पहचान लेता है कि ट्रांजैक्शन पूरा नहीं हुआ है। इसे ‘Auto-Reversal’ कहते हैं।

  • क्या करें: कम से कम 24 घंटे रुकें। अक्सर पैसा अपने आप आपके खाते में क्रेडिट हो जाता है। आपको कहीं भी फोन करने की जरूरत नहीं पड़ती।

3. ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करें (Raise a Dispute)

अगर 24 घंटे बाद भी पैसा वापस न आए, तो आपको उस ऐप का सहारा लेना चाहिए जिससे आपने पेमेंट किया था।

  • स्टेप्स:
    1. ऐप (जैसे PhonePe या Google Pay) की History में जाएं।
    2. उस ट्रांजैक्शन पर क्लिक करें जो फेल हुआ है।
    3. वहां ‘Have a Question?’ या ‘Contact Support’ का विकल्प होगा।
    4. वहां अपनी शिकायत (Dispute) दर्ज करें। आपको एक ‘Ticket Number’ मिलेगा।

4. NPCI की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत (सबसे पावरफुल तरीका)

NPCI (National Payments Corporation of India) वह संस्था है जो भारत में UPI को संचालित करती है। अगर ऐप से समाधान न मिले, तो यहाँ शिकायत करें:

  • वेबसाइट: www.npci.org.in पर जाएं।
  • प्रक्रिया: 1. ‘Get in Touch’ टैब पर जाएं और ‘UPI Complaint’ चुनें। 2. ‘Complaint’ सेक्शन में ‘Transaction’ को चुनें। 3. इश्यू टाइप में “Incorrectly transferred to another account” या “Money debited but not transferred to beneficiary” चुनें। 4. अपनी UTR आईडी (जो 12 अंकों की होती है) और ट्रांजैक्शन की जानकारी भरकर सबमिट कर दें।
UPI से पैसा कट जाए पर सामने वाले को न मिले, तो कैसे वापस पाएं

5. बैंक को सूचित करें

अगर 3 दिन बीत चुके हैं, तो अपनी बैंक शाखा में जाएं या उनके टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें।

  • UTR नंबर: अपने पास 12 अंकों का UTR (Unique Transaction Reference) नंबर जरूर रखें। इसके बिना बैंक आपकी मदद नहीं कर पाएगा।
  • लिखित शिकायत: बैंक को एक ईमेल या लिखित आवेदन दें ताकि आपके पास सबूत रहे।

6. RBI का ‘हर्जाना’ नियम (Penalty Rule)

क्या आप जानते हैं कि अगर बैंक पैसा वापस करने में देरी करता है, तो उसे आपको हर्जाना देना होगा?

  • नियम: RBI के अनुसार, ट्रांजैक्शन फेल होने के T+5 दिनों (ट्रांजैक्शन का दिन + 5 दिन) के भीतर अगर पैसा वापस नहीं आता है, तो बैंक को ₹100 प्रतिदिन के हिसाब से ग्राहक को हर्जाना देना होगा।

7. अगर ‘गलत’ UPI ID पर पैसे भेज दिए हों, तो क्या करें?

यह सबसे मुश्किल स्थिति होती है क्योंकि यहाँ गलती तकनीकी नहीं, बल्कि मानवीय है।

  1. तुरंत बैंक को बताएं: अपने बैंक को सूचित करें कि आपने गलती से ट्रांजैक्शन कर दिया है।
  2. सामने वाले से संपर्क: यदि संभव हो, तो उस व्यक्ति को कॉल करें और पैसे वापस करने का अनुरोध करें।
  3. कानूनी रास्ता: यदि सामने वाला व्यक्ति पैसा लौटाने से मना कर दे, तो आप बैंक के माध्यम से ‘रिवर्सल’ की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं, हालांकि इसके लिए सामने वाले की सहमति जरूरी होती है।
UPI से पैसा कट जाए पर सामने वाले को न मिले, तो कैसे वापस पाएं

UPI ट्रांजैक्शन फेल होने से बचने के टिप्स:

  • इंटरनेट चेक करें: कम सिग्नल में पेमेंट करने से बचें।
  • UPI Lite का उपयोग: ₹500 से कम के भुगतान के लिए ‘UPI Lite’ का उपयोग करें। यह बिना बैंक सर्वर के काम करता है और कभी फेल नहीं होता।
  • भारी ट्रांजैक्शन: बहुत बड़े अमाउंट का पेमेंट करने से पहले ₹1 भेजकर चेक कर लें कि सर्वर सही चल रहा है या नहीं।

8. ‘UTR नंबर’ क्या है और यह क्यों जरूरी है?

जब भी कोई UPI ट्रांजैक्शन होता है, बैंक एक 12 अंकों का नंबर जेनरेट करता है जिसे UTR (Unique Transaction Reference) कहते हैं।

  • पहचान: यह ट्रांजैक्शन की “डिजिटल रसीद” की तरह है। ऐप के स्क्रीनशॉट से ज्यादा महत्वपूर्ण यह नंबर होता है।
  • उपयोग: जब आप बैंक या NPCI में शिकायत करते हैं, तो वे इसी नंबर से आपके पैसे को ट्रैक करते हैं।
  • टिप: हमेशा फेल ट्रांजैक्शन का UTR नंबर नोट करके रखें या उसका मैसेज संभाल कर रखें।

9. ‘UPI Lite’ और ‘UPI Lite X’ का इस्तेमाल करें

अगर आप छोटे-छोटे पेमेंट्स (जैसे चाय, बिस्किट या ऑटो) के लिए बार-बार UPI करते हैं, तो सर्वर पर लोड बढ़ने से ट्रांजैक्शन फेल होने का डर रहता है।

  • UPI Lite: इसमें आप ₹2000 तक अपने वॉलेट में रख सकते हैं और बिना ‘UPI पिन’ डाले ₹500 तक का भुगतान कर सकते हैं।
  • फायदा: यह आपके बैंक के सर्वर का इस्तेमाल नहीं करता, इसलिए इसके फेल होने की संभावना लगभग जीरो होती है। इससे आपका बैंक स्टेटमेंट भी फालतू की एंट्रीज से भरा हुआ नहीं दिखता।
UPI से पैसा कट जाए पर सामने वाले को न मिले, तो कैसे वापस पाएं

10. ‘पेमेंट पेंडिंग’ (Payment Pending) का मतलब क्या है?

अक्सर लोग ‘Failed’ और ‘Pending’ में उलझ जाते हैं।

  • Pending का अर्थ: इसका मतलब है कि पैसा आपके बैंक से निकल चुका है, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण वह न तो सामने वाले को मिला है और न ही आपके पास वापस आया है।
  • सावधानी: पेंडिंग ट्रांजैक्शन होने पर दोबारा पेमेंट न करें। कई बार 1 घंटे बाद पेंडिंग ट्रांजैक्शन अचानक ‘सफल’ हो जाता है और आपके खाते से दो बार पैसे कट सकते हैं।

11. बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) से शिकायत

अगर बैंक आपकी शिकायत दर्ज करने के 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं करता है, तो आप आरबीआई (RBI) के लोकपाल के पास जा सकते हैं।

  • कैसे करें: आप https://cms.rbi.org.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
  • पावर: लोकपाल के पास बैंक पर जुर्माना लगाने और आपको मानसिक परेशानी के लिए मुआवजा दिलाने का अधिकार होता है। यह सेवा पूरी तरह से मुफ्त है।

12. फर्जी कस्टमर केयर और रिफंड स्कैम (Refund Scam)

यह सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक है। जब लोगों का पैसा कट जाता है, तो वे गूगल पर “PhonePe Customer Care” या “GPay Support” सर्च करते हैं।

  • धोखा: गूगल पर मौजूद कई नंबर फ्रॉड होते हैं। जैसे ही आप उन्हें कॉल करते हैं, वे आपसे रिफंड दिलाने के नाम पर ‘AnyDesk’ जैसे ऐप डाउनलोड करवाते हैं या पिन मांगते हैं।
  • सच्चाई: कोई भी बैंक या ऐप का कर्मचारी आपसे रिफंड देने के लिए आपका ‘पिन’ (PIN) नहीं मांगेगा। रिफंड हमेशा अपने आप आता है।

UPI सुरक्षा के लिए 3 ‘गोल्डन रूल्स’ (Golden Rules):

  1. पिन केवल पैसा भेजने के लिए है: अगर कोई पैसे भेजने (Receive) के नाम पर पिन मांगे, तो वह 100% फ्रॉड है।
  2. अनजान लिंक से बचें: “कैशबैक मिला है” वाले किसी भी लिंक पर क्लिक करके पेमेंट ऐप न खोलें।
  3. App Lock का उपयोग: अपने पेमेंट ऐप पर फिंगरप्रिंट या मजबूत पासवर्ड रखें ताकि फोन खोने पर कोई आपके खाते का उपयोग न कर सके।

निष्कर्ष

UPI से पैसा कटना कोई बड़ी समस्या नहीं है, बशर्ते आप सही समय पर सही कदम उठाएं। याद रखें—UTR नंबर, 1930 (साइबर हेल्पलाइन) और NPCI पोर्टल आपके सबसे बड़े मददगार हैं। डिजिटल इंडिया का लाभ उठाएं, लेकिन सतर्कता के साथ!

डिजिटल भुगतान में छोटी सी तकनीकी खामी को ‘धोखाधड़ी’ समझकर घबराना नहीं चाहिए। यदि आप UTR नंबर और NPCI पोर्टल जैसे टूल्स की जानकारी रखते हैं, तो आपका एक रुपया भी कहीं नहीं जाएगा। सतर्क रहें और सुरक्षित डिजिटल लेनदेन करें।

By Meera Shah

मीरा तेज खबरी (Tez Khabri) के साथ जुड़ी एक समाचार लेखिका हैं। वे सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, महिला संबंधित विषयों और जनहित से जुड़ी खबरों पर लेखन करती हैं। मीरा का उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सत्यापित, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *