1. सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana – SSY)
यह योजना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का हिस्सा है और वर्तमान में बेटियों के लिए सबसे लोकप्रिय बचत योजना है।
- उद्देश्य: बेटी की उच्च शिक्षा और शादी के लिए फंड जमा करना।
- पात्रता: 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम पर माता-पिता यह खाता खोल सकते हैं।
- खासियत: इसमें बैंक FD से कहीं अधिक ब्याज (वर्तमान में लगभग 8.2%) मिलता है।
- टैक्स लाभ: इसमें निवेश की गई राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की रकम तीनों पूरी तरह टैक्स फ्री (80C के तहत) होते हैं।
- मैच्योरिटी: खाता खोलने के 21 साल बाद या बेटी के 18 साल की होने पर शादी के समय पैसे निकाले जा सकते हैं।

2. बालिका समृद्धि योजना (Balika Samriddhi Yojana)
यह योजना गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों की बेटियों के जन्म और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।
- आर्थिक सहायता: बेटी के जन्म पर ₹500 की तत्काल सहायता राशि दी जाती है।
- छात्रवृत्ति (Scholarship): जब बेटी स्कूल जाना शुरू करती है, तो उसे कक्षा 1 से 10 तक हर साल एक निश्चित छात्रवृत्ति दी जाती है।
- लाभ: यह राशि बेटी के नाम पर बैंक खाते में जमा होती है, जो उसे 18 साल की उम्र पूरी होने पर ब्याज सहित मिल जाती है।
3. सीबीएसई उड़ान योजना (CBSE Udaan Scheme)
यह योजना उन मेधावी छात्राओं के लिए है जो इंजीनियरिंग और वैज्ञानिक क्षेत्रों में अपना करियर बनाना चाहती हैं।
- उद्देश्य: प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों (जैसे IIT, NIT) की प्रवेश परीक्षाओं के लिए छात्राओं को तैयार करना।
- सुविधाएँ: छात्राओं को मुफ्त ऑनलाइन संसाधन, वीडियो लेक्चर और विशेषज्ञों द्वारा मेंटरशिप प्रदान की जाती है।
- पात्रता: कक्षा 11 और 12 में पढ़ने वाली छात्राएं जिनकी पारिवारिक आय एक निश्चित सीमा से कम है।
4. मुख्यमंत्री राजश्री योजना (राज्य स्तरीय – राजस्थान और अन्य राज्यों में समान
भारत के कई राज्यों में (जैसे राजस्थान में राजश्री, मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी) ऐसी योजनाएँ हैं जो बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक किस्तों में पैसा देती हैं।
- कैसे काम करती है: 1. बेटी के जन्म पर पहली किस्त।2. एक वर्ष का टीकाकरण पूरा होने पर दूसरी किस्त।3. स्कूल में प्रवेश लेने पर (कक्षा 1, 6, 10 और 12) अगली किस्तें।
- कुल सहायता: इस योजना के तहत बेटी को कुल ₹50,000 से ₹1,00,000 तक की सहायता दी जाती है।

5. माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों को प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना
यह केंद्र सरकार की योजना है जिसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और गरीब छात्राओं को हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
- प्रोत्साहन राशि: कक्षा 9 में प्रवेश लेने पर छात्रा के नाम पर ₹3,000 की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई जाती है।
- शर्त: जब छात्रा 18 वर्ष की हो जाती है और कक्षा 10 की परीक्षा पास कर लेती है, तो वह ब्याज सहित इस राशि को निकाल सकती है।
- उद्देश्य: बाल विवाह को रोकना और माध्यमिक शिक्षा में लड़कियों के ड्रॉपआउट रेट को कम करना।
निष्कर्ष: कौन सी योजना आपके लिए बेस्ट है?
| ज़रूरत | सर्वश्रेष्ठ योजना |
| लंबी अवधि की बचत और टैक्स बचत | सुकन्या समृद्धि योजना |
| गरीब परिवारों के लिए शिक्षा सहायता | बालिका समृद्धि योजना |
| इंजीनियरिंग/करियर कोचिंग | सीबीएसई उड़ान योजना |
| पढ़ाई के साथ किस्तों में नकद लाभ | राजश्री / लाड़ली लक्ष्मी योजना |
महत्वपूर्ण सलाह: किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले अपने पास बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र तैयार रखें।
बेटियों के भविष्य को और अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए, हम पिछले 5 विषयों के अलावा कुछ नए और आधुनिक विषयों को जोड़ सकते हैं। ये विषय न केवल आर्थिक सहायता, बल्कि सुरक्षा, स्वास्थ्य और करियर से भी जुड़े हैं।
यहाँ 5 नए और महत्वपूर्ण टॉपिक्स दिए गए हैं:
6. लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 (Ladli Laxmi Yojana)
यह योजना मध्य प्रदेश से शुरू हुई थी, लेकिन अब कई राज्यों ने इसे अलग-अलग नामों से अपनाया है। यह बेटी को जन्म से ही ‘लखपति’ बनाने की दिशा में काम करती है।
- बचत का तरीका: बेटी के जन्म के समय ही सरकार उसके नाम पर एक बड़ी राशि का निवेश करती है।
- समय पर लाभ: जब बेटी कक्षा 6, 9, 11 और 12 में पहुँचती है, तो उसे छात्रवृत्ति मिलती है। 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसे एकमुश्त ₹1 लाख से अधिक की राशि दी जाती है।
- उद्देश्य: बेटी की उच्च शिक्षा और उसकी शादी के खर्च की चिंता को खत्म करना।

7. सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (SUMAN) और स्वास्थ्य सुरक्षा
बेटी के भविष्य की नींव उसके और उसकी माँ के स्वास्थ्य से शुरू होती है।
- मुफ्त इलाज: इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशु (बेटी) को प्रसव के 6 महीने बाद तक मुफ्त इलाज, दवाइयाँ और जांच की सुविधा मिलती है।
- भविष्य पर असर: स्वस्थ बचपन ही स्वस्थ भविष्य का आधार है। सरकार यह सुनिश्चित करती है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बेटी का टीकाकरण या पोषण न रुके।
8. ‘नई रोशनी’ योजना: अल्पसंख्यक बेटियों के लिए नेतृत्व विकास
यह योजना उन बेटियों के लिए है जो अल्पसंख्यक समुदाय (जैसे मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन आदि) से आती हैं और समाज में नेतृत्व करना चाहती हैं।
- कौशल विकास: 18 से 65 वर्ष की महिलाओं/बेटियों को सरकारी प्रणालियों, डिजिटल साक्षरता, और नेतृत्व कौशल के बारे में शिक्षित किया जाता है।
- आत्मविश्वास: यह योजना बेटियों को बैंक जाने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के काबिल बनाती है।
9. डिजिटल साक्षरता और ‘PM DISHA’
आज के दौर में बेटी का भविष्य केवल पैसों से नहीं, बल्कि तकनीक से भी सुरक्षित होगा।
- मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा: ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को मुफ्त कंप्यूटर और स्मार्टफोन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
- फायदा: डिजिटल रूप से साक्षर बेटी घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकती है, फ्रीलांसिंग काम कर सकती है और सरकारी नौकरियों के फॉर्म खुद भर सकती है।

10. सुरक्षा कवच: महिला हेल्पलाइन (181) और पिंक बूथ
बेटी के भविष्य के लिए उसका ‘सुरक्षित’ महसूस करना सबसे जरूरी है।
- पिंक पुलिस और बूथ: कई राज्यों में सरकार ने बेटियों की सुरक्षा के लिए विशेष ‘पिंक बूथ’ बनाए हैं जहाँ केवल महिला पुलिसकर्मी होती हैं।
- 181 हेल्पलाइन: किसी भी आपात स्थिति में या कानूनी सलाह के लिए 181 नंबर डायल करके बेटियाँ तुरंत मदद पा सकती हैं। यह उन्हें समाज में निडर होकर बाहर निकलने और अपने करियर पर ध्यान देने का साहस देता है।
बेटियों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का ‘स्मार्ट तरीका’:
- जन समर्थ पोर्टल (Jan Samarth): यहाँ आप एक ही जगह पर शिक्षा और स्टार्टअप के लिए मिलने वाली सभी सरकारी लोन योजनाओं की तुलना कर सकते हैं।
- डिजिलॉकर (DigiLocker): अपनी बेटी के सभी प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र, मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र) डिजिटल रूप में सुरक्षित रखें ताकि योजना का लाभ लेते समय दस्वावेजों की कमी न रहे।
- स्थानीय आंगनवाड़ी: ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्र योजनाओं की जानकारी का सबसे बड़ा स्रोत होते हैं, वहां नियमित रूप से संपर्क रखें।
निष्कर्ष
सरकार अब केवल ‘शादी’ के लिए पैसे नहीं दे रही, बल्कि बेटी को ‘शिक्षित, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सक्षम’ बनाने पर ध्यान दे रही है। एक जागरूक अभिभावक के रूप में इन सभी योजनाओं का सही समय पर लाभ उठाना आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
