विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा महाकुंभ, आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) अब अपने अंतिम और सबसे रोमांचक पड़ाव पर पहुँच चुका है। रविवार, 8 मार्च 2026 की शाम अहमदाबाद के विशाल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक ऐसा खिताबी मुकाबला खेला जाना है, जिसका इंतज़ार पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस कर रहे थे। खिताबी जंग में आमने-सामने हैं अजेय ‘टीम इंडिया’ (Team India) और हमेशा आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत के लिए काल साबित होने वाली ‘न्यूजीलैंड’ (New Zealand) की टीम।
भारत जहां रिकॉर्ड तीसरी बार टी20 विश्व कप का ताज अपने सिर सजाने के इरादे से मैदान में उतरेगा, वहीं कीवी टीम अपनी पहली टी20 ट्रॉफी की तलाश में है। लेकिन इस ऐतिहासिक महामुकाबले से ठीक पहले, भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम से लेकर क्रिकेट पंडितों के स्टूडियो तक एक ही नाम सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है— अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma)।
टीम इंडिया के धाकड़ ओपनर अभिषेक शर्मा इस पूरे टूर्नामेंट में रनों के लिए संघर्ष करते नजर आए हैं। उनके इस निराशाजनक फॉर्म को देखते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। कैफ का मानना है कि फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में अभिषेक को प्लेइंग इलेवन (Playing XI) से बाहर कर देना चाहिए और उनकी जगह बेंच पर बैठे मैच विनर खिलाड़ी को मौका मिलना चाहिए।
1. महामुकाबले की पृष्ठभूमि: अजेय भारत और कीवी चुनौती
अहमदाबाद में होने वाला यह फाइनल केवल एक मैच नहीं है; यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक ‘रिडेम्पशन’ (Redemption) यानी अपनी पुरानी गलतियों को सुधारने का मौका है। कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) और कोच गौतम गंभीर की जोड़ी ने इस विश्व कप में एक नई ‘फीयरलेस’ (निडर) क्रिकेट की इबारत लिखी है।
सेमीफाइनल का रोमांच: भारत ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए एक बेहद रोमांचक सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 7 रनों से पटखनी देकर फाइनल का टिकट कटाया है। इस मैच में संजू सैमसन, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल ने शानदार प्रदर्शन किया। अक्षर पटेल और शिवम दुबे द्वारा लिया गया वह ‘गेम-चेंजिंग’ कैच पूरे टूर्नामेंट का हाईलाइट बन गया।
हालांकि, इस शानदार जीत के बीच भी टीम इंडिया की एक बड़ी कमजोरी खुलकर सामने आई, और वह थी टॉप ऑर्डर की नाकामी, विशेष रूप से अभिषेक शर्मा का फ्लॉप शो।
2. अभिषेक शर्मा का निराशाजनक प्रदर्शन: आंकड़ों की जुबानी
टी20 क्रिकेट में ओपनर्स की भूमिका सबसे अहम होती है। पहले 6 ओवरों के पावरप्ले (Powerplay) में तेज शुरुआत देना किसी भी टीम की जीत की नींव रखता है। जब 2026 के विश्व कप के लिए टीम का चयन हुआ था, तब आईपीएल (IPL) में अपने आक्रामक खेल के लिए मशहूर अभिषेक शर्मा से बहुत उम्मीदें थीं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और विश्व कप के दबाव में यह युवा बल्लेबाज पूरी तरह से बिखरता हुआ नजर आया है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभिषेक शर्मा के आंकड़े:
- कुल पारियां (Innings): 7
- कुल रन (Total Runs): मात्र 80
- सर्वाधिक स्कोर: 50 (जिम्बाब्वे के खिलाफ)
- औसत (Average): 11.42 (बेहद निराशाजनक)
आंकड़ों को अगर गहराई से देखें, तो स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। अभिषेक शर्मा ने अपने 80 रनों में से 50 रन केवल जिम्बाब्वे जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ बनाए थे। इसका सीधा अर्थ है कि बाकी की 6 पारियों में उनके बल्ले से कुल मिलाकर केवल 30 रन निकले हैं।
पिछले 6 मैचों का स्कोरकार्ड: अभिषेक शर्मा ने अपनी पिछली 6 पारियों में क्रमशः 0, 0, 0, 15, 10 और 9 रन बनाए हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में फ्लॉप शो: वानखेड़े स्टेडियम की उस पिच पर जहां अन्य भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार स्ट्रोक्स खेले, अभिषेक शर्मा ऑफ-स्पिन के खिलाफ अपनी पुरानी कमजोरी का शिकार हो गए। वह 7 गेंदों में केवल 9 रन बनाकर विल जैक्स (Will Jacks) की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे। टूर्नामेंट में यह तीसरी बार था जब वह किसी ऑफ-स्पिनर के जाल में फंसे।
3. मोहम्मद कैफ का गौतम गंभीर को सीधा और कड़ा संदेश: “उसे ब्रेक दो!”
अभिषेक शर्मा की इस लगातार विफलता को देखते हुए भारतीय क्रिकेट बिरादरी में बेचैनी बढ़ गई है। इसी बीच, पूर्व भारतीय बल्लेबाज और बेहतरीन फील्डर रहे मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो जारी कर सीधे हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव को एक अहम सामरिक सलाह दी है।
कैफ ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा, “भारत को अब अभिषेक शर्मा को एक ब्रेक (आराम) देना चाहिए।”
कैफ की दलीलें और रणनीति: मोहम्मद कैफ ने अपने विश्लेषण में कई मजबूत तर्क दिए हैं:
- शॉर्ट फॉर्मेट में बदलाव का डर नहीं: कैफ का मानना है कि टी20 सबसे छोटा प्रारूप है और इसमें फॉर्म से जूझ रहे खिलाड़ी को ढोना टीम के लिए घातक हो सकता है। “उन्होंने अब कई मैच खेल लिए हैं। बदलाव करने में कोई बुराई नहीं है।”
- वेस्टइंडीज का उदाहरण: कैफ ने एक शानदार उदाहरण देते हुए कहा, “हाल ही में वेस्टइंडीज टीम में ब्रैंडन किंग आउट ऑफ फॉर्म थे। विंडीज मैनेजमेंट ने उन्हें पांच-छह मैचों तक बैक किया, लेकिन जब बड़े मैच की बात आई तो उन्होंने ब्रैंडन किंग को बाहर कर रोस्टन चेस (Roston Chase) से ओपनिंग करवाई और यह फैसला उनके पक्ष में गया।”
- संजू सैमसन की सफलता: कैफ ने गौतम गंभीर को याद दिलाया कि कैसे उन्होंने इस टूर्नामेंट में बदलाव करने से परहेज नहीं किया है। “मुझे लगता है कि जैसे आपने संजू सैमसन को मौका दिया, और उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रनों की नाबाद और मैच विनिंग पारी खेली… तो वह बदलाव आपके पक्ष में काम कर गया। अभिषेक के मामले में भी ऐसा ही कड़ा फैसला लेना होगा।”
4. अगर अभिषेक बाहर, तो प्लेइंग इलेवन में कौन? रिंकू सिंह की मजबूत दावेदारी
जब भी किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर करने की बात आती है, तो सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि उसकी जगह (Replacement) कौन लेगा? मोहम्मद कैफ के पास इसका भी एकदम सटीक और अकाट्य जवाब है— रिंकू सिंह (Rinku Singh)।
रिंकू सिंह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में खुद को भारत के सर्वश्रेष्ठ ‘फिनिशर’ (Finisher) के रूप में स्थापित किया है। लेकिन इस वर्ल्ड कप में टीम संयोजन (Team Combination) के कारण उन्हें ज्यादातर मैचों में बेंच पर ही बैठना पड़ा है।
कैफ ने रिंकू के पक्ष में क्या कहा?
“भारत के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने खुद को साबित किया है। रिंकू सिंह हर जगह रन बनाते हैं, चाहे वह टेस्ट हो, रणजी ट्रॉफी हो, या आईपीएल। जब आप डगआउट (Dugout) में देखते हैं कि अभिषेक शर्मा की जगह कौन ले सकता है, तो आपको वहां रिंकू सिंह बैठे हुए दिखाई देते हैं। इसलिए, उन्हें टीम में लाइए। एक लड़का (अभिषेक) लगातार संघर्ष कर रहा है, और दूसरा लड़का (रिंकू) लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद बाहर बैठा है। यह न्यायसंगत नहीं है।”
रिंकू के आने से टीम का संतुलन कैसे बनेगा? अगर रिंकू सिंह प्लेइंग इलेवन में आते हैं, तो भारत को अपने बैटिंग ऑर्डर में थोड़ा बदलाव करना होगा।
- संजू सैमसन या विराट कोहली (यदि खेल रहे हों) रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग कर सकते हैं।
- सूर्यकुमार यादव अपने नंबर 3 या 4 के स्पॉट पर आ सकते हैं।
- रिंकू सिंह को नंबर 5 या 6 पर हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे के साथ एक घातक फिनिशर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। अंतिम ओवर्स (Death Overs) में रिंकू की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा सकती है।
गेंदबाजी विकल्प: कुलदीप या सिराज? कैफ ने यह भी सुझाव दिया कि यदि भारतीय थिंक-टैंक (टीम मैनेजमेंट) एक बल्लेबाज के बजाय एक अतिरिक्त गेंदबाज खिलाना चाहता है, तो कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) या मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) बेहद खतरनाक विकल्प हो सकते हैं। “ये दोनों हर जगह विकेट लेते हैं,” कैफ ने कहा।
5. सुनील गावस्कर की चेतावनी और विदेशी खिलाड़ियों का तंज
अभिषेक शर्मा को लेकर केवल मोहम्मद कैफ ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के ‘लिटिल मास्टर’ सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है।
- गावस्कर की दो-टूक: एनडीटीवी (NDTV) की रिपोर्ट्स के अनुसार, सुनील गावस्कर ने भी भारतीय टीम मैनेजमेंट से न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद में होने वाले फाइनल के लिए टीम में बदलाव करने की मांग की है। उनका मानना है कि अभिषेक अपनी गलतियों से “सीख नहीं रहे हैं” (He hasn’t learned) और बार-बार एक ही तरह के शॉट खेलकर आउट हो रहे हैं।
- मोहम्मद आमिर का तंज: भारत के चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर (Mohammad Amir) ने भी इस बहस में कूदते हुए अभिषेक शर्मा पर ‘वन-डाइमेंशनल’ (One-Dimensional) यानी एक ही तरह का खेल खेलने वाला खिलाड़ी होने का तंज कसा है। आमिर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अभिषेक अपनी मौजूदा तकनीक के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक “सर्वाइव” (Survive) नहीं कर पाएंगे।
6. गौतम गंभीर की ‘कोचिंग फिलॉसफी’ और टीम का निडर माइंडसेट
इस भारी दबाव और क्रिकेट पंडितों की मांगों के बीच, सबकी नजरें भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर पर टिकी हैं। गंभीर अपने कड़े फैसलों और आक्रामक मानसिकता के लिए जाने जाते हैं।

सूर्यकुमार यादव का खुलासा: हाल ही में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर के प्रभाव के बारे में बात करते हुए कहा था, “गौतम गंभीर खुद बैट लेकर मैदान में उतरने को तैयार रहते हैं।” यह वाक्य दर्शाता है कि 2024 के टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद से गंभीर और सूर्या की साझेदारी ने भारतीय टीम के ‘अप्रोच’ (Approach) को पूरी तरह से बदल दिया है। अब टीम इंडिया डर कर नहीं, बल्कि हावी होकर खेलती है।
क्या गंभीर अभिषेक को एक आखिरी मौका देंगे? गौतम गंभीर का एक उसूल रहा है कि वह अपने खिलाड़ियों को पूरा बैक (समर्थन) करते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण संजू सैमसन हैं। जब न्यूजीलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज में संजू सैमसन का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था, तब गंभीर ने ही उन्हें टीम से ड्रॉप किया था। गंभीर ने तब स्पष्ट किया था कि “हम संजू को उस भारी दबाव से बाहर निकालना चाहते थे।” और जब इस वर्ल्ड कप में सही समय आया, तो गंभीर ने संजू को वापस टीम में शामिल किया और संजू ने 97 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर कोच के फैसले को सही साबित कर दिया।
सवाल यह है कि क्या गंभीर फाइनल जैसे करो या मरो के मुकाबले में आउट-ऑफ-फॉर्म अभिषेक शर्मा पर दांव खेलेंगे? पीटीआई (PTI) की कुछ रिपोर्ट्स यह भी इशारा करती हैं कि ‘शायद’ अभिषेक को ड्रॉप न किया जाए, क्योंकि टीम मैनेजमेंट ‘विनिंग कॉम्बिनेशन’ (जीतने वाली टीम) में छेड़छाड़ करने से बचना चाहता है। लेकिन एक फ्लॉप खिलाड़ी के साथ फाइनल में उतरना एक बहुत बड़ा जुआ (Gamble) हो सकता है।
7. अहमदाबाद की पिच का मिजाज और टॉस का महत्व
फाइनल मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है, जो दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है। यहां की पिच और परिस्थितियां मैच के नतीजे में अहम भूमिका निभाएंगी।
- बल्लेबाजों की ऐशगाह: न्यूजीलैंड के कप्तान मिशेल सेंटनर (Mitchell Santner) ने पहले ही बयान दे दिया है कि उन्हें अहमदाबाद में एक ‘हाई-स्कोरिंग’ (High-scoring) फाइनल की उम्मीद है। यहां की पिच आमतौर पर पाटा (Flat) होती है, जहां गेंद बल्ले पर बहुत अच्छी तरह से आती है।
- ओस (Dew) का प्रभाव: चूंकि यह एक डे-नाइट मैच (Day-Night Match) है, इसलिए दूसरी पारी में मैदान पर भारी ओस (Dew) गिरने की संभावना है। ओस के कारण गेंदबाजों के लिए गेंद को ग्रिप करना (पकड़ना) बेहद मुश्किल हो जाता है। इसलिए टॉस जीतने वाला कप्तान आंख बंद करके पहले गेंदबाजी (Fielding first) करने का फैसला करेगा।
- वरुण चक्रवर्ती का रहस्य: इस सपाट पिच पर भारत के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती (Varun Chakravarthy) की भूमिका बहुत अहम होगी। वरुण ग्रुप स्टेज में शानदार फॉर्म में थे और उन्होंने 4 मैचों में 5.2 की इकॉनमी से 9 विकेट चटकाए थे। हालांकि, कीवी दिग्गज कह रहे हैं कि वरुण को ड्रॉप किया जा सकता है, लेकिन कप्तान सूर्या ने उनकी फॉर्म को लेकर किसी भी चिंता को खारिज कर दिया है।
8. भारत बनाम न्यूजीलैंड: आईसीसी नॉकआउट्स का खौफनाक इतिहास (The Kiwi Jinx)
जब बात आईसीसी टूर्नामेंट्स (ICC Tournaments) की आती है, तो भारतीय फैंस के दिलों में न्यूजीलैंड का नाम सुनते ही एक सिहरन दौड़ जाती है। इतिहास गवाह है कि कीवी टीम हमेशा से भारत के लिए गले की हड्डी साबित हुई है।
टी20 वर्ल्ड कप में ‘जीरो’ रिकॉर्ड: यह जानकर हैरानी होगी कि भारत ने आज तक टी20 विश्व कप के इतिहास में न्यूजीलैंड को एक भी मैच नहीं हराया है। दोनों टीमों के बीच टी20 वर्ल्ड कप में अब तक तीन मुकाबले हुए हैं, और तीनों में भारत को हार का मुंह देखना पड़ा है।
पुराने घाव:
- 2019 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल: एमएस धोनी (MS Dhoni) का वह रन आउट और भारत की हार कोई भी क्रिकेट फैन भूल नहीं सकता। (दिलचस्प बात यह है कि वर्ल्ड कप 2026 के इस फाइनल को देखने के लिए एमएस धोनी खुद रविवार सुबह अहमदाबाद पहुंच चुके हैं)।
- 2021 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल: साउथैम्पटन में खेले गए इस पहले ऐतिहासिक डब्ल्यूटीसी फाइनल में भी केन विलियमसन की कप्तानी वाली न्यूजीलैंड टीम ने विराट कोहली की सेना को हरा दिया था।
‘चोकर्स’ (Chokers) का टैग: हालांकि, इस बार माहौल थोड़ा अलग है। दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन (Dale Steyn) और एबी डिविलियर्स (AB de Villiers) ने हाल ही में कहा है कि दक्षिण अफ्रीका से ज्यादा न्यूजीलैंड ‘चोकर्स’ के टैग का हकदार है, क्योंकि उन्होंने इतिहास में बहुत सारे फाइनल मैचों में घुटने टेके हैं। भारत को न्यूजीलैंड के इसी मनोवैज्ञानिक दबाव का फायदा उठाना होगा।
9. 2023 वर्ल्ड कप फाइनल का भूत (The Ahmedabad Curse)
भारतीय टीम और फैंस के लिए अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम कुछ डरावनी यादें भी समेटे हुए है। साल 2023 के वनडे विश्व कप में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की कप्तानी में भारतीय टीम लगातार 10 मैच जीतकर अजेय रथ पर सवार होकर इसी मैदान पर फाइनल खेलने उतरी थी। लेकिन 19 नवंबर 2023 की उस मनहूस रात को पैट कमिंस (Pat Cummins) की ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारत को हराकर करोड़ों भारतीयों का दिल तोड़ दिया था।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि भारतीय फैंस इस बार कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वे स्टेडियम के बाहर “नजर उतारने” (Nazar Utarna) जैसी रस्में कर रहे हैं ताकि 2023 के फाइनल वाला ‘अहमदाबाद का श्राप’ (Ahmedabad Curse) इस बार टीम इंडिया को प्रभावित न कर सके।
10. कीवी जिंक्स (Kiwi Jinx) तोड़ने के लिए भारत को किन 3 गलतियों से बचना होगा?
क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भारत को न्यूजीलैंड का तिलिस्म तोड़ना है और तीसरी बार टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनना है, तो उन्हें तीन बड़ी गलतियों से हर हाल में बचना होगा:
- पावरप्ले में विकेट न गंवाना: ट्रेंट बोल्ट (Trent Boult) और टिम साउथी (Tim Southee) की स्विंग होती गेंदों के खिलाफ भारतीय ओपनर्स को बेहद सतर्क रहना होगा। यदि अभिषेक शर्मा खेलते हैं, तो उन्हें बिना सोचे-समझे बल्ला घुमाने (Blind slogging) के बजाय क्रीज पर समय बिताना होगा। यदि भारत पहले 6 ओवरों में विकेट नहीं खोता है, तो मध्यक्रम के बल्लेबाज बाद में तबाही मचा सकते हैं।
- स्पिनर्स का सही इस्तेमाल: कीवी बल्लेबाज ऐतिहासिक रूप से स्पिन को अच्छा खेलते हैं। अक्षर पटेल, रविंद्र जडेजा (यदि खेलते हैं) और कुलदीप/वरुण को कसी हुई लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करनी होगी।
- डेथ ओवर्स (Death Overs) में कसी हुई गेंदबाजी: जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) इस टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे बड़े हथियार रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उनकी डेथ ओवर्स की गेंदबाजी “लीजेंडरी” थी। बुमराह और अर्शदीप सिंह को अंतिम 4 ओवरों में कीवी बल्लेबाजों को यॉर्कर (Yorkers) और धीमी बाउंसर (Slow bouncers) के जाल में फंसाना होगा।
करो या मरो की जंग और एक ऐतिहासिक रात का इंतज़ार
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल किसी हॉलीवुड थ्रिलर फिल्म से कम नहीं होने वाला है। एक तरफ सूर्यकुमार यादव की युवा और निडर ब्रिगेड है, तो दूसरी तरफ मिशेल सेंटनर की चतुर और शांत कीवी सेना।
गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट के सामने अभिषेक शर्मा के रूप में एक बहुत बड़ा सिरदर्द है। मोहम्मद कैफ, सुनील गावस्कर और क्रिकेट जगत के तमाम दिग्गजों की राय बिल्कुल स्पष्ट है— “अभिषेक को बाहर करो और रिंकू सिंह को लाओ।” फाइनल जैसे महामुकाबले में किसी भी ‘कमजोर कड़ी’ (Weak link) के लिए कोई जगह नहीं होती। यह वह मंच है जहां केवल प्रदर्शन बोलता है।
क्या गौतम गंभीर अपनी पुरानी जिद पर अड़े रहेंगे और अभिषेक को बैक करेंगे? या फिर वे ‘विनिंग कॉम्बिनेशन’ को तोड़कर रिंकू सिंह को मौका देकर एक मास्टरस्ट्रोक (Masterstroke) खेलेंगे? इसका जवाब तो टॉस के समय ही मिलेगा।
लेकिन एक बात तय है, जब रविवार की शाम अहमदाबाद का आसमान दूधिया रोशनी से नहाएगा और 1 लाख से ज्यादा दर्शक “इंडिया… इंडिया…” के नारे लगाएंगे, तब मैदान पर उतरने वाले हर भारतीय खिलाड़ी का खून खौल रहा होगा। देश को इंतजार है एक और विश्व कप ट्रॉफी का, और उम्मीद है कि इस बार ‘अहमदाबाद का भूत’ हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।
शुभकामनाएं टीम इंडिया!

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
