SUV Buying Guide

संडे की शाम और नई गाड़ी का सपना

नमस्कार दोस्तों! आज तारीख १५ फरवरी २०२६, रविवार है। आज छुट्टी का दिन है और सूरत के डुमस रोड से लेकर अहमदाबाद के एसजी हाईवे तक, परिवारों को अपनी-अपनी गाड़ियों में घूमते हुए देखा जा सकता है। भारतीय मध्यम वर्ग (Common Man) का एक सपना होता है—एक बड़ी, दमदार और सुरक्षित SUV (Sport Utility Vehicle) खरीदना।

२०२६ में, भले ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) का शोर है, लेकिन जब बात ७-सीटर बड़ी गाड़ियों की आती है, तो ‘डीजल’ का आज भी कोई तोड़ नहीं है। लंबी दूरी की यात्रा, पहाड़ों पर चढ़ाई और पूरे परिवार को साथ लेकर चलने की क्षमता—यह सब डीजल इंजन की Driving Forces (चालक शक्तियों) ही प्रदान कर सकती हैं।

आज बाजार में दो नाम सबसे ज्यादा गूंज रहे हैं—Tata Safari (टाटा सफारी) और Mahindra Scorpio N (महिंद्रा स्कॉर्पियो एन)। दोनों ही गाड़ियाँ ‘मेड इन इंडिया’ हैं, दोनों ही सुरक्षित हैं और दोनों की फैन फॉलोइंग जबरदस्त है। लेकिन एक आम आदमी, जिसकी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा गाड़ी में जाता है, उसे कौन सी चुननी चाहिए?

भाग १: क्यों चाहिए डीजल SUV? – The Power of Torque Forces

सबसे पहले यह समझते हैं कि २०२६ में भी लोग डीजल क्यों चुन रहे हैं?

  1. टॉर्क (Torque): डीजल इंजन में पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा टॉर्क होता है। टॉर्क यानी वह Pulling Force (खींचने की शक्ति) जो गाड़ी को भारी लोड के साथ भी आसानी से आगे बढ़ाती है। ७ लोगों के वजन के साथ पहाड़ चढ़ना हो, तो डीजल ही काम आता है।
  2. माइलेज: बड़ी गाड़ियों में पेट्रोल इंजन का माइलेज ७-८ किमी/लीटर रह जाता है, जबकि डीजल आसानी से १२-१४ किमी/लीटर देता है।
  3. लॉन्ग लाइफ: डीजल इंजन लाखों किलोमीटर चलने के लिए बने होते हैं।

भाग २: Tata Safari – ‘लिजेंड’ का नया अवतार

टाटा सफारी सिर्फ एक कार नहीं, एक इमोशन है। २०२६ का फेसलिफ्ट मॉडल और भी ज्यादा प्रीमियम हो गया है।

लुक और फील (Visual Forces):

  • डिज़ाइन: सफारी का डिज़ाइन अब लैंड रोवर (Land Rover) जैसा लगता है। कनेक्टेड एलईडी टेल लैंप्स और बड़ी ग्रिल इसे सड़क पर एक अलग ही Dominating Force (वर्चस्व) देते हैं।
  • इंटीरियर: इसका केबिन बेहद आलीशान है। डैशबोर्ड पर सॉफ्ट टच मटीरियल और ‘ऑयस्टर व्हाइट’ थीम इसे २० लाख नहीं, बल्कि ५० लाख की गाड़ी जैसा फील देते हैं।
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ताकत (Engine Specs):

  • इंजन: 2.0 लीटर Kryotec डीजल इंजन।
  • पावर: १७० पीएस।
  • टॉर्क: ३५० एनएम।
  • ड्राइव: यह फ्रंट व्हील ड्राइव (FWD) है। यानी इंजन की ताकत आगे के पहियों में जाती है। यह शहर और हाईवे के लिए बेहतरीन है।

भाग ३: Mahindra Scorpio N – ‘बिग डैडी’ का रुतबा

स्कॉर्पियो एन ने आते ही बाजार हिला दिया था। यह एक असली ‘बॉडी-ऑन-फ्रेम’ (Body-on-Frame) SUV है, जो इसे रफ एंड टफ बनाती है।

लुक और फील:

  • डिज़ाइन: यह ऊंची है, चौड़ी है और मस्कुलर है। इसकी रोड प्रेजेंस ऐसी है कि सामने वाली छोटी गाड़ियाँ खुद रास्ता दे देती हैं।
  • इंटीरियर: इसका केबिन अब पहले से ज्यादा आधुनिक है, जिसमें कॉफी-ब्लैक थीम है। हालांकि, सफारी जितना प्रीमियम नहीं, लेकिन व्यावहारिक (Practical) जरूर है।

ताकत (Engine Specs):

  • इंजन: 2.2 लीटर mHawk डीजल इंजन।
  • पावर: १७५ पीएस (निचले वेरियंट में १३० पीएस)।
  • टॉर्क: ४०० एनएम (ऑटोमैटिक में)।
  • ड्राइव: यह रियर व्हील ड्राइव (RWD) है। यानी इंजन की ताकत पिछले पहियों में जाती है। यह इसे असली Driving Forces देती है और चढ़ाई पर यह सफारी से बेहतर प्रदर्शन करती है। इसमें 4×4 का विकल्प भी है।

भाग ४: कम्फर्ट का असली टेस्ट – The Comfort Forces

आम आदमी के लिए परिवार का आराम सबसे ऊपर है। यहाँ कौन बाजी मारता है?

टाटा सफारी:

  • सस्पेंशन: इसका सस्पेंशन जादुई है। यह खराब सड़कों को ऐसे पी जाती है जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
  • सीटिंग: सफारी की ‘कप्तानी सीटें’ (Captain Seats) बहुत आरामदायक हैं। इसमें वेंटिलेटेड सीट्स (हवादार सीटें) आगे और पीछे दोनों जगह मिलती हैं।
  • थर्ड रो (Third Row): सफारी की तीसरी पंक्ति में वयस्क (Adults) भी थोड़ी देर के लिए बैठ सकते हैं। लेग स्पेस ठीक-ठाक है।

महिंद्रा स्कॉर्पियो एन:

  • सस्पेंशन: धीमी गति पर यह थोड़ी हिलती-डुलती (Bouncy) है, लेकिन स्पीड पकड़ने पर स्थिर हो जाती है।
  • सीटिंग: इसकी सीटें ऊंची हैं, जिससे आपको ‘कमांडिंग व्यू’ मिलता है।
  • थर्ड रो: यहाँ स्कॉर्पियो मात खा जाती है। तीसरी पंक्ति बहुत तंग है और बूट स्पेस (डिग्गी) तो न के बराबर है अगर तीनों पंक्तियाँ ऊपर हों।
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विजेता: कम्फर्ट के मामले में Tata Safari की Comfort Forces ज्यादा मजबूत हैं।

भाग ५: फीचर्स की जंग – Technological Forces

२०२६ में बिना फीचर्स के गाड़ी अधूरी है।

  • टाटा सफारी: इसमें १२.३ इंच का बड़ा टचस्क्रीन, ३६०-डिग्री कैमरा, पैनोरमिक सनरूफ, और एंबिएंट लाइटिंग है। इसका इंफोटेनमेंट सिस्टम बहुत स्मूथ है।
  • स्कॉर्पियो एन: इसमें ८-इंच का स्क्रीन है (जो २०२६ के हिसाब से छोटा है), सनरूफ है, और सोनी का साउंड सिस्टम है। लेकिन टाटा का साउंड सिस्टम (JBL) ज्यादा बेहतर है।
  • ADAS: दोनों गाड़ियों में अब ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) लेवल-2 मिल रहा है। लेकिन सफारी का ADAS भारतीय सड़कों के लिए थोड़ा बेहतर ट्यून किया गया है।

भाग ६: सुरक्षा – Safety Forces का कवच

सुरक्षा में कोई समझौता नहीं हो सकता।

  • टाटा सफारी: भारत NCAP और ग्लोबल NCAP दोनों में ५-स्टार रेटिंग। इसका ‘ओमेगा आर्क’ प्लेटफॉर्म लैंड रोवर के प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह एक टैंक जैसी है।
  • स्कॉर्पियो एन: ग्लोबल NCAP में ५-स्टार रेटिंग। इसकी बॉडी बहुत मजबूत है।

दोनों ही गाड़ियाँ आपके परिवार को सुरक्षित रखने के लिए Protective Forces से लैस हैं। यहाँ टाई (Tie) है।

भाग ७: माइलेज और मेंटेनेंस – Economic Forces

आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता—”कितना देती है?”

  • टाटा सफारी: शहर में १०-१२ किमी/लीटर और हाईवे पर १५-१६ किमी/लीटर। इसका सर्विस नेटवर्क बड़ा है, लेकिन टाटा की सर्विस की गुणवत्ता (Quality) कभी-कभी ‘हिट और मिस’ रहती है।
  • स्कॉर्पियो एन: शहर में ९-११ किमी/लीटर और हाईवे पर १४-१५ किमी/लीटर। चूँकि यह भारी है और RWD है, इसका माइलेज थोड़ा कम है। महिंद्रा की सर्विस आमतौर पर भरोसेमंद मानी जाती है।

विजेता: माइलेज में Safari थोड़ी आगे है, लेकिन रफ यूज़ और मेंटेनेंस में Scorpio N की Durability Forces बेहतर हैं।

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भाग ८: अन्य विकल्प – XUV700 और Hector

हम इन दोनों को नहीं भूल सकते।

  • Mahindra XUV700: यह सफारी और स्कॉर्पियो के बीच का रास्ता है। यह मोनोकॉक (सफारी जैसी) है लेकिन इंजन स्कॉर्पियो वाला है। इसमें टेक्नोलॉजी (ADAS, स्क्रीन) सबसे अच्छी है। अगर आपको गैजेट्स पसंद हैं, तो XUV700 की Technological Forces आपको लुभाएंगी।
  • MG Hector Plus: अगर आपको सिर्फ शहर में चलना है और ‘इंटरनेट कार’ चाहिए, तो यह अच्छी है। लेकिन इसका डीजल इंजन (वही जो सफारी में है) यहाँ थोड़ा सुस्त महसूस होता है।

भाग ९: आम आदमी का फैसला – किसे क्या खरीदना चाहिए?

अब आते हैं अंतिम निर्णय पर। आपको अपनी जरूरत (Needs) और Usage Forces (उपयोग की शर्तों) के आधार पर फैसला लेना चाहिए।

परिस्थिति १: आपको स्कॉर्पियो एन (Scorpio N) खरीदनी चाहिए, यदि:

  • आप ख़राब रास्तों, गाँव या पहाड़ों में रहते हैं।
  • आपको असली SUV वाला ‘रफ एंड टफ’ फील चाहिए।
  • आप ऑफ-रोडिंग (4×4) के शौकीन हैं।
  • आपको गाड़ी की री-सेल वैल्यू (Resale Value) की चिंता है (स्कॉर्पियो की री-सेल बहुत अच्छी है)।

परिस्थिति २: आपको टाटा सफारी (Tata Safari) खरीदनी चाहिए, यदि:

  • आपका परिवार बड़ा है और आप अक्सर लंबी दूरी (Long Drives) की यात्रा करते हैं।
  • आपको प्रीमियम इंटीरियर और लग्जरी फील चाहिए।
  • आपके घर में बुजुर्ग हैं (सफारी में चढ़ना-उतरना थोड़ा आसान है और राइड क्वालिटी बेहतर है)।
  • आपको शहर में चलाने के लिए एक हल्की स्टीयरिंग वाली बड़ी गाड़ी चाहिए।

भाग १०: कीमत का गणित (Market Forces)

२०२६ में कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। (अनुमानित एक्स-शोरूम कीमतें):

  • Scorpio N Diesel: ₹१८ लाख से ₹२६ लाख तक।
  • Tata Safari Diesel: ₹१७.५० लाख से ₹२८ लाख तक।

स्कॉर्पियो का बेस मॉडल ‘वैल्यू फॉर मनी’ है, जबकि सफारी का टॉप मॉडल ‘लग्जरी’ है।

भाग ११: क्या है ‘Dark Edition’ का क्रेज?

आजकल कंपनियों ने ‘ब्लैक एडिशन’ या ‘डार्क एडिशन’ निकाले हैं।

  • टाटा सफारी का ‘Dark Edition’ युवाओं में बहुत लोकप्रिय है। काली गाड़ी की Visual Forces सड़क पर अलग ही रौब जमाती है।
  • स्कॉर्पियो एन का ‘Z8 Select’ वैरिएंट भी अब ब्लैक रंग में आ रहा है।

भाग १२: वेटिंग पीरियड – Patience Forces

गाड़ी पसंद आ गई, लेकिन मिलेगी कब?

  • Scorpio N: अभी भी ३ से ४ महीने का वेटिंग पीरियड है (कुछ वैरिएंट्स पर)।
  • Safari: १ से २ महीने में मिल जाती है।
  • अगर आपको जल्दी गाड़ी चाहिए, तो टाटा के शोरूम में बात बन सकती है।

भाग १३: भविष्य – डीजल का क्या होगा?

२०२६ में डीजल गाड़ियाँ अभी भी चल रही हैं, लेकिन २०२७ से नए प्रदूषण नियम (BS-7) आ सकते हैं।

  • इसलिए, यह शायद डीजल SUV खरीदने का आखिरी सुनहरा मौका है।
  • डीजल गाड़ियों की Resale Forces अगले ५ साल तक मजबूत रहेंगी, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।

भाग १४: दिल की सुनें या दिमाग की?

अंत में, १५ फरवरी २०२६ के इस संडे को अगर आप शोरूम जा रहे हैं, तो यह याद रखें:

  • दिमाग से: टाटा सफारी एक बेहतर फैमिली पैकेज है। इसमें स्पेस, फीचर और माइलेज का सही संतुलन है।
  • दिल से: स्कॉर्पियो एन एक ‘मर्दाना’ गाड़ी है। इसे चलाने का जो ‘पावर’ फील होता है, वो सफारी में नहीं है।

अगर मैं एक आम आदमी की तरह सोचूं, जिसे परिवार को साथ लेकर सूरत से सापुतारा या स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जाना है, तो Tata Safari मेरी पहली पसंद होगी क्योंकि इसकी Comfort Forces लंबी यात्रा को थकान मुक्त बनाती हैं।

लेकिन अगर मेरा रास्ता खेतों और कच्चे रास्तों से होकर गुजरता है, तो मैं Scorpio N की चाबी उठाऊंगा।

By Vivan Verma

विवान तेज खबरी (Tez Khabri) के समाचार रिपोर्टर हैं, जो ब्रेकिंग न्यूज़ और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करते हैं। विवान तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और तेज अपडेट के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मामलों पर नियमित लेखन करते हैं।

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