कश्मीर से दिल्ली तक मौसम का कहर

उत्तर भारत में इस समय मौसम का मिजाज काफी सख्त बना हुआ है। 5 जनवरी 2026 की ताज़ा अपडेट के अनुसार, जहाँ कश्मीर वादी हाड़ कंपाने वाली ठंड की चपेट में है, वहीं देश की राजधानी दिल्ली “ठंड और प्रदूषण” के दोहरे हमले का सामना कर रही है।

यहाँ उत्तर भारत के मौसम और वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:

1. कश्मीर: शून्य से नीचे गिरा पारा, जम गईं झीलें

कश्मीर इस समय ‘चिल्लई कलां’ (40 दिनों की सबसे कठोर ठंड की अवधि) के बीच से गुजर रहा है।

  • तापमान: श्रीनगर में बीती रात न्यूनतम तापमान -5.4°C दर्ज किया गया, जबकि पहलगाम और गुलमर्ग में यह गिरकर -8°C से -10°C तक पहुँच गया है।
  • बर्फबारी का असर: प्रसिद्ध डाल झील के कई हिस्से जम गए हैं। पाइपों में पानी जमने की वजह से स्थानीय निवासियों को पीने के पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
  • पर्यटन: हाड़ कंपाने वाली इस ठंड के बावजूद, गुलमर्ग में स्कीइंग और विंटर स्पोर्ट्स के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
कश्मीर से दिल्ली तक मौसम का कहर

2. दिल्ली-NCR: ठंड और प्रदूषण का ‘डबल अटैक’

दिल्ली के लोगों के लिए जनवरी की शुरुआत काफी मुश्किलों भरी रही है। यहाँ दोहरी मार पड़ रही है:

क) कड़ाके की ठंड और कोहरा:

  • मैदानी इलाकों में चलने वाली बर्फीली हवाओं (Cold Wave) के कारण दिल्ली का पारा 3°C से 4°C के बीच बना हुआ है।
  • विजिबिलिटी: सुबह के समय घना कोहरा छाने के कारण पालम और सफदरजंग एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिससे दर्जनों उड़ानें और ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

ख) वायु प्रदूषण (AQI) का खतरनाक स्तर:

  • दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) एक बार फिर ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुँच गया है। आज सुबह आनंद विहार और बवाना जैसे इलाकों में AQI 450 के पार दर्ज किया गया।
  • कारण: हवा की धीमी गति और बढ़ती नमी के कारण प्रदूषक तत्व (Pollutants) जमीन के पास ही फंस गए हैं, जिससे ‘स्मॉग’ की चादर छाई हुई है।
कश्मीर से दिल्ली तक मौसम का कहर

3. प्रशासन की तैयारी और पाबंदियां

बिगड़ते हालात को देखते हुए सरकार ने कई कदम उठाए हैं:

  • GRAP-4 लागू: दिल्ली-एनसीआर में ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (GRAP) का चौथा चरण लागू करने पर विचार किया जा रहा है, जिसके तहत BS-4 डीजल गाड़ियों और निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक लग सकती है।
  • स्कूलों की छुट्टियां: ठंड और प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली और हरियाणा के कई जिलों में प्राथमिक स्कूलों (Primary Schools) की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं या स्कूलों का समय बदल दिया गया है।
  • रैन बसेरे: बेघर लोगों के लिए सरकार ने अतिरिक्त रैन बसेरों और अलाव (Bonfire) की व्यवस्था की है।

4. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

ठंड और प्रदूषण का यह मेल हृदय और सांस के मरीजों के लिए घातक हो सकता है।

  1. मास्क का प्रयोग: बाहर निकलते समय N-95 मास्क का उपयोग करें ताकि PM 2.5 कणों से बचा जा सके।
  2. सुबह की सैर से बचें: प्रदूषण और कोहरा सुबह के समय सबसे अधिक होता है, इसलिए घर के अंदर ही व्यायाम करें।
  3. हाइड्रेटेड रहें: शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए गुनगुना पानी और पौष्टिक आहार लें।

5. मौसम का पूर्वानुमान (अगले 48 घंटे)

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक उत्तर भारत में शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा। 7 जनवरी के बाद एक नए ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जो प्रदूषण से थोड़ी राहत दिला सकती है।

निष्कर्ष: कश्मीर की बर्फबारी और दिल्ली का प्रदूषण इस समय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे मौसम में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

By Isha Patel

Isha Patel Tez Khabri के साथ जुड़ी एक समाचार रिपोर्टर हैं। वे भारत और राज्यों से जुड़ी ताज़ा, ब्रेकिंग और जनहित से संबंधित खबरों को कवर करती हैं। Isha Patel शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर सत्यापित व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करती हैं।

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