दलाल स्ट्रीट पर ‘बुल रन’ की वापसी
बजट का दिन शेयर बाजार (Stock Market) के लिए किसी वर्ल्ड कप फाइनल से कम नहीं होता। धड़कनें तेज होती हैं, हर शब्द पर ग्राफ ऊपर-नीचे होता है, और निवेशकों की नजरें लाल और हरे रंगों के बीच झूलती रहती हैं। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही अपना 9वां बजट भाषण समाप्त किया, दलाल स्ट्रीट ने एक जोरदार दहाड़ के साथ इसका स्वागत किया।
सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) ने आज जो रफ़्तार पकड़ी, उसने पिछले कई महीनों की सुस्ती को तोड़ दिया है। लेकिन आज की हेडलाइन इंडेक्स नहीं, बल्कि कुछ खास सेक्टर्स और स्टॉक्स हैं। भारत की सबसे बड़ी कंपनी Reliance Industries और ऑटो सेक्टर की दिग्गज Mahindra & Mahindra ने आज बाजार को लीड किया। वहीं, दूसरी तरफ Defence Stocks (रक्षा शेयर) तो मानो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे—वे सचमुच ‘रॉकेट’ बन गए हैं।
आखिर बजट में ऐसा क्या था जिसने इन शेयरों में आग लगा दी? क्या यह तेजी टिकेगी या यह सिर्फ एक दिन का गुबार है? और सबसे बड़ा सवाल—एक आम निवेशक के तौर पर अब आपको क्या करना चाहिए?
भाग 1: बाजार का ओवरव्यू – सेंसेक्स और निफ्टी की चाल (Market Overview)
बजट भाषण शुरू होने से पहले बाजार में थोड़ी नर्वसनेस थी। निफ्टी फ्लैट कारोबार कर रहा था। लेकिन जैसे ही वित्त मंत्री ने Fiscal Deficit (राजकोषीय घाटा) को 4.5% से नीचे लाने और Capex (पूंजीगत व्यय) में 11.1% की बढ़ोतरी की घोषणा की, बाजार ने यू-टर्न ले लिया।
आज के प्रमुख आंकड़े:
- Sensex: 1200+ अंकों की भारी बढ़त के साथ बंद।
- Nifty 50: अपने ऑल-टाइम हाई के बेहद करीब पहुँच गया।
- Bank Nifty: निजी बैंकों और पीएसयू बैंकों की जुगलबंदी से 800 अंकों का उछाल।
- Volatility: बजट भाषण के दौरान VIX (India VIX) में गिरावट आई, जो दर्शाता है कि बाजार को बजट पसंद आया और अनिश्चितता खत्म हुई।
बाजार को क्या पसंद आया?
- कंटीन्यूटी (Continuity): नीतियों में कोई बड़ा नकारात्मक बदलाव नहीं।
- टैक्स स्थिरता: कैपिटल गेन टैक्स (LTCG/STCG) में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई, जिसका डर निवेशकों को सता रहा था।
- ग्रोथ फोकस: इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस पर खर्च जारी रखने का वादा।

भाग 2: रिलायंस इंडस्ट्रीज – हाथी ने दौड़ना शुरू किया (Reliance Industries Analysis)
बाजार का ‘हाथी’ कहे जाने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली। यह तेजी इत्तेफाक नहीं थी। बजट में रिलायंस के लिए कई ‘छिपे हुए खजाने’ थे।
क्यों भागा रिलायंस?
- Green Energy Push: वित्त मंत्री ने Green Hydrogen Mission के लिए अतिरिक्त फंड और इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग के लिए इंसेंटिव की घोषणा की। रिलायंस जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी कॉम्प्लेक्स बना रहा है। इस घोषणा का सीधा फायदा रिलायंस की ‘न्यू एनर्जी’ शाखा को मिलेगा।
- 5G/6G विस्तार: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और 5G लैब्स के लिए फंड आवंटन से Jio को फायदा होगा। साथ ही, मोबाइल कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी घटने से जिओ फोन्स की लागत कम होगी।
- रिटेल सेक्टर: मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत मिलने से उनकी खर्च करने की क्षमता (Disposable Income) बढ़ेगी। इसका सीधा असर Reliance Retail की बिक्री पर पड़ेगा।
विश्लेषण: रिलायंस का शेयर लंबे समय से एक दायरे (Range) में फंसा था। आज के बजट ने उसे वह ‘ट्रिगर’ दे दिया जिसकी उसे तलाश थी। विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस अब एक नई रैली के लिए तैयार है।
भाग 3: महिंद्रा एंड महिंद्रा – गाँव और ईवी की डबल पावर (Mahindra & Mahindra Boom)
अगर आज रिलायंस बाजार का राजा था, तो Mahindra & Mahindra (M&M) उसका सबसे मजबूत सिपाही। एमएंडएम के शेयरों में 4-5% तक की तेजी देखी गई।
बजट में महिंद्रा के लिए क्या था?
- Rural Economy Focus: बजट में कृषि ऋण (Agri Credit) का लक्ष्य बढ़ाया गया और PM-KISAN की प्रक्रिया आसान की गई। जब किसान के हाथ में पैसा आता है, तो वह सबसे पहले ट्रैक्टर खरीदता है। महिंद्रा दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी है। ग्रामीण मांग बढ़ने की उम्मीद ने इसके ट्रैक्टर सेगमेंट को बूस्ट दिया।
- EV Ecosystem: इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की घोषणा महिंद्रा के नए EV पोर्टफोलियो (BE सीरीज) के लिए वरदान है।
- Tourism Push: सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए हिल स्टेशन और टूरिस्ट स्पॉट्स विकसित करने की बात कही। महिंद्रा की Scorpio-N और XUV700 जैसी गाड़ियाँ टूरिज्म और ट्रैवल सेक्टर में बहुत लोकप्रिय हैं।
भाग 4: डिफेंस स्टॉक्स – ये तो ‘रॉकेट’ बन गए! (Defence Sector Rally)
पिछले दो सालों से डिफेंस सेक्टर मल्टीबैगर (Multibagger) रहा है। बजट 2026 ने इस आग में घी डालने का काम किया है। HAL, BEL, और Mazagon Dock जैसे शेयर 5% से 10% तक ऊपर चढ़ गए।
तेजी के कारण:
- Deep Tech और आत्मनिर्भरता: वित्त मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ के लिए Deep Tech (गहरी तकनीक) का उपयोग करने वाली कंपनियों के लिए एक नए फंड की घोषणा की।
- Record Defence Budget: रक्षा बजट में आधुनिकीकरण के लिए आवंटन बढ़ाया गया है। इसका मतलब है सेना नए फाइटर जेट्स, ड्रोन और सबमरीन खरीदेगी।
- Export Target: सरकार ने रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
टॉप गैनर्स (Top Gainers):
- HAL (Hindustan Aeronautics Ltd): तेजस जेट्स के नए ऑर्डर्स की उम्मीद में।
- BEL (Bharat Electronics): रडार और एवियोनिक्स की मांग।
- Mazagon Dock: सबमरीन निर्माण के लिए।
- Drone Stocks: ज़ेन टेक्नोलॉजीज और आईडियाफोर्ज जैसे ड्रोन स्टॉक्स में भी लोअर सर्किट नहीं, बल्कि अपर सर्किट लगते दिखे।
भाग 5: रेलवे स्टॉक्स – पटरी पर लौटी रफ़्तार (Railway Sector)
रेलवे स्टॉक्स पिछले कुछ महीनों से करेक्शन (गिरावट) के दौर से गुजर रहे थे। लेकिन बजट ने उनमें फिर जान फूँक दी।
- घोषणा: 400 नई वंदे भारत ट्रेनें, वंदे मेट्रो और 3 नए इकोनॉमिक कॉरिडोर।
- असर:
- RVNL & IRCON: प्रोजेक्ट्स को पूरा करने (EPC) वाली कंपनियों में तेजी।
- IRFC: रेलवे के विस्तार के लिए फंडिंग की जरूरत होगी, जिसका सीधा फायदा IRFC को मिलेगा।
- Titagarh Rail: वैगन्स और कोच बनाने वाली कंपनियों को नए ऑर्डर मिलेंगे।
भाग 6: इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमेंट – नींव मजबूत (Infrastructure Theme)
“देश बनाना है, तो सीमेंट और स्टील चाहिए।” पूंजीगत व्यय (Capex) में 11.1% की बढ़ोतरी का सीधा मतलब है कि सड़कें, पुल और पावर प्लांट बनते रहेंगे।
- L&T (Larsen & Toubro): देश की सबसे बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी होने के नाते, कैपेक्स का सबसे बड़ा हिस्सा L&T की ऑर्डर बुक में जाएगा।
- UltraTech & Ambuja Cement: इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से सीमेंट की खपत बढ़ेगी। सीमेंट स्टॉक्स में भी अच्छी खरीदारी देखी गई।
भाग 7: बैंकिंग और फाइनेंस – अर्थव्यवस्था की रीढ़ (Banking Sector)
बाजार की तेजी तब तक अधूरी है जब तक ‘बैंक निफ्टी’ साथ न दे।
- Fiscal Deficit Control: सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम करने का लक्ष्य रखा है। इसका मतलब है कि सरकार बाजार से कम उधार लेगी। इससे Bond Yields (बॉन्ड यील्ड) कम होंगी।
- फायदा: जब बॉन्ड यील्ड कम होती है, तो बैंकों के ट्रेजरी मुनाफे बढ़ते हैं। इसी वजह से SBI, HDFC Bank और ICICI Bank में तेजी आई।
- PSU Banks: सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट साफ हो चुकी है और अब वे क्रेडिट ग्रोथ के लिए तैयार हैं।
भाग 8: कौन गिरा? लूजर्स की लिस्ट (The Losers)
हर बजट में कुछ को खुशी मिलती है तो कुछ को गम। आज के बजट में किसे झटका लगा?
- ITC और तंबाकू स्टॉक्स: हमेशा की तरह, सरकार ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स (NCCD) बढ़ा दिया। इसके चलते ITC के शेयर में शुरुआती गिरावट आई, हालांकि बाद में वैल्यू बाइंग के चलते वह रिकवर हो गया।
- Luxury Goods: इम्पोर्टेड लक्ज़री कारों और महंगे प्लास्टिक उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ने से इनसे जुड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।
भाग 9: FII और DII का डेटा क्या कहता है? (Institutional Flow)
बाजार की दिशा रिटेल निवेशक नहीं, बल्कि ‘स्मार्ट मनी’ (Smart Money) तय करती है।
- FIIs (विदेशी निवेशक): बजट में कैपिटल गेन टैक्स न बढ़ने और राजकोषीय अनुशासन देखकर विदेशी निवेशक खुश हैं। उम्मीद है कि वे भारत में अपनी खरीदारी बढ़ाएंगे।
- DIIs (घरेलू निवेशक): डीआईआई पहले से ही बुलिश थे और बजट ने उनके भरोसे को और पक्का कर दिया है।
भाग 10: कल के लिए रणनीति – अब क्या करें? (Investment Strategy)
बजट का जोश एक दिन रहता है, लेकिन ट्रेंड हफ्तों तक चलता है। एक निवेशक के तौर पर अब आपकी क्या रणनीति होनी चाहिए?
- Dips में खरीदें (Buy on Dips): निफ्टी अब एक नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है। कोई भी छोटी गिरावट खरीदारी का मौका होगी।
- Sector Rotation: अब फोकस उन सेक्टर्स पर रखें जिन्हें बजट में पैसा मिला है—जैसे रिन्यूएबल एनर्जी, हाउसिंग, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर।
- FOMO से बचें: डिफेंस स्टॉक्स और रेलवे स्टॉक्स बहुत भाग चुके हैं। चलती ट्रेन में चढ़ने की गलती न करें। थोड़ा करेक्शन का इंतजार करें या SIP के जरिए निवेश करें।
- लॉन्ग टर्म विजन: रिलायंस और महिंद्रा जैसे लार्ज-कैप स्टॉक्स लंबी अवधि के लिए सुरक्षित दांव हैं।
विकसित भारत का बुल रन
अंत में, बजट 2026 ने शेयर बाजार को एक स्पष्ट दिशा (Direction) दे दी है। अनिश्चितता के बादल छंट चुके हैं। सरकार का फोकस ग्रोथ, तकनीक और स्थिरता पर है, जो शेयर बाजार को सबसे ज्यादा पसंद है।
रिलायंस का जागना, महिंद्रा की रफ़्तार और डिफेंस का जोश—ये सब संकेत हैं कि भारतीय बाजार एक नए ‘बुल रन’ (Bull Run) के लिए तैयार हो रहा है। लेकिन याद रखें, शेयर बाजार में जोखिम हमेशा होता है। इसलिए कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
आज आपके पोर्टफोलियो का रंग कैसा रहा—लाल या हरा? रिलायंस और डिफेंस स्टॉक्स में आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
Happy Investing!
