क्या स्कूल हमें अमीर बनना सिखाते हैं?
क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में कुछ लोग बहुत कम मेहनत करके भी करोड़ों कमाते हैं, जबकि एक आम आदमी पूरी जिंदगी कड़ी मेहनत (Hard Work) करने के बावजूद सिर्फ अपने बिल (Bills) चुकाने में ही रह जाता है? क्या अमीर बनने का कोई गुप्त रहस्य है जो हमें स्कूलों में नहीं सिखाया जाता? जवाब है—हाँ। और इसी रहस्य को उजागर करती है दुनिया की सबसे मशहूर पर्सनल फाइनेंस किताब—Rich Dad Poor Dad।
रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) द्वारा लिखित यह पुस्तक सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा है जो आपकी पैसे कमाने की सोच को पूरी तरह बदल सकती है। आज के इस विस्तृत ब्लॉग में, हम Rich Dad Poor Dad Summary के माध्यम से उन 6 सुनहरे नियमों को जानेंगे जो आपको आर्थिक आजादी (Financial Freedom) दिला सकते हैं।
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि ज्यादा पैसा कमाने के लिए ज्यादा वेतन वाली नौकरी चाहिए, लेकिन रॉबर्ट कियोसाकी कहते हैं कि अमीर बनने के लिए ज्यादा सैलरी नहीं, बल्कि Financial Literacy (वित्तीय साक्षरता) की जरूरत होती है। अगर आप मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं और अपनी किस्मत बदलना चाहते हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए गेम-चेंजर साबित होगा। चलिए, अमीर पिता और गरीब पिता की इस कहानी के जरिए धन के विज्ञान को समझते हैं।
भाग 1: दो पिता, दो अलग सोच (Two Dads, Two Mindsets)
रॉबर्ट कियोसाकी अपनी किताब की शुरुआत अपने बचपन की कहानी से करते हैं। उनके पास दो पिता थे।
- Poor Dad (गरीब पिता): यह उनके सगे पिता थे। वे बहुत पढ़े-लिखे थे, पीएचडी (PhD) धारक थे और एक सरकारी नौकरी करते थे। वे हमेशा कहते थे, “मेहनत से पढ़ो ताकि तुम्हें एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिल सके।” इसके बावजूद, वे जीवन भर आर्थिक तंगी से जूझते रहे।
- Rich Dad (अमीर पिता): यह रॉबर्ट के दोस्त माइक के पिता थे। वे ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे (सिर्फ 8वीं पास), लेकिन वे हवाई (Hawaii) के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक बने। वे कहते थे, “मेहनत से पढ़ो ताकि तुम एक अच्छी कंपनी खरीद सको।”
इन दोनों पिताओं की सोच में जमीन-आसमान का अंतर था। यही अंतर तय करता है कि व्यक्ति अमीर बनेगा या गरीब।
- गरीब पिता की सोच: “पैसा ही सारी बुराई की जड़ है।” (The love of money is the root of all evil).
- अमीर पिता की सोच: “पैसे की कमी ही सारी बुराई की जड़ है।” (The lack of money is the root of all evil).
- गरीब पिता: “मैं इसे नहीं खरीद सकता।” (I can’t afford it). इससे दिमाग काम करना बंद कर देता है।
- अमीर पिता: “मैं इसे कैसे खरीद सकता हूँ?” (How can I afford it?). इससे दिमाग नए रास्ते खोजने लगता है।
Rich Dad Poor Dad Summary का मुख्य सार यही है कि अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते, बल्कि पैसा उनके लिए काम करता है। आइए इस सिद्धांत को विस्तार से 6 पाठों (Lessons) में समझते हैं।

पाठ 1: अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते (The Rich Don’t Work for Money)
क्या आप ‘रैट रेस’ (Rat Race) के बारे में जानते हैं? ज्यादातर लोग एक डर (Fear) और लालच (Greed) के चक्र में फंसे रहते हैं।
- डर: बिल न चुका पाने का डर, नौकरी छूटने का डर, गरीब होने का डर। यह डर उन्हें सुबह उठाकर नौकरी पर भेजता है।
- लालच: जब सैलरी मिलती है, तो लालच आता है कि इस पैसे से हम नई कार, नया फोन या बड़ा घर खरीद सकते हैं।
जैसे ही सैलरी बढ़ती है, उनके खर्चे भी बढ़ जाते हैं। इसे ही ‘रैट रेस’ कहते हैं। आप कितना भी तेज दौड़ लें, आप रहेंगे चूहे ही। रॉबर्ट के Rich Dad ने उन्हें सिखाया कि नौकरी करना गलत नहीं है, लेकिन सिर्फ “सैलरी” के लिए पूरी जिंदगी काम करना गुलामी जैसा है।
पैसे कमाने की सोच को बदलने का पहला नियम यह है कि आप अपनी भावनाओं (डर और लालच) को अपने ऊपर हावी न होने दें।
- गरीब और मध्यम वर्ग के लोग पैसे के लिए काम करते हैं।
- अमीर लोग पैसे से अपने लिए काम करवाते हैं।
अमीर लोग अपनी मेहनत की कमाई को ऐसी जगहों पर लगाते हैं जहाँ से पैसा बनकर वापस आए, न कि उसे खर्च करके खत्म कर दें। जब आप सोते रहें और तब भी आपकी कमाई होती रहे, तब समझिये कि आप रैट रेस से बाहर निकल रहे हैं।
पाठ 2: वित्तीय साक्षरता क्यों जरूरी है? (Why Teach Financial Literacy?)
रॉबर्ट कियोसाकी का सबसे प्रसिद्ध सिद्धांत है—Assets aur Liabilities (संपत्ति और दायित्व) के बीच का अंतर समझना। अगर आप अमीर बनना चाहते हैं, तो आपको यह एक नियम कंठस्थ करना होगा।
“आपको अकाउंटिंग का ज्ञानी होने की जरूरत नहीं है, लेकिन आपको यह पता होना चाहिए कि कौन सी चीज आपकी जेब में पैसा डालती है और कौन सी चीज आपकी जेब से पैसा निकालती है।”
Assets और Liabilities का अंतर (Assets vs. Liabilities)
- Asset (संपत्ति): वह चीज जो आपकी जेब में पैसा डालती है। (जैसे—किराये का मकान, स्टॉक्स, बॉन्ड्स, बिजनेस, बौद्धिक संपदा)।
- Liability (दायित्व): वह चीज जो आपकी जेब से पैसा निकालती है। (जैसे—महंगी कार, बड़ा घर जिसका लोन चल रहा हो, क्रेडिट कार्ड का बिल, महंगे फोन)।
Rich Dad Poor Dad Summary का सबसे बड़ा झटका यह है कि कियोसाकी कहते हैं, “आपका घर (Your House) एक Asset नहीं, बल्कि Liability है।” हम भारतीयों को लगता है कि घर खरीदना सबसे बड़ा निवेश है। लेकिन रॉबर्ट के अनुसार, जिस घर में आप रहते हैं, वह आपकी जेब से पैसा निकालता है (EMI, टैक्स, मेंटेनेंस, बिजली बिल)। वह आपको कमाकर नहीं देता। इसलिए वह Liability है।
- गरीब का कैश फ्लो: कमाई (Salary) -> खर्चा (Tax, Food, Rent, Clothes) -> बचत (शून्य)।
- मध्यम वर्ग का कैश फ्लो: कमाई (Salary) -> लायबिलिटीज (Home Loan, Car Loan, Credit Card) -> खर्चा -> बचत (बहुत कम)।
- अमीर का कैश फ्लो: कमाई (Assets से) -> Assets (Real Estate, Stocks) -> और ज्यादा कमाई।
अगर आप अपनी पैसे कमाने की सोच बदलना चाहते हैं, तो अपनी सैलरी से लायबिलिटीज (महंगे फोन, जूते, कार) खरीदने के बजाय Assets (सोना, शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी) खरीदना शुरू करें।

पाठ 3: अपने काम से काम रखें (Mind Your Own Business)
यहाँ रॉबर्ट कियोसाकी “Profession” (पेशा) और “Business” (व्यवसाय) के बीच का अंतर समझाते हैं। अक्सर लोग पूछते हैं, “आप क्या करते हैं?” जवाब मिलता है, “मैं बैंकर हूँ।” रॉबर्ट पूछते हैं, “क्या आप बैंक के मालिक हैं?” जवाब आता है, “नहीं, मैं वहां काम करता हूँ।”
यहाँ उस व्यक्ति का पेशा बैंकर है, लेकिन उसका बिजनेस कुछ नहीं है। Rich Dad Poor Dad Summary का तीसरा पाठ कहता है कि आप अपनी दिन की नौकरी (Day Job) करते रहें, लेकिन साथ ही साथ Mind Your Own Business शुरू करें।
इसका मतलब यह नहीं कि आप तुरंत नौकरी छोड़ दें और कंपनी खोल लें। इसका मतलब है कि आप अपना Asset Column बनाना शुरू करें। जब आप नौकरी कर रहे हों, तब भी आपका फोकस एसेट्स इकट्ठा करने पर होना चाहिए।
आप किस तरह के बिजनेस/एसेट्स बना सकते हैं?
- ऐसे बिजनेस जिनमें आपकी मौजूदगी की जरूरत न हो (Shares, Automated Business)।
- स्टॉक्स (Stocks)।
- बॉन्ड्स (Bonds)।
- इनकम जेनरेट करने वाली रियल एस्टेट (Real Estate)।
- रॉयल्टी (बौद्धिक संपदा जैसे संगीत, स्क्रिप्ट, पेटेंट)।
अमीर लोग सबसे पहले अपने एसेट्स बनाते हैं और फिर उन एसेट्स से होने वाली कमाई से अपनी लक्जरी (Luxury) खरीदते हैं। जबकि गरीब और मिडिल क्लास लोग अपनी सैलरी से लक्जरी खरीदते हैं और कर्ज में डूब जाते हैं। अगर आपको मर्सिडीज खरीदनी है, तो पहले ऐसा एसेट बनाइये जो मर्सिडीज की EMI भर सके।
पाठ 4: टैक्स का इतिहास और कॉर्पोरेशन की ताकत (The History of Taxes and Power of Corporations)
रॉबर्ट कियोसाकी बताते हैं कि असल में “रॉबिन हुड” (अमीरों से लूटकर गरीबों में बांटना) का सिद्धांत अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक है। शुरुआत में टैक्स सिर्फ अमीरों पर लगाया गया था, लेकिन धीरे-धीरे सरकार का आकार बढ़ा और मिडिल क्लास और गरीबों पर भी टैक्स का बोझ आ गया।
Rich Dad Poor Dad Summary में एक बहुत बड़ा रहस्य उजागर किया गया है: अमीर लोग टैक्स कैसे बचाते हैं? जवाब है—Corporation (कंपनी) के जरिए।
एक व्यक्ति (Employee) और एक कंपनी (Business Owner) के पैसे खर्च करने के तरीके में बहुत बड़ा अंतर होता है:
- कर्मचारी (Employee): कमाता है -> टैक्स भरता है (TDS) -> और जो बचता है उसे खर्च करता है।
- अमीर/कॉर्पोरेशन (Business Owner): कमाता है -> पूरा खर्च करता है (Business Expenses) -> और जो अंत में बचता है उस पर टैक्स भरता है।
अमीर लोग अपनी गाड़ियों का पेट्रोल, डिनर, ट्रेवल—सब कुछ कंपनी के खर्च (Expenses) में दिखा देते हैं। इससे उनकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाती है और वे कानूनी रूप से टैक्स बचा लेते हैं। यह Financial Intelligence का हिस्सा है।
Financial IQ चार चीजों से मिलकर बनता है:
- अकाउंटिंग: नंबरों को पढ़ने और समझने की क्षमता।
- इन्वेस्टिंग: पैसे से पैसा बनाने का विज्ञान।
- मार्केट को समझना: सप्लाई और डिमांड का नियम।
- कानून: टैक्स के नियमों और कॉर्पोरेट लॉ की जानकारी।
अगर आप पैसे कमाने की सोच को विकसित करना चाहते हैं, तो आपको कानून और टैक्स सिस्टम को समझना होगा। अज्ञानता सबसे महंगी पड़ती है।

पाठ 5: अमीर लोग पैसे का आविष्कार करते हैं (The Rich Invent Money)
हम सब के पास एक बहुत शक्तिशाली गिफ्ट है—हमारा दिमाग। लेकिन ज्यादातर लोग अपने दिमाग का इस्तेमाल सिर्फ कड़ी मेहनत करने के लिए करते हैं, नए अवसर खोजने के लिए नहीं।
रॉबर्ट कहते हैं कि असल दुनिया में, अक्सर होशियार लोग आगे नहीं बढ़ते, बल्कि “साहसी” (Bold) लोग आगे बढ़ते हैं। स्कूल में हम सीखते हैं कि गलतियां करना बुरा है। लेकिन असल जिंदगी में, इंसान गलतियां करके ही सीखता है।
Rich Dad Poor Dad Summary का पांचवां पाठ यह है कि अमीर लोग अवसरों (Opportunities) को पहचानते हैं जो दूसरे नहीं देख पाते। आपके पास दो रास्ते हैं:
- बैठकर किस्मत को कोसना और कहना कि मेरे पास पैसा नहीं है।
- अपने Financial Intelligence का इस्तेमाल करके पैसे बनाने के नए तरीके खोजना।
पैसे का आविष्कार कैसे होता है? मान लीजिए एक प्रॉपर्टी की कीमत 1 लाख डॉलर है। एक आम आदमी बैंक जाएगा, लोन मांगेगा और मना होने पर घर बैठ जाएगा। लेकिन एक “इन्वेस्टर” दिमाग वाला व्यक्ति सौदा करेगा। वह सेलर से कहेगा, “मैं आपको अभी 10,000 डॉलर दूंगा और बाकी पैसा किश्तों में।” फिर वह उस प्रॉपर्टी को तुरंत 1.20 लाख डॉलर में किसी और को बेच देगा। उसने अपनी जेब से बहुत कम पैसा लगाया और मुनाफा कमा लिया। इसे कहते हैं—हवा से पैसा बनाना या पैसे का आविष्कार करना।
अवसर तीन तरह के होते हैं:
- वो अवसर जो सबको दिखते हैं: इनमें ज्यादा मुनाफा नहीं होता।
- वो अवसर जो किसी को नहीं दिखते: यही असली सोना है।
- वो अवसर जो आप खुद बनाते हैं: यह सबसे उच्च स्तर है।
अपनी पैसे कमाने की सोच को इतना तेज करें कि आप कचरे में भी सोना देख सकें। याद रखें, पैसा असली नहीं है, यह सिर्फ एक विचार (Idea) है। अगर आप मान लेंगे कि पैसा कमाना मुश्किल है, तो वह मुश्किल ही रहेगा।
पाठ 6: सीखने के लिए काम करें, पैसे के लिए नहीं (Work to Learn, Don’t Work for Money)
रॉबर्ट एक बहुत शिक्षित महिला पत्रकार से मिले। वह बहुत अच्छा लिखती थी, लेकिन उसकी किताबें बिकती नहीं थीं। रॉबर्ट ने उसे “सेल्स और मार्केटिंग” सीखने की सलाह दी। महिला नाराज हो गई। उसने कहा, “मैं एक लेखिका हूँ, सेल्समैन नहीं।”
यही समस्या ज्यादातर प्रोफेशनल्स के साथ है। वे “एक स्किल” में माहिर होते हैं, लेकिन अमीर बनने के लिए उन्हें “थोड़ा-थोड़ा सब कुछ” आना चाहिए। Rich Dad Poor Dad Summary का यह पाठ कहता है कि जब आप युवा हों, तो ऐसी नौकरी न करें जो आपको सबसे ज्यादा सैलरी दे। ऐसी नौकरी करें जो आपको सबसे ज्यादा सिखाए।
आपको क्या सीखना चाहिए?
- कैश फ्लो का प्रबंधन (Management of Cash Flow)।
- सिस्टम का प्रबंधन (Management of Systems)।
- लोगों का प्रबंधन (Management of People)।
- Sales and Marketing (सेल्स और मार्केटिंग): यह सबसे महत्वपूर्ण है। अगर आप अपनी चीज बेच नहीं सकते, तो आप कभी अमीर नहीं बन सकते।
गरीब पिता चाहते थे कि रॉबर्ट “स्पेशलाइजेशन” करें और सुरक्षित रहें। अमीर पिता चाहते थे कि रॉबर्ट “सब कुछ थोड़ा-थोड़ा सीखें” और रिस्क लें। दुनिया में बहुत से ‘गरीब’ टैलेंटेड लोग हैं। वे गरीब इसलिए हैं क्योंकि वे सिर्फ अपने प्रोडक्ट (जैसे बर्गर बनाना) पर ध्यान देते हैं, लेकिन बिजनेस सिस्टम (जैसे मैकडॉनल्ड्स) पर ध्यान नहीं देते।
बाधाओं को पार करना (Overcoming Obstacles)
कियोसाकी कहते हैं कि कई लोग फाइनेंशियली साक्षर होने के बावजूद अमीर नहीं बन पाते। इसके 5 मुख्य कारण हैं, जिन्हें आपको अपनी पैसे कमाने की सोच से बाहर निकालना होगा:
- डर (Fear): पैसा खोने का डर। अमीर लोग भी पैसा खोते हैं, लेकिन वे हार नहीं मानते। वे हार को जीत में बदलना जानते हैं। टेक्सास के लोग कहते हैं—”सबके पास स्वर्ग जाने की इच्छा है, लेकिन मरना कोई नहीं चाहता।” वैसे ही, सब अमीर बनना चाहते हैं, लेकिन पैसा खोने से सब डरते हैं।
- निराशावाद (Cynicism): “क्या होगा अगर…” की सोच। शंका करने वाले लोग कभी निवेश नहीं करते। वे हमेशा कमियां निकालते हैं। जबकि विजेता लोग विश्लेषण करते हैं।
- आलस (Laziness): सबसे खतरनाक आलस वह है जो “व्यस्त” रहने के रूप में आता है। लोग इतने व्यस्त हैं कि उन्हें अपनी दौलत की परवाह करने का समय नहीं है। वे कहते हैं, “मैं बिजी हूँ।” इलाज? थोड़ा सा लालच अच्छा है। खुद से पूछें, “अगर मैं काम करना छोड़ दूँ तो मेरी जिंदगी कैसी होगी?”
- बुरी आदतें (Bad Habits): ज्यादातर लोग पहले सबको पैसे देते हैं (बिल, सरकार) और अंत में खुद को। अमीर लोग सबसे पहले खुद को पैसे देते हैं (Pay Yourself First) यानी निवेश करते हैं। अगर पैसे कम पड़ते हैं, तो वे अपनी बचत नहीं तोड़ते, बल्कि ज्यादा कमाने का दबाव खुद पर डालते हैं।
- अहंकार (Arrogance): अहंकार का मतलब है—अज्ञानता। जो आपको नहीं पता, वह आपको गरीब बनाता है। जब आप अहंकारी होते हैं, तो आप मानते हैं कि जो आपको नहीं पता, वह महत्वपूर्ण नहीं है।
शुरुवात कैसे करें? (Getting Started)
अब जब आप Rich Dad Poor Dad Summary के सिद्धांत समझ गए हैं, तो सवाल आता है कि शुरुआत कैसे करें? रॉबर्ट इसके लिए कुछ कदम बताते हैं:
- एक गहरा कारण खोजें (Find a Reason): आपको अमीर क्यों बनना है? क्या आप 45 साल की उम्र में रिटायर होना चाहते हैं? क्या आप अपने बच्चों को दुनिया घुमाना चाहते हैं? अगर आपका “क्यों” (Why) मजबूत नहीं है, तो आप रस्ते में ही हार मान लेंगे।
- रोजाना चुनाव करें (Choose Daily): हर दिन आपके हाथ में पैसा आता है। उस वक्त आपके पास चुनाव होता है—आप उसे ‘एसेट’ कॉलम में डालेंगे या ‘लायबिलिटी’ में। टीवी देखने का चुनाव या फाइनेंस की किताब पढ़ने का चुनाव—यह आप पर है।
- दोस्तों को सावधानी से चुनें (Choose Friends Carefully): ऐसे दोस्तों के साथ रहें जो पैसे की बात करते हों, बिजनेस की बात करते हों। न कि ऐसे जो सिर्फ खर्च करने और रोने की बात करते हों।
- एक नई फार्मूला सीखें (Master a Formula): पहले एक तरीका सीखें (जैसे शेयर मार्केट), उसे मास्टर करें और फिर दूसरा तरीका सीखें (जैसे रियल एस्टेट)। ज्यादातर लोग एक चीज सीखे बिना दूसरी पर कूद जाते हैं।
- पहले खुद को भुगतान करें (Pay Yourself First): अपनी सैलरी आते ही उसका 10-20% हिस्सा निवेश के लिए अलग कर दें। बाकी बचे पैसे में घर चलाएं। यह अनुशासन मुश्किल है, लेकिन जरूरी है।
- अपने ब्रोकर को अच्छा पैसा दें (Pay Your Brokers Well): अगर आपका ब्रोकर या सलाहकार आपको पैसा कमाकर दे रहा है, तो उसे अच्छी फीस दें। कंजूसी न करें। उनकी जानकारी आपको लाखों कमाकर दे सकती है।
- मुफ्त की चीजों के लिए भारतीय बनें (Indian Giver): इसका मतलब है कि निवेश में पहले अपना मूलधन (Principal Amount) वापस निकालें। जैसे ही शेयर के दाम बढ़ें, अपनी लागत निकाल लें और मुनाफे को बाजार में खेलने दें। इसे “Risk Free Investment” कहते हैं।
भारतीय संदर्भ में Rich Dad Poor Dad (Application in India)
भारत में Rich Dad Poor Dad के सिद्धांत बहुत प्रासंगिक हैं, लेकिन हमें इसे अपने देश के हिसाब से अपनाना होगा।
- रियल एस्टेट: भारत में प्रॉपर्टी के दाम बहुत ज्यादा हैं। हर कोई शुरुआत में प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकता। इसलिए आप REITs (Real Estate Investment Trusts) के जरिए कम पैसे में रियल एस्टेट में निवेश कर सकते हैं।
- सोना (Gold): भारतीय सोना बहुत खरीदते हैं, लेकिन गहनों के रूप में। गहने एक ‘लायबिलिटी’ हो सकते हैं (मेकिंग चार्ज, शुद्धता की कमी)। इसके बजाय ‘सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड’ (SGB) या ‘डिजिटल गोल्ड’ एक एसेट है।
- स्टार्टअप: आज का भारत स्टार्टअप्स का देश है। अगर आपके पास कोई आईडिया है, तो नौकरी के साथ-साथ उसे शुरू करें (Side Hustle)।
- शेयर बाजार: भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। अच्छी कंपनियों के शेयर्स या म्यूचुअल फंड्स में SIP (Systematic Investment Plan) शुरू करना एसेट बनाने का सबसे आसान तरीका है।
आपकी सोच ही आपकी दौलत है
अंत में, Rich Dad Poor Dad Summary का निचोड़ यही है कि अमीर और गरीब के बीच का अंतर उनकी जेब में नहीं, बल्कि उनके दिमाग में होता है।
- गरीब पिता कहते हैं: “सुरक्षित खेलो।” (Play it safe).
- अमीर पिता कहते हैं: “होशियारी से खेलो।” (Play it smart).
आपकी सबसे बड़ी संपत्ति आपका दिमाग है। अगर आप इसे ‘वित्तीय ज्ञान’ (Financial Knowledge) से भरेंगे, तो आप किसी भी मंदी या आर्थिक संकट में अमीर बन सकते हैं। लेकिन अगर आप इसे डर और अज्ञानता से भरेंगे, तो लॉटरी जीतने के बाद भी आप गरीब ही रह जाएंगे।
पैसे कमाने की सोच बदलने के लिए आज ही ये 3 संकल्प लें:
- मैं लायबिलिटीज (दिखावे की चीजें) खरीदना बंद करूँगा।
- मैं अपनी आय का एक हिस्सा एसेट्स (निवेश) में लगाऊँगा।
- मैं हर महीने फाइनेंस पर कम से कम एक किताब पढूँगा या एक नया स्किल सीखूँगा।
याद रखें, अमीर बनना एक मंजिल नहीं, बल्कि एक यात्रा है। और इस यात्रा की शुरुआत होती है—पहले कदम से। क्या आप वह पहला कदम उठाने के लिए तैयार हैं?
शुभकामनाएं! आपकी अमीर बनने की यात्रा मंगलमय हो।
