Ranveer Singh

अभिनेता से ‘बिजनेस टाइकून’ बनने की ओर रणवीर सिंह

नमस्कार दोस्तों! आज तारीख १४ फरवरी २०२६, शनिवार है। बॉलीवुड के गलियारों से आज एक ऐसी खबर आई है जिसने ट्रेड पंडितों और फैंस दोनों को चौंका दिया है। हम सभी रणवीर सिंह (Ranveer Singh) को उनकी असीमित ऊर्जा (Energy), फैशन के अनूठे सेंस और दमदार अभिनय के लिए जानते हैं। लेकिन आज, उन्होंने अपने करियर में एक बहुत बड़ी छलांग लगाई है।

खबर पक्की है—रणवीर सिंह अपनी अगली मेगा-बजट फिल्म ‘प्रलय’ (Pralay) के को-प्रोड्यूसर (Co-Producer) बन गए हैं। और यह कोई छोटी-मोटी फिल्म नहीं है; इसका बजट ३०० करोड़ रुपये बताया जा रहा है! यह फिल्म भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे बड़ी एक्शन-डिजास्टर (Action-Disaster) फिल्मों में से एक होने वाली है।

अब तक हम शाहरुख खान, आमिर खान और अजय देवगन को अपनी फिल्मों में पैसा लगाते और मुनाफा कमाते देखते थे। लेकिन रणवीर सिंह का इस लीग में शामिल होना यह दर्शाता है कि वे अब केवल फीस लेने वाले अभिनेता नहीं रहना चाहते, बल्कि वे फिल्म निर्माण की Creative Forces (रचनात्मक शक्तियों) और Financial Forces (वित्तीय ताकतों) को भी नियंत्रित करना चाहते हैं।

इस फिल्म का निर्देशन कोई और नहीं, बल्कि मलयालम सिनेमा के जादूगर और ‘मिन्नल मुरली’ फेम बेसिल जोसेफ (Basil Joseph) कर रहे हैं। जब बेसिल का विजन और रणवीर का स्टारडम मिलता है, तो स्क्रीन पर ‘प्रलय’ आना तय है।

भाग १: ‘प्रलय’ – नाम में ही सब कुछ है (The Concept)

फिल्म का टाइटल ‘प्रलय’ अपने आप में एक बहुत बड़ी कहानी कहता है। भारतीय पौराणिक कथाओं में प्रलय का अर्थ है—महाविनाश या दुनिया का पुन: आरंभ।

कहानी की अटकलें:

सूत्रों के अनुसार, यह फिल्म सुपरहीरो जॉनर और डिजास्टर मूवी का मिश्रण हो सकती है।

  • थीम: क्या यह जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से जुड़ी कोई कहानी है जहाँ रणवीर दुनिया को बचा रहे हैं? या यह किसी पौराणिक असुर के वापस आने की कहानी है?
  • बेसिल जोसेफ का जादू: बेसिल जोसेफ मानवीय भावनाओं को महाकाव्य (Epic) स्तर के दृश्यों के साथ जोड़ने में माहिर हैं। उनकी पिछली फिल्मों में हमने देखा है कि वे कैसे एक साधारण आदमी को असाधारण परिस्थितियों में डालते हैं।
  • The Destructive Forces: फिल्म में प्रकृति की विनाशकारी शक्तियों (Forces) का वीएफएक्स (VFX) के जरिए ऐसा प्रदर्शन होगा जो भारतीय दर्शकों ने पहले कभी नहीं देखा। सुनामियों, भूकंपों और आसमान से गिरती आफत को सिल्वर स्क्रीन पर जीवंत किया जाएगा।

भाग २: ३०० करोड़ का बजट – पैसा कहां जा रहा है

३०० करोड़ रुपये एक बहुत बड़ी रकम है। २०२६ में भी, यह एक बहुत बड़ा जुआ है। आइए समझते हैं कि प्रोडक्शन के दौरान यह पैसा किन Economic Forces (आर्थिक मदों) पर खर्च होगा।

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१. विजुअल इफेक्ट्स (VFX – ४०%):

‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘कल्कि 2898 AD’ के बाद दर्शकों की उम्मीदें बहुत बढ़ गई हैं।

  • ‘प्रलय’ के लिए हॉलीवुड के वीएफएक्स स्टूडियोज (जैसे DNEG या Weta) को हायर किया गया है।
  • एक ऐसी दुनिया बनाना जो यथार्थवादी भी लगे और डरावनी भी—इसमें बजट का बड़ा हिस्सा जाएगा।

२. स्टार कास्ट और फीस (२०%):

रणवीर सिंह खुद को-प्रोड्यूसर हैं, तो शायद वे अपनी फीस कम लेंगे और प्रॉफिट शेयरिंग (Profit Sharing) पर काम करेंगे। लेकिन बाकी कास्ट, जिसमें एक बड़ी ए-लिस्ट एक्ट्रेस और एक खूंखार विलेन (शायद साउथ का कोई बड़ा स्टार) शामिल हैं, उनकी फीस भी करोड़ों में होगी।

३. प्रोडक्शन डिजाइन और एक्शन (२५%):

दुनिया को नष्ट होते हुए दिखाने के लिए विशाल सेट्स की जरूरत होती है। एक्शन डायरेक्टर्स को विदेशों से बुलाया जा रहा है जो Gravity-defying Forces (गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देने वाले) स्टंट्स कोरियोग्राफ करेंगे।

४. मार्केटिंग और प्रिंट (१५%):

पैन-इंडिया फिल्म के लिए प्रचार भी पैन-इंडिया होना चाहिए।

भाग ३: रणवीर सिंह का नया अवतार – द प्रोड्यूसर

रणवीर सिंह ने २०१० में ‘बैंड बाजा बारात’ से शुरुआत की थी। १६ साल बाद, २०२६ में वे एक प्रोड्यूसर बन गए हैं। यह बदलाव क्यों?

१. क्रिएटिव कंट्रोल (Creative Control):

जब आप सिर्फ एक्टर होते हैं, तो आप निर्देशक और प्रोड्यूसर के विजन के गुलाम होते हैं। को-प्रोड्यूसर बनकर, रणवीर अब स्क्रिप्ट, कास्टिंग और फाइनल एडिट में अपनी बात रख सकते हैं। वे अपनी Artistic Forces (कलात्मक शक्तियों) का पूरा उपयोग करना चाहते हैं।

२. प्रॉफिट शेयरिंग:

अगर फिल्म १००० करोड़ कमाती है, तो एक एक्टर को सिर्फ उसकी फीस (मान लो ५० करोड़) मिलती है। लेकिन एक प्रोड्यूसर को मुनाफे का बड़ा हिस्सा मिलता है। रणवीर अब ‘वेल्थ क्रिएशन’ (Wealth Creation) की ओर बढ़ रहे हैं।

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३. अपना ब्रांड स्थापित करना:

रणवीर सिंह अब खुद को एक ग्लोबल ब्रांड बनाना चाहते हैं। अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी के बैनर तले बड़ी फिल्में बनाना उन्हें हॉलीवुड स्टार्स (जैसे टॉम क्रूज या ड्वेन जॉनसन) की लीग में खड़ा करता है।

भाग ४: बेसिल जोसेफ – भारत के सबसे होनहार निर्देश

बेसिल जोसेफ का नाम इस प्रोजेक्ट से जुड़ना ही इसकी सफलता की आधी गारंटी है।

  • देसी सुपरहीरो के जनक: ‘मिन्नल मुरली’ के जरिए उन्होंने दिखाया कि बिना मार्वल (Marvel) के बजट के भी एक बेहतरीन सुपरहीरो फिल्म बनाई जा सकती है।
  • इमोशनल कनेक्ट: बेसिल की फिल्मों में तकनीक हावी नहीं होती, बल्कि भावनाएं हावी होती हैं। ‘प्रलय’ में भी रणवीर का किरदार सिर्फ फाइटर नहीं होगा, बल्कि एक ऐसा इंसान होगा जिससे हर दर्शक जुड़ सकेगा।
  • बेसिल जानते हैं कि Cinematic Forces का इस्तेमाल करके दर्शकों को कैसे बांधना है।

भाग ५: पैन-इंडिया रणनीति – भाषा की दीवारें तोड़ना

‘प्रलय’ केवल हिंदी फिल्म नहीं होगी। यह तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में भी डब होगी।

  • साउथ का तड़का: फिल्म में साउथ के तकनीशियनों और कलाकारों को शामिल किया जा रहा है।
  • ग्लोबल अपील: डिजास्टर फिल्में पूरी दुनिया में देखी जाती हैं। ‘प्रलय’ को चीन, जापान और पश्चिमी देशों में भी रिलीज करने की योजना है।
  • निर्माता चाहते हैं कि Global Market Forces इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिट कराएं।

भाग ६: रिस्क फैक्टर – क्या ३०० करोड़ वसूल होंगे?

हर बड़े बजट की फिल्म के साथ बड़ा जोखिम जुड़ा होता है।

  • ओटीटी राइट्स: २०२६ में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (Netflix/Prime) प्रीमियर अधिकारों के लिए भारी रकम (१५०-२०० करोड़) देने को तैयार हैं। इससे आधा बजट तो रिलीज से पहले ही रिकवर हो जाएगा।
  • सैटेलाइट और म्यूजिक: टीवी और म्यूजिक राइट्स से भी ५०-६० करोड़ आ सकते हैं।
  • बॉक्स ऑफिस: असली मुनाफा थियेट्रिकल रिलीज से आएगा। अगर फिल्म की कहानी में दम हुआ, तो पहले हफ्ते में ही यह फिल्म धमाका कर सकती है।
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भाग ७: शक्तिमान (Shaktimaan) की अफवाहें और सच्चाई

लंबे समय से चर्चा थी कि रणवीर सिंह ‘शक्तिमान’ बन रहे हैं। क्या ‘प्रलय’ वही फिल्म है?

  • कुछ सूत्रों का कहना है कि कॉपीराइट मुद्दों के कारण ‘शक्तिमान’ का नाम बदलकर या उसे एक नई फ्रेंचाईजी के रूप में ‘प्रलय’ नाम दिया गया है।
  • अगर यह सच है, तो ९० के दशक के बच्चों की Nostalgic Forces (यादों की ताकत) इस फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना देगी।
  • रणवीर सिंह में वह करिश्मा है जो एक देसी सुपरहीरो के लिए चाहिए।

भाग ८: को-प्रोड्यूसर बनने का सही समय?

२०२४-२५ में रणवीर सिंह की कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थीं (जैसे ‘सर्कस’ या अन्य)।

  • आलोचकों ने कहा था कि रणवीर का स्टारडम कम हो रहा है।
  • लेकिन ‘डॉन 3’ (जो शायद २०२५ में आई) और अब ‘प्रलय’ के साथ रणवीर ने करारा जवाब दिया है।
  • को-प्रोड्यूसर बनना यह दिखाता है कि उन्हें अपने प्रोजेक्ट पर कितना भरोसा है। वे अपने आलोचकों को अपनी Success Forces से चुप कराना चाहते हैं।

भाग ९: फिल्म की तकनीक – वीएफएक्स का मायाजाल

‘प्रलय’ में जिस स्तर के विजुअल इफेक्ट्स की बात हो रही है, वह भारतीय सिनेमा में एक नया बेंचमार्क सेट करेगा।

  • प्री-विजुअलाइजेशन (Pre-vis): शूटिंग शुरू होने से पहले ही पूरी फिल्म को कंप्यूटर पर एनिमेट किया जा रहा है।
  • वर्चुअल प्रोडक्शन: ‘मंडालोरियन’ (Mandalorian) जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है, जहाँ हरे पर्दे (Green Screen) की जगह एलईडी वॉल्स का उपयोग होता है।
  • यह Technological Forces का बेहतरीन नमूना होगा।

भाग १०: फैंस का रिएक्शन – सोशल मीडिया पर सुनामी

१४ फरवरी २०२६ को जैसे ही यह घोषणा हुई, इंटरनेट पर #RanveerSingh, #Pralay और #BasilJoseph ट्रेंड करने लगे।

  • फैंस पोस्टर डिजाइन्स शेयर कर रहे हैं।
  • मीम्स बन रहे हैं—”रणवीर बाबा अब प्रोड्यूसर बाबा बन गए हैं।”
  • उत्साह का माहौल है। दर्शक कुछ नया, कुछ भव्य देखना चाहते हैं। Social Media Forces ने फिल्म के लिए अभी से एक हाइप (Hype) बना दी है।

भाग ११: अन्य बॉलीवुड एक्टर्स के लिए संदेश

रणवीर का यह कदम बाकी एक्टर्स के लिए भी एक संकेत है।

  • अब केवल एक्टिंग से काम नहीं चलेगा। आपको प्रोजेक्ट का मालिक (Owner) बनना होगा।
  • रणबीर कपूर, वरुण धवन और टाइगर श्रॉफ जैसे एक्टर्स भी अब प्रोडक्शन में उतर सकते हैं।
  • यह इंडस्ट्री के ढांचे को बदल रहा है। अब Power Forces स्टूडियोज से शिफ्ट होकर स्टार्स के पास आ रही हैं।

भाग १२: दीपिका पादुकोण की भूमिका?

रणवीर प्रोड्यूसर हैं, तो क्या दीपिका पादुकोण फिल्म में होंगी?

  • फैंस की डिमांड है कि दीपिका को फीमेल लीड लिया जाए।
  • उनकी जोड़ी (रणवीर-दीपिका) स्क्रीन पर आग लगा देती है।
  • अगर दीपिका भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ती हैं (भले ही कैमियो में), तो फिल्म की Market Value Force दोगुनी हो जाएगी।

भाग १३: शूटिंग शेड्यूल – कब आएगी फिल्म?

फिल्म का प्री-प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

  • शूटिंग: २०२६ के मध्य से शुरू होकर २०२७ की शुरुआत तक चलेगी।
  • रिलीज: संभवतः २०२७ की दिवाली या क्रिसमस पर।
  • ३०० करोड़ की फिल्म को बनने में समय लगता है। निर्माताओं को धैर्य रखना होगा।

भाग १४: एक नई शुरुआत

अंत में, १४ फरवरी २०२६ का दिन रणवीर सिंह के करियर का एक मील का पत्थर है। ‘प्रलय’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक विजन है।

यह एक साहसी कदम है। अगर यह सफल हुआ, तो रणवीर सिंह बॉलीवुड के सबसे शक्तिशाली लोगों में गिने जाएंगे। अगर यह विफल हुआ, तो नुकसान भी बड़ा होगा। लेकिन जैसा कि रणवीर कहते हैं—”बिना रिस्क के इश्क नहीं होता, और बिना रिस्क के बिजनेस नहीं होता।”

रणवीर सिंह और बेसिल जोसेफ की यह जोड़ी भारतीय सिनेमा को वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है। हम उम्मीद करते हैं कि ‘प्रलय’ बॉक्स ऑफिस पर पैसों की बारिश लाए, न कि विनाश।

By Isha Patel

Isha Patel Tez Khabri के साथ जुड़ी एक समाचार रिपोर्टर हैं। वे भारत और राज्यों से जुड़ी ताज़ा, ब्रेकिंग और जनहित से संबंधित खबरों को कवर करती हैं। Isha Patel शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर सत्यापित व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करती हैं।

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