आज का दिन, 16 फरवरी 2026, भारतीय इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भव्य ‘भारत मंडपम’ (Bharat Mandapam) में आज दुनिया ने भारत की तकनीकी शक्ति का वो रूप देखा, जिसकी कल्पना शायद एक दशक पहले असंभव थी।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह “India AI Impact Expo 2026” का भव्य उद्घाटन किया। यह सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प का एक जीता-जागता सबूत है। इस महाकुंभ में अमेरिका, जापान, फ्रांस, यूके और जर्मनी समेत 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के सीईओ (CEOs) और हजारों भारतीय स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया।
1. भारत मंडपम: भविष्य का प्रवेश द्वार
जी-20 शिखर सम्मेलन की सफलता के बाद, भारत मंडपम अब वैश्विक कूटनीति और तकनीक का केंद्र बन चुका है। आज सुबह से ही यहाँ का माहौल देखने लायक था। प्रवेश द्वार पर एआई-संचालित (AI-Powered) रोबोट्स मेहमानों का स्वागत कर रहे थे, जो 20 से अधिक भाषाओं में बात करने में सक्षम थे।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम के साथ हुई। एक तरफ वैदिक मंत्रोच्चार गूंज रहा था, तो दूसरी तरफ एआई और ड्रोन तकनीक के माध्यम से हवा में ‘डिजिटल इंडिया’ का नक्शा उकेरा जा रहा था।

2. प्रधानमंत्री मोदी का विजन: “AI का अर्थ है – Aspirational India”
सुबह ठीक 10:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर एक्सपो का उद्घाटन किया। अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ अपने भाषण की शुरुआत की।
पीएम मोदी ने कहा, “एक समय था जब भारत तकनीक के लिए दुनिया का मुंह ताकता था। आज, 2026 में, दुनिया एआई (AI) के लिए भारत की ओर देख रही है। मेरे लिए AI का मतलब सिर्फ ‘Artificial Intelligence’ नहीं है, मेरे लिए AI का मतलब है – Aspirational India (आकांक्षी भारत)।”
प्रधानमंत्री के भाषण के 5 प्रमुख स्तंभ:
- जन-जन के लिए एआई (AI for All): पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत में तकनीक कभी भी अमीरों की जागीर नहीं रही। यूपीआई (UPI) की सफलता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “हम एआई का इस्तेमाल सिर्फ कॉर्पोरेट बोर्डरूम के लिए नहीं, बल्कि खेत में पसीना बहाते किसान और छोटे व्यापारियों के लिए करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि एआई से गांव की डिस्पेंसरी में बैठा डॉक्टर एम्स (AIIMS) जैसी सुविधा दे सके।”
- भारत: दुनिया का ‘AI गैरेज’: उन्होंने दुनिया भर के निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा, “भारत के पास डेटा की विविधता (Diversity of Data) है, युवा प्रतिभा (Talent) है और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर है। आइए, भारत में बनाइए (Make in India) और दुनिया के लिए डिजाइन कीजिए (Design for the World)।”
- नैतिक एआई (Ethical AI): डीपफेक (Deepfake) और साइबर सुरक्षा की चुनौतियों पर बात करते हुए पीएम ने ‘New Delhi AI Declaration’ का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि एआई सुरक्षित होना चाहिए, विश्वसनीय होना चाहिए और मानवता के हित में होना चाहिए।
- कंप्यूटिंग मिशन: पीएम ने घोषणा की कि भारत सरकार 10,000 जीपीयू (GPUs) वाला एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर तैयार कर रही है, जो भारतीय स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा।
- भाषा की दीवार टूटी: ‘भाषिणी’ (Bhashini) पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “अब कोई भी बच्चा अपनी मातृभाषा में कोडिंग सीख सकेगा और एआई बना सकेगा। भाषा अब बाधा नहीं, बल्कि ताकत बनेगी।”
3. एक्सपो की झलकियां: क्या है ‘India AI Impact Expo’ में खास?
यह एक्सपो अगले तीन दिनों तक चलेगा। यहाँ 500 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं, जहाँ भविष्य की झलक देखने को मिल रही है।
(A) ‘भाषिणी’ मंडप (The Language Pavilion)
यहाँ सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) द्वारा विकसित यह एआई टूल कमाल का है।
- लाइव डेमो: यहाँ एक तमिल भाषी किसान ने अपनी भाषा में एक समस्या बताई, जिसे एआई ने रियल-टाइम में हिंदी भाषी कृषि वैज्ञानिक को सुनाया, और वैज्ञानिक का जवाब तुरंत तमिल में किसान तक पहुंचा। यह सब बिना किसी इंसानी अनुवादक के हुआ।
(B) स्वास्थ्य का भविष्य (AI in Healthcare)
टाटा और अपोलो जैसी कंपनियों के साथ मिलकर बनाए गए ‘डिजिटल डॉक्टर’ कियोस्क चर्चा का विषय रहे।
- यह एक एटीएम (ATM) जैसी मशीन है। इसमें मरीज अपनी जीभ और आंख दिखाता है, और मशीन 10 सेकंड में बता देती है कि उसे क्या संभावित बीमारी हो सकती है।
- कैंसर का पता लगाने वाले एआई टूल्स प्रदर्शित किए गए, जो डॉक्टरों की तुलना में 30% पहले बीमारी पकड़ सकते हैं।
(C) स्मार्ट कृषि (Agri-Tech)
ड्रोन दीदी योजना का विस्तार यहाँ दिखा। ऐसे ड्रोन प्रदर्शित किए गए जो खुद तय करते हैं कि खेत के किस हिस्से में खाद की जरूरत है और किस हिस्से में कीटनाशक की। एआई कैमरा फसल को देखकर बता देता है कि उसमें कौन सा रोग लगा है।

(D) स्टार्टअप गली (Startup Street)
बेंगलुरु, हैदराबाद, और अब सूरत और इंदौर जैसे शहरों से आए युवा संस्थापकों (Founders) ने यहाँ अपने आविष्कार दिखाए।
- एक स्टार्टअप ने ऐसा एआई चश्मा बनाया है जो नेत्रहीनों को सामने का दृश्य बोलकर सुनाता है।
- दूसरे ने साइबर सुरक्षा के लिए ‘AI कवच’ बनाया है जो बैंकिंग फ्रॉड को होने से पहले ही रोक देता है।
4. 30 देशों की भागीदारी: भारत बना धुरी
इस एक्सपो में 30 से अधिक देशों की उपस्थिति यह साबित करती है कि एआई की भू-राजनीति (Geopolitics) में भारत एक धुरी बन चुका है।
- अमेरिका: माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला और गूगल के सुंदर पिचाई (वर्चुअली जुड़े) ने भारत के एआई मिशन में अरबों डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता दोहराई।
- जापान: जापानी प्रतिनिधिमंडल ने रोबोटिक्स और एआई के संगम पर भारत के साथ साझेदारी की घोषणा की।
- ग्लोबल साउथ: अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देश भारत के ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (DPI) को अपने देशों में लागू करने के लिए कतार में खड़े दिखे। वे भारत से सीखना चाहते हैं कि कम लागत में एआई का उपयोग कैसे किया जाए।
5. आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है?
अक्सर यह सवाल उठता है कि इन बड़े आयोजनों से एक आम भारतीय को क्या मिलता है? 2026 के इस परिदृश्य में, जवाब बहुत स्पष्ट है:
- रोजगार के नए अवसर: पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि एआई नौकरियां छीनेगा नहीं, बल्कि नए तरह के रोजगार पैदा करेगा। ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियर’, ‘डाटा एनोटेटर’, और ‘एआई एथिसिस्ट’ जैसे नए पदों पर लाखों युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं। सूरत और जयपुर जैसे टियर-2 शहरों में अब बीपीओ (BPO) की जगह केपीओ (KPO) और एआई लैब ले रहे हैं।
- सरकारी योजनाओं का लाभ: अब आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एआई आधारित चैटबॉट्स (Chatbots) व्हाट्सएप पर ही आपको बता देते हैं कि आप किस योजना के पात्र हैं और फॉर्म भी भरकर जमा कर देते हैं।
- शिक्षा में क्रांति: गांव के स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा अब एआई ट्यूटर की मदद से वही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पा रहा है जो दिल्ली के किसी महंगे स्कूल का बच्चा पाता है। एआई हर बच्चे की सीखने की गति (Pace) के अनुसार उसे पढ़ाता है।
6. एआई और नैतिकता: डीपफेक की चुनौती
चमक-दमक के बीच, पीएम मोदी ने एक गंभीर मुद्दे को भी उठाया – डीपफेक (Deepfake)।
पिछले कुछ वर्षों में, चुनाव और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने में एआई जनित फेक वीडियो का इस्तेमाल बढ़ा है। इस एक्सपो में एक विशेष सत्र ‘सुरक्षित इंटरनेट’ पर रखा गया है।
- भारत ने दुनिया के सामने एक ‘वाटरमार्किंग’ (Watermarking) तकनीक पेश की है। इसके तहत, एआई से बनी किसी भी सामग्री पर एक अदृश्य डिजिटल मुहर होगी, जिससे यह पता चल जाएगा कि यह असली नहीं है।
- 30 देशों के प्रतिनिधियों ने मिलकर एक मसौदा तैयार करने पर सहमति जताई है जिससे एआई के गलत इस्तेमाल को अंतरराष्ट्रीय अपराध माना जाएगा।
7. 2047 का रोडमैप: ‘विकसित भारत’ की नींव
2026 का यह एक्सपो 2047 के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
- अर्थव्यवस्था: भारत को 5 ट्रिलियन और फिर 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में एआई का योगदान लगभग 10-15% होने का अनुमान है।
- रक्षा: एक्सपो में डीआरडीओ (DRDO) ने एआई-सक्षम ड्रोन और निगरानी प्रणालियां भी दिखाईं, जो सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हैं।
- स्मार्ट सिटी: ट्रैफिक जाम से लेकर कचरा प्रबंधन तक, एआई शहरों को रहने लायक बना रहा है।
8. मेरा अनुभव: एक्सपो की ग्राउंड रिपोर्ट
एक ब्लॉगर के तौर पर जब मैं भारत मंडपम के हॉल नंबर 4 में घूम रहा था, तो मुझे एक 22 साल का लड़का मिला, जिसका नाम ‘आर्यन’ था। वह बिहार के एक छोटे से गांव से आता है। उसने एक ऐसा एआई टूल बनाया है जो किसानों को फसल की फोटो खींचते ही बता देता है कि मंडी में आज उसका क्या भाव मिलेगा और कब बेचना सही रहेगा।
आर्यन ने मुझसे कहा, “सर, पहले हम सिलिकॉन वैली की कहानियां सुनते थे। आज पीएम मोदी ने हमें वो मंच दिया है कि सिलिकॉन वैली वाले हमारी कहानियां सुन रहे हैं।”
यही इस एक्सपो की असली सफलता है। यह सिर्फ मशीनों का मेला नहीं है, यह सपनों की उड़ान का रनवे है।
भारत का समय आ गया है
“India AI Impact Expo 2026” ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब तकनीक का उपभोक्ता (Consumer) नहीं, बल्कि निर्माता (Creator) है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व और भारत के युवाओं की ऊर्जा मिलकर एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं, जहां एआई का मतलब है – सबका साथ, सबका विकास, और सबका विश्वास।
अगले तीन दिन तक दिल्ली दुनिया की एआई राजधानी बनी रहेगी। लेकिन इसका असर आने वाले दशकों तक पूरी मानवता पर दिखेगा।
अगर आप दिल्ली में हैं, तो भारत मंडपम जरूर जाएं और भविष्य को अपनी आंखों से देखें। और अगर नहीं जा सकते, तो हमारे ब्लॉग के साथ जुड़े रहें, हम आपको हर अपडेट देते रहेंगे।
जय हिन्द! जय भारत!

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
