संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज (9 मार्च 2026) से शुरू हो गया है और इसके काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। आज सदन की कार्यवाही में दो सबसे बड़े मुद्दे केंद्र में हैं— पहला, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने का विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव और दूसरा, पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में चल रहे भीषण युद्ध पर भारत सरकार का रुख और भारतीयों की सुरक्षा।

1. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
- प्रस्ताव पर चर्चा: सत्र के पहले दिन लोकसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। इस प्रस्ताव को कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि द्वारा पेश किया गया है, जिस पर 118 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा है।
- अध्यक्षता कौन करेगा?: नियमों के अनुसार, जब तक इस प्रस्ताव पर चर्चा और फैसला नहीं हो जाता, ओम बिरला पीठासीन अधिकारी की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। उनकी अनुपस्थिति में पैनल के वरिष्ठ सांसद (संभवतः भाजपा सांसद जगदंबिका पाल) कार्यवाही का संचालन करेंगे।
- आंकड़ों का खेल: इस प्रस्ताव का गिरना लगभग तय माना जा रहा है क्योंकि एनडीए (NDA) के पास 335 से अधिक सांसदों का स्पष्ट बहुमत है, जबकि इंडिया (INDIA) गठबंधन के पास लगभग 230 सांसद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पीकर ओम बिरला के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है।
2. सांसदों को ‘थ्री-लाइन व्हिप’ (Three-Line Whip) जारी
इस अहम प्रस्ताव और संभावित वोटिंग को देखते हुए, सत्ताधारी दल भाजपा (BJP) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (Congress) दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सांसदों को 9 से 11 मार्च तक सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए ‘थ्री-लाइन व्हिप’ जारी किया है।

3. पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बयान
- भारतीयों की सुरक्षित वापसी: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राज्यसभा और लोकसभा में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि युद्ध भड़कने के बाद से अब तक 52,000 से अधिक भारतीयों को खाड़ी देशों से सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है।
- एडवाइजरी और चेतावनी: विदेश मंत्री ने बताया कि सरकार ने 14 जनवरी, 14 फरवरी और 23 फरवरी को सख्त एडवाइजरी जारी कर नागरिकों, छात्रों और समुद्री कर्मियों को तुरंत ईरान और इराक छोड़ने के निर्देश दिए थे।
- विपक्ष की मांग: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा के सभापति को नोटिस देकर इस युद्ध का भारत की ‘ऊर्जा सुरक्षा’ (Energy Security) और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने वाले प्रभाव पर तुरंत चर्चा करने की मांग की है।
4. सत्र का आगे का एजेंडा
बजट सत्र का यह दूसरा चरण 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। स्पीकर विवाद के बाद, सदन का मुख्य जोर वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा करने और ‘वित्त विधेयक 2026’ को पारित कराने पर रहेगा।

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