मध्य प्रदेश सरकार के वन विभाग ने आपकी इसी परेशानी को दूर करने के लिए कैटल इंजरी कंपनसेशन स्कीम (Cattle Injury Compensation Scheme) को लागू किया है।
अगर किसी जंगली जानवर के हमले में आपकी गाय, भैंस या किसी अन्य मवेशी की मौत हो जाती है या वह गंभीर रूप से घायल हो जाता है, तो सरकार आपको सीधा मुआवज़ा देगी।
इस योजना के तहत पशुपालकों को ₹1,00,000 तक की आर्थिक सहायता (Financial Assistance) दी जाती है। आइए जानते हैं कि इस योजना का फायदा कैसे उठाया जा सकता है।

कितना मिलेगा मुआवज़ा और क्या हैं नियम?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को भारी आर्थिक नुकसान से बचाना है।
अगर हमला वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत आने वाले किसी जंगली जानवर ने किया है, तभी आपको इस योजना का लाभ मिलेगा।
ध्यान रहे कि सांप या किसी अन्य जहरीले जीव के काटने पर यह सरकारी मुआवज़ा लागू नहीं होता है।
| नुकसान की स्थिति | मुआवज़े की रकम (Compensation) |
|---|---|
| तत्काल सहायता (घायल होने पर) | ₹1,000 |
| सामान्य चोट और इलाज का खर्च | ₹30,000 तक |
| स्थायी विकलांगता (Permanent Disability) | ₹1,00,000 तक |
घटना की जानकारी और ज़रूरी दस्तावेज़
अगर आपके मवेशी पर हमला होता है, तो सबसे पहले घबराएं नहीं।
घटना के 48 घंटे के अंदर अपने नज़दीकी वन अधिकारी को लिखित या मौखिक रूप से इसकी जानकारी तुरंत दें।
अगर मवेशी की मौत हो गई है, तो अधिकारी के आने तक शव को उस जगह से बिल्कुल न हटाएं।
आवेदन करने के लिए आपके पास बैंक पासबुक, डॉक्टर या सरपंच द्वारा जारी किया गया पंचनामा और इलाज के ओरिजिनल बिल होना अनिवार्य है।

आवेदन का सबसे आसान तरीका
आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है।
आप घर बैठे मध्य प्रदेश लोक सेवा गारंटी पोर्टल (Lok Sewa Guarantee Portal) पर जाकर सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
वहाँ रजिस्ट्रेशन करें, अपनी योजना चुनें और अपने सभी कागजात (Documents) अपलोड कर दें।
ज़रूरी टिप: अपील करने का पूरा अधिकार
अगर किसी कारणवश अधिकारी आपका आवेदन रद्द कर देते हैं, तो निराश न हों।
आप 30 दिन के अंदर पहले अपीलीय अधिकारी के पास अपनी अपील दर्ज कर सकते हैं।
इसके बाद भी बात न बने, तो 60 दिन के अंदर वन संरक्षण निदेशक (Director of Forest Conservation) के पास दूसरी अपील करने का सीधा कानूनी अधिकार आपके पास है। अधिकारियों को तय समय के भीतर आपका मामला सुलझाना ही होगा।
योजना से जुड़े कुछ आम सवाल (FAQs)
मध्य प्रदेश की यह मवेशी मुआवज़ा योजना कब शुरू हुई थी?
किसानों और पशुपालकों की भलाई के लिए यह खास योजना राज्य सरकार द्वारा 6 फरवरी 2024 को पूरे मध्य प्रदेश में लागू की गई थी।
क्या मैं सांप के काटने से हुई मवेशी की मौत पर मुआवज़ा मांग सकता हूँ?
जी नहीं। इस योजना के स्पष्ट सरकारी नियमों के अनुसार, सांप, छछूंदर या किसी भी अन्य ज़हरीले जीव के काटने पर कोई आर्थिक मुआवज़ा नहीं दिया जाता है। यह सिर्फ जंगली जानवरों के हमले पर लागू है।
मवेशी के घायल होने पर मुआवज़े का फॉर्म कहाँ और कैसे भरें?
पशुपालक अपना दावा (Claim) सीधे ऑनलाइन मध्य प्रदेश लोक सेवा गारंटी पोर्टल के ज़रिए जमा कर सकते हैं। इसके अलावा आप नज़दीकी वन विभाग के कार्यालय में जाकर कागजी फॉर्म भी जमा करवा सकते हैं।

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
