Lula da Silva

21वीं सदी के विश्व पटल पर ‘ग्लोबल साउथ’ की गूंज

आज, 21 फरवरी 2026, भारतीय कूटनीति और वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दुनिया के दो सबसे बड़े और प्रभावशाली लोकतांत्रिक देशों—भारत और ब्राज़ील—के शीर्ष नेता द्विपक्षीय वार्ता (Bilateral Talks) की मेज पर आमने-सामने हैं। एक तरफ हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और दूसरी तरफ हैं ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा (Luiz Inácio Lula da Silva)।

यह कोई सामान्य कूटनीतिक मुलाकात नहीं है। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब पूरी दुनिया एक नाजुक संक्रमण काल से गुजर रही है। व्यापार युद्ध (Trade Wars), आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में अड़चनें और तकनीक (AI) पर एकाधिकार की जंग ने दुनिया को बांट दिया है। ऐसे में भारत और ब्राज़ील का साथ आना केवल दो देशों का मिलन नहीं, बल्कि पूरे ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की एक मजबूत और स्वतंत्र आवाज़ का शंखनाद है।

एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के रूप में, मैं भू-राजनीतिक डेटा, कूटनीतिक बयानों और आर्थिक रुझानों का निष्पक्ष विश्लेषण कर सकता हूँ। इस अत्यंत विस्तृत ‘मेटा ब्लॉग’ में, हम आज होने वाली इस महा-वार्ता के हर एक पहलू का 360-डिग्री डिकोडिंग करेंगे। हम समझेंगे कि कैसे यह वार्ता चीन के क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) के एकाधिकार को तोड़ेगी, भारत-ब्राज़ील AI के क्षेत्र में क्या नया करने वाले हैं, और 2030 तक $20 बिलियन के व्यापार लक्ष्य का रोडमैप क्या है।

1. लूला डा सिल्वा की भारत यात्रा का संदर्भ और भव्यता

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा 18 से 22 फरवरी 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा (State Visit) पर हैं। यह बतौर राष्ट्रपति उनकी चौथी भारत यात्रा है। इससे पहले वे 19-20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित ‘2nd India AI Impact Summit 2026’ में भाग ले चुके हैं।

India Brazil Relations

इस यात्रा की भव्यता और गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति लूला अकेले नहीं आए हैं; उनके साथ 14 कैबिनेट मंत्री और ब्राज़ील की शीर्ष कंपनियों के 150 से अधिक सीईओ (CEOs) का एक भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडल भारत आया है।

कूटनीतिक पृष्ठभूमि: जुलाई 2025 में पीएम मोदी ने ब्राज़ील (ब्रासीलिया) की ऐतिहासिक यात्रा की थी, जो 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ब्राज़ील यात्रा थी। आज की यह मुलाकात उसी यात्रा के दौरान बोए गए रणनीतिक बीजों को एक वटवृक्ष बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।

2. क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स (Critical Minerals & Rare Earths): चीन के एकाधिकार पर प्रहार

आज की द्विपक्षीय वार्ता का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ पर एक नए फ्रेमवर्क समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर करना है।

यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है? आज की दुनिया पेट्रोल या कोयले से नहीं, बल्कि लिथियम, कोबाल्ट, और रेयर अर्थ एलीमेंट्स (Rare Earth Elements – REEs) से चल रही है। इलेक्ट्रिक वाहन (EV), स्मार्टफोन, सेमीकंडक्टर और आधुनिक हथियार—सब इन्हीं खनिजों पर निर्भर हैं। वर्तमान में, इन खनिजों के निष्कर्षण (Extraction) और प्रसंस्करण (Processing) पर चीन का लगभग एकाधिकार (Monopoly) है।

भारत और ब्राज़ील की नई रणनीति:

  • कच्चे माल से आगे बढ़ना: भारत और ब्राज़ील दोनों के पास इन खनिजों का अपार भंडार है। लेकिन अब तक वे केवल कच्चे माल के निर्यातक रहे हैं। आज की वार्ता का मुख्य उद्देश्य इस व्यवस्था को बदलना है।
  • तकनीक का साझाकरण: दोनों देश मिलकर प्रोसेसिंग सुविधाओं (Processing facilities) और रिफाइनिंग (Refining) की तकनीक साझा करेंगे ताकि वे आपूर्ति श्रृंखला के लिए चीन पर निर्भर न रहें।
  • जॉइंट वेंचर्स (Joint Ventures): ब्राज़ीलियाई और भारतीय कंपनियों के बीच मैन्युफैक्चरिंग के लिए नए जॉइंट वेंचर स्थापित करने पर सहमति बन सकती है। यह ‘ग्लोबल साउथ’ को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक ‘निर्माता’ (Maker) के रूप में स्थापित करेगा।

3. ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) और तकनीकी संप्रभुता (Tech Sovereignty)

AI अब केवल सिलिकॉन वैली का खिलौना नहीं रहा; यह राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास का सबसे बड़ा हथियार है। ‘India AI Impact Summit 2026’ में दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि AI का विकास कुछ चुनिंदा विकसित देशों या बड़ी टेक कंपनियों (Big Tech) के एकाधिकार में नहीं रहना चाहिए।

India Brazil Relations

AI में भारत-ब्राज़ील सहयोग के मुख्य बिंदु:

  1. ओपन-सोर्स और बहुभाषी AI (Open-source and Multilingual AI): दोनों देश चाहते हैं कि AI मॉडल विकासशील देशों की स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक संदर्भों को समझें।
  2. AI गवर्नेंस (Global AI Governance): अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ‘टेक वॉर’ के बीच, भारत और ब्राज़ील एक ऐसा वैश्विक नियामक ढांचा (Regulatory Framework) बनाने की वकालत कर रहे हैं जो समावेशी हो और जिसका लाभ ‘ग्लोबल साउथ’ के हर देश को मिले।
  3. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): भारत का UPI और आधार मॉडल पूरी दुनिया में हिट है। ब्राज़ील भारत के इस ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ से सीखकर अपने यहाँ वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को और मजबूत करना चाहता है।

4. व्यापार और अर्थशास्त्र: 2030 तक $20 बिलियन का लक्ष्य

अर्थव्यवस्था किसी भी रणनीतिक साझेदारी की रीढ़ होती है। 2025 में भारत और ब्राज़ील के बीच द्विपक्षीय व्यापार 15.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25% की वृद्धि है।

व्यापार विस्तार की दिशा:

  • नया लक्ष्य: दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $20 बिलियन तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
  • ब्राज़ील का निर्यात: ब्राज़ील मुख्य रूप से भारत को चीनी, कच्चा तेल (Crude Oil), वनस्पति तेल, कपास और लौह अयस्क (Iron ore) का निर्यात करता है। भारत के बुनियादी ढांचे के विकास के कारण ब्राज़ीलियाई लौह अयस्क की भारी मांग है।
  • भारत का निर्यात: भारत बदले में फार्मास्युटिकल्स, रसायन, और ऑटो कंपोनेंट्स जैसी उच्च मूल्य वर्धित (High value-added) वस्तुओं का निर्यात करता है।
  • कृषि और इथेनॉल (Bio-fuels): दोनों देशों के कृषि मंत्रियों ने हाल ही में ‘बायो-इनपुट्स’ (Bio-inputs) और कृषि तकनीक पर एक सफल बैठक की है। ब्राज़ील इथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) में विश्व गुरु है, और भारत पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ब्राज़ील की तकनीक का उपयोग कर रहा है। ‘ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस’ (GBA) में दोनों संस्थापक सदस्य हैं।

5. रक्षा, अंतरिक्ष और बहुपक्षवाद (Defense, Space, and Multilateralism)

व्यापार और तकनीक के अलावा, पारंपरिक रणनीतिक क्षेत्रों में भी आज बड़े फैसले होने की उम्मीद है।

India Brazil Relations

A. रक्षा सहयोग (Defense Cooperation): ब्राज़ील भारतीय रक्षा उपकरणों (जैसे तेजस फाइटर जेट्स और ब्रह्मोस मिसाइल) में रुचि दिखा रहा है, जबकि भारत ब्राज़ील की एम्ब्रेयर (Embraer) विमानन कंपनी के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास और रक्षा अनुसंधान में निवेश पर चर्चा हो रही है।

B. बहुपक्षीय मंचों पर एकजुटता (IBSA, BRICS, and G20): भारत और ब्राज़ील संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता के लिए G-4 के तहत एक-दूसरे का पुरजोर समर्थन करते हैं।

  • BRICS और IBSA: ये दोनों मंच पश्चिमी देशों (G7) के वर्चस्व को संतुलित करने का काम कर रहे हैं।
  • संरक्षणवाद का विरोध (Combating Protectionism): हाल ही में अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ्स का दोनों देशों ने कड़ा विरोध किया था। हालांकि भारत के लिए अमेरिका ने अपने फैसले वापस ले लिए, लेकिन इस घटना ने भारत और ब्राज़ील को यह सिखा दिया है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार (WTO) को निष्पक्ष बनाने के लिए एक साथ खड़ा होना होगा।

6. सांस्कृतिक संबंध और सॉफ्ट पावर (Soft Power Diplomacy)

कूटनीति केवल फाइलों और समझौतों से नहीं चलती; यह दिलों के जुड़ाव से भी चलती है। भारत और ब्राज़ील के बीच ‘सॉफ्ट पावर’ का गहरा आदान-प्रदान है। ब्राज़ील में भारतीय आयुर्वेद, योग और बॉलीवुड की अपार लोकप्रियता है, जबकि भारत में ब्राज़ीलियाई फुटबॉल और कापोएरा (Capoeira) के लाखों दीवाने हैं।

आज दोपहर पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रपति लूला के सम्मान में एक विशेष लंच (Banquet Lunch) का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले राष्ट्रपति लूला ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। यह कूटनीतिक ‘केमिस्ट्री’ दोनों देशों के भविष्य के लिए एक बहुत ही शुभ संकेत है।

एक नए विश्व व्यवस्था की आधारशिला

आज 21 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में जो कुछ भी हो रहा है, वह केवल दो देशों का द्विपक्षीय एजेंडा नहीं है। जब भारत और ब्राज़ील—दो विशाल भूभाग, दो विशाल अर्थव्यवस्थाएं और दो जीवंत लोकतंत्र—आपस में हाथ मिलाते हैं, तो पूरी दुनिया को उसे गंभीरता से लेना पड़ता है।

चाहे वह क्रिटिकल मिनरल्स पर चीन के एकाधिकार को चुनौती देना हो, AI को लोकतांत्रिक और बहुभाषी बनाना हो, या विश्व व्यापार संगठन (WTO) और संयुक्त राष्ट्र (UN) में सुधार की मांग करना हो—भारत और ब्राज़ील अब मूकदर्शक नहीं, बल्कि ‘नियम बनाने वाले’ (Rule Makers) बनने की ओर अग्रसर हैं। राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा की यह भारत यात्रा निस्संदेह दोनों देशों की 2006 से चली आ रही ‘रणनीतिक साझेदारी’ को एक नए और अभूतपूर्व स्तर पर ले जाएगी।

Brazil’s Lula To Visit India: Trade and Global South Push यह वीडियो ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा की भारत यात्रा के प्रमुख एजेंडों—जैसे AI समिट, 150 सीईओ के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल और ग्लोबल साउथ को मजबूत करने की रणनीति—का एक बेहतरीन और प्रासंगिक सारांश प्रदान करता है।

By Vivan Verma

विवान तेज खबरी (Tez Khabri) के समाचार रिपोर्टर हैं, जो ब्रेकिंग न्यूज़ और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करते हैं। विवान तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और तेज अपडेट के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मामलों पर नियमित लेखन करते हैं।

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